आप हार चुके हो टूट चुके हो कोशिश करते-करते थक चुके हो। या अंदर से मर चुके हो इस बात से दुनिया को घंटा फर्क नहीं पड़ता है। और ना ही पड़ेगा क्योंकि तुम दुनिया की नजरों में एक लूजर से ज्यादा कुछ नहीं हो ना तुम्हें कोई जानता है ना पहचानता है। ये दुनिया तुम्हारे लिए तालियां तब बजाए गी जब तुम वापस खड़े होकर अपनी सफलता का झंडा गाड़ो तो अगर तुम एक लूजर की तरह नहीं बल्कि एक विनर की तरह जिंदगी जीना चाहते हो तुम चाहते हो 2025 तुम्हारी जिंदगी की कामयाबी का साल हो तो तुम्हें कमबैक तो करना पड़ेगा और ये कमबैक कैसे होगा। इसके पांच रूल्स मैं आपके साथ शेयर करूंगा लेकिन उससे पहले हम ये जानते हैं कि असली कमबैक होता क्या है? तो कमबैक का मतलब होता है अपनी हार को एक रोमांचक जीत में बदलना जिस तरह से विराट कोहली बोबी देओल और शाहरुख खान ने किया इन्होंने अपने डूबते करियर को एक नई उड़ान दी और यह साबित कर दिया कि। अगर कोई इंसान कुछ करने की ठान ले तो फिर उसे दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती है। तो चलिए इन तीनों सितारों की स्ट्रगल भरी जर्नी पर थोड़ा नजर डालते हैं और इनसे सीखते हैं कि आखिर कमबैक होता क्या है।
नंबर वन विराट कोहली। जिनको इंडियन क्रिकेट टीम का किंग कहा जाता है। जिनकी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के सामने अच्छे-अच्छे बॉलर्स की हवा निकल जाती है। जिनकी एक झलक के लिए फैंस पागल हो जाते हैं जिससे 270 मिलियन से भी ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। इस चमकते सितारे की लाइफ में भी एक ऐसा उतार आता है। जो इनसे इनका सब कुछ छीन लेता है फैंस का प्यार सेल्फ रिस्पेक्ट यहां तक कि इनकी कप्तानी भी। बात है 2019 सेमीफाइनल की जब विराट कोहली अच्छा परफॉर्म नहीं कर पा रहे थे। तो लोग इनकी बुराइयां करने लगे ये बातें विराट को परेशान करती थी लेकिन वो कुछ नहीं कर पा रहे थे। 24 अक्टूबर 2021 जब भारत और पाकिस्तान की टीमें टी-20 वर्ल्ड कप खेलने के लिए दुबई आए हुए थे। अब तक का रिकॉर्ड है कि पाकिस्तान भारत से वर्ल्ड कप में हारते ही आया है लेकिन अबकी बार बाजी पलटने वाली थी। और पाकिस्तान ने भारत को पहले ही मैच में 10 विकेट की शर्मनाक खार के साथ ऐसा झटका दिया जिससे वो आसानी से उभर नहीं पाए इस मैच को हारने के बाद लोग कहने लगे कि ये कप्तान नहीं कप्तान के रूप में एक पनौती है साला। लेकिन विराट ने हिम्मत नहीं हारी फिर कहानी में एक ट्विस्ट आता है। जब t-20 वर्ल्ड कप में एक बार फिर से भारत और पाकिस्तान का आमना-सामना होता है। और इस मैच में विराट कोहली अपने आप को साबित करने का कोई मौका गवाना नहीं चाहते थे। लेकिन इस मैच में भी भारत की परफॉर्मेंस कुछ ज्यादा अच्छी नहीं थी। 85% बताए जा रहे थे कि इस मैच को पाकिस्तान ही जीतेगा। लेकिन फिर कोहली ने अपना विराट शिकंजा कसा और मैच को एक अलग ही डायरेक्शन में मोड़ दिया। और सिर्फ 15% के साथ मैच को जीतकर यह साबित कर दिया कि कोहली के अंदर अभी विराट जिंदा है। वर्ल्ड कप 2023 में विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर के वर्ल्ड कप में सबसे अधिक रन बनाने के रिकॉर्ड को तोड़कर एक नया रिकॉर्ड बना दिया। जिसको देखकर फैंस ने यह बोल दिया कि कोहली कप्तान के रूप में पनौती नहीं है बल्कि चुनौती है। इसको कहते हैं कोहली का विराट कमबैक।
नंबर टू शाहरुख खान। शाहरुख खान को बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री का किंग कहा जाता है। लेकिन 2022 में रिलीज हुई साउथ की फिल्मों ने ये साबित कर दिया कि बॉलीवुड इंडस्ट्री में अब दम नहीं रहा है। क्योंकि बॉलीवुड स्टार्स की लगभग सभी फिल्में फलोप जा रही थी। और दूसरी तरफ साउथ इंडस्ट्री एक के बाद एक धमाकेदार एक्शन सींस वाले मूवीज प्रोवाइड कर रहा था। और उस टाइम पर किंग SRK कोई भी फिल्म रिलीज नहीं हो रही थी इसलिए लोगों को लगा कि शाहरुख खान भी ये समझ चुके हैं कि अब 50 की उम्र में उनका रोमांस देखना कोई पसंद नहीं करेगा। इसलिए बॉलीवुड के किंग ने अपना जंगल छोड़ दिया है। अब एक तरफ तो शाहरुख खान का करियर डूबता जा रहा था। और दूसरी तरफ शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग सप्लायर से अवैध संबंध पाए जाने के केस में गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों सिचुएशन के बीच शाहरुख खान इस कदर फंस गए कि अब उनका निकलना बहुत मुश्किल था। लोगों को लगा था कि शाहरुख खान ने फिल्म इंडस्ट्री को बाय बोल दिया है अब उनके बस की बात नहीं है। लेकिन लोग यह भूल गए थे कि शेर इतनी आसानी से जंगल कैसे छोड़ सकता है और किंग खान वापस बॉलीवुड इंडस्ट्री में कदम रखने के लिए अपने पंजे मजबूत कर रहे थे। और फिर 25 जनवरी 2023 को रिलीज हुई पठान ने फिर से यह साबित कर दिया कि किंग खान अभी जिंदा है। इस मूवी ने कई रिकॉर्ड तोड़े और कई रिकॉर्ड बनाए लेकिन शाहरुख खान अभी भी उस सुनामी को तैयार कर रहे थे। जिसका लोगों को पता भी नहीं था और फिर 7 सितंबर 2023 को रिलीज हुई जवान ने थिएटर में तहलका मचा दिया।शाहरुख खान के इस कमबैक को देखकर फैंस के दिल में फिर से जगह बन गई और जवान ने वर्ल्ड वाइड 1140 करोड़ का कलेक्शन करके अपनी पुरानी फिल्म पठान का ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। और फिर से यह साबित कर दिया कि बॉलीवुड इंडस्ट्री में किंग खान अभी जिंदा है।
नंबर थ्री बोबी देओल। बोबी देओल ने बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में 1995 में कदम रखा था। और उनकी पहली फिल्म रिलीज हुई बरसात और इसी फिल्म की शूटिंग में उन्होंने अपना पैर तुड़वा लिया था। लेकिन उनकी यह फिल्म सुपरहिट रही। और इसके बाद उन्होंने कई और फिल्मों में काम किया जैसे सोल्जर और प्यार हो गया, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों और ये सभी फिल्में ब्लॉकबस्टर रही। फिर बोबी देओल की लाइफ में एक ऐसा मोर आता है। जो उसकी लाइफ को एक अलग ही दिशा में ले जाता है। क्योंकि एक टाइम के बाद उनकी हर फिल्म फ्लॉप हो रही थी। 1999 में दिल लगी और 2002 में आई क्रांति उसके बाद चोर मचाए शोर और उसके बाद सन 2004 में आई बर्दाश्त ये सब मूवीज लगातार एक के बाद एक फ्लॉप जाने लगी। और इस वजह से अब बोबी देओल को किसी और फिल्म में काम मिलना बहुत मुश्किल हो गया था। क्योंकि लोगों ने ठान लिया था कि यह बंदा जिस भी चीज को हाथ लगाएगा उसको बर्बाद करके ही छोड़ेगा। बोबी देओल को अपना डूबता करियर साफ-साफ दिखाई दे रहा था।
लेकिन इस बंदे ने हार नहीं मानी और सन 2018 में आई रेस ने उनके करियर को डूबने से बचा लिया।क्योंकि यह फिल्म सुपरहिट रही थी और फिर 2019 में आई हाउसफुल फोर ने उनके करियर को एक नई दिशा दी। लेकिन अभी तक बोबी देओल को वो मुकाम हासिल नहीं हुआ। जिसके वो लायक थे और फिर तीन से चार सालों तक लगातार खुद को इंप्रूव करने के बाद उनकी एक नई फिल्म में एंट्री होती है। जिसका नाम है एनिमल और जैसे ही इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ। तो बोबी देओल की शानदार एंट्री ने फैंस का दिल जीत लिया अब लोगों को इंतजार था। इस फिल्म के रिलीज होने का और फाइनली वो दिन आ गया जब फिल्म रिलीज होने वाली थी। दिन था 1 दिसंबर 2023 और जैसे ही फिल्म थिएटर में लगी तो बोबी देओल की धमाकेदार एंट्री ने थिएटर में तहलका मचा दिया बोबी के सिर्फ 15 मिनट के सीन ने 2.5 घंटे की फिल्म में रणबीर कपूर को बराबर टक्कर दी। और एक बार फिर से साबित कर दिया कि लॉर्ड बोबी लौट आए हैं इस फिल्म की सक्सेस के बाद बोबी देओल एक वायरल वीडियो में आंसू पहुंचते हुए दिखाई गए हैं।और लोगों को ये साफ दिखाई दे रहा है कि यह आंसू उनकी सक्सेस के हैं इस फिल्म के बाद लोग जिस बोबी देओल को लूजर समझते थे अब उसी बोबी देवल को लॉर्ड बोबी के नाम से बुलाते हैं। एक टाइम था जब बोबी देओल फिल्म में काम मांगने के लिए मूवी डायरेक्टर से बार-बार मिलते थे।और आज खुद डायरेक्टर लर्ड बोबी के सामने ब्लैंक चेक लेकर खड़े हैं। ये होता है रियल लाइफ कमबैक इन तीनों सितारों ने ऐसा कमबैक किया कि लोग देखकर हिल गए। और अपने डूबते करियर को फिर से ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया और यह साबित कर दिया कि अगर इंसान कुछ बड़ा करने की ठान ले तो फिर उसको दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती है। अगर आप भी 2025 में ऐसा ही कमबैक करना चाहते हो। जिसको देखकर लोगों की फटके हाथ में आ जाए। तो अब मैं आपको वो पांच रूल्स बताने वाला हूं जिनको अप्लाई करके आप भी 2025 को अपना कमबैक ईयर बना सकते हो तो चलिए एक-एक को डीप में समझते हैं।
रूल नंबर वन एनालाइज 2024। अगर आप भी ये सोच रहे हो कि 2024 में जो भी हुआ उसे भूल जाते हैं।और आप 2025 से एक नई शुरुआत करते हैं तो आप चाहे कितनी भी मेहनत कर लेना लेकिन 2025 में भी तुम सक्सेसफुल नहीं होने वाले हो। क्योंकि आगे बढ़ने से पहले तुम्हें पिछली गलतियों का पता होना चाहिए कि तुमने 2024 में ऐसी कौन-कौन सी गलतियां की थी। जो तुम्हें नहीं करनी चाहिए थी और 2024 में ऐसे कौन-कौन से काम नहीं किए जो तुम्हें करने चाहिए थे। तो सबसे पहले 2024 को अच्छे से एनालाइज करो 2024 को एनालाइज करने से तुम्हें ये पता चल जाएगा कि 2025 में क्या करना जरूरी है और क्या नहीं।इसके लिए तीन से चार घंटे का समय निकालो और एक पेपर पर 2024 में जो भी गलतियां की है ना उनका निचोड़ लिख डालो और फिर हर दिन 2025 में उस पेज को देखना कहीं आप वही तो नहीं कर रहे हो। जो 2024 में किया था अगर इसका जवाब हां है। तो वक्त के साथ ही सुधर जाओ वरना जब वक्त सुधरेगा ना तो कहीं के नहीं रहोगे। इसलिए समय के साथ खुद को बदलना सीखो और इसके लिए आपको जरूरत पड़ेगी एनर्जी की इसलिए।
