हिंदी की कुछ संज्ञाएँ – परिभाषाओं एवं उदाहरणों के साथ : २१ - ३०

२१) धोखाधड़ी = किसी को धोखा देने का भाव, छल-कपटपूर्ण व्यवहार |

जैसे, “ https://youtu.be/EjKLZdK95xc

२२) महानायक = वह जो अपने क्षेत्र या विषय में बहुत ही पहुँचा हुआ या महान अग्रणी हो |

जैसे, “ https://youtu.be/My-R8-Leuis

२३) अपने ही जाल में फँसना = दूसरों को हानि पहुँचाने के लिए किए हुए कपट से स्वयं की ही हानि होना| जैसे, “ https://youtu.be/gdsqJi5xbSg

२४) प्रतिशोधात्मक = किसी के कुछ अनिष्ट करने अथवा किसी के द्वारा कुछ अनिष्ट होने पर उसके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए ऐसी भावना | जैसे, “क्या उनको ये खामी इसलिए दिखाई दे गई क्योंकि वर्षों से नंबर वन रहा न्यूज़ चैनल आजतक एक वर्ष पहले ही आए रिपब्लिक भारत से पिछड़ गया। क्या उनको ये खामी लगती है कि रिपब्लिक भारत ने नंबर वन होने पर आजतक को क्यों चिढ़ाया। फिर मंत्री महोदय को आजतक का वह रायता क्यों याद नहीं आता, जिसमे वह कहता है ‘कोई नहीं दूर-दूर तक’। जब वे मान चुके हैं कि ये व्यवस्था ब्रॉडकास्टर्स ने मिलकर बनाई है और सरकार दखल नहीं दे सकती, तो उन्होंने ये राग छेड़ा ही क्यों। निश्चित ही उनको टीआरपी में खोट दिखाई देगा क्योंकि आजतक, सोनी टीवी को देश टीआरपी का ही दंड दे रहा है। ये दंड मंत्री जी से देखा नहीं जा रहा और इसलिए वे इस व्यवस्था में सुधार चाहते हैं। जब इसी देश ने आजतक और सोनी टीवी को सरताज बनाया था, तब इस रेटिंग में कोई दोष नहीं था? जनता ने व्यवस्था के विरुद्ध टीआरपी को शस्त्र बना लिया तो मंत्री जी का पेट क्यों दुखा? उनके पेट दुखने का कारण भी जान लीजिये। बार्क की 39वें सप्ताह की ताज़ा रेटिंग आ गई है। 26 सितंबर से 2 अक्टूबर की रेटिंग में रिपब्लिक भारत फिर से पहले नंबर पर बना हुआ है। रेटिंग में आजतक दूसरे नंबर पर है और इसमें ज़ी न्यूज़ का नाम ही नहीं है। टीवी चैनलों की रेटिंग में बड़ा आघात ये है कि स्टार उत्सव और स्टार प्लस सरताज बने हुए हैं। बिग बॉस प्रसारित करने वाला कलर्स आठवीं पायदान पर है। केबीसी प्रसारित करने वाला सोनी टीवी रेटिंग में दिखाई ही नहीं दे रहा है। बार्क की 38वें सप्ताह से नई रेटिंग की तुलना करें तो स्थिति और भी खराब होती जा रही है। कौन बनेगा करोड़पति की ताज़ा गूगल रेटिंग 4.0 है, जो अमिताभ बच्चन जैसी शख्सियत के लिए शर्मनाक रेटिंग है। बिग बॉस की हालत तो केबीसी से भी ज़्यादा पतली है। इसकी आईएमडीबी रेटिंग 4.2 रह गई है। पिछले सप्ताह ये रेटिंग 8 से ऊपर थी। एक सप्ताह में ही बिग बॉस का किला देश की जनता ने ध्वस्त कर दिया है। गूगल रेटिंग को देखे तो इधर हालत ज़्यादा खराब हो चुकी है। गूगल पर बिग बॉस को 2.7 की रेटिंग मिल रही है। प्रकाश जावड़ेकर जी इसी प्रतिशोधात्मक टीआरपी से परेशान हो गए हैं।“ https://www.indiaspeaksdaily.com/barks-39th-week-rating-comes-kbc-and-bigg-boss-fort-destroyed/

) एक तो चोरी, ऊपर से सीनाजोरी = “टाटा समूह की ‘Titan’ की सब्सिडियरी कम्पनी ‘Tanishq’ ज्वेलरी ने अपने प्रचार वीडियो के जरिए हिन्दू-मुस्लिम एकता को मजबूत करने के बहाने ‘लव जिहाद’ को प्रमोट किया। अब जनता इन चीजों को बर्दाश्त नहीं करती है, इसलिए उसका जबरदस्त विरोध हुआ। अब ‘Tanishq’ ने इस पर खेद जताते हुए फिर से अपने झूठे अभिमान का परिचय तो दिया ही है, साथ ही उसकी भाषा बताती है कि उसे हिन्दुओं की भावनाओं की कोई कद्र ही नहीं है। ‘Tanishq’ ने अपने वीडियो पर माफ़ी माँगने की बजाए हिन्दुओं को ही हिंसक बताया है। Tanishq’ के विज्ञापन वीडियो से भी ओछा है उसका स्पष्टीकरण - अब वापस आते हैं कम्पनी के स्पष्टीकरण की तरफ, क्योंकि उसे माफीनामा तो बिलकुल ही नहीं कहा जा सकता है। उसका कहना कि उसके ‘एकत्वम्’ वाले वीडियो का उद्देश्य है कि अलग-अलग लोग, स्थानीय समुदाय और परिवार साथ आएँ, वो इस चुनौती भरे काल में ‘एकता’ का प्रदर्शन करें। साथ ही उसने लिखा है कि इस वीडियो को उसके उद्देश्य के उलट काफी तीव्र प्रतिक्रिया मिली, जिससे वो खासे उदास हैं।लेकिन, सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है इस स्पष्टीकरण की अंतिम पंक्ति, जिसमें दावा किया गया है कि कम्पनी अपने अधिकारियों, स्टोर कर्मचारियों और पार्टनरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस विज्ञापन वीडियो को वापस ले रही है। उसने ऐसा भी नहीं कहा कि वो हिन्दुओं से माफ़ी माँगता है या फिर ये विज्ञापन वीडियो गलत था, उसने उलटा हिन्दुओं को ही एक तरह से हिंसक और असहिष्णु ठहराया है।

आपने कब देखा है कि हिन्दुओं ने अपने देवी-देवताओं पर बने कार्टून्स से आक्रोशित होकर किसी मीडिया संस्थान के कर्मचारियों को मार डाला? आपने कब देखा है कि किसी विधायक के रिश्तेदार द्वारा फेसबुक पर कुछ लिख देने से देश के तीसरे सबसे बड़े महानगर में हजारों हिन्दुओं ने मिल कर दंगा कर दिया? आपने कब देखा है कि सरकार ने वंचितों के लिए कोई क़ानून बनाया और विरोध में देश की राजधानी में हिन्दुओं ने मौत का तांडव खेला? आपने कब देखा है कि हिन्दुओं ने मजहब के नाम पर दुनिया के दो सबसे बड़े आतंकी संगठन खड़े कर दिए? आपने कब देखा है कि हिन्दू राजाओं ने दूसरे मजहब के सैकड़ों धर्मस्थानों को ध्वस्त करवा कर वहाँ अपनी चीजें खड़ी कर दीं? आपने कब देखा है कि किसी फिल्म में अपने मजहब की महिला को किसी अन्य धर्म के व्यक्ति से प्यार होने की कहानी दिखाने पर हिन्दुओं ने सिनेमा हॉल्स पर पेट्रोम बमों से हमला कर दिया? आपने कब देखा है कि अनगिनत फिल्मों में हिंदी देवी-देवताओं के अपमान के बाद हिन्दुओं ने किसी फ़िल्मी हस्ती पर हमला किया हो? लेकिन नहीं, ‘Tanishq’ को लगता है कि हिन्दू काफी हिंसक होते हैं और वो उसके स्टोर्स पर हमले करेंगे, उसके कर्मचारियों को मारेंगे, उसके अधिकारियों की जान के दुश्मन बन जाएँगे और उसके पार्टनर्स को धमकाएँगे। इसी देश में पली-बढ़ी एक कम्पनी की सोच इसी देश के लोगों को लेकर इस तरह की है।

असल में ये स्पष्टीकरण, ये सब कुछ मार्केट स्ट्रेटेजी है। असली बात तो ये है कि विरोध प्रदर्शन के बाद ‘Tanishq’ की ब्रांड को चोट पहुँची है और 1 दिन में उसके शेयर्स 2.58% लुढ़क गए, जिसके बाद उसके मार्केट कैप के भी धड़ाम होने की बात कही जा रही है। ऐसे में ये क़दम कुछ और नहीं, बल्कि अपने पार्टनर्स और शेयरधारकों को ये दिखाने की चेष्टा है कि उसे इस विरोध से कोई फर्क नहीं पड़ा है और वो तो एकता की बातें कर रहा था। ये वही कम्पनियाँ हैं, जिनसे कोई भूल न होने पर भी अगर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना जैसी 1 विधायक वाली पार्टी भी इन्हें माफ़ी माँगने के लिए कह दे तो ये बाहर निकल कर साष्टांग दण्डवत हो जाएँगे। अगर ओवैसी की पार्टी को कुछ बुरा लग जाए तो ये रेंगते हुए माफ़ी माँगेंगे। ये सब छोड़िए, अगर मुस्लिमों को इनकी कोई बात बुरी लगी तब तो ये डर के मारे हाथ जोड़े ही खड़े रहेंगे। वैसे अंदाज़ा कम है कि ऐसा होने पर इन्हें इसके लिए समय भी मिलेगा। जब फ़िल्मी हस्तियाँ तक भी बाइबिल के एक शब्द को लेकर मजाक करने पर हुए विरोध के बाद सीधे पोप के प्रतिनिधि पादरी के साथ जाकर हस्तलिखित माफीनामा सौंपती है और हिन्दुओं के विरोध पर जवाब देकर खुद को ‘आधुनिक और बहादुर’ समझती हैं, वैसा ही रवैया इन कंपनियों का है। हिन्दुओं के विरोध का मजाक बनाना बहादुरी की निशानी है और बाकी मजहबों के विरोध पर साष्टांग दण्डवत हो जाना सहिष्णुता की।

एक तो सेक्युलर बनने के चक्कर में ‘Tanishq’ ने एकता का सारा दारोमदार हिन्दुओं पर थोप दिया। हिन्दू महिलाएँ मुस्लिमों से शादी कर के गर्भवती होंगी, तभी उसे सेक्युलर कहा जाएगा। ऐसे ही एकता बढ़ाई जाती है क्या? ‘सर्फ एक्सेल और ‘रेड लेबल टी’ से लेकर ‘Tanishq’ तक, हमेशा हिन्दुओं को ही क्यों अपना सम्मान दाँव पर लगा कर इज्जत बेचनी पड़ती है इस हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए? हिन्दू महिलाएँ ही क्यों किसी अन्य मजहब के व्यक्ति से गर्भवती हों इस तथाकथित एकता के लिए? ऊपर से ये दिखाना कि हिन्दुओं से उन्हें खतरा है! ‘Tanishq’ को पता है कि इस विवाद के बाद पूरी दुनिया की नजरें उस पर हैं और इसीलिए उसने विवाद के बीच बयान जारी कर के हिन्दुओं को ही आतंकवादी की तरह पेश कर दिया और ये जताया कि उसके कर्मचारियों और उसकी दुकानों को हिन्दुओं से खतरा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने ये प्रदर्शित किया जा रहा है कि हिन्दू कितने असहिष्णु होते हैं कि एकता की बात करने पर हिंसा करते हैं। कुल मिला कर यहाँ ‘एक तो चोरी, ऊपर से सीनाजोरी’ वाली कहावत फिट बैठती है। https://hindi.opindia.com/opinion/social-issues/tanishq-promotes-love-jihad-and-shows-hindus-are-violent-in-clarification/

