Personal Accident Insurance:
पर्सनल एक्सीडेंट कवर में किसी भी व्यक्ति की दुर्घटना होने पर उसे आर्थिक सहायता मिलती है. यह आर्थिक सहायता शरीर में चोट आने पर, स्थायी या अस्थायी डिसएबिलिटी या मौत हो जाने पर मिलती है. देश में सड़क हादसों की संख्या बढ़ रही है. हाल ही में आई मिनिस्ट्री और रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे की रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में देश में होने वाले सड़क हादसों की संख्या 1.68 फीसदी बढ़ गई है पर्सनल एक्सीडेंट कवर लेते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि एक्सीडेंट कवर में सभी चीजें शामिल नहीं होती है. ऐसे में पॉलिसी लेते वक्त अच्छे से जान लें कि आपकी पॉलिसी में क्या-क्या शामिल हैं और ऐसा क्या है जो इस पॉलिसी में कवर नहीं होता.
एक्सीडेंट में व्यक्ति की मौत होने पर उस व्यक्ति के परिवार को इंश्योरेंस कंपनी द्वारा कंपनसेशन का पूरा पैसा दिया जाता है. आमतौर पर दो तरह की एक्सीडेंट पॉलिसी होती है – इंडिविजुअल और ग्रुप एक्सीडेंट पॉलिसी. इंडिविजुअल एक्सीडेंट कवर में एक्सीडेंटल डेथ, आंशिक विकलांगता या स्थायी विकलांगता को कवर किया जाता है. जबकि ग्रुप एक्सीडेंट कवर ऑफिस की कंपनी द्वारा उसके कर्मचारियों के लिए कराया जाता है. हालांकि ये सिर्फ बेसिक प्लान होते हैं और इंडिविजुअल प्लान के मुकाबले काफी कम सुविधाएं मिलती हैं.
आमतौर पर पर्सनल एक्सीडेंट कवर एक्सीडेंट से मृत्यु होना, आंशिक विकलांगता या स्थायी विकलांगता, एक्सीडेंटल डिसमेंबरमेंट, मेडिकल एक्सपेंस, कम से कम 24 घंटे भर्ती रहने पर हॉस्पिटल का खर्चा, बच्चे की पढ़ाई के लिए सहायता, लाइफ सपोर्ट बेनिफिट, जलना, हड्डी टूटना और डेली अलाउंस शामिल होता है.
एक्सीडेंट की तारीख इंश्योरेंस कवर में अहम होती हैं. आमतौर पर कंपनियां एक्सीडेंट से 1 साल के भीतर होने वाली अपंगता का ही पैसा देती है. आत्महत्या, खुद से चोट लगना, नेचुरल डेथ, पहले से शरीर में मौजूद किसी तरह की अपंगता, प्रेगनेंसी, बच्चे का पैदा होना, नॉन-एलोपैथिक ट्रीटमेंट, मानसिक बीमारी – इन सभी चीजों को पर्सनल एक्सीडेंट कवर में शामिल नहीं किया जाता है. इसके अलावा एडवेंचर स्पोर्ट्स एक्टिविटी, क्रिमिनल मामले या वॉर में शामिल होना, नेवी, मिलिट्री फोर्स या एयर फोर्स के संबंधित चीजों को भी पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल नहीं किया जाता है.
खुद को जानबूझ कर चोट पहुंचाने वाली हरकत से हुए नुकसान को पर्सनल एक्सीडेंट कवर में शामिल नहीं किया जाता है. इसलिए आत्महत्या या अपराधिक हरकतों को पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल नहीं किया जाता है. पहले से मौजूद किसी भी चोट को पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल नहीं किया जाता है. इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि आपका इलाज चल रहा है या नहीं.
एडवेंचर स्पोर्ट जैसे स्काईडाइविंग, पहाड़ चढ़ना, हैंग ग्लाइडिंग, बंजी जंपिंग, स्कूबा डाइंविंग जैसी चीजों को पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल नहीं किया जाता है. हालांकि HDFC Ergo, बजाज एलायंस जनरल इंश्योरेंस, भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस, गोडिजिट जैसी कंपनियां एडवेंचर स्पोर्ट्स का इंश्योरेंस कवर देती है.