Tally के उत्थान व विकास की यात्रा
Tally software के प्रदाता है - Tally Solutions Enterprises Resources Planning Company. इसकी शुरुआत आज से करीब तीन दशक पूर्व होती है जब मि. श्याम सुन्दर गोयनका जी कलकत्ता से बंगलोर अपना टेक्सटाइल का बिज़नेस स्थापित करने को जाते है , उस वक्त व्यवसाय करते हुए उन्हें एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर की आवश्यकता हुई , परन्तु उस वक्त के अधिकांश सॉफ्टवेयर उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। इस कारण से उन्होंने अपने बेटे मि. भरत गोयनका जो की मैथमेटिक्स में ग्रेजुएट थे , को एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर को डेवलप करने का कार्य सौपा , और इस तरह वर्ष 1986 में Tally solution का जन्म हुआ।
भरत गोयनका जी ने पहले अपने सॉफ्टवेयर का नाम रक्खा था - Peutronics financial Accountant और उन्होंने एकाउंटिंग एप्लीकेशन के लिए सबसे पहला संस्करण MS – DOS एप्लीकेशन के रूप में लांच किया।
Peutronics financial Accountant सिस्टम में सिर्फ Basic Accounting System थे।
1988 में इस प्रोडक्ट का नाम कर पहली बार Tally रखा गया , जिसका पूरा नाम है - Transactions Allowed in a Linear Line yards.
1988 मे Tally ने अपना पहला Accounting Software लांच किया- Tally 3.0
वर्ष 1994 मे Tally ने अपने को Upgrade करते हुए MS-Dos Based software- Tally 4.5 लांच किया।
1997 में कंपनी ने अपना पहला Window बेस्ड एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर लांच किया , इसका नाम रखा - Tally 5.4
1999 में इस कंपनी ने formally कंपनी का नाम बदलकर Tally Solutions रखा। और दिनांक 08/11/1991 को कम्पनी को प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के तौर पर रजिस्ट्रशन किया गया।
2001 के साल में Tally के नए संस्करण यानी Tally 6.3 को लांच किया गया. यह पिछले संस्करण से थोड़ा एडवांस था क्यों की इस में Accounting के अलावा Educational उद्देश्य से उपयोग करने की योग्यता थी. इसके साथ इस में License की सुविधा भी दी गई.
सन 2005 में Tally को और भी अच्छा डिज़ाइन के साथ बाजार में उतारा गया जिसमे सबसे मुख्या फीचर था Value Added Taxation (VAT). जो की भारतीय कस्टमर्स के लिए बहुत उपयोगी था. ये Tally 7.2 version था.
2006 में Tally के 2 version को release किया गया जिनमे से एक Tally 8.1 था और दूसरा Tally 9. ये Tally के multilingual (बहुभाषी) version थे.
2009 में इस कंपनी ने Tally ERP 9 एक Business management solution रिलीज़ किया.
2015 में, कंपनी ने अपने व्यापार भागीदारों को प्रमाणित और वर्गीकृत करने के लिए वृद्धि नामक एक कार्यक्रम शुरू किया। इसके अलावा, 2015 में, टैली सॉल्यूशंस ने कराधान और अनुपालन सुविधाओं के साथ Tally.ERP 9 रिलीज 5.0 को लॉन्च करने की घोषणा की।
2016 तक, कंपनी के 1 मिलियन ग्राहक थे। 2016 में, टैली सॉल्यूशंस को नए माल और सेवा कर (जीएसटी) सर्वर और करदाताओं के बीच इंटरफेस प्रदान करने के लिए जीएसटी सुविधा प्रदाता के रूप में चुना गया था, और 2017 में, कंपनी ने अपना अद्यतन जीएसटी अनुपालन सॉफ्टवेयर - Tally ERP 9 (version 6) को लांच किया गया।
2020 में जब जी एस टी ने इ-इनवॉइस के अनुपालन की बाध्यता की तब Tally ने ई -इन्वॉइसिंग के लिए अपना नया Accounting Software - Tally Prime लांच किया। इसी साल कंपनी ने cloud based एकाउंटिंग एन्वॉयरमेंट में भी कदम रखा।
2021 में टैली ने टैली प्राइम पर AUDIT TRAIL की सुविधा की शुरूआत की।
2024 के सितम्बर माह में टैली ने अपना LATEST VERSION - TALLY PRIME 5.0 लांच किया है , जिसमे आपको GST से सम्बंधित काफी ADVANCE फीचर है , जैसे GSTR-1, GSTR-2A, GSTR-2B और GSTR-3B का RECONCILIATION, और जीएसटी रिटर्न की सुविधा , CUSTOMER को पेमेंट रिक्वेस्ट भेजने की सुविधा, क्यू आर कोड से पेमेंट मंगाने की सुविधा और नए INCOME TAX SLAB के साथ काफी बेहतरीन फीचर है , आप इसे डाउनलोड कर सकते है - https://tallysolutions.com/download/
श्री भरत गोयनका टैली सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के वाइस चेयरपर्सन हैं। दिल से एक टेक्नोक्रेट, उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय श्री एसएस गोयनका के मार्गदर्शन में, उद्यमियों को अपने व्यवसाय को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए, 1986 में टैली सॉल्यूशंस (पहले Peutronics के रूप में जाना जाता था) की स्थापना की। उनके गतिशील नेतृत्व के तहत, टैली एसएमई के लिए एक अकाउंटिंग पैकेज से सभी प्रकार और व्यवसायों के आकार के लिए एक संपूर्ण बिजनेस सॉफ्टवेयर बन गया है।
गणित स्नातक, श्री गोयनका अपना अधिकांश समय कंपनी के भविष्य के उत्पादों और प्रौद्योगिकियों के लिए डिज़ाइन इनपुट देने में लगाते हैं। उन्हें पिछले कुछ वर्षों में कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिसमें सबसे हाल ही में पद्म श्री पुरस्कार, भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, 'व्यापार और उद्योग' में उनके योगदान के लिए है। उनकी अन्य उल्लेखनीय प्रशंसाओं में NASSCOM का पहला 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड', "भारतीय सॉफ्टवेयर उत्पाद उद्योग का पिता" और एम विश्वेश्वरैया मेमोरियल अवार्ड शामिल हैं।
सुश्री शीला गोयनका (अध्यक्ष) कंपनी के लिए कॉर्पोरेट एचआर का मार्गदर्शन करने के साथ-साथ टैली सॉल्यूशंस के अध्यक्ष के रूप में स्वर्गीय श्री एसएस गोयनका की जगह है । उन्होंने भारत में मार्केट लीडर और दुनिया के अग्रणी सॉफ्टवेयर ब्रांडों में से एक के रूप में अपनी वर्तमान स्थिति में टैली के विकास में योगदान दिया है। कई प्रमुख कॉर्पोरेट जिम्मेदारियों को संभालने के अलावा, उन्होंने टैली को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर कंपनी के पदचिह्न का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शीला गोयनका टैली नेतृत्व और प्रबंधन को स्थिरता, ज्ञान और व्यावहारिकता प्रदान करती है।