रूल नंबर टू अपनी बॉडी को स्ट्रांग करो। देखो अब तुमने 2024 को एनालाइज तो कर लिया है कि तुम्हें करना क्या है और क्या नहीं करना है। अब बात आती है मेहनत करने की जिसके लिए तुम्हें जरूरत पड़ती है।एनर्जी की अगर तुम लाइफ में लॉन्ग टर्म खेलना चाहते हो ना तो तुम्हें अपनी बॉडी पर काम करना होगा।उसे स्ट्रांग बनाना होगा सिर्फ जोश से कुछ नहीं होने वाला है। क्योंकि जोश के साथ तुम बाइक को 2-3 किमी तक खींच सकते हो। लेकिन अगर तुम्हें 50 किमी जाना है तो उसके लिए तुम्हें फ्यूल की जरूरत पड़ेगी ही पड़ेगी। सेम बॉडी के साथ है अगर तुम अपने गोल पर एक दिन में तीन से 4 घंटे काम करते हो तो तुम कर लोगे। लेकिन अगर तुम अपने गोल पर आठ आठ या 10-10 घंटे मेहनत करना चाहते हो तो तुम एक वीक बॉडी के साथ साथ कभी नहीं कर पाओगे। क्योंकि तुम्हारे बॉडी के अंदर वो एनर्जी नहीं है वो ताकत ही नहीं है जिसे तुम उससे काम करवा सको। इसलिए अपनी बॉडी को स्ट्रांग करना है और वो कैसे होगा इसके लिए तुम्हें 24 घंटे में से सिर्फ एक घंटा अपनी बॉडी के लिए निकालना है। उस एक घंटे में आपको एक्सरसाइज करनी है स्ट्रेचिंग करनी है। अब मैं ये नहीं कह रहा हूं कि तुम जिम जाकर वेट लिफ्टिंग करने लग जाओ मेरे कहने का मतलब है कि अपनी बॉडी में टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाना है ताकि आपके बॉडी के अंदर एनर्जी रहे और एक्सरसाइज करने के साथ साथ प्रॉपर डाइट और अच्छी नींद लेना भी बहुत जरूरी है। अगर आपके बॉडी में टेस्टोस्टेरोन लेवल हाई होगा तो उसका बेनिफिट ये होगा कि आप लंबे समय तक अपने गोल पर काम कर पाओगे आपकी बॉडी में दर्द नहीं होगा और फिजिकली स्ट्रांग होने से आपके अंदर कॉन्फिडेंस आएगा। आप मेंटली फिट महसूस करोगे क्योंकि बॉडी का कनेक्शन ब्रेन से भी है। जब आपके बॉडी में एनर्जी रहेगी तो आप नाचते फिरोगे कि इस एनर्जी को कहां लगाऊं तो इसलिए आपको अपने बॉडी को स्ट्रांग करना है।
रूल नंबर थ्री प्लानिंग से काम करो। जब हमें कहीं अननोन जगह पर जाना होता है तो सबसे पहले हम उस जगह का माइंड मैप तैयार करते हैं। इससे हम भटकते नहीं है हम सीधे अपने गोल से कनेक्ट होते हैं।क्योंकि हमें पता होता है कि हमें किस जगह पर कौन सा टर्न लेना है। ठीक उसी तरह से जब हम प्लानिंग से अपने गोल पर काम करते हैं तो हम भटकते नहीं है। प्लानिंग करने से हमें गजब की डायरेक्शन मिल जाती है। प्लानिंग करने से हमें कंफ्यूजन नहीं रहता है। हमारे ब्रेन में हर चीज क्लियर होती है कि हमें किस टाइम पर क्या करना है। तो इसलिए आज और अभी से अपने 2025 के गोल्स को एक पेपर में पूरी प्लानिंग के साथ लिखो और फिर उन गोल्स को घंटों महीनों और दिनों में डिवाइड कर दो। एक दिन में क्या करना है उसकी एक अलग लिस्ट बनाओ एक सप्ताह में क्या करना है उसकी एक अलग लिस्ट बनाओ और एक महीने में क्या करना है उसकी एक अलग लिस्ट बनाओ। और इन सबको मिलाकर आपको वो अचीव होगा जो आप 2025 में अचीव करना चाहते हो। क्योंकि अब आपके ब्रेन को अच्छे से पता है कि उसे किस टाइम पर क्या करना है। और आपके साथ जो ये होता है ना कि शुरुआत में तो आप पूरे जोश के साथ मेहनत करते हो लेकिन बाद में किस डायरेक्शन में चले जाते हो पता ही नहीं चलता है। अब वो नहीं होगा क्योंकि आप हर दिन अपने आप को ट्रैक कर पाओगे कि आप किस डायरेक्शन में जा रहे हो। क्योंकि आपके पास हर चीज की कंप्लीट प्लानिंग है और यह सब करने के बाद आपको करना है हार्ड वर्क इसलिए।
रूल नंबर फोर 100 आवर्स ऑफ हार्ड वर्क एवरी वीक। अगर आप कम टाइम में लोगों से ज्यादा अचीव करना चाहते हो तो आपको लोगों से ज्यादा मेहनत भी करनी होगी। जहां पर एक नॉर्मल इंसान वीक में 30 से 40 घंटे काम करता है वहीं पर आपको वीक में 80 से 100 घंटे काम करना होगा। तभी आप लोगों से आगे निकल पाओगे अगर आप सप्ताह के 80 से 100 घंटे काम करते हो। तो लोग जिस गोल को अचीव करने में डेढ़ से 2 साल लगा देते हैं आप उस गोल को सिर्फ 6 महीने में अचीव कर लोगे। तो 2025 में खुद को पूरी तरह से खफा दो और ऐसा कमबैक करो कि लोग देखकर हिल जाएं और ये सब होगा कंसिस्टेंसी से जी हां।
रूल नंबर फाइव कंसिस्टेंसी। मैंने जितने भी रूल्स बताए हैं ना उन सब में ये सबसे पावरफुल रूल है। क्योंकि अगर आप उन बाकी रूल्स में कंसिस्टेंसी नहीं रख पाओगे। तो उनका कोई मतलब नहीं है जब तक आप लाइफ में कंसिस्टेंट नहीं रहोगे तब तक आप कुछ बड़ा नहीं कर पाओगे। इस दुनिया का यूनिवर्सल लॉ है। इसे न्यूटन का फोर्थ नियम समझ लो इसलिए लाइफ में जो भी करो जिसकी भी शुरुआत करो उसे खत्म भी करना सीखो और उसे खत्म तभी कर पाओगे जब आप उसमें कंसिस्टेंट होकर काम करोगे। अगर आप अपने फील्ड के बेताज बादशाह बनना चाहते हो तो आपका उस फील्ड में कंसिस्टेंट होना बहुत जरूरी है।
ये थे वो पांच रूल्स जिनको अप्लाई करके आप 2025 में ग्रेट कमबैक कर सकते हो। इनमें से एक-एक रूल लाइफ चेंजिंग है। इसलिए इनको अप्लाई जरूर करना और हां सिर्फ कहानी पढ़ने से कुछ नहीं होता है।नॉलेज लेने के साथ-साथ उनको अप्लाई भी करना होता है। बाकी अगर ये motivational story आपको अच्छा लगा हो तो। हमें कमेंट में बता सकते हो आपको क्या अच्छा लगा। फिर मिलते है एक और इंटरेस्टिंग कहानी के साथ जय हिंद जय श्री कृष्णा।
अकेले जीतना सीखो, लेकिन कैसे? इसके पांच रूल्स मैं आपके साथ में शेयर करने वाला हूं। लेकिन हमें अकेला क्यों जीतना है? देखिए, जो इंसान भीड़ के साथ चलता है वो सिर्फ भीड़ का हिस्सा ही बनकर रह जाता है। लेकिन जो इंसान अकेले चलने का हौसला रखता है उसके पीछे एक दिन पूरा काफिला होता है। इसलिए किसी महान इंसान ने कहा है की पहले अकेले चलना सीखो और फिर अकेले जीतना सीखो। नीरज चोपड़ा आज से पाँच साल पहले इस बंदे को कोई जानता तक नहीं था। लेकिन जब इस बंदे ने टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता तब से इसी। नीरज चोपड़ा को प्राइम मिनिस्टर से लेकर गली का बच्चा बच्चा जानता है। क्योंकि इस दुनिया की एक खासियत है की वो मेहनत नहीं देखती। देखती है तो सिर्फ रिजल्ट।
मैरीकॉम मणिपुर के एक छोटे से गांव में पली बढ़ी। लेकिन उसके सपने छोटे नहीं थे। उसके सपने हमेशा आसमान को छूते थे। अगर ये चाहती तो एक नॉर्मल जिंदगी भी बिता सकती थी। लेकिन नहीं इसको एक आम इंसान बनकर नहीं जीना था। एक मां होने के बावजूद भी उसने लड़ने का साहस किया और अकेले में दिन रात मेहनत की और बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतकर पूरी दुनिया में अपनी जीत का परचम लहराया। उनकी लाइफ स्टोरी पर एक मूवी बनी है मैरीकॉम जिसको आप देख भी सकते हो। यह मूवी आपको बहुत मोटीवेट करेगी। इन दोनों चैंपियन की स्टोरी से हमें एक बात सीखने को मिलती है की जो इंसान अकेले रहना जानता है, अकेले में मेहनत करना जानता है वही इस दुनिया पर राज करता है और यह क्वालिटी दुनिया के सिर्फ 1% लोगो में होती है। और अगर आप भी इन्ही 1% लोगो की संख्या में आना चाहते हो अकेले में मेहनत करके अपनी एक अलग ही पहचान बनाना चाहते हो तो यह motivational story आपको लास्ट तक जरूर पढ़नी पड़ेगी।
क्योंकि लास्ट में मैं पांच ऐसे रूल्स बताने वाला हूँ जिन्हें आप अपनी लाइफ में अप्लाई करके पूरी दुनिया जीत सकते हो। तो चलिए स्टार्ट करते हैं लेकिन उससे पहले हम यह समझते हैं की आखिर अकेले रहना होता क्या है? क्या अपने आप को एक कमरे में बंद कर लेना इसको ही अकेला रहना कहते हैं। अगर आप भी यही सोच रहे हो तो आप बिलकुल गलत सोच रहे हो। अकेले रहने का मतलब होता है अकेले रहकर अपने गोल्स पर लगातार मेहनत करना, अपने लक्ष्य पर एकांत में काम करना। आपने पुरानी मूवीज में देखा होगा की जब भी किसी इंसान को कोई बड़ा फैसला लेना होता है या किसी पोलीटिकल पर्सन को कोई बड़ा डिसीजन लेना होता है तो वह अकेले में जाकर सोचता है। क्योकि वह अच्छे से जानता है की जो काम एकांत में रहकर किया जा सकता है वह भीड़ में रहकर कभी नहीं किया जा सकता। और इसी तरह से जो साधु संत हुआ करते थे वह भी अकेले में ही रहना पसंद करते थे क्योंकि वो अच्छे से जानते थे की अकेले रहने की पावर क्या है, इसके बेनिफिट क्या है और यही रीजन है की वो महान ज्ञानी हुआ करते थे। इसलिए अगर आपको भी अपनी लाइफ में कुछ बड़ा करना है, कुछ बड़ा होना है तो आपको अकेले में मेहनत करनी होगी।
यार तुम लोग एक बात बताओ तुम लोग अकेले ही आए थे और अकेले ही जाना है तो तुम अपने गोल पर अकेले मेहनत करना क्यों नहीं चाहते हो? क्यों तुम किस्मत और दूसरों पर निर्भर रहते हो? क्यों किसी से इतना ज्यादा उम्मीद लगाते हो? जब सपना आपका है तो मेहनत भी तो आपको ही करनी होगी। बस इसको अपने दिमाग में छाप लो। इंसान को जीतने में उसका अकेला होना कभी प्रॉब्लम क्रिएट नहीं करता है, बल्कि अकेले रहकर ही कोई इंसान जितना सीखता है अपने आप को अच्छे से जान पाता है की उसके लिए क्या करना जरूरी है और क्या नहीं। अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता लेकिन हाँ अकेला इंसान इस दुनिया में कुछ भी हो सकता है, किसी भी चुनौती से लड़ सकता है। अकेले रहने को अपनी कमजोरी नहीं बल्कि अपनी ताकत बनाओ। आपने शेर को देखा होगा वो अकेला ही रहता है। क्या कभी उस शेर को देखकर आपको ऐसा लगा है की यार ये तो अकेला रहता है कभी नहीं लगा होगा क्योंकि अकेला रहना उसकी कमजोरी नहीं है बल्कि उसकी ताकत है। शेर को अकेला देखकर हमेशा आपके दिमाग में यही आया होगा की यार यह कितना स्ट्रांग है यह कितना निडर है और इसी कारण से शेर को जंगल का राजा कहते है।
