कंजक्टिवाइटिस (CONJUNCTIVITIS)
कंजक्टिवाइटिस (CONJUNCTIVITIS)
जब आंखों में सूजन हो, साफ या गाढा पीला डिस्चार्ज हो।
एपिस मेल (Apis Mel)
जब आंखों में एकाएक अधिक सूजन हो तो दिन में पांच बार दें
युफ्रेसिया (Euphrasia)
जब आंखों में सूजन के अलावा पानी की तरह अधिक डिस्चार्ज हो तो इसकी ड्रॉप्स आंखों में डालें ।
आर्सेनिकम अल्बा (Arsenicum Alba)
जब आं से गाढा डिस्चार्ज हो तो हर दो घंटे बाद तीन दिन तक दें।
सल्फर (Sulphur)
जब आंखें लाल हो, आंसू कम हो तो दिन में चार बार तीन दिन तक दें।
• साइलिसिया (Silicea)
जब किसी बाहरी चोट के कारण आंखों में सूजन हो, लालिमा हो, आंसू गिर हों तो दिन में तीन बार एक सप्ताह तक दें।
हिपर सल्फ (Hepar Sulph)
आंख की इस व्याधि में उपरोक्त दवाएं सफल नहीं हो तो दिन में दो बार पांच दिन तक दें ।
• सिनेरारिया (Cineraria)
यह आंख के कई रोगों में लाभकारी है। पांच बूंद दिन में दो बार डालें।
कॉर्नियल ऑपेसिटी (CORNEAL OPACITY )
कैल्केरिया फ्लोर (Cal. Flour)
सफेद कॉर्नियल ऑपेसिटी के साथ केटेरेक्ट (cataract) भी हो तो दिन में दो बार पन्द्रह दिन तक दें। यह ओपेसिटी की प्रमुख दवा है। अर्जेन्टम नाइट्रिकम (Argentium nit)
आखों में सफेद आपेसिटी के साथ पीले मवाद जैसा डिस्चार्ज हो तो दिन
में तीन बार पन्द्रह दिन तक दें।
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• युफ्रेसिया (Euphrasia)
ओपेसिटी के साथ सारे दिन आंसू बहते हो, आंखों में नीलापन हो तो दिन में दो बार पन्द्रह दिन तक दें।
● सिनेरारिया (Cineraria)
यह आंखों के लिए काफी लाभकारी ड्रॉप है। पांच बूंद दिन में दो बार डालें।
साइलिसिया (Silicea)
आंखों में चोट, अल्सर, सर्जरी आदि के घावों को ठीक करती है। दिन में तीन बार सप्ताह भर दें।
कान से पीप बहना (OTITIS)
• एकोनाइट (Aconite)
रोग की शुरूआती अवस्था में दिन में चार बार दें।
• बेलाडोना (Belladonna)
यदि कानों में सूजन, लालिमा, गर्म हो तो दिन में तीन बार दें।
हिपर सल्फ (Hepar Sulph)
जब कान से मवाद बहती हो तो दिन में दो बार एक सप्ताह तक दें।
काली वायक (Kali bich)
कान से चिपचिपा डिस्चार्ज निकलें तो दिन में दो बार पांच दिन तक दें। पल्सेटिला (Pulsatilla)
जब कान में से शहद जैसा गाढ़ा, चिपचिपा डिस्चार्ज निकलता हो, बदबू आती हो तो दिन में दो बार पन्द्रह दिन तक दें।
साइलिसिया (Silicea)
जब कान के अंदर सड़न हो, तेज बदबू आती हो तो साइलिसिया दें। कैल्केरिया सल्फ (Calc sulph)
जब गाढी, ब्लड मिली हुई मवाद निकलती हो तो दें।
नाइट्रिक एसिड (Nitric Acid)
कान से पीला डिस्चार्ज तथा साथ में आंखों से आंसू गिरते हों तो दें।
काली आयोडायड (Kali lod.)
जब हरी, पीली, गाढी मवाद अधिक मात्रा में निकलती हो तो दिन में तीन
बार पन्द्रह दिन तक दें।
हीट स्ट्रोक (HEAT STROKE)
ग्लोनाइन (Glonoine)
लू लगने पर दी जाने वाली यह बेहतरीन दवा है। हीट स्ट्रोक में टेम्प्रेचर कम करने के लिए हर घंटे, कुल पांच बार दें।
बेलाडोना (Belladonna)
जब तेज बुखार हो, आंखें खून जैसी लाल हो तो हर आधा घंटे बाद दें । नेट्रम म्युरिएटिकम (Natrum Muriaticum)
यह शरीर में मिनरल व इलेक्ट्रोइट्स को संतुलित रखता है। हर तीन घंटे बाद कुल पांच बार देंवे ।
सल्फर (Sulphur)
यह शरीर से गर्मी के असर को कम करती है तथा वापस सामान्य होने में मदद करती है। हर दो घंटे बाद पांच बार दें।
काली फॉस + नेट्रम म्यूर ( Kali Phos + Natrum Mur )
रोगी को सामान्य करने से यह मिश्रण काफी मददगार साबित होता है। लू का असर खत्म होने के बाद दिन में तीन बार तीन दिन तक दें।
ग्लोनाइन + नैट्रम म्यूर (Glonoin + Natrum Mur )
यह मिश्रण भी हीट स्ट्रोक में काफी लाभकारी होता है। इसे दिन में तीन बार तीन दिन तक दें।
इन दवाइयों के अलावा ऐलोपैथिक दवाइयों में नॉर्मल सेलाइन जरूर दें।