प्रबंध निदेशक ( Managing Director)
श्री तेजस गोयनका टैली सॉल्यूशंस के प्रबंध निदेशक हैं। वह टैली एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ कंपनी में अनुसंधान, इंजीनियरिंग, उत्पाद प्रबंधन, रणनीति और व्यवसाय विकास कार्यों का नेतृत्व करते हैं। पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र, उन्हें 2011 में टैली में शामिल किया गया था। तेजस अधिक रणनीतिक और संगठन भर में प्रभावशीलता परिचालन लाने पर अपने प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करते है। । टैली में, उन्हें दुनिया भर में लाखों उद्यमियों और अरबों व्यक्तियों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने का एक जबरदस्त अवसर दिखाई देता है।
कार्यकारी निदेशक ( Executive Director)
नुपुर गोयनका टैली सॉल्यूशंस में कार्यकारी निदेशक हैं और कंपनी में कॉर्पोरेट वित्त, कॉर्पोरेट सूचना प्रणाली और क्लाउड संचालन का मार्गदर्शन करती हैं। अपनी वर्तमान भूमिका में, उनका लक्ष्य कंपनी के 2030 के लक्ष्य के अनुरूप विभिन्न कार्यों को सुव्यवस्थित और संचालित करना है। वह क्लस्टर की प्रबंध निदेशक और सह-संस्थापक भी हैं, जो टैली सॉल्यूशंस की एक बड़ी डेटा और एनालिटिक्स सहायक कंपनी है। नूपुर ने डेटा तक पहुंच का लोकतंत्रीकरण करके और सस्ती, उपभोज्य, प्रासंगिक, विश्वसनीय और समय पर अंतर्दृष्टि प्रदान करके भारतीय एमएसएमई को सशक्त बनाने के मिशन के साथ 2013 में क्लस्टर को बूटस्ट्रैप किया। नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा, उन्होंने कॉग्निटिव न्यूरोसाइंस और बिजनेस स्टडीज में स्नातक की डिग्री हासिल की है।
सरलता और सटीकता ही टैली की विशेषता रहा है , वास्तव में टैली के साथ एकाउंटिंग काफी आसान हो गया है। टैली को अपने कंप्यूटर में इनस्टॉल करना भी काफी सरल है। टैली में एकाउंटिंग के साथ हम STATUTORY LIABILITIES का भी ध्यान दे सकते है , और इसके इस्तेमाल से हम GST का रिटर्न काफी आसानी से भर सकते है , इसके साथ ही हम TDS अर्थार्थ श्रोत पर कर की कटौती का CALCULATION और रखरखाव आसानी से कर सकते है जिससे हम टीडीएस का रिटर्न आसानी से भर सकते है। साथ ही साथ हम टैली में PAYROLL का भी इस्तेमाल काफी आसानी के साथ कर सकते है। और टैली के द्वारा हम PF और ESI का भी रखरखाव आसानी से रख सकते है , जिससे की हम उसका रिटर्न आसानी से भर सकते है। टैली में हम DATA को EXCEL के रूप में IMPORT भी कर सकते है और एक्सपोर्ट भी। इसमें हम ZERO VALUES की एंर्टी भी कर सकते है। इस तरह आप देख सकते है कि टैली अपने आप में एक कम्प्लीट ERP SOFTWARE है , और हम इसके इस्तेमाल से अपनी समस्त व्यावसायिक जरूरतों को पूरा कर सकते है।
_____________________________________________________________________________________
प्र. TALLY का पूरा नाम क्या है ?
ऊ. TALLY का पूरा नाम है - Transactions Allowed in a Linear Line yards.
प्रश्न- TALLY का हेड क्वार्टर कहा है?
उत्तर- Bengaluru, KAamr tech park ii, no . 23 & 24, hongasandra, hosur main road, India
प्रश्न- Tally के निर्देशक कौन है? ( Tally Director)
उत्तर- वर्तमान मे टैली के निर्देशक निम्न है-
1- श्री भरत गोयनका जी - 09/12/1999 से।
2- श्रीमती शीला गोयनका जी - 09/12/1999 से।
3- श्री तेजस गोयनका जी - 27/05/2010 से।
4- श्रीमती नूपुर गोयनका जी - 25/03/2019 से।
5- श्री भक्ति मनोज मोदी - 01/04/2019 से।
टैली में निम्नलिखित ग्रुप पहले से बनी होते हैं जिनका प्रयोग किस प्रकार से किया जाता है इसका विस्तृत जानकारी दिया गया है.
जब हम बैंक से संबंधित करंट अकाउंट, सेविंग अकाउंट, का लेजर बनाते हैं तो उन सभी ledger को बैंक अकाउंट ग्रुप में रखेंगे उदाहरण के लिए
SBI bank a/c , PNB bank a/c
जब हम किसी बैंक से लोन लिया है, तो उस बैंक लोन का जो लेजर बनाएंगे उसको हम bank o/d a/c या bank OCC A /c किसी भी एक ग्रुप में रखना होगा.
HDFC A/C (Loan)
जब भी कोई कंपनी जिसका बहुत सारी ब्रांच है वह भी अलग-अलग जिले या अलग अलग राज्य में तो वह ब्रांच डिवीजन के द्वारा बैंक अकाउंट खोल सकता है इस तरह के सभी अकाउंट को हम ब्रांच डिवीजन के ग्रुप में रखेंगे.
जब कोई व्यापारी अपना व्यापार शुरू करता है तो शुरू करने के लिए जो राशि अपने व्यापार में लगाता है उसके लिए जो लेजर बनाएंगे उसे capital account group मे रखेंगे. उदाहरण के लिए capital a/c, LIC A/c
जब कोई ऐसा लोन लेते हैं जिसमें कोई सिक्योरिटी रखकर लोन लिया गया है उसे हम सिक्योर लोन के अंतर्गत रखेंगे उदाहरण के लिए आपने फाइनेंस से कोई लोन लिया है जैसे कार फाइनेंस पर ली है , बिल्डिंग को गिरवी रख पर लेना चाहते हैं इस तरह के लोन जिनमें आपको सिक्योरिटी रखकर फिर लोन ले रहे हैं ऐसे सभी लोन को हम सिक्योर लोन के अंतर्गत रखेंगे.
जब हम व्यापार में किसी कारणवश अपने किसी मित्र या किसी संबंधित से कोई लोन लेते हैं, तो उनसे सम्बन्धित जो लेजर बनाएंगे उन्हें हम अनसिक्योर्ड लोन के ग्रुप में रखेंगे.
जब आप salary के आधार पर अपने कर्मचारी को सैलरी लोन देते हैं, तो वह loan and advance ग्रुप के अंतर्गत रखेंगे. या किसी को एडवांस पेमेंट करना हो तो भी इस ग्रुप में रख सकते हैं.
व्यापार मे जब भी हम कोई ऐसा इन्वेस्टमेंट करते हैं जिसमें हमें पहले से यह निर्धारित होता है कि कितना समय बाद हमें कितना लाभ मिलेगा।
उदाहरण के लिए आप बैंक में FD(FIX DEPOSIT), RD, PPF, BOND इस प्रकार के इन्वेस्ट करते हैं तो उसके बदले में एक निश्चित समय के बाद आपके मूल्य के साथ कुछ और पैसे मिल जाते हैं.