जब भी आप अकेले रहते हो तो पूरे कॉन्फिडेंस में रहो, पूरे जोश में रहो और पूरी एनर्जी के साथ अपने काम को करते रहो। क्योंकि अकेले रहने से कोई इंसान कमजोर नहीं बनता है बल्कि और भी ताकतवर बन जाता है। क्योंकि जितने भी बड़े काम होते हैं ना उनको एक अकेला इंसान ही करता है। सबसे तेज दौड़ने वाली कार को भी एक अकेला इंसान ही चलाता है और दुश्मनों का सफाया करने वाले पावरफुल फाइटर प्लेन को भी एक अकेला इंसान ही उड़ाता है। यहां तक की पूरे देश को भी एक अकेला बंदा प्राइम मिनिस्टर ही कंट्रोल करता है। अगर तुमने आज से ही इस भीड़ का सहारा लेना सीख लिया ना तो तुम कभी खुद को इस भीड़ से अलग नहीं कर पाओगे, बल्कि तुम भी इस भीड़ का हिस्सा बन कर रह जाओगे। लेकिन हां, अगर आज तुमने अकेला चलना सीख लिया ना तो एक दिन पूरी दुनिया तुम्हारे पीछे होगी। इसलिए पहले अकेला चलना सीखो, फिर अकेले दौड़ना सीखो और उसके बाद में अकेले जीतना सीखो। अब मैं आपको वो पाँच रूल्स बताने वाला हूं जिनको फॉलो करके आप अकेले रहकर पुरी दुनिया जीत सकते हो। तो चलिए एक एक को डीप में समझते हैं।
रूल नंबर वन। अपने काम का दिखावा करना बंद करो। आजकल के लोगों की आदत होती है की वो करते तो कुछ नहीं है लेकिन बातें ऐसी करते हैं जैसे उन्होंने कोई पहाड़ तोड़ दिया हो। हाँ हो सकता है की आप किसी फील्ड में बहुत अच्छा कर रहे हो लेकिन अगर आप उस फील्ड में अच्छा कर रहे हो तब भी आपको उसका दिखावा नहीं करना है। क्यूंकि जब भी तुम किसी काम का दिखावा करते हो और लोग आपकी थोड़ी सी भी तारीफ कर देते हैं तो फिर आपको ऐसा लगता है की यार मैं तो इस काम में बहुत अच्छा हूँ और मुझसे अच्छा इस काम को कोई और कर ही नहीं सकता है और यह आपकी सबसे बड़ी गलती होती है क्योंकी इस दुनिया में 1 से 1 धुरंधर बैठे हैं और वह कब आपके काम की धज्जियाँ उड़ा देंगे आपको पता भी नहीं चलेगा। इसलिए अपने काम का दिखावा मत करो बस अकेले में मेहनत करने में लगे रहो जब दिखाने का टाइम आएगा ना तो लोगो को अपने आप पता लग जाएगा आपको बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोग देखकर दांतो तले उंगली दबा लेंगे की यार ये कैसे कर गया।
रूल नंबर दो। लोगों को जवाब देना बंद करो। अगर आपसे किसी ने कुछ उल्टा सीधा बोल दिया तो आप जोश में आकर पता नहीं उसे क्या क्या बोल देते हो और फिर अगले ही दिन आप स्टोरी लगाते हो की मेरा जवाब मैं नहीं मेरा वक्त देगा। सक्सेस इज द बेस्ट रिवेंज। लोगों को जवाब देना बंद करो यार। यह सब हम बचपन में किया करते थे। जब आप लोगों को जवाब देते हो तो आप जोश में आकर वह सब बोल देते हो जो आप कर भी नहीं पाते हो। फिर यह दुनिया तुम पर हंसती है तो इसलिए लोगों को जवाब देना बंद करो और अकेले में मेहनत करते रहो। लोगों को जवाब तुम्हारी खामोशी से मिल जाएगा क्योंकि शेर की दहाड़ से ज्यादा खौफ उसकी खामोशी का होता है।
रूल नंबर तीन। लोगों को उलझा कर रखो। जब भी आप लोगों के सामने आते हो तो खामोश रहो और सिर्फ गौर से उनकी बातों को सुनते रहो। उनको पता नहीं चलना चाहिए की आपके दिमाग में क्या चल रहा है। आपका अगला स्टेप क्या होने वाला है। लोगों को इस तरह से कंफ्यूज करके रखो की वो ये जान ही नहीं पाए की यह बंदा आगे क्या करने वाला है। ना तो कुछ बोलता है ना कुछ बताता है, सिर्फ बातें सुनता है और इससे वह गुस्से में आकर वो सब आपको बता देंगे जो आगे वो करने वाले हैं। इससे आपको उनकी प्लानिंग के बारे में पता चल जाएगा की वो लोग आगे क्या करने वाले हैं। लेकिन वो यह नहीं जान पाएंगे की आप आगे क्या करने वाले हो। तो इस तरह से लोगों को उलझा कर रखो।
रूल नंबर चार। लोगों के बीच में अपना दबाव बनाकर रखो। जब आप लोगों को ज्यादा नहीं दिखाओगे उनके सामने हर समय अवेलेबल नहीं रहोगे तो उनके बीच में आपका एक दबाव सा बन जाएगा। लोग सोचेंगे की यार यह बंदा क्या कर रहा है। आजकल कहीं पर भी दिखाई नहीं देता है और जब भी आप लोगों के सामने आओगे अपनी बात को उनके सामने रखना चाहोगे तो सामने वाला इंसान आपकी बात को पूरे गौर से सुनेगा। क्योंकि जो लोग आसानी से अवेलेबल नहीं होते हैं लोग उन्हीं की ज्यादा इज्जत करते हैं। लोग उनको ही ज्यादा सुनना पसंद करते हैं। आप व्हाट्सएप पर सबसे पहले मैसेज का रिप्लाई किसे देते हो आप उसको देते हो जो कभी कभी अवेलेबल रहता है, जो कभी कभी मैसेज करता है। क्योंकि यह साइकोलॉजिकल फैक्ट है की जो चीज इंसान के पास अवेलेबल नहीं होती है इंसान उनकी ही ज्यादा इज्जत करता है, उसको ही ज्यादा वैल्यू देता है। इसलिए लोगों के बीच में हर टाइम पर अवेलेबल नहीं रह कर उनके बीच में अपना दबाव बनाकर रखो ताकि लोग कभी आप पर हावी ना हो पाए।
रूल नंबर फाइव। हद पार मेहनत करो। सिर्फ अकेले रहने से कुछ नहीं होगा। जब तक आप अकेले में मेहनत नहीं करोगे अकेले में रह कर आपको वो मेहनत करनी है जो आप भीड़ में रहकर नहीं कर पाते हो। तभी आप एक सक्सेसफुल इंसान बन पाओगे। स्मार्ट वर्क जरूरी है लेकिन आप जितना ज्यादा हार्ड वर्क करोगे, हद पार मेहनत करोगे, आप उतनी जल्दी सक्सेसफुल बन जाओगे क्योंकि स्मार्ट वर्क भी वही बंदा कर पाता है जिसने अच्छे से हार्ड वर्क किया हो। चलो एक एग्जांपल से समझाता हूं। सोचो आपको कहीं जाना है और आपको शॉर्टकट रास्ते से होकर जाना है तो शॉर्टकट भी वही बंदा ले पाएगा जिसने उस शहर की एक एक गली में सफर किया हो, जिसने उस शहर को अच्छे से जान लिया हो। तभी वह बंदा उस शहर से शॉर्टकट ले पाएगा। लेकिन जो बंदा उस शहर में पहली बार आया है, अगर वह शॉर्टकट लेने की कोशिश करेगा तो वह सिर्फ उन गलियों में उलझ कर रह जाएगा, क्योंकि उसे पता ही नहीं है की कौन सा रास्ता कहां जाता है। तो इसलिए मेरा यह मानना है की पहले किसी भी इंसान को हद पार मेहनत करनी चाहिए। जोरदार हार्ड वर्क करना चाहिए उसके बाद ही स्मार्ट वर्क को अपनाना चाहिए। बिकॉज़ हार्ड वर्क एंड कंसिस्टेंसी, ऑलवेज बट स्मार्ट वर्क। इसलिए आपको हद पार मेहनत करनी चाहिए।
तो गाइस ये थे वो पाँच रूल्स जिनको आप अपनी लाइफ में अप्लाई करके खुद को पुरी तरह बदल सकते हो और इस दुनिया में अपनी एक अलग ही पहचान बना सकते हो। बाकी अगर यह motivational story अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करना। बाकी फिर मिलते हैं इसी तरह के एक और बावल motivational story के साथ। जय हिंद। जय श्री कृष्णा।
https://youtu.be/Zu5d9PrgAxk?si=quBYIW9C3zMVHw9n
आज हम बात करेंगे उन सात दुश्मनों के बारे में जो हमेशा तुम्हें बर्बाद होता हुआ देखना चाहते हैं। जो कभी नहीं चाहते कि जिंदगी में तुम्हें थोड़ी सी भी सफलता हासिल हो पाए थोड़ा सा भी तुम नाम कमा पाओ थोड़े से भी तुम पैसे कमा पाओ। इन सात दुश्मनों को समय रहते जितना जल्दी कुचल दोगे ना उतना ही एक्स्ट्रा टाइम आपको मिल जाएगा अपने सपनों को जीने का इसे लास्ट तक जरूर पढ़े सीधी बात नो बकवास।
दुश्मन नंबर एक है आपका जो आपको बर्बाद करना चाहता है और वो है सेल्फ डाउट। यह सेल्फ डाउट आपका सबसे पहला दुश्मन है भाई। जब तू खुद पर विश्वास नहीं करता ना तो दुनिया तेरे पर क्या विश्वास करेगी और क्या मैं यह कर सकता हूं। यह वाला जो डाउट है वो तेरे टारगेट को तेरे सपने को शुरू होने से पहले ही खत्म कर देता है। क्योंकि इसमें तो तू अपने टारगेट के लिए मेहनत शुरू भी नहीं कर पाया तो खुद पर डाउट करना बंद कर खुद पर इतना विश्वास रख कि जो तूने खुद के लिए सोचा है उसे तू कैसे भी हालात में पूरा कर सकता है। बस तुझे होप नहीं छोड़नी है तुझे गिव अप नहीं करना है। लगातार खुद को नेक्स्ट लेवल स्ट्रगल के लिए तैयार करना है। खुद पर शक करना बंद कर खुद के लिए इंस्पिरेशन बनना शुरू कर।तेरा टारगेट तेरा जुनून तेरा ड्राइविंग फोर्स होना चाहिए अपनी कैपेबिलिटीज पर भरोसा रख और मेहनत करते रहे।
दुश्मन नंबर दो जो तुझे बर्बाद करना चाहता है वो है तेरा खुद का मन। तेरा कंफर्ट जोन जिसका तू गुलाम है क्योंकि वो मनमौजी है। तू गुलाम बन चुका है अपने मन का मन कहता है आराम कर ले तो तू आराम करने लग जाता है। मन कहता है कि वेब सीरीज देख ले रिल्स स्क्रॉल कर ले तब तू आराम से मोबाइल पर टाइम वेस्ट करता है। क्योंकि तूने अपने मन की गुलामी करके खुद को एकदम कंफर्ट जोन में डाल दिया है। और तुझे कंफर्ट जोन की इतनी आदत हो गई है कि अब तू मेहनत करने से या कुछ भी नया करने से डरता है। तू चाह कर के भी वो नहीं कर पा रहा जिसके लिए तू यहां पे आया है। जिस काम को करने की तूने सोची है जो टारगेट लेकर तू बैठा है उस टारगेट का टी भी नहीं है तेरे पास। तू अपने टारगेट से इतना दूर जा चुका है कि अगर तू आज से शुरू करेगा तो तुझे एक महीना तो ये सोचने में लग जाएगा कि यार करना क्या था असली में क्यों आया था मैं यहां पे। क्योंकि भाई तू भूल चुका है एकदम तू एक अलग ही दुनिया में रह रहा है जहां सिर्फ तुझे आराम टाइम वेस्ट चाहिए और कंफर्ट जोन चाहिए। मजे कर रहा है तू लेकिन तुझे अभी यह अंदाजा नहीं है कि तू जितना ज्यादा मजे में जीवन काट रहा है ना उतना ही यह समय तेरी वाट लगाने वाला है। तू अभी कितने भी मजे कर ले तेरा टारगेट पूरा करने के लिए समय कभी नहीं रुकने वाला समय तुझे कभी नहीं याद दिलाएगा कि भाई तू किसी और काम के लिए यहां पे आया था और कर कुछ और रहा है। ये तुझे खुद को ही याद रखना पड़ेगा तो असल में तेरा सबसे बड़ा दुश्मन तू खुद है तेरा चालाक मन है जिसके चलाए तू चलता है। जबकि तेरे मन को तुझे चलाना चाहिए कि आज का ये टारगेट है और तुझे यह करना है। बहुत सो लिया आराम कर लिया काम पे लग जा अब लेकिन तू ऐसा नहीं कर रहा है। क्योंकि तेरे मन को आराम चाहिए वो क्यों करना चाहेगा मेहनत। उसे तो बिना मेहनत किए सब कुछ चाहिए ना 100 दुश्मन मिलकर तेरा जितना नुकसान करेंगे ना उससे ज्यादा तू अकेले खुद का नुकसान कर रहा है। और टाइम वेस्ट करते-करते मजे लेते रहते तेरा मन तेरी आत्मा तेरा शरीर सब इतने कंफर्ट जोन में जा चुके हैं। कि अगर तू अपने मन को अब कोई नया काम देगा या कोई नया चैलेंज भी देता है ना तो तुरंत तेरे मन में सवाल आ जाता है कि क्या मैं ये कर पाऊंगा
