हिंदीतर प्रदेशों की हिंदी
हिंदी क्षेत्र (यानी उत्तर-प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान) के अलावा हिंदी भारत के कई प्रदेशों में सपर्क भाषा के रूप मेंइस्तेमाल होती है। इस संपर्क भाषा के स्थान के आधार पर कई रूप हैं। इस संपर्क की हिंदी के कुछ मुख्य रूप निम्नलिखित हैं:
बम्बइया हिंदी: बम्बइया हिंदी महाराष्ट्र राज्य की राजधानी और भारत की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शहर मुम्बई (पुराना नाम बम्बई) में बोली जाती है। मुम्बई में मराठी, गुजराती, राजस्थानी, सिंधी और दक्षिण की कई भाषाओं को बोलने वाले लोगों के साथ-साथ कई हिंदी भाषा बोलने वाले भी रहते हैं। इन सब लोगों के बीच संपर्क की भाषा (Contact language) बम्बइयाहिंदी या बम्बई की हिंदी है। बम्बइया हिंदी मुख्य रूप से हिंदी की पूर्वी बोलियों और स्थानीय मराठी और गुजराती भाषाओं के मेल-जोल से विकसित हुई है। बम्बई में श्रम का काम करने वाले लोगअधिकतर दो इलाकों से आते हैं: महाराष्ट्र के पश्चिमी जिलों के लोग (जिन्हे अशिष्ट भाषा में घाटी बोला जाता है) और उत्तर-प्रदेश तथा बिहार के लोग (जिन्हें अशिष्ट भाषा में भईया बोला जाता है)।इन्ही दोनों समुदायों की भाषाओं के मिलन से बम्बइया हिंदी का विकास हुआ है। बम्बया हिंदी का प्रयोग आम तौर पर बाज़ारों, सड़को और आपसी बोलचाल के लिए होता है। हिंदी फिल्मों में इसकाभरपूर इस्तेमाल हुआ है। भाषाविज्ञान की नज़र में बम्बइया हिंदी एक पिजिन (pidgin) है। इसका मतलब है कि यह भाषा किसी भी व्यक्ति की मातृभाषा नहीं है। जगदंबा प्रसाद दीक्षित के प्रसिद्धउपन्यास ’मुर्दाघर’ और ऑस्कर विजेता फिल्म स्लमडॉग करोड़पति (slumdog millionaire) के संवादों (dialogues) में बम्बइया हिंदी का बहुत प्रयोग हुआ है। कुछ उदाहरण देखिए:
हैदराबादी हिंदी: हैदराबादी हिंदी आन्ध्र-प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में बोली जाती है। यह हिंदी की एक बोली दक्खिनी/दकिनी से अलग है। यह एक पिजिन भाषा है जो दक्खिनी, मानक हिंदी , मराठी और तेलुगु (द्रविड़ भाषा) के मिलन से बनी है।इस हिंदी का इस्तेमाल शहर में सामान्य बोलचाल के लिए किया जाता है। कुछ उदाहरण देखिए
कलकतिया हिंदी: कलकतिया हिंदी पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बोली जाती है। सन 1911 ईसवी तक कोलकाता (पुराना नाम कलकत्ता) ब्रिटिश शासनकाल में भारत की राजधानी थी।कोलकाता को भारत की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता है। कोलकाता की जनसंख्या का अधिकांश भाग बांग्ला भाषा बोलता है (55%), जिनके अलावा यहां अल्पसंख्यकों का बड़ा भाग (20%)राजस्थानी, भोजपुरी, मैथिली आदि भाषाएँ बोलता हैं। इन दोनो समुदायों की भाषाओं के मिलन से कलकतिया हिंदी का विकास हुआ है। यह सामान्य बोलचाल और बाज़ार की भाषा है।
बाज़ार हिंदी / बाज़ारी हिंदी: बाज़ारी हिंदी भारत के पूर्वोत्तर प्रदेश (North East India) के शिलांग, गुवाहाटी, इम्फाल, दीमापुर, कोहिमा, ईटानगर आदि शहरों में बोली जाती है। पूर्वोत्तर में बोलीजाने वाली कई भाषाओं जैसे खासी, असमिया, बांग्ला, अंगेज़ी, अंगामी, आओ, मणिपुरी आदि और मानक हिंदी, भोजपुरी आदि भाषाओं के मिलन से बाज़ार हिंदी का निर्माण हुआ है। इसका इस्तेमालबाज़ार और सामान्य बोलचाल में किया जाता है। कुछ उदाहरण देखिए: