भारतीय वैदिक ज्योतिष में विवाह केवल सामाजिक बंधन नहीं बल्कि दो आत्माओं और ग्रहों का संगम माना जाता है। शादी से पहले कुंडली मिलान (Kundli Matching) करना इसलिए आवश्यक होता है ताकि दांपत्य जीवन सुखी, स्थिर और दीर्घकालीन हो। इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है अष्टकूट गुण मिलान (Ashtakoota Guna Milan) और मांगलिक दोष (Manglik Dosha)।
प्रसिद्ध वैदिक ज्योतिषाचार्य Dr. Vinay Bajrangi के अनुसार, “सिर्फ गुणों की संख्या नहीं बल्कि ग्रहों की वास्तविक स्थिति और दोषों का प्रभाव देखना भी उतना ही जरूरी है।”
अष्टकूट गुण मिलान में कुल 36 गुण होते हैं, जो आठ अलग–अलग कूटों में विभाजित होते हैं:
1. वर्ण (1 गुण) — मानसिक स्तर
2. वश्य (2 गुण) — आपसी प्रभाव
3. तारा (3 गुण) — स्वास्थ्य व सौभाग्य
4. योनि (4 गुण) — यौन व भावनात्मक सामंजस्य
5. ग्रह मैत्री (5 गुण) — सोच व मित्रता
6. गण (6 गुण) — स्वभाव
7. भकूट (7 गुण) — पारिवारिक सुख
8. नाड़ी (8 गुण) — संतान व स्वास्थ्य
कुल = 36 गुण
वैदिक ज्योतिष के अनुसार:
· 18 से कम गुण — विवाह अनुचित माना जाता है
· 18 से 24 गुण — औसत व स्वीकार्य विवाह
· 24 से 32 गुण — बहुत अच्छा विवाह
· 32 से 36 गुण — उत्तम और श्रेष्ठ विवाह
लेकिन Dr. Vinay Bajrangi स्पष्ट करते हैं कि
अगर 36 में से कम गुण भी हों, लेकिन ग्रह अनुकूल हों, तो विवाह सफल हो सकता है।
वहीं अधिक गुण होने पर भी मांगलिक दोष या नाड़ी दोष विवाह में बाधा डाल सकता है।
जब किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह 1st, 2nd, 4th, 7th, 8th या 12th भाव में स्थित होता है, तो उसे मांगलिक दोष कहा जाता है।
मांगलिक दोष के प्रभाव:
· विवाह में देरी
· वैवाहिक कलह
· मानसिक तनाव
· अलगाव या तलाक की संभावना
नहीं Dr. Vinay Bajrangi के अनुसार, हर मांगलिक दोष हानिकारक नहीं होता।
कुछ स्थितियों में यह दोष निष्क्रिय (How to Cancelled Manglik Dosha) हो जाता है:
· मंगल अपनी ही राशि में हो
· मंगल शुभ ग्रहों से दृष्ट हो
· दोनों पक्ष मांगलिक हों
· नवांश कुंडली में दोष न हो
अगर कुंडली में मांगलिक दोष सक्रिय हो, तो ये ज्योतिषीय उपाय किए जा सकते हैं:
कुंभ विवाह
मांगलिक व्यक्ति का विवाह पहले कुंभ (घड़ा) या पीपल के वृक्ष से कराया जाता है।
मंगल शांति पूजा
विशेष मंगल दोष निवारण पूजा से दोष शांत होता है।
हनुमान जी की उपासना
· मंगलवार व्रत
· हनुमान चालीसा का पाठ
· लाल वस्तुओं का दान
रत्न धारण
ज्योतिष सलाह से मूंगा (Red Coral) धारण किया जा सकता है।
नहीं Dr. Vinay Bajrangi मानते हैं कि सफल विवाह के लिए इन बातों को भी देखना चाहिए:
· दशा–महादशा
· नवांश कुंडली
· सप्तम भाव की स्थिति
· शुक्र और गुरु की शक्ति
निष्कर्ष (Conclusion)
शादी के लिए गुण मिलान और मांगलिक दोष दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, लेकिन अंतिम निर्णय कुंडली के समग्र विश्लेषण पर आधारित होना चाहिए। केवल गुणों की संख्या देखकर विवाह करना या डर के कारण रिश्ता ठुकरा देना उचित नहीं।
जैसा कि Dr. Vinay Bajrangi कहते हैं:
“सटीक ज्योतिषीय मार्गदर्शन से दोष भी अवसर बन सकते हैं।”
Q1. शादी के लिए न्यूनतम कितने गुण चाहिए?
कम से कम 18 गुण आवश्यक माने जाते हैं।
Q2. क्या मांगलिक और अमांगलिक की शादी हो सकती है?
हाँ, अगर मांगलिक दोष निष्क्रिय हो या उपाय किए जाएँ।
Q3. क्या 36 में से 36 गुण मिलना जरूरी है?
नहीं, ग्रहों की स्थिति अधिक महत्वपूर्ण होती है।
Q4. मांगलिक दोष के बिना भी शादी में समस्या हो सकती है?
हाँ, अगर सप्तम भाव या शुक्र कमजोर हो।
Q5. क्या ऑनलाइन कुंडली मिलान भरोसेमंद है?
प्रारंभिक जानकारी के लिए ठीक है, लेकिन विशेषज्ञ ज्योतिषी से सलाह जरूरी है।
किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिए, मेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।
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