दुश्मन नंबर तीन जो तुझे बर्बाद होता हुआ देखना चाहता है वो है तेरा लेजी होना टाल मटोल करना। यार आज नहीं कल करूंगा आज मैं थोड़ा सो लेता हूं, कल से पढ़ लूंगा आज मैं मजे कर लेता हूं दोस्तों के साथ।कल से पक्का आठ घंटे पढ़ाई करूंगा और ये तुम्हारा टालमटोल कल पर टालने की आदत ये तुम्हें अपने टारगेट के आसपास भी नहीं भटकने देंगे। क्योंकि एक बार अगर तुझे ये आदत लग गई ना तो तेरा कल कभी नहीं आएगा। तू आज सोचेगा कि कल करूंगा और कल सुबह उठकर वैसे ही टाइम वेस्ट करेगा जैसा तू महीनों से करता आ रहा है। क्योंकि तुझे कंफर्ट जोन में रहने की आदत पड़ चुकी है तू डरता है अब मेहनत करने से। बस तुझे आज यह समझ में नहीं आ रहा कि तेरे सपने तेरी अपनी मेहनत के बिना पूरे नहीं हो सकते। लेकिन एक बार अगर समय निकल गया ना तेरे हाथ से तब तू चाह कर के भी मेहनत नहीं कर पाएगा। ना अपने जीवन को सही डायरेक्शन दे पाएगा क्योंकि तब तेरे ऊपर इतना ज्यादा बोझ आ चुका होगा ना कि हर तरफ से तेरे ऊपर प्रेशर होगा। तब तू सोचेगा कि यार ये मैंने क्या कर दिया अब तो मेरे पास टाइम भी नहीं है कुछ करने को काश मैंने उस वक्त टाइम वेस्ट नहीं किया होता। तो भाई ये लेजीनेस छोड़ टाल मटोल करना छोड़ दे और आज का टारगेट आज ही पूरा कर अगर आज के बनाए गए टारगेट में तेरा थोड़ा सा भी बाकी रहता है। ना तो तुझे रात को नींद नहीं आनी चाहिए क्योंकि आज का टारगेट पूरा नहीं कर पाया तुझे कम से कम इतनी टेंशन होनी चाहिए।
दुश्मन नंबर चार जो तुझे बर्बाद करना चाहता है तुम्हारे असफल होने का डर। भाई तू डरता है कि तू कहीं फेल ना हो जाए लेकिन तू क्यों डर रहा है। तूने तो शुरू ही नहीं किया अभी तक और अगर तेरे में हिम्मत है कि तू कुछ शुरू कर सकता है। तेरे बनाये टारगेट के लिए तू मेहनत कर सकता है तो फिर फेल होने से क्यों डर रहा है। क्योंकि जब तू मेहनत करेगा तभी तो तुझे पता चलेगा ना कि कहां और कितनी मेहनत की जरूरत है। कहां तू गलत कर रहा है और मान ले अगर तू फेल हो भी गया तो तेरा कुछ कम थोड़े हो जाएगा। पिछले साल तो तूने वैसे भी मजे में वेस्ट किया है ना तो अगर तूने एक साल मेहनत कर ली और तुझे वो रिजल्ट नहीं मिला जो तुझे चाहिए था। तो तू ये क्यों सोचता है कि तेरा साल खराब हो गया भाई उस साल में तूने बहुत कुछ सीखा है और अगर फेल हो गया ना तो ये समझ कि मैं 90% पर अचीव कर चुका था और 10% पर की कमी रही थी। इसलिए मुझे उस 10% पर पे फोकस करना है अब वो 10% चाहे तेरी गलतियां हो तेरा डिसिप्लिन हो या फिर टाइम मैनेजमेंट हो तो भाई फेल होने से डर मत। क्योंकि फेलियर तुझे जितना सिखा सकता है ना उतना तुझे सक्सेस कभी नहीं सिखा सकती। बस तुझे सीखते रहना है और आगे बढ़ते रहना है छोड़ना नहीं है रुकना नहीं है फेल होने का डर तू दिमाग से एकदम बाहर निकाल दे। लगातार मेहनत करेगा ना तो सफलता आज नहीं तो कल मिल ही जाएगी। लेकिन अगर असफल होने के डर से तू रुक गया तूने मेहनत ही नहीं की तूने शुरू ही नहीं किया तो तेरे पास ना तो एक्सपीरियंस होगा ना ही तू कुछ नया सीख पाएगा और ना तेरे पास यह कहने को होगा कि यार मैंने मेहनत तो करी थी।
दुश्मन नंबर पांच जो तुझे बर्बाद करना चाहता है और वो है तेरा खराब टाइम मैनेजमेंट। तू कहता रहता है ना कि तेरे पास में टाइम नहीं है। कुछ करने को मुझे तो भाई टाइम ही नहीं मिल रहा। तो भाई टाइम सबके पास बराबर है एक दिन में सभी को वही 24 घंटे हैं उतने ही सेकंड है उतने ही मिनट्स है बस फर्क ये है कि तू उन 24 घंटों को कैसे मैनेज करता है। कैसे उनको काम में लेता है क्योंकि ये तेरा अपना खुद का डिसिप्लिन है और ये बताने वाला तुझे कोई बाहर से नहीं आएगा कि तू तेरा टाइम सही तरीके से इस्तेमाल कर रहा है कि नहीं। यह तुझे खुद को पता चलना चाहिए कि टाइम आखिर जा कहां रहा है। सोशल मीडिया पे जा रहा है दोस्तों के साथ जा रहा है या फिर सोने में जा रहा है। और ऐसा कौन सा पहाड़ तोड़ रहा है तू जो तेरे पास अपने लिए ही अपने टारगेट के लिए टाइम नहीं बच रहा और तू क्या आगे बढ़ेगा जब तू अपने 24 घंटे मैनेज नहीं कर पा रहा है। तू खुद के लिए अगर एक-एक सेकंड का इस्तेमाल करना नहीं सीख पा रहा ना तो तू फिर क्या मेहनत करेगा। क्या सक्सेसफुल इंसान बन पाएगा तो अभी तेरे पास समय है। उसका सही से यूज करना सीख पेन पेपर लेकर बैठ कि तेरा एक-एक घंटा कहां वेस्ट हो रहा है उसे सही ढंग से मैनेज कर समय को सही जगह पर इन्वेस्ट करना सीख। जब तक तुम अपने समय को सही तरीके से यूज करना नहीं सीखोगे ना तब तक तुम अपनी लाइफ में कोई भी काम सही से नहीं कर पाओगे।
दुश्मन नंबर छह जो तुम्हें बर्बाद करना चाहता है वो है तुम्हारी खुद की नेगेटिव थॉट्स। तू अपने लिए इतनी नेगेटिव सोचता है ना कि तू कुछ पॉजिटिव कर ही नहीं पा रहा है। तू उस जोन में जा ही नहीं पा रहा है जहां तुझे खुद को यह कहना है कि भाई तू यह कर सकता है। तू उस जोन में बैठा हुआ है जहां तू बार-बार खुद को यह कहता है कि यार मुझसे नहीं होगा मैं कैसे कर सकता हूं इतना बड़ा काम। तू खुद ही खुद को नीचे गिरा रहा है खुद ही खुद को डेमोरलाइज कर रहा है खुद को इतना डिमोटिवेट कर लिया है कि तू अब शुरू भी नहीं कर पा रहा है। और कहते हैं ना कि जैसे अपने विचार होते हैं वैसे ही अपना रूटीन बन जाता है क्योंकि अपने आसपास की वैसे ही एनर्जी और वैसे ही वाइब्रेशन क्रिएट होते हैं। तो तू जितना खुद के लिए नेगेटिव सोचता है तेरे आसपास का माहौल वैसे ही तैयार होता जाता है। तेरे साथ कुछ भी सही नहीं हो रहा है क्योंकि तू सही सोच ही नहीं रहा है तो इस नेगेटिव थॉट से बाहर निकल उठ और लग जा काम पे कोई नहीं आएगा। तुझे दूसरा बताने वाला और तुझे समझाने वाला और तेरा काम करने वाला तेरा टारगेट है तेरी मेहनत है तुझे करना पड़ेगा। तेरी अपनी लड़ाई है तुझे ही लड़नी पड़ेगी और अगर एक बार में नहीं हो रहा ना तो दोबारा करके देख ले कौन सा जीवन खत्म हो रहा है। और दोबारा कोशिश कर भी लेगा तो कौन सा जीवन खत्म हो जाएगा। तू करके तो देख ले एक बार फिर से क्या पता यह वाली कोशिश तेरी आखिरी कोशिश हो और तेरी सफलता इसी कोशिश के बाद लिखी हो असली मजा तो तब है ना गिर कर के उठा जाए। पूरी दुनिया को दिखाया जाए कि तू हार मानने वालों में से नहीं है तू मुकाबला करने वालों में से है जीतने वालों में से है।
दुश्मन नंबर सात तेरा सातवां दुश्मन जो तुझे बर्बाद करना चाहता है वो है कंपैरिजन तुलना करना। तू हर चीज में लोगों के साथ खुद को कंपेयर कर रहा है। उसके साथ तो यह हो गया मेरे साथ क्यों नहीं हुआ मेरे साथ तो यह हो गया उसके साथ क्यों नहीं हुआ वो सफल हो गया मैं क्यों नहीं हुआ। उसे वो सब मिल गया मुझे क्यों नहीं मिला वो तो मेरी जितनी मेहनत भी नहीं कर रहा था। उसके मेरे से ज्यादा मार्क्स आ गए उसने मेरे से ज्यादा पैसे कमा लि भाई तू कंपैरिजन करने के लिए आया है क्या यहां पे। तेरा कंपैरिजन सिर्फ तेरे खुद के यस्टरडे से होना चाहिए कि तू कल क्या था और तू आज क्या है और तू कल क्या बनना चाहता है। तुझे सिर्फ तेरे बीते हुए कल से बेहतर बनना है और किसी से खुद को कंपेयर करने की जरूरत नहीं है। तुझे सबका स्ट्रगल सबकी कैपेसिटी सबकी किस्मत और सबकी परिस्थितियां अलग-अलग होती है। तेरा दिमाग तेरी लाइफ तेरा टारगेट तेरा जीवन यह सब अलग है तो कंपैरिजन करना बंद कर दे। दूसरों की सफलता से क्यों जल रहा है तू अगर तेरे में दम है तेरी औकात है ना तो तू जलाना दूसरों को अपनी सफलता से तू उनको दिखा कि तू क्या कर सकता है। ऐसे कंपेयर करके मन को छोटा करके तू क्या कर लेगा। वो तो फिर भी निकल ही जाएंगे ना इतनी देर में आगे और तू वहीं का वहीं रह जाएगा। तू सोचता है कि आधी अधूरी मेहनत करके तू सफल हो जाएगा जब तक तू अपनी मेहनत का 100% अपने टारगेट को नहीं देगा ना तब तक तू भूल जा कि तू कभी सफल होगा। आधे अधूरे प्रयास से कभी सफलता नहीं मिलती सफलता उन्हीं को मिलती है जो पूरी मेहनत पूरे समर्पण पूरे डिसिप्लिन के साथ में मेहनत करते हैं। क्योंकि उन्हें पता होता है कि अगर वो थोड़े से भी चूक गए तो अपनी मंजिल से कोसों दूर हो जाएंगे। इसलिए सेल्फ एनालिसिस कर तुझे अगर कंपैरिजन ही करना है तो तो तू इस बात से करना कि मैंने पिछले साल यह गलती की थी और अब मैं इस साल यह गलती नहीं करूंगा। मेरी खुद की गलतियों से सीखू उन पर मेहनत करूंगा कुछ कमी रह गई है तो उनको पूरी करूंगा और बहुत बड़ा करके दिखाऊंगा। बस ये कंपैरिजन होना चाहिए खुद का दुश्मन बनना बंद कर किसी से भी खुद को कंपेयर मत कर बस ये याद रख कि कल तूने क्या गलती की थी। उस पर फोकस रख गलती क्यों हुई इस बात को टाइम दे उससे सीख उसको दोहरा मत और उसमें सुधार कर और आगे बढ़ जा। लोगों की भीड़ में शामिल मत हो दुनिया से आगे निकलना है ना तो दुनिया से अलग ही करना पड़ेगा बेटे बिठाए कुछ नहीं होने वाला। इसलिए जो तूने अपने अंदर ये सात दुश्मन पाल रखे हैं इनको बाहर निकाल के फेंक दे। क्योंकि जब तक तेरे अंदर तेरा खुद का दुश्मन बैठा हुआ है तब तक तू आगे नहीं बढ़ सकता और अगर तू ये मोटिवेशनल स्टोरी पढ़ रहा है ना। तो तुझे ये तो समझ में आ गया होगा कि ये सब तेरे साथ में क्यों हो रहा है क्योंकि तू भी अपने इन सारे दुश्मनों का शिकार है। मतलब तेरे सबसे बड़े दुश्मन कोई भी भारी लोग नहीं है। तू खुद ही है तेरे विनाश का कारण तो इनसे लड़ इनको हरा इनसे जीत क्योंकि जब तू अपने खुद के अंदर के दुश्मनों से जीत लेगा ना तब तेरी सफलता में कोई बाधा नहीं आएगी। फिर देखना देश में तू अपना ही नहीं बल्कि दुनिया में देश का नाम रोशन करके दिखाएगा क्योंकि जिसने अपने मन को जीत लिया समझो उसने जग को जीत लिया। तो तुझे अपनी जीत फिक्स करनी है तो तू सबसे पहले अपने अंदर के दुश्मनों से जीत के दिखा फिर तुझे कोई नहीं रोक सकता।
https://youtu.be/Rac9uk9cA3s?si=L22_Q5ujkz7rcoBy
किसी शहर के रेलवे स्टेशन पर एक भिखारी रहता था। वह वहां आने जाने वाली रेलगाड़ियों में बैठे यात्रियों से भीख मांगकर अपना पेट भरता था। एक दिन जब वह भीख मांग रहा था तो सूट बूट पहने एक लंबा सा व्यक्ति उसे दिखा उसने सोचा कि यह व्यक्ति बहुत अमीर लगता है इससे भीख मांगने पर यह मुझे जरूर अच्छे पैसे देगा। वह उस लंबे व्यक्ति से भीख मांगने लगा भिखारी को देखकर उस लंबे व्यक्ति ने कहा। तुम हमेशा मांगते ही रहते हो क्या कभी किसी को कुछ देते भी हो। भिखारी बोला साहब मैं तो भिखारी हूं हमेशा लोगों से मांगता ही रहता हूं मेरी इतनी औकात कहां कि किसी को कुछ दे सकूं। लंबा व्यक्ति बोला जब किसी को कुछ दे नहीं सकते तो तुम्हें मांगने का भी कोई हक नहीं है। मैं एक व्यापारी हूं और लेनदेन में ही विश्वास करता हूं अगर तुम्हारे पास मुझे कुछ देने को हो तभी मैं तुम्हें बदले में कुछ दे सकता हूं। इतना कहने के बाद वह लंबा आदमी ट्रेन में बैठकर चला गया। इधर भिखारी उसकी कही गई बात के बारे में सोचने लगा। उस लंबे व्यक्ति के द्वारा कही गई बात उस भिखारी के दिल में उतर गई वह सोचने लगा कि शायद मुझे भीख में अधिक पैसा इसीलिए नहीं मिलता क्योंकि मैं उसके बदले में किसी को कुछ दे नहीं पाता हूं। लेकिन मैं तो भिखारी हूं किसी को कुछ देने लायक भी नहीं हूं लेकिन कब तक मैं लोगों को बिना कुछ दिए केवल मांगता ही रहूंगा। बहुत सोचने के बाद उस भिखारी ने निर्णय किया कि जो भी व्यक्ति उसे भीख देगा उसके बदले में वह भी उस व्यक्ति को कुछ जरूर देगा लेकिन अब उसके दिमाग में यह प्रश्न चल रहा था कि वह खुद भिखारी है तो भीख के बदले में वह दूसरों को क्या दे सकता है। इस बात को सोचते हुए दो दिन हो गए लेकिन उसे अपने प्रश्न का कोई उत्तर नहीं मिला था। तीसरे दिन जब वह स्टेशन के पास बैठा हुआ था तभी उसकी नजर कुछ फूलों पर पड़ी जो स्टेशन के आसपास के पौधों पर खिल रहे थे। उसने सोचा क्यों ना मैं लोगों को भीख के बदले कुछ फूल दे दिया करूं। उसको अपना यह विचार अच्छा लगा और उसने वहां से कुछ फूल तोड़ लिए। अब वह ट्रेन में भीख मांगने पहुंचा अब जब भी कोई उसे भीख देता तो उसके बदले में वह भीख देने वाले को कुछ फूल दे देता। उन फूलों को लोग खुश होकर अपने पास रख लेते थे। अब भिखारी रोज फूल तोड़ता और भीख के बदले में उन फूलों को लोगों में बांट देता था। कुछ ही दिनों में उसने महसूस किया कि अब उसे बहुत अधिक लोग भीख देने लगे हैं। वह स्टेशन के पास के सभी फूलों को तोड़ लाता था जब तक उसके पास फूल रहते थे तब तक उसे बहुत से लोग भीख देते थे लेकिन जब फूल बांटते बांटते खत्म हो जाते तो उसे भीख भी नहीं मिलती थी। अब रोज ऐसा ही चलता रहा। एक दिन जब वह भीख मांग रहा था तो उसने देखा कि वही लंबा व्यक्ति ट्रेन में बैठा है। जिसकी वजह से उसे भीख के बदले फूल देने की प्रेरणा मिली थी। वह तुरंत उस व्यक्ति के पास पहुंच गया और भीख मांगते हुए बोला। आज मेरे पास आपको देने के लिए कुछ फूल है आप मुझे भीख दीजिए तो बदले में मैं आपको कुछ फूल दूंगा उस लंबे व्यक्ति ने उसे भीख के रूप में कुछ पैसे दे दिए और भिखारी ने कुछ फूल उसे दे दिए। उस लंबे व्यक्ति को बात बहुत पसंद आई वह बोला वाह क्या बात है। आज तुम भी मेरी तरह एक व्यापारी बन गए हो इतना कहकर फूल लेकर वह लंबा व्यक्ति अपने स्टेशन पर उतर गया। लेकिन उस लंबे व्यक्ति द्वारा कही गई बात एक बार फिर से उस भिखारी के दिल में उतर गई वह बार-बार उस लंबे व्यक्ति के द्वारा कही गई बात के बारे में सोचने लगा और बहुत खुश होने लगा। उसकी आंखें अब चमकने लगी उसे लगने लगा कि अब उसके हाथ सफलता की वह चाबी लग गई है। जिसके द्वारा वह अपने जीवन को बदल सकता है वह तुरंत ट्रेन से नीचे उतरा और उत्साहित होकर बहुत तेज आवाज में ऊपर आसमान की तरफ देखकर बोला मैं भिखारी नहीं हूं। मैं तो एक व्यापारी हूं मैं भी अमीर बन सकता हूं। लोगों ने उसे देखा तो सोचा कि शायद यह भिखारी पागल हो गया है और अगले दिन से वह भिखारी उस स्टेशन पर फिर कभी नहीं दिखा। लेकिन छ महीने बाद इसी स्टेशन पर दो व्यक्ति सूट बूट पहने हुए यात्रा कर रहे थे। दोनों ने एक दूसरे को देखा तो उनमें से एक ने दूसरे से हाथ मिलाया और कहा क्या आपने मुझे पहचाना। दूसरा व्यक्ति बोला नहीं क्योंकि मेरे हिसाब से हम लोग पहली बार मिल रहे हैं। पहला व्यक्ति बोला नहीं आप याद कीजिए हम पहली बार नहीं बल्कि तीसरी बार मिल रहे हैं। दूसरा व्यक्ति बोला मुझे याद नहीं वैसे हम पहले दो बार कब मिले थे। अब पहला व्यक्ति मुस्कुराया और बोला हम पहले भी दो बार इसी ट्रेन में मिले थे। मैं वही भिखारी हूं, जिसको आपने पहली मुलाकात में बताया कि मुझे जीवन में क्या करना चाहिए और दूसरी मुलाकात में बताया कि मैं वास्तव में कौन हूं। दूसरा व्यक्ति मुस्कुराया और अचंभित होते हुए बोला ओ याद आया। तुम वही भिखारी हो जिसे मैंने एक बार भीख देने से मना कर दिया था और दूसरी बार मैंने तुमसे कुछ फूल खरीदे थे। लेकिन आज तुम यह सूट बूट में कहां जा रहे हो और आजकल क्या कर रहे हो। तब पहला व्यक्ति बोला हां मैं वही भिखारी हूं। लेकिन आज मैं फूलों का एक बहुत बड़ा व्यापारी हूं और इसी व्यापार के काम से ही दूसरे शहर जा रहा हूं। कुछ देर रुकने के बाद वह फिर बोला आपने मुझे पहली मुलाकात में प्रकृति का वह नियम बताया था। जिसके अनुसार हमें तभी कुछ मिलता है जब हम कुछ देते हैं लेनदेन का यह नियम वास्तव में काम करता है। मैंने यह बहुत अच्छी तरह महसूस किया है लेकिन मैं खुद को हमेशा भिखारी ही समझता रहा। इससे ऊपर उठकर मैंने कभी सोचा ही नहीं और जब आपसे मेरी दूसरी मुलाकात हुई तब आपने मुझे बताया कि मैं एक व्यापारी बन चुका हूं। अब मैं समझ चुका था कि मैं वास्तव में एक भिखारी नहीं बल्कि व्यापारी बन चुका हूं। मैंने समझ लिया था कि लोग मुझे इतनी भीख क्यों दे रहे हैं। क्योंकि वह मुझे भीख नहीं दे रहे थे बल्कि उन फूलो का मूल्य चुका रहे थे। सभी लोग मेरे फूल खरीद रहे थे क्योंकि इससे सस्ते फूल उन्हें कहां मिलते। मैं लोगों की नजरों में एक छोटा व्यापारी था लेकिन मैं अपनी नजरों में एक भिखारी ही था। आपके बताने पर मुझे समझ आ गया कि मैं एक छोटा व्यापारी हूं। मैंने ट्रेन में फूल बांटने से जो पैसे इकट्ठे किए थे उनसे बहुत से फूल खरीदे और फूलों का व्यापारी बन गया। यहां के लोगों को फूल बहुत पसंद है और उनकी इसी पसंद ने मुझे आज फूलों का बहुत बड़ा व्यापारी बना दिया। दोनों व्यापारी अब खुश थे और स्टेशन आने पर साथ उतरे और अपने अपने व्यापार की बात करते हुए आगे बढ़ गए। दोस्तों इस कहानी से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। कहानी में लंबा व्यापारी गिव एंड टेक के नियम को बहुत अच्छी तरह जानता था। दुनिया के सभी बड़े व्यापारी इसी नियम का उपयोग करके सफल हुए हैं।इस फार्मूले को उसने भिखारी को भी बताया भिखारी ने इस प्राकृत नियम को अपना लिया और इसका असर उसके जीवन में साफ दिखाई देने लगा। उसने अपनी सोच बदली और उसकी जिंदगी बदल गई। यह कहानी हमें बताती है कि हम यदि अपनी सोच बदल ले तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। यदि हम खुद को छोटा समझते रहेंगे तो हम हमेशा छोटे ही बने रहेंगे बड़ा बनने के लिए हमें अपनी सोच को बदलना होगा और खुद के बारे में बड़ा सोचना होगा। कहानी का सार यह है कि सफलता आपकी सोच में छुपी होती है खुद का आत्मसम्मान जगाए अपनी सोच को बड़ा बनाइए और देखिए कैसे आप सफलता के शिखर पर पहुंच जाते हैं।
https://youtu.be/c6iV2hRegjw?si=9KO1UkrbwV1cDsQ_
