📍स्थान: बाबा बर के पास , ग्राम – खनवां, टोला – मदनपुर, जिला – नवादा, बिहार - 805122
🎯 उद्देश्य: मंदिर के नव-निर्माण कार्य हेतु समर्पित संचालन, समन्वय, पारदर्शिता एवं दान प्रबंधन।
1). संतोष कुमार, पिता: स्व. अर्जुन प्रसाद सिंह, टोला - मदनपुर, खनवां -अध्यक्ष
2). आनंदी सिंह, पिता: स्व. केदार सिंह, टोला - मदनपुर ,खनवां - उपाध्यक्ष
3). सर्वेश सिंह, पिता: स्व. करम सिंह, टोला - मदनपुर , खनवां - सचिव
4). परमानंद भास्कर, पिता: बच्चू सिंह, टोला - मदनपुर, खनवां - उपसचिव
5). रामविलास सिंह, पिता: स्व. बिंदों सिंह, टोला - मदनपुर, खनवां - कोषाध्यक्ष
श्री लक्ष्मी नारायण बाबा बर मंदिर – नव निर्माण परियोजना
इस समिति का गठन मंदिर निर्माण परियोजना को सांस्कृतिक, नैतिक एवं मार्गदर्शक सहयोग प्रदान करने हेतु किया गया है। संरक्षक सदस्य न केवल समिति को मार्गदर्शन देंगे, बल्कि जनभावना, आपसी समन्वय और परंपरा को भी जोड़कर इस जन-अभियान को मजबूती देंगे।
ग्राम के सातों भाई के स्थान से कम से कम 2-2 प्रतिनिधि सदस्यों को संरक्षक समिति में सम्मिलित किया जाएगा।
यह सुनिश्चित करेगा कि श्री लक्ष्मी नारायण से जुड़े सभी भाई के स्थान शाखाओं की भागीदारी और संतुलित निर्णय समिति में बना रहे।
📌 प्रमुख दायित्व (Key Responsibilities):
मंदिर निर्माण अभियान में नैतिक, सामाजिक एवं भावनात्मक नेतृत्व प्रदान करना।
समिति के किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय या विवाद समाधान में मध्यस्थता करना।
संस्कृति, परंपरा और मूल्यों का संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित करना।
📋 संभावित संरक्षक सदस्य सूची (Draft – Expandable):
📝 नोट:
यह समिति निर्णायक नहीं बल्कि सलाहकार और मार्गदर्शक भूमिका में कार्य करेगी।
यह संरचना श्री लक्ष्मी नारायण के समस्त भाईयो के बीच समरसता और पारंपरिक सहयोग को मजबूती देने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
(श्री लक्ष्मी नारायण बाबा बर मंदिर – नव निर्माण परियोजना)
श्री लक्ष्मी नारायण बाबा बर मंदिर के नव-निर्माण एवं संबंधित विकास कार्यों हेतु पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और सार्थक प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक "लेखा प्रबंधन समिति" (Accounts Management Committee) का गठन किया गया है।
इस समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं एवं दानदाताओं द्वारा दी गई प्रत्येक राशि का उपयोग ईमानदारी, जवाबदेही और समर्पण के साथ मंदिर के निर्माण व विकास कार्यों में हो।
🔷 समिति की प्रमुख भूमिका एवं कार्य:
मंदिर निर्माण से संबंधित समस्त आय एवं व्यय का विस्तृत दस्तावेजीकरण और निरीक्षण।
दान की राशि के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
प्रत्येक व्यय की पूर्व-अनुमोदन प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण और वित्तीय रिपोर्टिंग को सुदृढ़ बनाना।
💰 विशेष परिस्थितियों में भुगतान स्वीकृति की व्यवस्था