) उल्टा चोर कोतवाल को डांटे = ग़लती होते हुए भी अपनी ग़लती को न मानते हुए सामने वाले को दोषी ठहराना। इस मुहावरे के पीछे एक कहानी जो मैने सुनी थी वह इस प्रकार हैं। एक राजा था जिसके राज्य में प्रजा सुख से रहती थी । सभी चैन की बंसी बजाते थे। वहाँ कभी चोरी जैसी घटना नहीं होती थी। उस राज्य में एक राहगीर आया और जब वह राजा के भव्य महल के पास से गुजर रहा था, तो उसने देखा कि महल के सारे चौकीदार सो रहे हैं । महल की भव्यता देख उसके मन में यह विचार आया कि महल को अंदर से देखना चाहिए। जब वह महल के अंदर गया तो एक से एक सोने चाँदी के बेशकीमती सामान देखकर उसके मन में लालच आ गया और वह कुछ सामान अपने झोले में डालकर निकल गया। सुबह महल का कीमती सामान गायब देखकर हल्ला मच गया कि महल में चोरी हो गयी। राजा ने तुरंत अपने राजपाल एवम् चौकीदार को बोला कि चोर को पकड़ कर लाया जाए। पर चोर को कोई पकड़ न सका। यह देख चोर की हिम्मत बढ़ गयी और उसने फिर से चोरी की। जब दूसरी बार ऐसा हो गया तो राजा ने ऐलान कर दिया कि हर हालत में चोर को ज़िन्दा या मुर्दा पकड़ कर लाया जाए। अब तक राज्य के सारे चौकीदार काफी चौकन्ने हो गए थे। इस बार चोर काफी दिन बाद महल में चोरी के इरादे से गया कि अब तक तो चोर को पकड़ने की बात शांत हो गयी होगी। लेकिन इस बार चोर चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया और उसे राजा के सामने लाया गया। राजा ने उससे कहा "तुमने चोरी की है, तुम्हें इसकी सजा मिलेगी।" यह सुनते ही चोर ने कहा “हुजूर आपने कैसे चौकीदार और राजपाल रखे हैं जो हमेशा सोते रहते है? ऐसे तो आपका सारा धन ही लुट जाएगा।" मैं तो बस इनकी परीक्षा ले रहा था कि ये लोग कब अपना कार्य सही तरीके से करेंगे। मैं तो सामान भी वापस दे दूँगा। ऐसा कहकर चोर ने अपनी जान भी बचा ली और सारा दोष राजा के सिपाहियों पर मढ़ दिया यह कहकर कि तुमलोग कितने लापरवाह हो। तुम सब अपने राजा की सारी संपत्ति लुटवा दोगे। राजा सब कुछ समझते हुए भी कुछ न कह सके। इसके बाद ही यह मुहावरा कहा जाने लगा कि "उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे।" जैसे, “ https://youtu.be/CJsYEC1s5XE

२७) दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है = दाल में कुछ काला होना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है। इस का अर्थ है, किसी अवांछनीय घटना का खटका या आशंका होना। दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है, इस का अर्थ है, केवल आशंका नहीं, अब इस अवांछनीय घटना का सत्य पूर्ण रूप से सामने आ गया है | जैसे, “ https://youtu.be/iMyrpeGGYqE

२८) दांव उल्टा पड़ना = युक्ति या योजना विफल होना | जैसे, “ https://youtu.be/gdsqJi5xbSg

२९) उटपटांग = १. असंगत; बेतुका २. अटपटा; टेढ़ा-मेढ़ा; बेढंगा; बेमेल ३. उलटा-पुलटा; अनाप-शनाप; ऊल-जलूल ४. निरर्थक; व्यर्थ का ५. क्रमहीन ६. बे सिर-पैर का। जैसे, “ https://youtu.be/MOZtdGX8qGw

३०) योगदान = किसी को सहायता देने, हाथ बंटाने की क्रिया या भाव। जैसे, “देश के 11वें राष्ट्रपति रहे और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की गुरुवार को जयंती है। रामेश्वरम में 15 अक्तूबर, 1931 को उनका जन्म हुआ था। उनकी जयंती के अवसर पर देश के कई दिग्गज उन्हें सलाम कर रहे हैं। इसी बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर अन्य कई केंद्रीय मंत्रियों ने मिसाइलमैन को याद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'डॉ. कलाम को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। भारत राष्ट्रीय विकास के प्रति उनके अमिट योगदान को कभी नहीं भूल सकता, चाहे वो एक वैज्ञानिक या फिर भारत के राष्ट्रपति के तौर पर रहा हो। उनकी जीवन यात्रा लाखों लोगों को ताकत देती है।' https://youtu.be/pzMRhDtOHNs