बहाने नहीं नाम बना कौन तेरे सपना पूरे करेगा। कौन तुझे शोहरत दिलाएगा दौलत दिलाएगा बड़ा घर दिलाएगा बड़ी गाड़ी में घुमाएगा कौन तुझे आसमान पर बिठाएगा। हर जगह इज्जत दिलाएगा कौन तेरी हर जिद पुरी करेगा। कौन तेरे वादे को निभाएगा तुझे विजेता बनाएगा कौन तेरा नाम बनाएगी। कौन सबसे हटकर तेरी पहचान बनाएगा क्या तेरे मां-बाप करेंगे ये सब या फिर तेरे दोस्त या फिर कोई फरिश्ता जमीन पर उतार कर आएगा और तेरी हर ज़िद पुरी कर जाएगा। तू खुद बता क्या लगता है तुझे तेरे सारे सपनों को कौन पूरा करेगा। मैं बताता हूं तू खुद करेगा हां तू खुद करेगा तू ही है वो जो अपने सपनों को पूरा करेगा।अपने लिए सब कुछ हासिल करेगा तू क्या करेगा और क्या नहीं करेगा ये तो रही बात फर्क पड़ता है। तो इस बात से की तू आज क्या करता है हर दिन बीट रहा है हर घड़ी बादल रही है। वक्त उसे धीरे-धीरे कोसों दूर जा रहा है। तेरे पास आई जिम्मेदारियां और मिला मौका तू सब कुछ जावा रहा है। एक के बाद एक हर जगह से ठोकरे खा रहा है। कैसे चलेगा दोस्त कहना तो नहीं चाहिए लेकिन कहूंगा जरूर मेरे दोस्त अब तो बर्बादी के बहुत करीब पहुंच रहा है। क्योंकि अब तेरे बहाने का कद तेरे सपनों से बहुत बड़ा हो चुका है। तू इस बात को क्यों नहीं जानता इस चीज को क्यों नहीं मानता आखिर तुझे तेरा मकसद तेरा सपना क्यों नहीं दिखता। तू हर जाएगा इस तरह अगर सिलसिला कुछ इसी तरह चला तो सब कुछ हाथ से चला जाएगा।खाली हाथ भी ऊपर वाला इसीलिए भेजता है ताकि नीचे आकर हम उन खाली हाथों को भर सके। लेकिन अगर तेरे बहाने खत्म नहीं हुए तो जिस तरह तू खाली हाथ आया था ना इस तरह हमेशा खाली हाथ ही बैठा रहा जाएगा भूखा रहा जाएगा रोता रहा जाएगा ना तुझे कुछ मिला है और ना ही अब कभी मिल पाएगा। मुझे नहीं पता तुम लोग कहां से हो मेरी आवाज कैसे सुन रहे हो जिंदगी के किस डोर से गुर्जर रहे हो किस मुकाम तक पहुंच रहे हो। मैं कुछ नहीं जानता लेकिन मैं बस इतना जानता हूं की तुम इस वक्त मुझे सुन रहे हो। मेरी बातों को मान रहे हो और जिंदगी में कुछ उखाड़ना चाहते हो। तुम सब अपनी-अपनी जिंदगी में खुश होना चाहते हो बहुत ऊंचा उड़ना चाहते हो। लेकिन यह सब नामुमकिन है हां बिल्कुल ये सब नामुमकिन है क्योंकि जब तक तुम्हें बहानो ने घेरा है तब तक कुछ भी ना यहां तेरा है। बहनों का कद हर हाल में छोटा करना ही पड़ेगा चाहे स्थितियां कैसी भी हो मेहनत का हाथ थम कर आगे बढ़ाना ही होगा। दर्द होगा जब बहनों में नहीं बहोगे लेकिन याद रखना गर्व होगा की जिस दिन कामयाबी के सीकर पर रहोगे। मन चाहे मंजिल के मलिक रहोगी अपनी ताकत के खातिर जिओगे। क्या बहनों से आजाद होना मुश्किल है। थोड़ा मुश्किल जरूर हो सकता है मगर नामुमकिन बिल्कुल भी नहीं। तुम्हारी जिंदगी बिल्कुल इस तरह की होगी जैसा की तुम चाहते हो तुम मांगते हो लेकिन जब तक बहाने बनाते रहोगे कुछ नहीं मिलेगा जो जैसा है वैसा ही रहेगा किसी को घंटा फर्क नहीं पड़ेगा तुझको। अब बदलना होगा तुझे नाम बनाना है बहाने नहीं जो बहाने तूने बना रखें हैं। जिन बहानों में तुमने खुद को डूबा रखा है उनसे आजाद हो ना होगा उनको खत्म कर दो यहां से अब और कोई बहाने नहीं चलेगा। जो करना है वो करके ही रहना है इसके लिए चाहे दुनिया इधर की उधर क्यों न हो जाए।वक्त पलट जाए या किसी के जज्बात बादल जाए इस बात की कम परवाह करनी है की आराम मिलेगा सुकून मिलेगा या मजे करने को मिलेंगे। अगर आम जिंदगी चाहते हो 100 साल की गुलामी चाहते हो तो जैसे हो वैसे ही रहो नालायकों की तरह बिस्तर पर पड़े रहो। कुछ ना कर सके तो आखिर में खुद ही को खुद पर शर्म आएगी। वो बहाने जो आज भले कुछ पाल का सुकून देते हैं लेकिन लिखकर ले लो जिंदगी भर का श्राप बनकर रह जाएंगे। जिंदगी बदनाम हो जाएगी कुछ घंटा नहीं मिलेगा जिंदगी में पुरी जिंदगी रोते हुए गुजारोगे। बहनों ने बड़ी-बड़ी हस्तियां को डुबाया है बहाने बनाकर कोई बड़ा नहीं बंता बल्कि उल्टा वो अपनी खुद की नजरों में और ज्यादा गिर जाता है दुनिया की नजरों में गिर जाता है। बहाने बनाना छोड़ मेरे यार ये तुझे बर्बाद कर देंगे बहाने से घर नहीं चलाता। अपने मन को मरकर जो बांदा मेहनत करता है वही बहुत आगे जाता है। लाइफ में ऐसा कुछ भी नहीं जो कभी तुझे मिल न सके ऐसा कुछ नहीं जो तू हासिल ना कर सके।बस इंतजार है तो इस बात का की तू अपने आराम की दुनिया से बाहर निकाल और आगे बाढ़ जब तक तेरे शरीर में ताकत है। आंखें सही है दिमाग स्वस्थ है शरीर मजबूत है तब तक हर हाल में तुझे बहाने नहीं बनाने चाहिए। किसी गरीब को देखना जो टूटी-फूटी लालटेन में पूरी पूरी रात पढ़ता है। और एक खुद को देख जहां तेरे पास सब कुछ है मगर फिर भी तू मेहनत करने को डरता है। कैसे तुझे हासिल होगा कुछ भी इस जहां में अगर तू कुछ करना ही नहीं चाहेगा कुछ बनना ही नहीं चाहेगा। भगवान शायद किस्मत नहीं लिखने बल्कि जन्म देते हैं कर्म करने के लिए तुझे हाथ पैर दिल दिमाग अच्छा शरीर सब कुछ दिया। अब इसके आगे जो करना है तुझे ही करना है। जो बनना है तुझे ही बनना है ये बहाने तुझे खोकला कर रहे हैं। तेरे साथ धोखा कर रहे हैं हर बढ़ते दिन के साथ तेरा मौका मार रहे हैं। तुझे अंधेरे में भेज रहे हैं कब तक यूं ही बर्बाद होता रहेगा। आज नहीं तो कल ही सही मगर कभी तो आसमान चुन चाहेगा। जब तक बहाने की जंजीरों ने तुझे बंद रखा है तब तक तू सिर्फ ख्वाबों का भूख रहेगा। सोता रहेगा और हमेशा हारता रहेगा उम्मीद करता हूं आगे बहाने नहीं नाम बनोगे और नाम भी इतने शानदार बनेंगे की वही नाम सुनते ही अब लोगों के काम बने लगेंगे अगर दिल में आग लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करना और बाकी फिर मिलते हैं इसी तरह के एक और बावल Motivational Story in hindi के साथ। जय हिंद। जय श्री कृष्णा।
https://youtu.be/HSzXkIMNdl0?si=dLY0tMH8WeKiZK9j
क्या आप जानते हैं कि सही सोच आपकी जिंदगी को पूरी तरह बदल सकती है। आपने कभी सोचा है कि क्यों कुछ लोग हर मुश्किल में भी मुस्कुराते हैं और हर हाल में खुश रहते हैं। जबकि कुछ लोग छोटी-छोटी बातों में उलझ कर निराश हो जाते हैं। क्या ऐसा उनके हालात की वजह से है या उनके पास कोई खास ताकत है। नहीं फर्क सिर्फ उनके सोचने के तरीके में है। सोचिए अगर आप हर चुनौती को एक मौके की तरह देख पाएं, अगर हर परेशानी आपको तोड़ने की बजाय मजबूत बना सके। तो आपकी जिंदगी कितनी बदल सकती है। लेकिन सवाल यह है सही तरीके से सोचना आखिर सीखा कैसे जाए? आज में मैं आपको 10 ऐसे पावरफुल और साइंटिफिकली प्रूवन टिप्स बताने वाला हूं। जो आपकी सोचने की क्षमता को बेहतर बनाएंगे यह टिप्स ना सिर्फ आपकी मेंटल हेल्थ को बूस्ट करेंगे बल्कि आपको हर स्थिति में पॉजिटिव और कॉन्फिडेंस भी बनाएंगे। तो अगर आप अपनी जिंदगी को एक नई दिशा देना चाहते हैं और खुद को पहले से ज्यादा मजबूत और खुश देखना चाहते हैं। तो इस स्टोरी को आखिर तक जरूर पढ़े यह टिप्स आपकी सोच को और आपकी किस्मत को बदलने की ताकत रखते हैं चलिए इस सफर की शुरुआत करते हैं।
पहला अपने इमोशंस पर ध्यान दें। हमारे दिमाग में जो घटनाएं होती हैं उनमें से केवल एक छोटा हिस्सा हमारी कॉन्शसनेस तक पहुंचता है। मस्तिष्क हर पल बड़ी मात्रा में जानकारी को संसाधित करता है। जिसे हम पूरी तरह से समझ नहीं पाते हमारी इमोशंस इन घटनाओं का परिणाम होती है। जब भी कोई भावना उत्पन्न होती है इसे अनदेखा ना करें। यह आपके दिमाग का एक संकेत है अपने इमोशंस को समझने की कोशिश करें। क्योंकि यह आपका मस्तिष्क आपको महत्त्वपूर्ण जानकारी देने की कोशिश कर रहा है। अगर आप अपनी इमोशंस को अनदेखा करेंगे तो आप अपने अंदर के संकेतों को खो देंगे अपनी इमोशंस पर ध्यान देने से आप अपने निर्णयों को बेहतर बना सकते हैं।
दूसरा दबाव में मत सोचे। जब आप किसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में होते हैं तो कई बार सोचने की प्रक्रिया में खुद को फसा लेते हैं। लेकिन यह जरूरी है कि जब कार्यवाही की आवश्यकता हो तो सोचने के बजाय अपनी क्षमता पर भरोसा करें। मान लीजिए आप किसी खेल में हैं और आपको तुरंत फैसला लेना है। उस समय सोचने में वक्त बर्बाद करने से काम बिगड़ सकता है। अगर आपने किसी स्किल्स को सही तरीके से सीखा है तो उस पर भरोसा करें। उदाहरण के लिए जब कोई पायलट विमान उड़ाता है तो उसे हर कदम के लिए सोचने की जरूरत नहीं होती। उसने पहले से ही प्रैक्टिस किया होता है इसी तरह आप भी अपने प्रैक्टिस पर भरोसा करें और काम को तेजी और अच्छे से करें।
तीसरा अल्टरनेटिव्स पर विचार करें। जब भी आप किसी निर्णय पर पहुंचते हैं तो यह मानकर मत चले कि आप जो सोच रहे हैं वही सही है। पोकर प्लेयर्स की तरह सोचे वे हर विकल्प पर विचार करते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपको लगता है कि आपका साथी झूठ बोल रहा है तो अपने दिमाग में यह धारणा रखें कि वह सच बोल रहा है। और फिर देखें कि कौन-कौन सी बातें इस धारणा से मेल नहीं खाती यह तरीका आपको सही फैसले लेने में मदद करेगा।
चौथा अपनी आदतों पर सवाल उठाएं। हमारी हैबिट्स हमें कंट्रोल करती है उदाहरण के लिए अगर आपको महंगी वाइन पसंद है। तो क्या आपने कभी सोचा है कि यह पसंद आपकी अपनी है या समाज ने आपको यह सिखाया है। बुक्स मूवीज म्यूजिक इन सभी चीजों के बारे में सोचे कि क्या आप इन्हे सच में पसंद करते हैं या बस हैबिट के कारण इन्हे अपनाए हुए हैं। जब आप अपनी हैबिट्स पर सवाल उठाएंगे तो आप अपनी असली पसंद को समझ पाएंगे और जीवन का अधिक आनंद उठा पाएंगे।
पांचवा लंबे समय तक शावर ले। कई बार हमें किसी समस्या का हल तभी मिलता है जब हम तनाव मुक्त होते हैं। स्टडी से पता चला है कि जब आप लंबे समय तक टहलते हैं या शावर लेते हैं तो। मस्तिष्क का दाया गोलार्ध अधिक सक्रिय हो जाता है। यह वही भाग है जो क्रिएटिव थिंकिंग और नई समस्याओं को हल करने में मदद करता है। इसलिए जब भी आपको कोई समस्या हल नहीं हो रही हो थोड़ा ब्रेक ले टहले या शावर लीजिए और फिर देखिए कि कैसे नए आइडियाज आपके दिमाग में आते हैं।
छठवां अपनी यादों के प्रति संदेह पूर्ण दृष्टिकोण रखें। क्या आप जानते हैं कि हमारी मेमोरीज हमेशा सही नहीं होती। साइंटिस्ट ने यह साबित किया है कि जब हम किसी घटना को याद करते हैं तो हमारा ब्रेन उस घटना की जानकारी को बदल देता है। जितनी बार हम किसी घटना को याद करते हैं उतनी ही बार उस घटना के डिटेल्स बदल सकते हैं। इसलिए अपनी मेमोरीज पर पूरी तरह से भरोसा ना करें। जब भी आप किसी इम्पोर्टेन्ट डिसीजन पर पहुंचे यह याद रखें कि आपकी मेमोरीज पूरी तरह से सही नहीं हो सकती।