किसी विशेष परिस्थिति में, जब मंदिर या संस्थान के हित में आर्थिक निर्णय लेना आवश्यक हो, तब भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संस्थागत उत्तरदायित्व के साथ सुनिश्चित करने हेतु निम्नलिखित व्यवस्था निर्धारित की जाती है:
₹1,00,000 (एक लाख रुपए) तक की राशि का भुगतान संस्थान के अध्यक्ष (राष्ट्रपति) की स्वीकृति से किया जा सकता है।
₹50,000 (पचास हजार रुपए) तक की राशि का भुगतान संस्थान के सचिव की स्वीकृति से संपादित किया जा सकता है।
यह व्यवस्था केवल मंदिर अथवा संस्थान के हित में, आवश्यकतानुसार एवं सीमित अधिकारों के अंतर्गत लागू की जाएगी। सभी प्रकार के भुगतान, समिति की जानकारी एवं अभिलेखों में विधिवत रूप से दर्ज होना अनिवार्य रहेगा।
🔹 मंदिर निर्माण से जुड़ी सभी खर्चों की जानकारी "व्हाट्स एप ग्रुप" मे आवश्यक है। ₹5,000 से अधिक के प्रत्येक व्यय को पूर्व-अनुमोदन हेतु समिति के अधिकृत व्हाट्सएप समूह में प्रस्तावित किया जाएगा।
🔹 ऐसे व्ययों के लिए भुगतान से पूर्व, समूह में कम-से-कम 5 सदस्यों की सहमति अनिवार्य होगी।
सदस्य “सहमति / असहमति है” या “Approve / Not Approve” लिखकर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे।
🔹 समिति समन्वयक, इस प्रक्रिया के नोडल अधिकारी होंगे और वे ही व्यय प्रस्तावों को अनुमोदन हेतु समूह में साझा करेंगे।
📌 ₹5,000 से अधिक के प्रत्येक भुगतान वाउचर पर अनिवार्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं का पालन किया जाएगा:
₹1 का राजस्व स्टाम्प (Revenue Stamp) चिपकाना और उस पर प्राप्तकर्ता का हस्ताक्षर लेना अनिवार्य होगा।
वाउचर पर प्राप्तकर्ता का स्पष्ट हस्ताक्षर और भुगतान की तिथि दर्ज की जाएगी।
➡️ यह प्रक्रिया वित्तीय पारदर्शिता, अनुशासन, और दस्तावेजी सत्यापन सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक रूप से लागू की जाएगी।
संतोष कुमार, अध्यक्ष
सर्वेश कुमार, सचिव
अनुग्रह नारायण सिंह (पिता - स्व. सऊदी सिंह)
रविशंकर (बबलू सिंह)
मधुसूदन कुमार (पिता - सर्जुन सिंह)
ओंकार कुमार (पिता - स्व. कपिल सिंह)
सचिन कुमार (पिता - स्व. नवल सिंह)
परमानंद भास्कर (पिता - स्व. बच्चू सिंह)
ब्रजेश कुमार मुन्ना
रिशु कुमार
महेश सिंह
विनोद कुमार (बम)
विकाश कुमार
राकेश कुमार (ब्लू)
रोहित/गोलू कुमार
अन्य सदस्य भी अपनी सहमति / टिप्पणी दे सकते हैं और अगर नीचे लिखे लोगों की भी सहमति या असहमति मिले तो भी उतना ही मान्य है। अधिक लोगों से प्रक्रिया जटिल हो जाएगी एसलिए कम से कम पाच लोगों को रखा गया है। यह प्रक्रिया सभी व्ययों पर सामूहिक दृष्टि और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करेगी।
🟢 समिति समन्वयक (Coordinator):
विनोद कुमार (बम)
प्रत्येक खर्च के प्रस्ताव को व्हाट्सएप ग्रुप में प्रस्तुत करना, अनुमोदन की निगरानी करना।
🟢 खजांची (Treasurer):
श्री रामविलास सिंह
दान की राशि का संग्रहण, रसीद प्रदान करना और नकद/डिजिटल भुगतान का लेखा रखना।
समिति की संरचना एवं जिम्मेदारियाँ:
वित्तीय समिति मुख्य सँजोजक (Coordinator of the Committee): बिनोद कुमार बम
समस्त वित्तीय गतिविधियों का समन्वय व निरीक्षण।
दान की राशि के उपयोग की निगरानी और स्वीकृति
वित्तीय अनियमितता की स्थिति में त्वरित निर्णय एवं कार्रवाई।
🔸 खजांची (Treasurer): श्री रामविलाश सिंह
नकद, चेक, ऑनलाइन अथवा किसी अन्य माध्यम से प्राप्त दान का संग्रहण व रिकॉर्डिंग।
भुगतान, रसीद और नकदी प्रवाह का व्यवस्थित लेखा।
🔸 सचिव (Secretary):
समस्त वित्तीय दस्तावेजों और रिपोर्ट्स — जैसे कि दान रजिस्टर, व्यय विवरण, बैठक की कार्यवाही (Minutes), मासिक/त्रैमासिक रिपोर्ट आदि — का संगठित संकलन और भौतिक एवं डिजिटल रूप में सुरक्षित भंडारण सचिव (Secretary) के दवार किया जाएगा।
दान रसीद प्रबंधन प्रक्रिया:
प्रत्येक दानदाता को दान के विरुद्ध पूर्व क्रमांकित रसीद जारी की जाएगी।
रसीद जारी करने से पहले, संबंधित विवरण — दानदाता का नाम, राशि, भुगतान माध्यम, तिथि आदि — को लिखित रजिस्टर में प्रविष्ट किया जाएगा।
रसीद कटने के बाद, उसकी एक प्रति समिति के पास रिकॉर्ड हेतु वापस सुरक्षित रखी जाएगी।
यदि रसीद खो जाती है या गलत भर जाती है, तो उसे अमान्य (Cancelled) घोषित कर स्पष्ट अंकन के साथ रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।
रसीद रजिस्टर समिति सचिव या अधिकृत व्यक्ति के पास संधारित रहेगा, और किसी भी समय निरीक्षण हेतु उपलब्ध रहेगा।
➡️ यह प्रणाली लेखा-जोखा की पारदर्शिता, सुनियोजित ऑडिटिंग, और दानदाताओं के विश्वास को बनाये रखने हेतु अत्यंत आवश्यक है।
प्रमुख दायित्व:
📌 दान का संधारण एवं पारदर्शिता:
प्राप्त दान की नियमित एंट्री, रसीद जारी करना और रजिस्टर / डिजिटल रिकॉर्ड रखना।
दानदाताओं को समय-समय पर आभार पत्र एवं रिपोर्ट उपलब्ध कराना।
📌 खर्च का लेखा-जोखा:
निर्माण से जुड़े सभी व्ययों का दस्तावेजीकरण।
अनुमोदित खर्चों के अनुरूप ही भुगतान सुनिश्चित करना।
📌 वित्तीय रिपोर्टिंग:
साप्ताहिक / मासिक रिपोर्ट तैयार कर समिति एवं प्रशासन को प्रस्तुत करना।
पारदर्शिता हेतु वेबसाइट या सूचना बोर्ड पर भी विवरण साझा करना।
📌 ऑडिट व्यवस्था:
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम एक बार बाह्य ऑडिटर से लेखा परीक्षण कराना।
ऑडिट रिपोर्ट को वेबसाइट पर प्रकाशित करना।
समिति की जवाबदेही (Accountability):
समिति के प्रत्येक सदस्य मंदिर प्रशासन व दानदाताओं के प्रति उत्तरदायी होंगे।
प्रत्येक दानदाता को यह आश्वासन दिया जाएगा कि उनकी दी गई राशि मंदिर निर्माण हेतु सही तरीके से और जिम्मेदारीपूर्वक खर्च हो रही है।
समिति द्वारा तैयार प्रगति रिपोर्ट नियमित अंतराल पर साझा की जाएगी।
🙏 निष्कर्ष:
यह समिति मंदिर निर्माण को एक जन-आभियान एवं विश्वास का प्रतीक बनाते हुए कार्य करेगी। हमारा संकल्प है कि श्री लक्ष्मी नारायण बाबा बर का यह मंदिर, सेवा, आस्था और पारदर्शिता की मिसाल बने।
मंदिर निर्माण हेतु गुणवत्ता जाँच समन्वय समिति (Quality Check Coordination Committee)
