Shravan Mas 2026 Omkareshwar
ओंकारेश्वर से 67 की.मी. की दुरी पर "मॉ नर्मदा नदी" के किनारे बसा यह खुबशुरत पर्यटन स्थल म.प्र. शासन द्वारा "पवित्र नगरी" का दर्जा प्राप्त है, अपने आप में कला, धार्मिक, संस्कृतिक, व एतिहासिक महत्व को समेटे यह शहर हजारो वर्ष पुराना हैं | मूलतः यह "देवी अहिल्या" के कुशल शासनकाल में यहा "महेश्वरी साड़ी" बुनकरो का कार्य प्रारंभ हुआ जिसके लिए आज देश-विदेश में महेश्वर जाना जा रहा हैं | अपने धार्मिक महत्त्व में यह शहर काशी के समान भगवान शिव भगवान शिव की नगरी है, मंदिरों और शिवालयो की निर्माण श्रंखला के लिए इसे "गुप्त काशी" कहा गया है | अपने पोराणिक महत्व में स्कंध पुराण, रेवा खंड, तथा वायु पुराण आदि के नर्मदा रहस्य में इसका "महिष्मति" नाम से विशेष उल्लेख है | ऐतिहासिक महत्त्व में यह शहर भारतीय संस्कृति में स्थान रखने वाले राजा महिष्मान, राजा सहस्त्रबाहू (जिन्होंने रावण को बंदी बनाया था) जैसे राजाओ और वीर पुरुषो की राजधानी रहा है, बाद में होलकर वंश के कार्यकाल में इसे प्रमुखता प्राप्त हुई |