अम्बेडकर पुस्तकालय पार्क
🙏हमें आपको यह बताते हुए अत्यंत खुशी हो रही है कि हम
राष्ट्रीय संयुक्त प्रेरक कौशल जागृति मिशन के माध्यम से एक महत्वपूर्ण कार्य के लिए संकल्पित है आज अधुनिकता ने समाज के हाथो से ज्ञानार्जन के मूल साधनो से दूर होता जा रहा है, राष्ट्र के सृजनात्मक निर्माण मे सम्पूर्ण जीवंत योगदान देने वाले महापुरुषो को समर्पित इतिहासिक विरासतो को प्रेरणादायक प्रतीकात्मक नवनिर्माण मे सहभागी बनना हमारा परम सौभाग्य होगा आइए हम सब मिलकर एक अम्बेडकर पुस्तकालय पार्क का निर्माण करके ज्ञानार्जन के मूल स्रोत से बिना भेदभाव के समाज के हर वर्ग के युवाओ को नैतिक से मुल्यों से जोड़कर समाज को नई दिशा देने का प्रयास करे, जिससे मनुष्य का जीवन सभ्य और सरल साधनयुक्त हो सकेगा है , इस नेक कार्य में ,हम आपके सहयोग और समर्थन की अपील करना चाहते हैं। आपकी उदारता और दान इस मिशन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हमारा मानना है कि यदि हम सब मिलकर समाजिक कार्य मे मानवीय दायित्व का निर्वहन करते हैं, तो खिन्न भिन्न मनुष्य से मनुष्य के आपसी विश्वास और सौहार्दपूर्ण समाज का कायाकल्प किया जा सकता है जिसमे आपकी उपस्थिति एवम बहुमूल्य योगदान और सहयोग से हमें न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, बल्कि हमारी ऊर्जा और प्रेरणा को भी बढ़ाएगा। हम आपको इस पुण्य कार्य में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं और आशा करते हैं कि आप अपनी उदारता और समर्थन से हमारे संकल्प को मजबूत बनाएंगे। धन से ही नही, हमारे मार्गदर्शन के लिए आप ज्ञान और विवेक से भी इस पुण्य कार्य मे अपने उचित विचारो और सुझावों का सहयोग साझा कर सकते हैं। जो मानवता के लिए सहायक हो सकता है, आपके साथ इस महत्वपूर्ण यात्रा को साझा करने के लिए हम उत्सुक हैं। आपके समर्थन से हमारा उद्देश्य संकल्प साकार हो सकता है, और हम विश्वास करते हैं कि आपकी उदारता से हम मिलकर एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं, हम चाहते है कि समय और तकनीक का सदुपयोग हो, हमारा समाज विशेष नवयुवक पीढ़ी को पुस्तक मित्र बनाने मे भागीदारी निभाए, नयी नीत का सृजन करे,आइए साथ मिलकर बदलाव लाएं!
पुस्तकालय
डिजिटल पीढ़ी के अधुनिक युग मे प्रवेश होते ही पुस्तको के अभाव से नवयुवक वर्ग का बौद्धिक स्तर क्षतिग्रस्त हो रहा है, यह एक चिंताजनक स्थिति है।आज के समय में, युवा पीढ़ी डिजिटल माध्यमों पर अधिक निर्भर हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई और बौद्धिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
पुस्तक के अभाव से युवाओं मे सोशल संचार के माध्यम से अल्पज्ञान का भण्डारण हो रहा है ! और ये इसलिए की दिन ब दिन किताबों से दूर होते जा रहे हैं और डिजिटल माध्यमों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह स्थिति न केवल शिक्षा के क्षेत्र में, बल्कि समाज के अन्य क्षेत्रों में भी नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।
बौद्धिक स्तर क्षतिग्रस्त होने के प्रभाव:
1. शिक्षा की गुणवत्ता में कमी: पुस्तक का अभाव से शिक्षा की गुणवत्ता में कमी आ रही है।
2. बौद्धिक विकास में कमी: पुस्तक का अभाव से बौद्धिक विकास में कमी आ रही है।
3. समाज में ज्ञान की कमी: पुस्तक का अभाव से समाज में ज्ञान की कमी हो रही है।
4. किशोर अवस्था मे ही गेमिंग और जुआ व अश्लीलता परोस रहे सोशल नेटवर्किंग साइट अनावश्यक बयाधि मे फस कर अपना जीवन को बर्बाद कर रहे है ।
पुस्तक के महत्व को बढ़ावा देने के लिए:
1. पुस्तकों को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम: पुस्तकों को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।
2. पुस्तकों की कीमत कम करना: पुस्तकों की कीमत कम करनी चाहिए ताकि लोग उन्हें खरीद सकें।
3. वाचन संस्कृति को बढ़ावा देना: वाचन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करने चाहिए।
4. समाज के समस्त व्यक्तित्व हर वर्ग विशेष को यह संकल्प लेना होगा देश प्रत्येक नागरिक तक शिक्षार्थ पुस्तक पहुंचाने के देश प्रत्येक गाँव पुस्तकालय का निर्माण होना चाहिए जिससे हर वर्ग के युवा के हाथो मे किताब हो जिससे समाज को ज्ञानार्जन के मूल स्रोत से जोडा जा सके
“काव्य शास्त्र विनोदेन, कालो गच्छति धीमताम् । व्यसनेन च मूर्खाणां, निद्रयाकलहेन वा ।”