सातवा एक ही समय में सब कुछ करने की कोशिश ना करें। विल पावर और थिंकिंग कैपेसिटी दोनों लिमिटेड होती हैं। अगर आप एक ही समय में कई चीजें करने की कोशिश करेंगे तो आपका ब्रेन जल्दी एग्जॉस्ट हो जाएगा। एक स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों को एक कंप्रेस नंबर याद करने को कहा गया।फिर उन्होंने केक यह सैलेड में से एक चीज चुनने को कहा गया। उन्होंने ज्यादातर केक चुना। लेकिन जिन लोगों को एक सिंपल नंबर याद करने को कहा गया उन्होंने सैलेड चुना। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब आपका माइंड पहले से ही टायर्ड होता है तो आप नेचुरली आसान और कम हेल्थी ऑप्शंस चुनते हैं। इसलिए एक समय पर सिर्फ एक टास्क करें और अपनी एनर्जी को बचाएं। इससे आप अधिक फोकस और एफिशिएंट रहेंगे।
आठवा त्रुटियों पर काम करें। जो लोग सक्सेसफुल होते हैं वे अपनी मिस्टेक को लेकर डरते नहीं है। वे अपनी वीकनेस को स्वीकार करते हैं और उन पर वर्क करते हैं। अगर आप किसी काम में अच्छे हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप उसमें और बेहतर नहीं हो सकते। अपनी मिस्टेक को पहचाने और उन्हें इम्प्रूव करने के लिए मेहनत करें। यह सोचे कि आप कहां गलत हो सकते हैं और अगली बार बेहतर कैसे कर सकते हैं यह माइंडसेट आपको हर फील्ड में प्रोग्रेस करने में मदद करेगा।
नौवा सपने देखें। हम सभी बिजी स्केड्यूल में अक्सर अपने ड्रीम्स को नजरअंदाज कर देते हैं।लेकिन ड्रीम आपकी क्रिएटिविटी को बूस्ट करता है। जब आप दिन में सपने देखते हैं तो आपका ब्रेन नए कनेक्शंस बनाता है और नई पॉसिबिलिटीज को एक्सप्लोर करता है। ड्रीम सिर्फ बच्चों के लिए नहीं होते हर उम्र के लोग सपने देख सकते हैं। और अपनी क्रिएटिविटी को बढ़ा सकते हैं इसलिए समय निकाले रिलैक्स करें और अपने माइंड को भटकने दें यह प्रोसेस आपको नए आइडियाज देगा। और आपके थिंकिंग पैटर्स को एनहांस करेगा।
दसवां सोचने के बारे में सोचे। क्या आपने कभी सोचा है कि आप कैसे सोचते हैं। सही समाधान पाने के लिए केवल बुद्धिमत्ता की जरूरत नहीं होती। बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि आप अपनी सोचने की प्रक्रिया को कैसे बेहतर बना सकते हैं। हमारा दिमाग एक स्विस आर्मी नाइफ की तरह है जिसमें अलग-अलग समस्याओं को हल करने के लिए कई तरह के टूल्स होते हैं। जब भी कोई समस्या सामने आए तो खुद से यह सवाल करें कौन सा टूल इस स्थिति के लिए सबसे सही रहेगा। यही प्रक्रिया आपको अधिक प्रभावी तरीके से सोचने में मदद करेगी। सही तरीके से सोचने की आदत आपके निर्णय लेने की क्षमता रचनात्मकता और समस्या हल करने की शक्ति को भी बढ़ा सकती है।
इन 10 पावरफुल टिप्स को अपनाकर आप अपने थिंकिंग प्रोसेस को बेहतर बना सकते हैं। यह ना सिर्फ आपकी मेंटल हेल्थ को मजबूत करेंगे बल्कि आपकी जिंदगी में भी सकारात्मक बदलाव लाएंगे। याद रखें अच्छा सोचना एक आदत है और इसे नियमित अभ्यास से विकसित किया जा सकता है। अपनी सोचने की आदतों पर काम करें और अपनी जिंदगी को नई ऊंचाइयों तक ले जाए। अगर आपको यह स्टोरी पसंद आई है और आप चाहते हैं कि मैं ऐसे और भी लाइफ चेंजिंग टिप्स शेयर करता रहूं। तो अभी नीचे कमेंट्स में बताएं कि इन 10 टिप्स में से कौन सा आपको सबसे ज्यादा पसंद आया और आप इसे अपनी डेली लाइफ में कैसे अप्लाई करने वाले हैं। आपकी राय मेरे लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है चलिए साथ मिलकर एक पॉजिटिव कम्युनिटी बनाते हैं और अपनी सोच को नई ऊंचाइयों तक ले जाते हैं।
दोस्तों जीवन में बिना तकलीफों का सामना किए सफलता प्राप्त नहीं हो सकती। यह भी एक संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक कहानी है। इसे जरूर पढ़े एक समय की बात है एक बार एक लड़का अपने दादाजी से मिलने के लिए गांव गया उसके दादाजी बड़े ही अनुभवी और बुद्धिमान व्यक्ति थे। एक दिन उसने अपने दादाजी से पूछा दादाजी जी क्या आप मुझे बता सकते हो कि मैं आपकी तरह सक्सेसफुल कैसे बन सकता हूं। दादाजी मुस्कुराए और उस लड़के को एक पौधे की दुकान पर ले गए। वहां उन्होंने दो छोटे-छोटे पौधे खरीदे और घर आ गए। फिर दादाजी ने एक पौधे को घर के अंदर गमले में लगाया और दूसरे पौधे को घर के बाहर धूप में लगा दिया और लड़के से पूछा बताओ इनमें से कौन सा पौधा एक सफल और बड़ा पौधा बनेगा। लड़के ने थोड़ी देर सोचा और जवाब दिया। घर के अंदर वाला पौधा क्योंकि वह सभी प्रकार के खतरों से सुरक्षित है जबकि बाहर के पौधे को बहुत सारे चीजों से खतरा है। जैसे तेज धूप आंधी तूफान बरसात और जानवरों से। दादाजी मुस्कुराए और कहा चलो देखते है भविष्य में इन दोनों पौधों का क्या होता है और जब तुम अगली बार आओगे तो मैं तुम्हें तुम्हारे सवाल का जवाब भी दे दूंगा। इसके बाद वह लड़का गांव छोड़कर शहर आ गया और अपने स्टडी में व्यस्त हो गया। ठीक दो साल बाद वह फिर अपने दादाजी से मिलने वापस गया और कहा दादा जी पिछली बार मैंने आपसे पूछा था कि मैं आप की तरह सक्सेसफुल कैसे बन सकता हूं। उस समय आपने कोई जवाब नहीं दिया था पर आज आपको जवाब देना ही होगा। दादाजी मुस्कुराए और कहा ठीक है पर तुम्हें वह पौधा याद है जो हमने लगाया था तुमने कहा था कि घर के अंदर वाला पौधा घर के बाहर वाले पौधे से ज्यादा सफल और बड़ा पौधा बनेगा चलो आज देखते हैं। फिर दादा जी ने उस लड़के को घर के अंदर वाले पौधे के पास ले गए। लड़के ने देखा वह पौधा अभी भी उतना ही छोटा था उसमें कोई ग्रोथ नहीं हुआ था। फिर दादाजी ने उस लड़के को घर के बाहर वाले पौधे के पास ले गए लड़के ने देखा वह छोटा सा पौधा एक बहुत बड़ा विशाल पेड़ बन चुका है जिसकी शाखाएं चारों ओर फैली हुई है। फिर दादाजी ने कहा देखो घर के बाहर वाले पौधे ने बहुत सारे समस्याओं का सामना किया। जैसे आंधी तूफान बरसात तेज धूप इत्यादि पर इन सभी समस्याओं ने इसकी जड़ों को और भी ज्यादा मजबूत बना दिया है और आज यह इतना मजबूत है कि कोई भी आंधी या तूफान इसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। जबकि जो पौधा हमने घर के अंदर लगाया था वह आंधी तूफान बरसात और तेज धूप से पूरी तरह सुरक्षित था। इसलिए वह आज भी छोटा और कमजोर है हमेशा याद रखना जब तक आप जीवन में कठिन समय से नहीं गुजरते हो जब तक आप संघर्ष नहीं करते हो तब तक आपको जीवन में सफलता नहीं मिल सकती। यदि आप जीवन में चुनौतियों से डर का आसान रास्ता चुनते हो। जो घर के अंदर वाले पौधे ने किया तो आपको कंफर्टेबल लाइफ मिल जाएगी पर आप हमेशा कमजोर ही बने रहोगे।और यदि आप जीवन के समस्याओं को चुनौती समझकर डटकर सामना करते हो तो घर के बाहर वाले पौधे की तरह बड़ा मजबूत और सफल बनोगे। इसलिए समस्याओं से घबराओ नहीं उसे अपना दुश्मन मत समझो उसे चुनौती समझो जो आपको स्ट्रांग बनाने के लिए आई है। याद रखना हर समस्या अपने साथ अनुभव लेकर आती है और आपको अनुभवी बनाती है। आप जितना अनुभवी बनोगे जीवन में उतने ही सफल बनोगे इसलिए जीवन के हर एक समस्या को अपने सफलता की सीढ़ी का एक स्टेप समझो और उसका डटकर सामना करो आपके आसपास बहुत से दुखी लोग हैं। जिन्हें इस कहानी की जरूरत है कृपया उन्हें यह शेयर कीजिए। आपका एक शेयर किसी की जान बचा सकता है। किसी की जिंदगी बदल सकता है। धन्यवाद।
https://youtu.be/Fl0OPEdsY7M?si=i9JofkQ1iiUNgwu2
बहुत कर लिए जिंदगी और समय बर्बाद अब इतिहास रचने का टाइम आ गया है। बहुत देख लिया अच्छा और शरीफ बनकर अब सफलता के लिए पागल बनने का ऑप्शन बचा है मेरे पास। तुम्हारी लाइफ के तीन ही नियम रखो रिसेट, रीस्टार्ट एंड रीफोकस अब तक जो कुछ हुआ ना उसको रिसेट करो और जो करना है वो आज से रीस्टार्ट करो और अपने फोकस को अपने टारगेट पर लगाओ। पागलपन की आग को जलाए रखो गायब हो जाओ छह सात महीने के लिए सबको तुम्हें देखकर ये लगना चाहिए कि यार यह बंदा ना यह आदमी पागल है। यह क्या ही कर लेगा अपने जीवन में अरे आजकल दिखता नहीं है क्या करता है आजकल। सब छोड़ के घर बैठ गया है क्या जब तुम्हारे बारे में तुम्हारे नेबर्स तुम्हारे रिश्तेदार ऐसी बातें करने लग जाए ना तब समझ जाना कि वो तुम्हें पागल समझने लगे हैं। और अब वो तुम्हें डिस्टर्ब नहीं करेंगे क्योंकि उनके समझने में और तुम्हारे पागल बन के रहने में ना बहुत फर्क है क्योंकि उनकी नजरों में तुम बर्बाद हो तुम्हारे पास कुछ नहीं है लेकिन तुम्हारी नजरों में तुम्हारा पागलपन तुम्हारा जुनून है। अपने सपनों को पूरा करने का क्योंकि तुम्हें पता है कि जीरो से अगर हीरो बनना है ना तो पागल होके मेहनत करनी पड़ेगी। अगर भटक गए हो ना थोड़ा भी तो वापस जीरो पर आ जाओगे जैसे तुम्हें खाने की भूख लगती है ना वो तुम्हारे खुद खाना खाने से शांत होती है। तो वैसे तुम्हारे सपने तुम्हारी मेहनत से ही पूरे हो सकते हैं कौन कहता है कि चमत्कार सिर्फ कहानियों में होता है। चमत्कार रियल लाइफ में भी होते हैं लेकिन ये उनकी लाइफ में होते हैं जो अपने सपनों के लिए अपने काम के लिए पागल है।
