रात गुजरी फिर महकती सुबह आई,
दिल धड़का फिर तुम्हारी याद आई.
आँखों ने महसूस किया उस हवा को,
जो तुम को छु कर हमारे पास आई.
Raat guzari phir mehakati subah aayi,
dil dhadka phir tumhari yaad aayi,
aankhon ne mehsoos kiya us hava ko,
jo tum ko chhu kar hamare paas aayi!
रात को रात का तोहफा नही देते
दिल को जज़्बात का तोहफा नही देते
हम तो तुम्हे चाँद भी दे देते मगर
चाँद को चाँद का तोहफा नही देते
Raat ko raat ka tohfa nahi dete, dil ko jazbaat ka tohfa nahi dete, ham to tumhe chaand bhi de dete magar, chaand ko chaand ka tohfa nahi dete!
तेरी आवाज़ से प्यार है हमें
इतना इज़हार हम कर नहीं सकते .
हमारे लिए तू उस खुदा की तरह है
जिसका दीदार हम कर नहीं सकते।
Teri aawaaz se pyaar hai hamen,
itna izhaar ham kar nahin sakte ,
hamaare lie tu us khuda ki tarah hai,
jiska dedaar ham kar nahin sakate.
उसके साथ रहते रहते हमे चाहत सी हो गयी,
उससे बात करते करते हमे आदत सी हो गयी,
एक पल भी न मिले तो न जाने बेचैनी सी रहती है,
दोस्ती निभाते निभाते हमे मोहब्बत सी हो गयी!
Uske saath rehte rehte hame chahat si ho gayi,
usase baat karte karte hame aadat si ho gayi,
ek pal bhi na mile to na jaane bechani si rehati hai,
dosti nibhaate -2 hame mohabbat see ho gai
घायल कर के मुझे उसने पूछा,
करोगे क्या फिर मोहब्बत मुझसे,
लहू-लहू था दिल मेरा मगर
होंठों ने कहा बेइंतहा-बेइंतहा।
अजीब सा दर्द है इन दिनों यारों,
न बताऊं तो 'कायर', बताऊँ तो 'शायर'।
ये मेरी महोब्बत और उसकी नफरत का मामला है,
ऐ मेरे नसीब तू बीच में दखल-अंदाज़ी मत कर।
लोग पूछते हैं क्यों सुर्ख हैं तुम्हारी आँखे,
हंस के कह देता हूँ रात सो ना सका,
लाख चाहूं मगर ये कह ना सकूँ,
रात रोने की हसरत थी रो ना सका।
बिन बात के ही रूठने की आदत है,
किसी अपने का साथ पाने की चाहत है,
आप खुश रहें, मेरा क्या है मैं तो आईना हूँ,
मुझे तो टूटने की आदत है।
हर बात मुझे मिलती रहती है अनजानी सी सजा
मैं किससे पूछा मेरा कसूर क्या है
बेवजह दिल को कोई भाता है
अपनापन उसमें नजर आता है
उसकी यादों में दिल खो जाता है
और फिर भी प्यार भी हो जाता है.