साथियों व्यापार मे जब आप अपनी कोई राशि ऐसे जगह निवेश करते हैं जिसमें समय सीमा और लाभ पूर्व निर्धारित नहीं होते हैं और आपको यह भी नहीं पता होता है की लाभ होगा या हानि या फिर होगा तो कितने समय के बाद होगा.
उदाहरण के लिए :- शेयर मार्केट, मैचुअल फंड, लॉटरी आदि.
साथियों किसी फैक्ट्री से संबंधित सभी प्रकार के खर्चा या हमारे द्वारा किसी वस्तु के निर्माण करने में जो पैसे खर्च होते हैं उनका जो लेजर बनायेंगे उसे डायरेक्ट एक्सपेंस ग्रुप में रखेंगे।
उदाहरण के लिए मजदूरी, पावर बिल, फैक्ट्री रेंट, फैक्ट्री इंश्योरेंस आदि .
कार्यालय(office) से संबंधित सभी प्रकार की खर्चे इनडायरेक्ट एक्सपेंस होते है . दूसरे शब्दों में आप समझ सकते हैं कि जो खर्च पूर्व निर्धारित होता है कि यह मंथ के लास्ट में आपका खर्चा होगा. वह इनडायरेक्ट एक्सपेंस में रखे जाते हैं.
ऑफिस से सम्बन्धित खर्च बनाएंगे तो उस लेजर इनडायरेक्ट एक्सपेंस ग्रुप मे रखेंगे।
उदाहरण के लिए Salay paid,
किसी व्यापार में माल (goods) को बेचने पर जो राशि प्राप्त होती है उसे डायरेक्ट इनकम कहते है, डायरेक्ट इनकम से सम्बन्धित जो ladger बनायेंगे उसे डायरेक्ट इनकम ग्रुप के अंतर्गत रखे जाते हैं.
वह सभी इनकम जो माल को बेचने के अलावा हमें प्राप्त होती है उसे इनडायरेक्ट इनकम कहते है। इनडायरेक्ट इनकम से सम्बन्धित जो भी ledger बनाएंगे उसे इनडायरेक्ट ग्रुप में रखेंगे जैसे Discount Receipt, rent receipt, interest receipt,
टैक्स से सम्बन्धित जो भी ledger बनाएंगे उसे Duty and Tax group रखेंगे।
उदाहरण के लिए GST, TDS, TCS
व्यापार में ऐसा संपत्ति अर्थात सामान जो बेचने के लिए नहीं खरीदी गई है, उसे व्यापार को चलाने में प्रयोग किया जाता है, और वह लंबी अवधि के लिए होता है उसे फिक्स असेट्स कहते है.
Fixed Assets से सम्बन्धित जो भी लेजर उसे fixed Assets group रखते हैं जैसे machinery, building, land, computer, furniture आदि।
उदाहरण के लिए मान लीजिए पेपर का गिलास बनाने की एक बिजनेस है, तो पेपर के गिलास बनाने के लिए आपने जो मशीनें खरीदी हैं, जो मशीन उस गिलास को बनाती है, वह फिक्स्ड असेट्स है, लेकिन उस गिलास बनाने में आप जो मटेरियल खरीद के ला रहे हैं, और फिर गिलास तैयार होने के बाद वह बेच देते हैं, तो जो सामान बेचने के लिए लाते हैं वह करंट असेट्स होता है, लेकिन वह सामान जो बेचने के उद्देश्य से नहीं लाते हैं, वह आपके व्यापार को चलाने में सहयोग करता है, वह fixed assets होता है, जैसे गिलास बनाने की मशीन है, वह fixed assets है, क्योंकि वह मशीन जब तक रहेगा तब तक आप गिलास बना पाएंगे. जैसे machinery, building, land, computer, furniture
व्यापार में भविष्य कोष से बचने के लिए कुछ फंड बनाने पड़ते हैं उन्हें ही प्रोविजंस कहते हैं, जैसे provision for bad debts, provision for income tax आदि से सम्बन्धित जो लेजर बनायेंगे उसे provision group रखेंगे।
व्यापार में हम जो भी माल खरीदते हैं, और खरीदे गए माल को रिटर्न करते हैं, तो उनके लिए जो लेजर बनाएंगे उसे परचेज अकाउंट ग्रुप में रखेंगे हैं, उदाहरण के लिए purchase a/c,
Purchase return a/c
जब किसी बिजनेस में अपने माल (goods) को बेचते हैं, और बेचे हुए माल को जब कोई ग्राहक रिटर्न करता है तो उसके लिए जो लेजर बनाएंगे उसे sales a/c ग्रुप में रखते हैं.
जैसे sales a/c
Sales return a/c
व्यापार में हम जिस व्यक्ति (parties) या Traders से उधार (credit) माल(goods) खरीदते है तो उनसे सम्बन्धित जो लेजर बनाएंगे उनको सैंड्री क्रेडिटर ग्रुप मे रखेंगे जाता है ।
व्यापार में हम जिन लोगों से (ग्राहक) अपना माल उधार बेचते हैं तो ग्राहक से सम्बन्धित जो लेजर बनाएंगे उन्हें sundry debtor ग्रुप में रखेंगे ।
व्यापार में जो राशि हमको cash प्राप्त होती है, अर्थात हाथो हाथ किसी व्यक्ति से Money प्राप्त होता है या दिया जाता है उसे कैश cash कहते हैं.
टैली प्राइम पहले से ही Cash का लेजर पहले से बना होता है सिर्फ आप अल्टर ऑप्शन में जाकर संशोधन कर सकते हैं।
व्यापार में कुछ ऐसे लेन-देन होते हैं, जिनको पैसा देना या लेना हमारा दायित्व होता है, जैसे मान लीजिए आपके व्यापार में कोई कर्मचारी है, और उसका सैलरी पिछले मंथ(month) का या पिछले साल (years) का बाकी है तो उसका पैसा देना आपका दायित्व है, या आप किसी बैंक से लोन लिए हैं, तो वह बैंक का पैसा रिटर्न करना समय अवधि के अनुसार आपकी दायित्व(liabilities) है.
इस प्रकार का जब कोई Ledger Tally में बनाते हैं तो उसको current liabilities के ग्रुप में रखते हैं.
बिजनेस में कुछ ऐसे लेजर बनाने पड़ते हैं जो भविष्य की प्लानिंग के लिए पैसे रखने होते हैं, उसके लिए जो लेजर बनाया जाता है, उनको reserve & surplus ग्रुप में रखते हैं.
व्यापार में कुछ ऐसे राशि होती है जिनके बारे में कुछ पता नहीं होता की वह किस प्रकार की राशि है तो उनसे सम्बन्धित जो लेजर बनाएंगे उन्हें Suspens अकाउंट goup में रखते हैं.
बिजनेस में कुछ कच्चे माल (raw materials) किसी वस्तु के निर्माण के लिए मंगाना पड़ता है, तो उस सभी प्रकार की कच्चे माल( raw materials) की लेजर को स्टॉक इन हैंड ग्रुप में रखेंगे.
आप TallyPrime में बैलेंस शीट को कैसे देखें, उसकी विशेषताओं को कैसे समायोजित करें, और इसे अपने व्यवसाय के अनुसार कैसे अनुकूलित करें, इस पर विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है।
TallyPrime में बैलेंस शीट आपके व्यवसाय की वित्तीय स्थिति का एक स्पष्ट चित्र प्रस्तुत करती है। इसमें आप अपनी संपत्तियाँ (जैसे नकद, बैंक बैलेंस, स्टॉक, वाहन, उपकरण, भवन, देय खाते) और देनदारियाँ (जैसे कर, ऋण, बकाया भुगतान) देख सकते हैं।
बैलेंस शीट को देखने के लिए:
Alt+G (Go To) दबाएँ > "Balance Sheet" टाइप करें या चुनें > Enter दबाएँ।
Gateway of Tally > Balance Sheet पर जाएँ।
यहाँ आपको बाएँ तरफ देनदारियाँ (Liabilities) और दाएँ तरफ संपत्तियाँ (Assets) दिखाई देंगी।
TallyPrime में डिफ़ॉल्ट रूप से औसत लागत पद्धति (Avg Cost Method) का उपयोग किया जाता है, लेकिन आप अपनी ज़रूरत के अनुसार इसे बदल सकते हैं।
FIFO (First In First Out): पुराना स्टॉक पहले बेचा जाता है।
LIFO (Last In First Out): नया स्टॉक पहले बेचा जाता है।
At Zero Cost: स्टॉक की मात्रा दिखेगी लेकिन क्रय मूल्य नहीं।
Avg. Cost & Avg. Price: औसत लागत और औसत मूल्य आधारित।
कार्यशील पूंजी = वर्तमान संपत्तियाँ (Current Assets) - वर्तमान देनदारियाँ (Current Liabilities)।
इसे देखने के लिए Ctrl+B (Basis of Values) दबाएँ।
आप विभिन्न वर्षों की बैलेंस शीट की तुलना कर सकते हैं:
Alt+N (Auto Column) दबाएँ और वर्तमान तथा पिछला वर्ष चुनें।
आप मासिक, साप्ताहिक या त्रैमासिक तुलना भी कर सकते हैं।
शून्य बैलेंस वाले खाते हटाएँ: F12 (Configure) > "Exclude Accounts with Zero Closing Balance" को सक्षम करें।
हानि (Loss) को देनदारियों में दिखाएँ: F12 (Configure) > "Show Loss also under Liabilities" सक्षम करें।
दृश्य बदलें (Assets को बाएँ और Liabilities को दाएँ दिखाएँ): F12 (Configure) > "Method of Showing Balance Sheet" से बदलें।
यदि आपके पास ग्रुप कंपनी है, तो आप सभी कंपनियों का संयुक्त बैलेंस शीट देख सकते हैं:
Alt+G (Go To) दबाएँ > "Balance Sheet" चुनें।
Alt+F3 (Select Company) दबाएँ और ग्रुप कंपनी लोड करें।
तुलना के लिए Alt+N (Auto Column) दबाएँ और सदस्य कंपनियाँ चुनें।
इसमें स्रोत (Sources of Funds) यानी देनदारियाँ ऊपर और निधियों का उपयोग (Application of Funds) यानी संपत्तियाँ नीचे दिखाई देती हैं।
इसे देखने के लिए:
Alt+G (Go To) > Balance Sheet > Ctrl+H (Change View) > Vertical पर क्लिक करें।
F12 (Configure) से इसे सक्षम करें।
डिफ़ॉल्ट रूप से TallyPrime स्टॉक समरी बैलेंस को क्लोज़िंग स्टॉक मानता है।
लेकिन यदि कुछ लेन-देन रिकॉर्ड नहीं हुए हैं, तो आप इसे मैन्युअली सेट कर सकते हैं:
F11 (Features) दबाएँ > "Integrate Accounts and Inventory" को No करें।
Stock-in-Hand के तहत स्टॉक आइटम का खाता बनाएँ।
ओपनिंग बैलेंस दर्ज करें और इसे सेव करें।
यदि आप चाहते हैं कि "निवेश" (Investments) "स्थिर संपत्तियों" (Fixed Assets) से पहले दिखे, तो:
बैलेंस शीट में वांछित समूह चुनें (उदा. Investments)।
Ctrl+Enter दबाएँ (Group Alteration खोलने के लिए)।
Ctrl+I (More Details) दबाएँ > "Show More" > "Position Index in Reports" देखें।
Position Index बदलें (उदा. Investments = 40, Fixed Assets = 50)।
बदलाव सहेजें और बैलेंस शीट में जाएँ।
अब Investments, Fixed Assets से पहले दिखाई देगा।
TallyPrime में बैलेंस शीट एक शक्तिशाली रिपोर्ट है जो आपके व्यवसाय की वित्तीय स्थिति को स्पष्ट रूप से दिखाती है। इसे आप अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कस्टमाइज़ कर सकते हैं, विभिन्न समय अवधियों की तुलना कर सकते हैं, स्टॉक मूल्यांकन विधियों को बदल सकते हैं, और कार्यशील पूंजी का विश्लेषण कर सकते हैं।
TallyPrime बैलेंस शीट को फेवरेट्स में जोड़कर, आप इसे तेजी से एक्सेस कर सकते हैं और अपने व्यवसाय के वित्तीय निर्णय बेहतर तरीके से ले सकते हैं। 🚀
Profit & Loss Account in Tally (टैली में लाभ और हानि खाता)
Profit & Loss Account (लाभ और हानि खाता) किसी भी व्यवसाय के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय विवरण होता है। यह रिपोर्ट यह दिखाती है कि किसी निश्चित अवधि में कंपनी ने लाभ (Profit) कमाया है या हानि (Loss) हुई है। Tally ERP 9 और Tally Prime में Profit & Loss Account आसानी से देखा और विश्लेषण किया जा सकता है।
Tally ERP 9 या Tally Prime शुरू करें।
जिस कंपनी का Profit & Loss Account देखना है, उसे Select Company में चुनें।
Gateway of Tally → Reports → Profit & Loss Account
या सीधे ALT + F1 दबाएं (डिटेल मोड के लिए)।
F2 (Period) दबाएं और अपनी पसंद की तारीखें डालें (उदाहरण: 01-04-2023 से 31-03-2024)।
Profit & Loss Account दो भागों में विभाजित होता है:
✅ बिक्री (Sales) ✅ सेवा से प्राप्त आय (Service Income) ✅ अन्य आय (Other Income)
❌ खरीदारी (Purchases) ❌ प्रत्यक्ष व्यय (Direct Expenses) ❌ अप्रत्यक्ष व्यय (Indirect Expenses)
📌 Formula for Profit Calculation (लाभ की गणना का सूत्र): Net Profit/Loss=Total Revenue−Total Expenses\text{Net Profit/Loss} = \text{Total Revenue} - \text{Total Expenses}
F12 दबाएं (Configuration Settings खोलें)
निम्नलिखित सेटिंग्स को बदल सकते हैं: ✅ प्रारंभिक और समापन स्टॉक दिखाएं। ✅ अप्रत्यक्ष आय/व्यय शामिल करें। ✅ रिपोर्ट को वर्टिकल या हॉरिजॉन्टल फॉर्मेट में बदलें।
यदि आपको Profit & Loss में कोई एडजस्टमेंट करना है, तो:
Accounting Vouchers → Journal Entry (F7) पर जाएं।
उदाहरण:
डेबिट: Profit & Loss A/c ₹10,000
क्रेडिट: Capital A/c ₹10,000
1️⃣ Profit & Loss Account खोलें
2️⃣ Alt + E दबाएं (Export Option)
3️⃣ File Format: Excel (Spreadsheet) चुनें
4️⃣ Location और File Name सेट करें
5️⃣ Yes दबाएं (Export Confirm करें)
Shortcut
Feature (सुविधा)
Alt + F1
विस्तृत रिपोर्ट देखें
F2
अवधि बदलें
F12
सेटिंग्स बदलें
Ctrl + A
परिवर्तनों को सहेजें
F8
कॉलम फॉर्मेट में रिपोर्ट देखें
Alt + C
नया खाता (Ledger) जोड़ें
Profit & Loss Account किसी भी व्यवसाय के लाभ (Profit) या हानि (Loss) को दर्शाता है।
इसे Gateway of Tally → Reports → Profit & Loss Account से देखा जा सकता है।
F2 से समयावधि बदली जा सकती है, और F12 से कस्टमाइज़ किया जा सकता है।
Alt + E से इसे Excel में एक्सपोर्ट किया जा सकता है।
यदि एडजस्टमेंट की जरूरत हो तो Journal Entry (F7) का उपयोग करें।
✅ उम्मीद है यह गाइड आपके लिए उपयोगी होगी! 😊
टैली में लेजर (Ledger) एक विशिष्ट खाते (जैसे बैंक खाता, ग्राहक खाता, बिक्री खाता, आदि) का एक डिजिटल रिकॉर्ड होता है, जहाँ सभी संबंधित वित्तीय लेन-देन दर्ज किए जाते हैं, जो कि पारंपरिक लेखांकन में खाता बही की तरह काम करता है।
लेजर के बारे में महत्वपूर्ण बातें:
लेजर का उद्देश्य:
लेजर का मुख्य उद्देश्य किसी विशेष खाते से जुड़े सभी वित्तीय लेनदेन का संपूर्ण रिकॉर्ड रखना है।
लेन-देन का रिकॉर्ड:
आप लेजर में लेन-देन दर्ज करके अपने व्यवसाय के वित्तीय प्रदर्शन को ट्रैक कर सकते हैं।
लेजर और समूह:
टैली में लेजर एक समूह से जुड़े होते हैं, जो खाते के प्रकार को परिभाषित करता है।
लेजर के प्रकार:
बिक्री, खरीद, रसीदें, भुगतान आदि लेजर के उदाहरण हैं।
लेजर का उपयोग:
लेजर का उपयोग बैलेंस शीट, लाभ और हानि (पी/एल) स्टेटमेंट और अन्य वित्तीय विवरण बनाने के लिए किया जाता है।
लेजर बनाना, बदलना और हटाना:
टैली उपयोगकर्ताओं को अपनी ज़रूरतों के हिसाब से लेजर बनाने, संशोधित करने और हटाने की सुविधा देता है।
लेजर वाउचर रिपोर्ट:
आप ब्राउज़र में लेजर वाउचर रिपोर्ट देख सकते हैं और सभी लेजर का ओपनिंग बैलेंस भी देख सकते हैं, प्रिंट कर सकते हैं या एक्सपोर्ट कर सकते हैं
लेजर में किए गए बदलावों को ट्रैक करना:
टैली में, आपके पास एडिट लॉग के ज़रिए लेजर में किए गए बदलावों को ट्रैक करने का विकल्प भी है
टैली में लेजर: लेजर सूची बनाएं, हटाएं, बदलें ... - Internshala Trainings
Translated — टैली में लेजर क्या है? टैली में एक लेजर एक रिकॉर्ड है जो वित्तीय लेनदेन को बनाए रखता है। एक लेजर का लक्ष्य किसी विशेष खाते, जैसे कि बैंक खाता, ग्राहक या विक्रेता खाता, बिक्री या खरीद खाता,
trainings.internshala.com
List of Ledgers with Ledger Groups in Tally in Hindi - Learn More
21 Aug 2023 — टैली में, एक लेजर (Ledger) एक विशिष्ट खाता (account) होता है जो विभिन्न लेन-देन के लिए वित्तीय जानकारी को स्टोर करता है। यह पारंपरिक लेखांकन खाता का डिजिटल संस्करण की तरह...
Learn More India
टैलीप्राइम में लेजर का उपयोग कैसे करें | टैलीहेल्प - TallyHelp
Translated — वित्तीय विवरण तैयार करने के लिए लेजर में आवश्यक जानकारी होती है। टैलीप्राइम या खातों की पुस्तकों में मौजूद लेजर संपत्ति, देनदारियों, आय या व्यय को प्रभावित करते हैं। एक बार जब लेन-देन ...
help.tallysolutions.com
Show all
जनरेटिव एआई की सुविधा फ़िलहाल एक्सपेरिमेंट के तौर पर उपलब्ध है.
· 1 टैली में एकाउंटिंग वाउचर के प्रकार – Types of Accounting Voucher In Tally In Hindi
o
§ 1.0.1 एकाउंटिंग वाउचर क्या है ? ( Accounting Voucher In Tally / Definition of Voucher In Hindi )
§ 1.0.2 टैली में एकाउंटिंग वाउचर के प्रकार – Types of Accounting Voucher In Tally
हेल्लो फ्रेंड्स ! स्वागत है आपका आज की हमारी एक और नई पोस्ट के साथ ! आज के इस लेख में हम जानेंगे कि टैली में एकाउंटिंग वाउचर क्या है ? ( What Is Accounting Voucher In Tally ) और एकाउंटिंग वाउचर कितने प्रकार के होते है ! तो आइये शुरू करते है Types of Accounting Voucher In Tally In Hindi
एकाउंटिंग वाउचर क्या है ? ( Accounting Voucher In Tally / Definition of Voucher In Hindi )
टैली में एकाउंटिंग वाउचर वह वाउचर होता है जिसमे अलग – अलग प्रकार के लेनदेनो की प्रविष्टि की जाती है ! अर्थार्त हम कह सकते है कि टैली में वाउचर वह जगह होती है जहाँ पर अलग – अलग प्रकार के transaction को रखा जाता है ! इसमें सभी वाउचर का प्रयोग अलग – अलग तरीके से किया जाता है !
जैसे – यदि हमें किसी पार्टी को भुगतान करना होता है तो हम payment वाउचर का प्रयोग करते है ! किसी देनदार से पैसे प्राप्त होने पर उसकी entry के लिए हम receipt voucher का प्रयोग करते है ! तथा बैंक में cash डिपाजिट या withdraw करने पर हम contra voucher का use करते है !