कोई तुमसे कुछ मांगे तो उसको पैसा दे दो लेकिन अपना टाइम और अपना दिमाग किसी को मत दो। क्योंकि ये दो चीजें अपना टाइम और अपना दिमाग ये दो चीजें जिनको तुम अपने लिए अगर काम में रहोगे ना तो कहीं के कहीं पहुंच जाओगे और अगर तुम्हारा दिमाग और तुम्हारा टाइम कोई और काम में ले रहा है ना तो तुम कहीं के नहीं रहने वाले। छुपा कर रखो खुद को खुद के सपनों को खुद की प्लानिंग को किसी को मत बताओ कि तुम क्या कर रहे हो। अकेले बैठे रहो पढ़ाई का अगर मन नहीं कर रहा ना तो घूमने चले जाओ लोगों के सामने पागलों जैसी हरकतें करो। कोई दिक्कत नहीं है लोगों को तुम्हें पागल समझने दो इसका फायदा ये होगा कि वो तुम्हारा टाइम नहीं खाएंगे। अपने सपने मत बताओ किसी को कभी भी तुम क्या करना चाहते हो जीवन में ये बात तुम्हारी परछाई को भी नहीं पता होनी चाहिए। दुनिया तैयार बैठी है तुम्हें डिस्टर्ब करने को तुम्हें गिराने को लेकिन ये दुनिया कभी पागलों से नहीं उलझती इसलिए पागल बनकर रहो हर जगह नेता बनने की जरूरत नहीं है। इज्जत की चिंता मत करो थोड़ी सी जो इज्जत है ना इसको लेने के चक्कर में थोड़ा सा अटेंशन लेने के चक्कर में तुम अपना बहुत कीमती समय बर्बाद कर दोगे। जब सक्सेसफुल हो जाओगे ना तो इससे कई गुना इज्जत अपने आप मिल जाएगी नहीं बनना तुम्हें समझदार भाई क्योंकि समझदार लोग इतिहास नहीं रच पाते हैं। समझदार लोगों में जिद्द की कमी होती है जिस समझदार आदमी की दुनिया में डिमांड है ना जिसको अच्छा समझते हैं लोग कि यार ये तो बहुत अच्छा आदमी है वो इतिहास नहीं रच पाता है। अरे जो पागल बन के रहते हैं ना उनमें सफल होने की जिद होती है जुनून होता है अगर दिल में हो आग और हौसले हो बुलंद तो अखबार बेचने वाला आदमी भी कलाम बन सकता है। उनको बाकी और किसी चीज से कोई लेना देना नहीं है नहीं मारनी उनको कपड़ों की फैशन नहीं करनी उनको फालतू की खरीददारी और नहीं होना उन्हें सोशल मीडिया पर फेमस। उन्हें कोई मतलब नहीं है कोई उनके बारे में क्या सोच रहा है इससे उनको कोई फर्क नहीं पड़ता। उनको बस पढ़ना है मेहनत करनी है सफल होना है बाकी वो सब बाद में देख लेंगे जो दूसरों से जीतता है ना वो ताकतवर है। लेकिन जो खुद से जीत गया वो सर्वशक्तिमान है। अगर तुम सही हो अपने काम से काम रख रहे हो अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे हो किसी को टाइम नहीं दे रहे हो फालतू का तो लोग तुम्हें 100% गलत बताने वाले हैं कहने दो उनको तुम अपनी जगह सही बने रहो।
वक्त सही समय पर अपने आप अपनी गवाही देगा किसी के सामने सही साबित होने की जरूरत नहीं है।पागल बनने में भलाई है हंसी उड़ाने वालों के चेहरे एक दिन जरूर उतर जाएंगे खाली तुम सब्र रखो और मेहनत करते रहो याद रखना मेरे दोस्त संघर्ष में आदमी अकेला होता है। लोगों का साथ तो सफल होने के बाद ही मिलता है ना तुम अपने सपनों के लिए कोशिश तो करो जुनून की आग को जला कर तो रखो। ऐसा क्यों सोचते हो कि तुमसे नहीं होगा तुमसे होगा और वो होगा भी ऐसे कि वो तुमसे ही होगा बस खाली। सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले खिलाड़ी कभी पढ़ाई में इतना इंटरेस्ट नहीं लिया करते थे। लोग कहते थे कि यह पढ़ाई में कमजोर है लेकिन उन्होंने कभी इस चीज को अपनी कमजोरी नहीं बनने दी। अपनी जिद और जुनून से वो करके दिखाया जिससे भले ही वो पढ़ाई में एवरेज रहे हो। लेकिन आज पढ़ने वाला हर स्टूडेंट उनकी लाइफ का चैप्टर जरूर पढ़ता है। ये होता है इतिहास बनाने के लिए पागलपन अपने सपनों के लिए तुम्हारा पागलपन ही तुम्हें ऑर्डिनरी से एक्स्ट्राऑर्डिनरी बनाता है। थोड़े से अटेंशन के चक्कर में किसी को बुरा ना लग जाए इस चक्कर में अपने सपनों को डिस्क्लोज मत करो। तुम्हारा टारगेट अगर पढ़ाई से पूरा होने वाला है तो तुम्हें लग रहा है कि तुम पढ़ कर के एहसान कर रहे हो। मेरे भाई असली मेहनत वो होती है जो 50 डिग्री टेंपरेचर में खेत में फसल काट रहा होता है। कड़ाके की ठंड में खेत में पानी देना होता है उसको बोलते हैं रियल लाइफ स्ट्रगल रियल मेहनत। तुम्हें पढ़ना है ना तो पढ़ने के लिए अपने मन को मजबूत रखो मन को कंट्रोल में रखो लोगों की बात पर ध्यान मत दो इधर-उधर का मत सोचो। जो कह रहा है ना वो कह के चला जाएगा और वो खुद भूल जाएगा कि तुम्हें क्या बोल है। उस चीज का तुम पर फर्क पड़ना चाहिए नहीं पड़ना चाहिए वो तुम पर है। लोगों के सामने ऐसे बंद करके रहो जैसे कि तुम्हें कुछ नहीं आता। तुम कुछ नहीं कर रहे हो क्योंकि जितना तुम लोगों को सीरियस देखोगे ना उतनी ही उनको टेंशन हो जाएगी और तुम्हें डिस्टर्ब करने की अलग-अलग प्लानिंग करेंगे और वही तुम पहले से अगर उनको कुछ नहीं बताओगे तो तुम्हें डिस्टर्ब करने का ना उनके मन में भी नहीं आएगा। इसलिए बड़े-बड़े टारगेट बनाओ लेकिन अकेले चलना सीखो अकेले पढ़ना सीखो अकेले मेहनत करना सीखो छ महीने के लिए अंडरग्राउंड हो जाओ गायब हो जाओ क्योंकि इस वाले पागलपन से तुम दुनिया जीत सकते हो।
दशरथ माजी का नाम सुना होगा ना उनमें पहाड़ तोड़ने का पागलपन था। उनके इस पागलपन के आगे ना पहाड़ को भी टूटना ही पड़ा। अरे तुम्हें तो पहाड़ भी नहीं तोड़ना हल भी नहीं चलाने खेत में काम भी नहीं करना तुम्हें तो बस पढ़ना है। अपना काम करना है तुम्हारे सपनों और तुम्हारे काम के बीच ना जो भी बाधाएं आ रही है उनको हटा दो बंद कर दो लोगों पर ध्यान देना सोशल मीडिया से इन्फ्लुएंस होना क्योंकि तुम्हारी लाइफ तुम्हारी मेहनत करने से बनेगी। बहुत देख लिया शरीफ बनकर लोगों की हां में हां मिलाकर लोगों के लिए हमेशा अवेलेबल रहकर बहुत देख लिया है। और लोगों की बातों का बुरा मान कर बहुत टाइम खराब कर लिया है अब पागल बनने का टाइम आ गया है। अब तुम्हें किसी से कुछ भी कहने से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि तुमने अपने सपनों के लिए अपने पागलपन को पहचान लिया है। तुमने पहचान लिया है क्योंकि अगर सक्सेसफुल होना है ना तो दुनियादारी तो छोड़नी पड़ेगी दुनिया के माया जाल से जितना जल्दी दूर हो जाओगे ना उतना ही अच्छा है। किसी को मत बताओ कि तुम क्या कर रहे हो तुम कितने सीरियस हो तुम क्या करने में इतने बिजी हो किसी को मत बताना और इसनी मेहनत करो की एक दिन उठाकर तुम्हारा पडोसी आपका नाम नेव्स्पपेर में देखे ना तो उसे एक पल के लिए तो यकीन ही ना हो।फिर वो तुम्हारे पापा का नाम चेक करे और फिर दौड़ के तुम्हारे घर पे आए कि भाई तुम्हारे बेटे ने ऐसा काम किया है क्या। वो यह काम कर रहा था क्या बहुत दिन से हमने तो कभी देखा ही नहीं उसको कभी पढ़ते हुए। हमने तो उसको बस जब भी देखा वो बस पागलों की तरह नजर आता था ना उसको बाल कटाने ना किसी से बात करनी हमने तो जब भी देखा है। उसको पागलों की तरह ही देखा इधर-उधर भटकते हुए। अब देखो पता उसको भी है कि भाई घूमते घूमते ऐसा काम नहीं हो सकता इतना बड़ा कि अखबार में नाम आ जाए। लेकिन बेचारा वो करे क्या उसने तुम्हें डिस्टर्ब करने का मौका जो गवा दिया क्योंकि तुम पागल बनकर रहा रहे थे। दुनिया के सामने अगर तुम सबके सामने सीरियस रहोगे ना समझदार बन के रहोगे तो भाई ये दुनिया बड़ी खतरनाक चीज है। वो तुम्हें कभी नहीं करने देगी जो तुम करना चाहते हो इसलिए अंडरग्राउंड होकर मेहनत करो। युद्ध करते टाइम सबकी नजर में रहोगे ना तो मार दिए जाओगे हाथी पर बैठ बैठकर लड़ने वाला सबसे पहले मारा जाता है। क्योंकि सबकी नजर उस पर होती है अपने रिश्तेदारों को और पड़ोसियों को अगर सरप्राइज करना है ना तो तुम्हें पागल बनकर बस मेहनत करनी होगी। जिस दिन तुम्हारा नाम आ जाए अखबार में उस दिन देखना पड़ोसियों की शक्ल ना देखने लायक होगी और उनकी ऐसी शक्ल देखकर तुम्हारी पिछली छ महीनों की पूरी थकान उतर जाएगी। पिछले कई सालों की थकान उतर जाएगी सफलता की ऊंचाई को छूने के लिए सिर्फ मेहनत काफी नहीं होती। इसके लिए एक जुनून एक दीवानगी की जरूरत होती है जो तुम्हें साधारण से असाधारण बना दे।
यही दीवानगी यही पागलपन तुम्हें अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद करता है। किसी ने क्या खूब लिखा है कि अगर तुम अपने सपनों को पूरा करना चाहते हो तो सबसे पहले अपने दिमाग को पागल बना लो। एक ऐसा पागल जो अपनी मेहनत और संकल्प के साथ हर बाधा को पार कर सके सपने देखना आसान है लेकिन उन्हें पूरा करना एक मुश्किल सफर है। इसलिए तुम्हें अपने सपनों के प्रति इतनी दीवानगी होनी चाहिए कि तुम हर परिस्थिति में उन्हें हासिल करने का मन बना लो। जब थकावट और निराशा तुम्हारे सामने आए ना तो अपने सपनों की तस्वीर को अपने दिल और दिमाग में फील करो कि इतनी मेहनत करने के बाद में तुम क्या बनने वाले हो। अपना विजन क्लियर रखो जब बाकी सभी लोग तुम्हारी संभावनाओं को संदेह और शक की नजर से देख रहे होते हैं ना तब तुम्हें खुद पर विश्वास रखना होता है। पागल बनने का अर्थ है कि तुम्हारा कॉन्फिडेंस नहीं टूटना चाहिए और दूसरों की राय की परवाह किए बिना अपने सपनों को पूरा करने में लगे रहो । मेरे भाई सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता तुम्हें बिना रुके बिना थके बिना किसी शिकायत के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना है। जब तुम अपने काम में पूरी ईमानदारी और समर्पण दिखाओगे ना तो तुम्हें तुम्हारी मेहनत अपने आप सफलता की ओर लेकर जाती है। नेगेटिविटी को अपने रास्ते में मत आने दो इससे केवल तुम्हारा ध्यान भटके और तुम्हारी एनर्जी वेस्ट होगी इसलिए अगर तुम सच में सफल होना चाहते हो तो अपने भीतर के पागल को पहचानो और उसे अपने सपनों को पूरा करने की डायरेक्शन में लगाओ। सफलता तुम्हारा इंतजार कर रही है बस तुम्हें अपने पागलपन की शक्ति को पहचानना होगा और जीतना होगा अपना ख्याल रखिए और मेहनत इतनी शिद्दत से कीजिए कि देश में अपना ही नहीं बल्कि दुनिया में देश का नाम रोशन हो जाए। जय हिंद वंदे मातरम।