बिजली की आपूर्ति- धारूहेड़ा स्थित बिजली घर से बिजली की नियमित आपूर्ति से, खेतों में स्थित सभी नलकूपों, विभिन्न प्रकार के छोटे उद्योगों, करोबारिओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं आवासीय घरों को विद्युत ऊर्जा मिलती है।
शैक्षणिक सुविधाएं- बच्चों की शिक्षा हेतु गांव में सरकारी (राजकीय) स्कूल व् प्राइवेट (गैर-सरकारी) विद्यालय कार्यरत हैं तथा सरकार द्वारा संचालित प्राथमिक व उच्च विद्यालय एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गांव में शिक्षा के प्रमुख केंद्र है।
स्वास्थ्य व् चिकित्सकीय सुविधाएँ- सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ-साथ गाँव में एक निजी चैरिटेबल हॉस्पिटल (खंडेलवाल चैरिटेबल हॉस्पिटल) व् रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर डॉक्टर के निजी दवाखाने भी है। प्रयाप्त आधुनिक स्वास्थ्य व् चिकित्सकीय सुविधाएँ न होने के कारन ग्रामीणों को निकटतम कस्बों व् शहरों में स्थित अत्याधुनिक हस्पतालों की सेवाओं पर निर्भर रहना पड़ता है।
रोज़गार एवं आजीविका के साधन- गाँव के लोगों द्वारा विभिन्न प्रकार की उत्पादन क्रियाएँ की जाती हैं जैसे कि खेती, लघु स्तरीय विनिर्माण, परिवहन, दुकानदारी आदि। ग्रामीणों का प्रमुख क्रियाकलाप कृषि है और अधिकतर लोग अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। बहुत से लोग गैर-कृषि क्रियायों से जुड़े हुए हैं। जैसे कि डेयरी, विनिर्माण, दुकानदारी, परिवहन, मुर्गी पालन, सिलाई, शैक्षिक गतिविधियाँ आदि।
आवागमन की सुविधाएं- हर गांव और हर ढाणी संपर्क मार्ग के माध्यम से मुख्य सड़कों से, राज्यमार्गों एवं हाइवेज से जुड़े हुए हैं। गांव के लोगों को निकटतम कस्बों व् शहरों व दूसरे स्थानों तक जाने के लिए हरयाणा रोडवेज की ग्रामीण सेवा के साथ साथ निजी वहन चालकों द्वारा आसपास के क्षेत्रों में चलायी जा रही बस-सेवा प्रमुख जरिया हैं। स्थानीय आवागमन हेतु ऑटो, टेम्पो व् टैक्सी सेवाओं की उपलब्धता आसानी से हो जाती हैं। नंदरामपुर बास गांव से धारूहेड़ा कस्बे तक नियमित ऑटो व् टेम्पो सेवाएं प्रातः 05:०० बजे से लेकर सांयकाल 08:00 बजे तक जारी रहती हैं। वाया धारूहेड़ा अन्य निकटतम शहरों तक आसानी से पंहुचा जा सकता हैं।
स्वच्छ पेयजल एवं जलापूर्ति- पाइप लाइन के जरिए शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाता है। पानी की सप्लाई सुचारु रूप से होती है राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत हर घर में नल लगाकर पानी आपूर्ति के लिए सरकार की तरफ से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। माहौल एवं स्वच्छता के मामले में नंदरामपुर बास गांव अव्वल है। समुचित सीवेज वाटर ट्रीटमेंट द्वारा गांव के सभी गली मोहल्लों तथा सड़कों के साथ पानी निकासी का उचित प्रबंध है जिससे नहीं दूषित पानी के सुचारु निकास होता रहता है। शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाएं सार्वजानिक स्थलों पर उपलब्ध हैं।
बैंकिंग सुविधाएँ- सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण बैंक एवं सहकारी बैंक ग्रामीणों की सहायता हेतु कार्यरत हैं। गांव में एटीएम सुविधा की उपलब्धता के प्रावधान हैं।
आंगनवाड़ी सेवाएं- गांव में आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से विशेष रूप से निर्धन व निम्न आय वर्ग के परिवार के बच्चों के विकास और उनके स्वास्थ्य संबंधी सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। आंगनबाड़ी में प्रसवपूर्व ,प्रसवपश्चात स्वास्थ्य ,बाल विकास ,विद्यालयी शिक्षा ,शिशुओ के टीकाकरण इत्यादि सुविधाएं सम्मिलित होती हैं। बच्चों के साथ-साथ उनकी मां को भी बहुत सी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा समय समय पर अनेकों सामाजिक, प्रशाशनिक एवं विकास कार्यों का निर्वहन किया जाता हैं।
