Khuda Salamat Rakhe Unhein Jo Mujhse Nafrat Karte Hain,
Pyar Na Sahi, Kuch To Hai, Jo Sirf Mujhse Hi Karte Hain
खुदा सलामत रखे उन्हें जो मुझसे नफरत करते है,
प्यार ना सही,कुछ तो है, जो सिर्फ मुझसे ही करते है।
Mausam Badal Raha Hai, Apna Khayal Rakhna ,Aye Dost,
Kyun K Badalte Mausam Or Badalate Log, Bahut Takleef Dete Hain.
मौसम बदल रहा है अपना खयाल रखना ए दोस्त,
क्यों के बदलते मौसम और बदलते लोग बहुत तकलीफ़ देते हैं।
Ker leya hai faisla kehna ussay
Ab na hoga rabta kehna ussay
Jis pe hum chalte rahen hain saath saath
Kho gaya woh Rasta kehna ussay
कर लिया है फैसला कहना उससे,
अब ना होगा राब्ता कहना उससे,
जिस पे हम चलते रहें है साथ साथ,
खो गया वो रास्ता कहना उससे।
" वो अच्छा है तो अच्छा है, बुरा है तो भी अच्छा है,
मिजाज़ ए इश्क़ में ऐब-ओ-हुनर देखा नहीं जाता "
Woh Acha Hai Toh Acha Hai, Bura Hai Toh Bhi Acha Hai..
Mizaaj -E- Ishq Mein Aib -O- Hunar Daikhy Nahi Jata
" एक पल मे जो बर्बाद करते हैं दिल की बस्ती को,
वो लोग अक्सर देखने में मासूम होते है "
" Ek pal mai jo barbad karte haiN dil ki basti ko,
Wo log aksar dekhne main masoom hote hain "
दुरीया बहुत है लेकिन इतना समझ लिजिये,
सिर्फ पास रह कर ही कोई खास नही होता।
आज हमारे आंसू हमसे पूछ ही बैठे
तुम हमें रोज़ -रोज़ क्यों बुलाते हो,
हमने कहा हम याद तो उन्हें करते हैं
तुम क्यों चले आते हो ।
हल्की फुल्की सी है ये जिंदगी,
बोझ तो सिर्फ ख्वाहिशो का है।
दायरा हर बार बनाता हु जिंदगी के लिए,
लकीरे वही रहती है मै खिसक जाता हू।
हर शख्स मुजे जिंदगी जीने का तरीका बाता जाता है
उन्हें कैसे सझाऊं की
एक ख्वाब अधूरा है हमारा
वरना जीना तो हमे भी आता है
सफर मे मुश्किले आए तो जुर्रत ओर बढती है,
कोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत ओर बढती है,
अगर बिकने पे आजाओ तो घट जाते है दाम अक्सर,
और ना बिकने का ईरादा हो तो किमत ओर बढती है।
यू गलत भी नही होती चेहरो की तस्वीर,
पर लोग वेसे भी नही होते जैसे नजर आते है।
वहम से खत्म हो जाते है रिश्ते,
हर बार कसुर गलतियो का नही होता।
आज दूर से कोई सलाम कर गया,
आपनी यादों का गुलाम कर गया,
आपनी जिन्दगी गिरवी रखकर खरीदा था जिसे,
आज वो ही हमें नीलम कर गया।
नादान बहुत है वो जरा समझाइए उसे,
बात ना करने से महोब्बत कम नही होती।
नाराज तो हम से खुशिया ही होती है,
गमो के तो इतने नखरे नही होते।
मेरी जेब मे जरा सी छेद क्या हुई,
सिक्को से ज्यादा तो रिश्ते बिखर गए।
मंजीलो से गुमराह भी कर देते है कुछ लोग,
हर किसी से राश्ता पुछना भी अच्छा नही होता।
कुछ कदम तुम चले
कुछ कदम हम चले
फर्क सिर्फ़ इतना रहा
हम चले से तो फासला घाटता गया
और आप चले तो फासला बढ़ता गया
ख्वाब तो मीठे देखें थे ताज्जुब है,
आंखो का पानी खारा कैसे हो गया।
चाहो तो तुम भी हाल पूछ सकते हो हमारा...
कुछ हक़...दिए नही जाते, लिए जाते है...!