· Tally Prime Kya Hai ? Tally Prime Features In Hindi
टैली में एकाउंटिंग वाउचर के प्रकार – Types of Accounting Voucher In Tally
टैली में मुख्य रूप से एकाउंटिंग वाउचर निम्न प्रकार के होते है –
· Contra Voucher
· Payment Voucher
· Receipt Voucher
· Journal Voucher
· Sales Voucher
· Purchase Voucher
· Credit Note Voucher
· Debit Note Voucher
Contra Voucher
जब हम बैंक से कोई लेनदेन करते है तब contra voucher का प्रयोग करते है ! इस वाउचर का प्रयोग हम तब करते है जब हम बैंक में cash जमा करवाते है या फिर cash withdraw करते है ! फण्ड को एक बैंक से दुसरे बैंक में ट्रान्सफर करने पर भी contra वाउचर का use किया जाता है ! इस वाउचर का प्रयोग करने के लिए F4 key का use किया जाता है !
contra वाउचर का प्रयोग मुख्य रूप से तीन प्रकार के transaction में किया जाता है –
· Cash Deposit in Bank
· Cash Withdraw from Bank
· Bank to Bank Transfer
· Tally Prime Shortcut Keys In Hindi
Payment Voucher
भुगतान वाउचर का प्रयोग हम तब करते है जब हमें किसी पार्टी को payment करना हो या फिर किसी भी प्रकार के खर्चे का भुगतान करना हो , चाहे यह भुगतान cash में किया जाता है या फिर bank के माध्यम से , तब इस वाउचर का प्रयोग किया जाता है ! payment वाउचर का use करने के लिए F5 key का प्रयोग किया जाता है !
निम्न प्रकार के लेनदेनो के लिए payment voucher का प्रयोग किया जायेगा –
· किसी पार्टी को भुगतान करना ( Cash / Bank Paid to Ram )
· किराया दिया ( Rent Paid )
· वेतन दिया ( Salary Paid )
Receipt Voucher
इस वाउचर का प्रयोग हम तब करते है जब हमारे पास पैसा आता है ! अब चाहे यह पैसा हमारे पास cash में आता हो या फिर bank के माध्यम से दोनों ही स्थिति में receipt voucher का use किया जायेगा ! इस वाउचर का प्रयोग करने के लिए F6 का प्रयोग किया जाता है !
निम्न लेनदेनो को receipt वाउचर में किया जाता है –
· किसी व्यक्ति या पार्टी को उधार में बेचे गए माल का पैसा प्राप्त होने पर !
· व्यवसाय की कोई सम्पति नगद में बेचने पर !
· कमीशन प्राप्त होने पर !
Journal Voucher
इस वाउचर का प्रयोग मुख्य रूप से adjustment के लिए किया जाता है ! यानि की जो एंट्रीज़ अन्य वाउचर में नहीं की जाती है उसकी entry जर्नल वाउचर में ही की जाती है ! इस वाउचर का प्रयोग करने के लिए F7 key का प्रयोग किया जाता है !
निम्न प्रकार के लेनदेनो की entry इस वाउचर में की जाएगी –
· लोन पर ब्याज की इंट्री !
· क्रेडिट पर किसी सम्पति को खरीदना और बेचना !
· सम्पति पर ह्रास ( Depreciation ) चार्ज करना !
· Bills Receivable और Bills Payable की इंट्री आदि !
Sales Voucher
इस वाउचर का प्रयोग हम तब करते है जब हमारे द्वारा कोई माल या वस्तु बेचीं जाती है , चाहे यह उधार में हो या फिर cash में ! sales वाउचर के प्रयोग के लिए F8 key का use किया जाता है !
Example :
· राम को 1000 का माल बेचा !
· नगद में 5000 का माल बेचा !
· नगद में मशीनरी बेचीं, आदि !
Purchase Voucher
इस वाउचर का प्रयोग व्यवसाय के लिए जो भी सामान या गुड्स purchase करते है , चाहे वह हम नगद में खरीदते है या फिर उधार में , सभी लेनदेन की entry purchase voucher में की जाएगी ! इस वाउचर का प्रयोग करने के लिए F9 key का प्रयोग किया जाता है !
Example :
· श्याम से नगद माल ख़रीदा !
· फर्नीचर ख़रीदा !
· मशीनरी खरीदी !
Debit Note Voucher
इस वाउचर का प्रयोग तब किया जाता है जब हम ख़रीदे हुए माल को वापस रिटर्न करते है ! इसके अलावा माल पर मिलने वाले डिस्काउंट के सम्बन्ध में भी इसका use किया जाता है ! debit note voucher के लिए Ctrl + F9 key का प्रयोग किया जाता है !
Example :
· ख़रीदा हुआ माल सप्लायर को वापस रिटर्न किया !
· माल पर डिस्काउंट प्राप्त हुआ !
Credit Note Voucher
इस वाउचर का प्रयोग हमारे द्वारा बेचे गए माल में से कुछ या पूरा माल वापस रिटर्न हो जाता है तो इस transaction की entry credit note voucher में की जाएगी ! इसके अलावा यदि हम बेचे गए माल पर डिस्काउंट देते है तो उसकी entry भी इसी वाउचर में की जाएगी ! इस वाउचर का प्रयोग करने के लिए Ctrl + F8 key का प्रयोग किया जाता है !
Example :
· बेचा हुआ माल वापस प्राप्त हुआ !
· बेचे गए माल पर डिस्काउंट दिया !