संचार के साधन- गांवों में संचार से जुड़ी करीब-करीब हर सुविधा उपलब्ध है। हर घर में टेलीफोन, मोबाइल कनेक्शन हैं तथा ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के द्वारा इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध है। इ-सेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से ग्रामीणों को सार्वजनिक सेवाओं, सामाजिक कल्याण योजनाओं, स्वास्थ्य देखभाल योजनाओं, वित्तीय योजनाओं, शिक्षा और कृषि संबंधित सेवाएं आसानी से प्राप्त की जा सकतीहैं।
डाक सेवाएं- डाक विभाग द्वारा स्थापित डाकघर, मेल डिलीवर करने, लघु बचत योजनाओं के तहत जमा स्वीकार करने, डाक जीवन बीमा (PLI) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI) के तहत जीवन बीमा कवर प्रदान करने, और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) वेतन वितरण और वृद्धावस्था पेंशन भुगतान जैसे नागरिकों के लिए अन्य सेवाओं के निर्वहन में कार्यरत रहता है।
धार्मिक स्थल: श्री बाबा बिशन दास धाम एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। इसके अलावा जोहड़ के निकट स्थित बाबा मंगला दास का मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, संतोषी माता जी का मंदिर, श्री राधाकृष्ण मंदिर आदि प्रमुख हैं।
धर्मशाला/विश्रामगृह/होटल/आश्रम: गांव में स्थित धर्मशाला व् विश्रामगृह में तथा बाबा बिशनदास धाम परिसर में आगंतुकों व् श्रद्धालुओं के ठहरने व् विश्राम हेतु समुचित व्यवस्था हो जाती हैं। इसके अतिरिक्त निकटतम धारूहेड़ा व् भिवाड़ी कस्बे में धर्मशाला, विश्रामगृह, होटल, आश्रम इत्यादि की प्रयाप्त व्यवस्था हैं।
नजदीकी औधोगिक क्षेत्र: भिवाड़ी (9.0 किमी), धारूहेड़ा (6.0 किमी), खुशखेड़ा (5.0 किमी), चौपानकी (13.0 किमी), टपूकड़ा (15.0 किमी), बावळ (25.0 किमी), शांजहांपुर (45.0 किमी), बहरोड़ (66.0 किमी), नीमराना (55.0 किमी) इत्यादि।
निकटतम पुलिस थाना: धारूहेड़ा पुलिस स्टेशन (6.0 किमी)
फायर सर्विस (अग्निशमन) केंद्र: धारूहेड़ा स्थित अग्निशमन केंद्र (6.0 किमी)
यात्रा संबंधित सूचनाएं:
निकटतम शहर/कस्बे: नंदरामपुरबास (।.5 किमी), खुशखेड़ा (5.0 किमी), धारूहेड़ा (6.0 किमी), भिवाड़ी (9.0 किमी), टपूकड़ा (15.0 किमी), रेवाड़ी (25.0 किमी), मानेसर (25.0 किमी), बावळ (25.0 किमी), सोहना (32.0 किमी), तिजारा (35.0 किमी), शांजहांपुर (45.0 किमी), गुरुग्राम (46.0 किमी), नीमराना (55.0 किमी), बहरोड़ (66.0 किमी), नारनौल (75.0 किमी), नयी दिल्ली (82.0 किमी), अलवर (88.0 किमी), जयपुर (202.0 किमी),
निकटतम रेलवे स्टेशन: रेवाड़ी जंक्शन (25.0 किमी) गुरुग्राम रेलवे स्टेशन (49.0 किमी), नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन (81.0 किमी), ओल्ड दिल्ली रेलवे स्टेशन (86.0 किमी), जयपुर रेलवे स्टेशन (202.0 किमी),
निकटतम हवाई अड्डा (एयरपोर्ट): इंदिरा गांधी राष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली (85.0 किमी), जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (215.0 किमी), चंडीगढ़ हवाई अड्डा (338.0 किमी)।
नजदीकी टूरिस्ट (पर्यटन) केंद्र: अलवर, सरिस्का, जैन मंदिर तिजारा, बाबा मोहनराम खोलीधाम, जड़थल वाली माता, गुड़गांव वाली शीतला माता, दिल्ली, सोहना स्थित गर्म पानी का झरना, खाटू श्याम जी मंदिर, सालासर धाम, झुंझुनू वाली राणी सती दादी का मंदिर, वैष्णो देवी माता मंदिर, नगरकोट, चिंतपूर्णी, चामुंडा देवी, ज्वाला देवी धाम (काँगड़ा, हिमाचल प्रदेश), जयपुर