मंदिर निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु एक "गुणवत्ता जाँच समन्वय समिति " का गठन किया गया है। इस समिति का प्रमुख उत्तरदायित्व यह होगा कि वह सॉइल टेस्ट (Soil Test Report) रिपोर्ट के आधार पर तैयार किए गए स्ट्रक्चरल प्लान और टेक्निकल डेटा शीट की प्रति प्राप्त कर उनका गहन अध्ययन करे। इसके पश्चात चयनित ठेकेदार को इन सभी तकनीकी दिशानिर्देशों के अनुरूप कार्य करने हेतु निर्देशित किया जाएगा।
निर्माण प्रक्रिया में प्रयोग होने वाली सभी सामग्रियों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना अनिवार्य होगा। विशेष रूप से उपयोग में लाए जाने वाले सरिया 'TATA Steel' ब्रांड का हो, सीमेंट 'UltraTech Premium' क्वालिटी का हो, तथा रेत (sand) और पत्थर (stone) अच्छी गुणवत्ता और मानक के अनुरूप हो – यह सुनिश्चित करना समिति की ज़िम्मेदारी होगी।
निर्माण कार्य के प्रत्येक चरण में समिति को निर्माण सामग्री, स्ट्रक्चर, सरिया, बीम, कॉलम, फ्लोर लेवल और फ्रंट एलिवेशन आदि की गुणवत्ता की सतत निगरानी करनी होगी। यदि किसी भी स्तर पर निर्धारित मानकों से कोई विचलन पाया जाता है, तो ठेकेदार को उसे सुधारने के लिए बाध्य किया जाएगा।
समिति का कार्य न केवल तकनीकी गुणवत्ता की निगरानी करना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि मंदिर का निर्माण एक दीर्घकालिक, सुरक्षित, सौंदर्यपूर्ण और श्रद्धा के अनुरूप वातावरण में संपन्न हो।
ब्रजेश कुमार ऊर्फ मुन्ना
राजेश कुमार
मार्गदर्शक समिति का मुख्य उद्देश्य मंदिर निर्माण की हर प्रक्रिया को सही दिशा में ले जाना और इसे सफलतापूर्वक पूर्ण करना है। यह समिति यह सुनिश्चित करेगी कि मंदिर निर्माण कार्य पारदर्शी, समय पर, और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा हो।
श्री अरुण कुमार , हवा हवाई ट्रांसपोर्ट, खनवां
सुरेन्द्र बाबू (तारा नर्सिंग होम)- पाकी निवासी
श्री शलेन्द्र सिंह , सेवानिवृत्त सैनिक , पिता - , खनवां (पहलमान घर से )
श्री डॉo प्रोo सुबोध कुमार, गुरु गोविंद सिंह कॉलेज, पटना
संजय (पप्पू ) कुमार , खनवां
के. डी. सिंह , पिता - सऊदी सिंह, खनवां
रंजीत कुमार , खनवां
जनार्दन पाण्डेय, , खनवां
रवींद्र पाण्डेय, , खनवां
और भी नाम जोड़े जाएगा ।
वेबसाइट , मीडिया और पब्लिक कम्युनिकेशन समिति
(Website, Media and Public Communication Committee)
संतोष कुमार -अध्यक्ष
सोशल मीडिया समिति (Social Media Committee)
अध्यक्ष:
संतोष कुमार
सदस्यगण:
सोनू कुमार, पिता: सतीश सिंह
दिलखुश कुमार, पिता: अशोक सिंह उर्फ डिंगो सिंह
गोलू कुमार, पिता: नरेश कुमार (कैलू दा)
लब कुमार (गोरा), पिता: परम्मनंद भास्कर
प्रमुख प्लेटफ़ॉर्म:
➡️ Facebook Page: श्री लक्ष्मी नारायण बाबा बर मंदिर संस्थान
श्री लक्ष्मी नारायण बाबा बर मंदिर के नव-निर्माण कार्य को व्यापक स्तर पर प्रचारित करना।
अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़कर सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करना।
फेसबुक पेज को प्रमोट करना और इसकी रीच, एंगेजमेंट, एवं फॉलोअर्स की संख्या में वृद्धि लाना।