टैली में वाउचर के प्रकार
टैली दो अलग-अलग प्रकार के वाउचर प्रदान करता है - अकाउंटिंग वाउचर और इन्वेंट्री वाउचर। इससे व्यवसायों को अकाउंटिंग और इन्वेंट्री संचालन को अलग करने में मदद मिलती है। ये वाउचर उपयोगकर्ताओं को वित्तीय गतिविधियों को रिकॉर्ड करने या इन्वेंट्री आइटम को ट्रैक करने की अनुमति देते हैं।
टैली दो अलग-अलग प्रकार के वाउचर प्रदान करता है, अकाउंटिंग वाउचर और इन्वेंट्री वाउचर। इससे व्यवसायों को अकाउंटिंग और इन्वेंट्री संचालन को अलग करने में मदद मिलती है।
लेखांकन वाउचर
टैली में, अकाउंटिंग वाउचर एक ऐसा दस्तावेज़ है जिसका उपयोग भुगतान, रसीदें, खरीद और बिक्री जैसे वित्तीय लेनदेन को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है। ये वाउचर लेनदेन के सबूत या साक्ष्य के रूप में कार्य करते हैं और किसी संगठन में वित्तीय गतिविधियों का सटीक रिकॉर्ड प्रदान करते हैं।
टैली में लेखांकन वाउचर वित्तीय लेनदेन को सटीक और कुशलतापूर्वक रिकॉर्ड करने का एक सरल और प्रभावी तरीका प्रदान करते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि व्यवसायों के पास सूचित निर्णय लेने के लिए विश्वसनीय वित्तीय रिकॉर्ड हैं।
टैली में अकाउंटिंग वाउचर के प्रकार
टैली में लेखांकन वाउचर विभिन्न श्रेणियों में विभाजित हैं; इनमें शामिल हैं:
बिक्री वाउचर –
बिक्री वाउचर टैली के सबसे लोकप्रिय अकाउंटिंग टूल में से एक है , जो उपयोगकर्ताओं को बहुत ही लचीलेपन के साथ बिक्री प्रविष्टियाँ रिकॉर्ड करने की अनुमति देता है। चुनने के लिए दो तरीके हैं:
चालान मोड
वाउचर मोड
इनवॉइस मोड में, आप अपने ग्राहक को देने के लिए अपने लेन-देन की एक प्रति प्रिंट कर सकते हैं। दूसरी ओर, वाउचर मोड में, आप केवल वैधानिक उद्देश्यों के लिए किए गए लेन-देन को रिकॉर्ड कर सकते हैं। टॉगल बटन आपको इन दो विकल्पों के बीच आसानी से स्विच करने देता है।
खरीद वाउचर
आवश्यक सेवाओं और उत्पादों को ट्रैक करने के लिए खरीद रिकॉर्ड बनाना आवश्यक है। यह टैली में खरीद वाउचर के साथ किया जा सकता है। चुनने के लिए दो तरीके हैं:
वाउचर मोड
चालान मोड
आप अन्य पार्टियों द्वारा जारी किए गए चालान या आपके द्वारा पहले से बनाई गई किसी भी चालान शीट का प्रिंट आउट भी ले सकते हैं। इसके अलावा, वैधानिक उद्देश्यों के लिए वाउचर मोड के तहत लेनदेन दर्ज किए जा सकते हैं, और इन्हें प्रिंट करने की आवश्यकता नहीं है। आप बिक्री वाउचर के समान लेनदेन मोड को भी संशोधित कर सकते हैं।
भुगतान वाउचर
टैली ERP9 एक व्यापक ERM सॉफ्टवेयर है जिसे भुगतान लेनदेन को सुविधाजनक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। टैली में भुगतान वाउचर आपको बैंक विवरण, इंस्ट्रूमेंट नंबर, बैलेंस और बहुत कुछ सहित सभी आवश्यक डेटा प्रदान करता है। आप भुगतान वाउचर को अपडेट करने के बाद चेक का प्रिंट आउट भी ले सकते हैं।
चेक सूची को प्रिंट करने के लिए, टैली में 'बैंकिंग' पर जाएँ और 'चेक प्रिंटिंग' चुनें। यह भारत और अन्य देशों के 500 से अधिक बैंकों को सपोर्ट करता है। अंत में, आप अपने विक्रेता को उनके भुगतान प्राप्त करने के बाद रसीद भेज सकते हैं।
रसीद वाउचर
जब आप भुगतान प्राप्त करते हैं तो आप लेनदेन का दस्तावेजीकरण करने के लिए रसीद वाउचर का उपयोग कर सकते हैं। उपयोगकर्ता प्रत्येक भुगतान के बारे में जानकारी जोड़ सकते हैं और इस वाउचर का उपयोग करके भुगतान का अपना इच्छित तरीका चुन सकते हैं, जैसे कि नकद या चेक। टैली में रसीद वाउचर कंपनी और उसके ग्राहकों के बीच बिक्री में पारदर्शिता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
कॉन्ट्रा वाउचर
टैली में एक कॉन्ट्रा वाउचर एक या एक से अधिक बैंकों, नकदी या जमाराशि से जुड़े नकद लेनदेन का दस्तावेजीकरण करने के लिए एक महत्वपूर्ण लेखा उपकरण है। यह टैली पर उपलब्ध खातों के बीच किसी भी निकासी, जमा या हस्तांतरण का रिकॉर्ड रखने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, यह प्रक्रिया से जुड़े मौद्रिक मूल्यवर्ग में मूल्य के बारे में विवरण प्रदान करता है।
जर्नल वाउचर
टैली में जर्नल वाउचर एक बहुउद्देश्यीय वाउचर है जिसका उपयोग खरीद, बिक्री और मूल्यह्रास का दस्तावेजीकरण करने के लिए किया जाता है। यह इन्वेंट्री और अकाउंटिंग दोनों मोड में उपलब्ध है।
क्रेडिट नोट टोकन
बिक्री रिटर्न लेनदेन के लिए, क्रेडिट नोट रिकॉर्ड आवश्यक है। क्रेडिट नोट वाउचर आमतौर पर डिफ़ॉल्ट रूप से निष्क्रिय होता है। इस वाउचर को सक्रिय करने के लिए, आप F11 कुंजी का उपयोग कर सकते हैं और इनवॉइसिंग सुविधा को कस्टमाइज़ कर सकते हैं।
इन लेन-देन का रिकॉर्ड बनाए रखना ज़रूरी है ताकि आप उस मूल बिक्री चालान को वापस देख सकें जिसके विरुद्ध क्रेडिट नोट प्रविष्टि की गई है। जब आप इस लेन-देन के लिए किसी पार्टी का चयन करते हैं, तो आपको उन चालानों की सूची दिखाई देगी जिनके विरुद्ध वाउचर का उपयोग किया गया है। क्रेडिट नोट वाउचर को चालान या वाउचर मोड के तहत भी एक्सेस किया जा सकता है।
डेबिट नोट वाउचर
डेबिट और क्रेडिट नोट वाउचर बिक्री या खरीद लेनदेन में रिटर्न रिकॉर्ड करते हैं। डेबिट या क्रेडिट नोट बनाने के लिए, F11 बटन दबाकर और इसकी विशेषताओं को कॉन्फ़िगर करके शुरू करें। फिर, रिकॉर्ड दर्ज करते समय संदर्भ बिंदुओं के रूप में लेनदेन से जुड़े मूल चालान का उपयोग करें।
इन्वेंटरी वाउचर –
