Shravan Mas 2026 Omkareshwar
पौराणिक मत अनुसार भोलेनाथ ने राजा दक्ष को वरदान दिया था कि श्रावण महीने में वह कैलाश पर्वत से उतर कर दुनिया के हर शिवलिंग में वास करेंगे। इस दौरान कोई भी श्रद्धालु शिवलिंग पर जल चढ़ाएगा तो वह गंगाजल बनकर स्वयं शिव को प्राप्त होगा। पवित्र श्रावण मास में ओंकारेश्वर में लगभग 25 लाख श्रध्दालुओ का आगमन श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग पर जल चढाने के लिये होता है। श्रावण के सोमवार को ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर भगवान का विशेष पुजन एवं मॉ नर्मदा के जल से अभिषेक, नौका विहार एवं संवारी का नगर भ्रमण होता है गुलाल एवं गुलाब के फुल संवारी में उडाये जाते है। शिव भक्तो को पवित्र श्रावण मास में ओंकारेश्वर आकर इन पुण्य अवसर का लाभ लेना चाहीये ।
गुरू पूर्णिमा - 29 जुलाई 2026
श्रावणमास अवधि - 29 जुलाई 2026 से 28 अगस्त 2026 तक।
// श्रावणमास 2026 संवारी मार्ग //
1. प्रथम श्रावण सोमवार 03 अगस्त 2026 मंदिर परिसर श्रंगार - मंदिर से संवारी सांय 4.00 बजे निकलेगी कोटीतीर्थ घाट पुजन अभिषेक पश्चात नौका विहार, गौमुख घाट से सरदारजी की दुकान जेपी चौक पुराना पुल, बढ चौक, शिवपुरी बाजार होते मंदिर रात्री 9.00 बजे पहुंचेगी।
2. द्वितीय श्रावण सोमवार 10 अगस्त 2026 महाश्रंगार - मंदिर से संवारी सांय 4.00 बजे निकलेगी कोटीतीर्थ घाट पुजन अभिषेक पश्चात नौका विहार, गौमुख घाट से सरदारजी की दुकान जेपी चौक पुराना पुल, बढ चौक, शिवपुरी बाजार होते मंदिर रात्री 9.00 बजे पहुंचेगी।
3. तृतीय श्रावण सोमवार 17 अगस्त 2026 महाअभिषेक - मंदिर से संवारी सांय 4.00 बजे निकलेगी कोटीतीर्थ घाट पुजन अभिषेक पश्चात नौका विहार, गौमुख घाट से सरदारजी की दुकान जेपी चौक पुराना पुल, बढ चौक, शिवपुरी बाजार होते मंदिर रात्री 9.00 बजे पहुंचेगी।
4. चतुर्थ श्रावण सोमवार 24 अगस्त 2026 महासंवारी - मंदिर से संवारी दोपहर 2.00 बजे निकलेगी कोटीतीर्थ घाट पुजन अभिषेक पश्चात नौका विहार, गौमुख घाट से ममलेश्वर मंदिर, गजानन आश्रम, दण्डि स्वामी आश्रम होते हुये बालवाडी, पुराना बस स्टेण्ड होते हुये, जेपी चौक पुराना पुल, बढ चौक, शिवपुरी बाजार होते मंदिर रात्री 11.00 बजे पहुंचेगी।
According to the legend, Bholenath gave a boon to King Daksha that in the month of Sawan, he will descend from Mount Kailash and dwell in every Shivling of the world. During this time, if any devotee will offer Jalabhishek to the Shivalinga, then he himself will be attained by becoming Ganga water. In the holy month of Shravan, about 25 lakh devotees arrive at Omkareshwar to Jalabhishek to Shri Omkareshwar Jyotirlinga. On the Monday of Shravan, Omkareshwar and Mamaleshwar offer special prayers to the Lord and visit the city of Abhishek, boating and grooming with the waters of Maa Narmada. Gulal and Gulab are flown in Sawari. Shiva devotees should come to Omkareshwar in the holy Shravan month and take advantage of these pious opportunities.