Facebook Analytics के ज़रिए नियमित ट्रैकिंग और मूल्यांकन करना।
दान अभियान को डिजिटल माध्यम से प्रभावशाली बनाना।
"एक ईंट, एक योगदान" जैसे क्रिएटिव और भावनात्मक अभियान चलाना।
पोस्ट व वीडियो में QR कोड या डायरेक्ट लिंक जोड़ना, जिससे लोग सरलता से दान कर सकें।
प्रेरक कहानियाँ और उदाहरणों से लोगों को जोड़ना।
मंदिर निर्माण की प्रगति रिपोर्ट (फ़ोटो/वीडियो सहित) पोस्ट करना।
दानदाताओं का सार्वजनिक धन्यवाद देना।
मंदिर के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी रोचक जानकारी साझा करना।
गाँव एवं आसपास के स्थानीय निवासी
प्रवासी भारतीय (NRI) जो अपने गाँव से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं
धार्मिक और अध्यात्मिक रुचि रखने वाले समूह
सोशल मीडिया पर सक्रिय समाजसेवी युवा वर्ग
#SLNBMTemple
#MokshaMission
#SupportTempleConstruction
अन्य संबंधित Facebook Groups और Community Pages में पोस्ट को साझा करना।
लोकल WhatsApp ग्रुप्स के माध्यम से लिंक और अपडेट्स प्रसारित करना।
YouTube Shorts, Instagram Reels जैसे माध्यमों का प्रयोग कर प्रभावी वीडियो अभियान चलाना।
समिति के सभी सदस्य यह सुनिश्चित करें कि सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रत्येक सामग्री की प्रामाणिकता, भाषा की मर्यादा और संवेदनशीलता का पूर्ण ध्यान रखा जाए।
श्री लक्ष्मी नारायण बाबा बर मंदिर नव-निर्माण परियोजना
इस समिति का गठन मंदिर निर्माण हेतु दान संग्रहण, सदस्यता विस्तार तथा दानदाताओं के डेटा संकलन हेतु किया गया है। समिति के सदस्य गाँव, शहर और बाहर रह रहे श्रद्धालुओं से संपर्क कर दान एवं सदस्यता से संबंधित कार्यों का निष्पादन करेंगे।
दान रसीद वितरण एवं संग्रहण:
सभी अधिकृत सदस्य प्रामाणिक रसीद बुक लेकर ही दान राशि प्राप्त करेंगे।
प्राप्त दान की राशि का विवरण प्रत्येक एंट्री में तिथि, राशि, दानदाता का नाम, भुगतान माध्यम के साथ लिखा जाएगा।
रसीद जारी करने से पहले उसकी प्रविष्टि रसीद रजिस्टर में की जाएगी।
रसीदों की जवाबदेही:
प्रत्येक सदस्य को सीमित रेंज में रसीद बुक जारी की गई है और आगे की जाएगी , जिसकी जिम्मेदारी उन्हीं की होगी।
प्रयोग के बाद शेष रसीदें एवं विवरण समिति को लौटाया जाएगा।
सदस्यता रजिस्ट्रेशन:
इच्छुक व्यक्तियों को मंदिर सदस्य के रूप में जोड़ा जाएगा।
उनका नाम, पता, मोबाइल नंबर एवं योगदान राशि का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
संतोष कुमार - (होल्डिंग डोनैशन रसीद - 1701 से 1800) - 23 - 02 - 2025
सर्वेश कुमार सिंह (सचिव)
श्याम सुंदर उर्फ प्राण - (होल्डिंग डोनैशन रसीद)
महेश सिंह - (होल्डिंग डोनैशन रसीद)
रविशंकर (बबलू सिंह)- (होल्डिंग डोनैशन रसीद)
प्रवीण कुमार (छोटे सिंह) - (होल्डिंग डोनैशन रसीद)
बँटी कुमार - (होल्डिंग डोनैशन रसीद - 1801 से 1900) - 24 - 02 - 2025
बिनोद कुमार बम - (होल्डिंग डोनैशन रसीद)
रिशु कुमार- (होल्डिंग डोनैशन रसीद)
मधुसूदन कुमार विकाश कुमार - (होल्डिंग डोनैशन रसीद)
पंकज कुमार (दिल्ली) - (होल्डिंग डोनैशन रसीद)
नवीन कुमार /ज्ञान कुमार (दिल्ली) - (होल्डिंग डोनैशन रसीद)
अशोक कुमार/लाल (टाटा) - (होल्डिंग डोनैशन रसीद)
प्रोo सुनील कुमार (गया)
उमेश बाबू (महुएत, गया) - (होल्डिंग डोनैशन रसीद)
सुबोध कुमार (महुएत, गया) - (होल्डिंग डोनैशन रसीद) (उमेश बाबू के दवार सुबोध कुमार को 50 पेज का एक Receipts दिया गया है। )
नोट : जिन भी सदस्यों ने अभी तक डोनैशन रसीद का वॉल्यूम नहीं प्राप्त किया है वो अपने डोनैशन रसीद का वॉल्यूम प्राप्त करे ले और जिनका नाम नहीं चढ़ इसमें नहीं चढ़ा है वो रसीद का वॉल्यूम लेना चाहते है वो अवश्य प्राप्त करे ले ।
अनुशासन समिति (Discipline Committee)
श्री लक्ष्मी नारायण बाबा बर मंदिर नव-निर्माण अभियान
सदस्य ; -
राम लखन सिंह
आनंदी सिंह
प्रोo अनुग्रह नारायण सिंह
प्रोo सुनील कुमार सिंह ,पिता : सीता राम सिंह
मधुसूदन कुमार
सुनील कुमार (मिल मालिक), पिता : स्वर्गीय भुना सिंह
और भी सदस्य के लिय नामित करे ।
अनुशासन समिति का प्रमुख उद्देश्य है मंदिर निर्माण अभियान के दौरान सभी गतिविधियों में सौहार्दपूर्ण, मर्यादित और संयमित वातावरण बनाए रखना। यह समिति सुनिश्चित करेगी कि सभी कार्य नियमानुसार, समयबद्ध और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हों।
समय, स्थान और आचरण की मर्यादा का पालन सुनिश्चित करना।
समिति के सभी सदस्यों, कार्यकर्ताओं एवं आगंतुकों में अनुशासन और सहयोग की भावना बनाए रखना।
निर्माण स्थल या आयोजन के दौरान उत्पन्न किसी भी विवाद, अशांति या अनुशासनहीनता की स्थिति में त्वरित हस्तक्षेप कर समाधान करना।
किसी प्रकार की असहमति या असंयमित व्यवहार की सूचना संयोजक या अध्यक्ष को देना।
कार्यस्थल पर अनुचित भाषा, व्यवहार या गतिविधियों को रोकना।
निर्माण कार्य या अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे कर्मियों को उचित दिशा-निर्देश देना।
अनुशासन समिति के सदस्य नियमित रूप से निर्माण स्थल की निगरानी करेंगे।
कार्यकर्ताओं, श्रमिकों और आगंतुकों से सम्मानजनक एवं अनुशासित संवाद बनाए रखेंगे।
यदि कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो मौके पर समाधान का प्रयास किया जाएगा; ज़रूरत पड़ने पर संयोजक समिति को सूचित किया जाएगा।
समिति में वे लोग शामिल किए जाते हैं जो गंभीर, जिम्मेदार और संवाद कौशल में दक्ष हों।
यह सदस्य राजनीतिक, जातीय या व्यक्तिगत प्रभाव से मुक्त होकर कार्य करते हैं।
मंदिर एक आस्था और सामाजिक ऊर्जा का केंद्र है, अतः यहाँ हर व्यक्ति को मर्यादा, नम्रता और सेवा भाव के साथ उपस्थित होना चाहिए।
अनुशासन समिति किसी भी प्रकार की लापरवाही, अभद्र भाषा, गाली-गलौज या अपमानजनक व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगी।
अनुशासन समिति मंदिर निर्माण अभियान की आंतरिक रीढ़ की तरह कार्य करती है। इसका कार्य दिखता कम है, पर इसकी मौजूदगी हर चरण में शांति, मर्यादा और सम्मान बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।