टैली में इन्वेंट्री वाउचर का उपयोग इन्वेंट्री या स्टॉक आइटम से संबंधित लेनदेन रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है। ये वाउचर व्यवसायों को सटीक इन्वेंट्री रिकॉर्ड बनाए रखने और स्टॉक की गतिविधियों को ट्रैक करने में मदद करते हैं, जिसमें स्टॉक इनवर्ड और स्टॉक आउटवर्ड शामिल हैं।
इन्वेंट्री वाउचर इन्वेंट्री को प्रबंधित करने और यह सुनिश्चित करने का एक आसान और प्रभावी तरीका प्रदान करते हैं कि स्टॉक रिकॉर्ड सटीक और अद्यतित हैं। इन्वेंट्री वाउचर के साथ, व्यवसाय अपने स्टॉक मूवमेंट को ट्रैक कर सकते हैं, स्टॉक प्रबंधन के बारे में सूचित निर्णय ले सकते हैं और विश्वसनीय वित्तीय रिकॉर्ड बनाए रख सकते हैं।
टैली में इन्वेंट्री वाउचर के प्रकार
टैली में इन्वेंट्री वाउचर कई अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित हैं, जिनमें शामिल हैं:
भौतिक स्टॉक सत्यापन वाउचर
संगठन अक्सर इन वाउचर का उपयोग इन्वेंट्री को ट्रैक करने और भौतिक स्टॉक सत्यापन की सटीक गणना सुनिश्चित करने के लिए करते हैं। यह प्रणाली कंपनियों को प्रत्येक गोदाम में वस्तुओं के प्रकार और मात्रा को जल्दी से निर्धारित करने में मदद करती है।
वाउचर में आइटम का नाम, मात्रा, दरें, बैच/लॉट नंबर, समाप्ति तिथि, उत्पादन तिथि और बहुत कुछ जैसे विवरण शामिल हैं। अंततः, यह प्रणाली प्रबंधकों को निर्णय लेने में मदद करती है और भौतिक सूची और लेखा अभिलेखों के बीच संख्याओं को सटीक रूप से संरेखित रखती है।
सामग्री इन और आउट वाउचर
व्यवसाय इन वाउचर का उपयोग यह ट्रैक रखने के लिए करते हैं कि उत्पाद कर्मचारियों के पास कितने समय तक रहे या उन्हें कब डिलीवर किया गया। इसके अतिरिक्त, जीएसटी नियमों का पालन करना भी आवश्यक है।
डिलीवरी नोट वाउचर
इस वाउचर को डिलीवरी चालान के नाम से भी जाना जाता है। इसका उपयोग भेजे गए उत्पादों पर नज़र रखने के लिए किया जाता है। यह ग्राहकों को आसान संदर्भ के लिए डिस्पैच दस्तावेज़ों की संख्या, वाहन संख्या और बिल ऑफ़ लैडिंग नंबर जोड़ने की सुविधा देता है। इसके अलावा, इस दस्तावेज़ में अन्य सभी प्रासंगिक जानकारी भी शामिल की जा सकती है।
रसीद नोट वाउचर
यह वाउचर विक्रेता से उत्पाद प्राप्ति के आधिकारिक रिकॉर्ड के रूप में कार्य करता है। यह उपयोगकर्ताओं को ट्रक पंजीकरण संख्या, लैडिंग नंबर बिल, डिस्पैच नंबर आदि जैसे अतिरिक्त डेटा को दस्तावेज़ित करने की अनुमति देता है।
टैली में वाउचर के लिए शॉर्टकट कुंजियाँ
टैली में वाउचर के लिए शॉर्टकट कुंजियाँ इस प्रकार हैं:
शॉर्टकट कुंजी विवरण
CTRL + F1 इन्वेंटरी वाउचर या अकाउंटिंग स्क्रीन से पेरोल वाउचर का चयन करने के लिए
CTRL + F2 अकाउंटिंग वाउचर या इन्वेंट्री वाउचर स्क्रीन से बिक्री ऑर्डर वाउचर का चयन करने के लिए
CTRL + F4 लेखांकन वाउचर स्क्रीन से क्रय आदेश वाउचर का चयन करने के लिए
CTRL + F8 क्रेडिट नोट वाउचर का चयन करने के लिए
CTRL + F9 डेबिट नोट वाउचर का चयन करने के लिए
CTRL + F10 ज्ञापन वाउचर का चयन करने के लिए
एफ4 कॉन्ट्रा वाउचर का चयन करने के लिए
एफ5 भुगतान वाउचर का चयन करने के लिए
एफ6 रसीद वाउचर का चयन करने के लिए
एफ7 जर्नल वाउचर का चयन करने के लिए
एफ8 बिक्री वाउचर का चयन करने के लिए
एफ9 खरीद वाउचर का चयन करने के लिए
एफ10 रिवर्सिंग जर्नल वाउचर का चयन करने के लिए
टैली में ईमेल कॉन्फ़िगरेशन
यहां बताया गया है कि आप टैली में ईमेल सुविधा कैसे सेट कर सकते हैं:
F12 दबाएं और कॉन्फ़िगर पर जाएं।
टैली गेटवे के अंतर्गत ई-मेलिंग पर क्लिक करें।
उपलब्ध विकल्पों में से इच्छित मेलिंग सर्वर का चयन करें।
इसके बाद, दिए गए एड्रेस कॉलम में SMTP सर्वर का नाम और पोर्ट नंबर डालें। उदाहरण के लिए, smtp.outlook.com:465. आप किसी अन्य प्रश्न या सहायता के लिए अपने नेटवर्क सेवा व्यवस्थापक से संपर्क कर सकते हैं।
'SSL का उपयोग करें' विकल्प डिफ़ॉल्ट रूप से "चालू" पर सेट होता है, जो चुने गए ईमेल सर्वर पर निर्भर करता है। SSL कनेक्शन एक सुरक्षित नेटवर्क सुनिश्चित करता है। Google Mail, Yahoo और Hotmail जैसे लोकप्रिय प्लेटफ़ॉर्म आम तौर पर सुरक्षित नेटवर्क और सर्वर का उपयोग करते हैं।
आपके द्वारा चुने गए ईमेल सर्वर के आधार पर "मानक पोर्ट पर सुरक्षित सॉकेट लेयर (SSL) का उपयोग करें" विकल्प स्वचालित रूप से कॉन्फ़िगर किया जाएगा। कुछ प्रदाता सुरक्षित नेटवर्क तक पहुँचने के लिए डिफ़ॉल्ट 25 पोर्ट का उपयोग कर सकते हैं।
'ईमेल पते से' विकल्प कंपनी बनाते समय जोड़े गए ईमेल पते को दिखाएगा। आप एप्लिकेशन के इस अनुभाग में नया ईमेल पता दर्ज करके भी इसे बदल सकते हैं। अपने नाम के बावजूद, यह फ़ील्ड मास्टर कंपनी रिकॉर्ड से लिंक नहीं करता है या भविष्य में उपयोग के लिए जानकारी संग्रहीत नहीं करता है।
यदि आपके ईमेल सर्वर के लिए प्रमाणीकरण आवश्यक है, तो आपको दिए गए फ़ील्ड में उपयोगकर्ता का उपयोगकर्ता नाम और पासकोड डालना होगा। यदि आपको इस चरण में सहायता की आवश्यकता है तो आपको अपने सिस्टम व्यवस्थापक से संपर्क करना चाहिए।
अंत में, फ़ॉर्मेट की सूची पर जाएँ और इच्छित अनुलग्नक फ़ॉर्मेट चुनें। यह अनुलग्नक आपके इच्छित प्राप्तकर्ता को चुने गए फ़ॉर्मेट में ईमेल किया जाएगा।
भले ही आप टैली में उल्लेखित न किए गए किसी ईमेल सेवा प्रदाता का उपयोग करने की योजना बना रहे हों, आप टैली में 'उपयोगकर्ता-परिभाषित' विकल्प चुन सकते हैं और अपना खाता जल्दी से सेट कर सकते हैं। इस तरह, भुगतान रसीदें, खाता बही, खाता पुष्टिकरण, अनुस्मारक आदि जैसे दस्तावेज़ आसानी से भेजे जा सकते हैं।