सैफी समुदाय की बेहतरी पर फोकस के साथ सैफी संघर्ष समिति की स्थापना की गई थी. हम सैफी समुदाय से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहे हैं ताकि समुदाय की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में वृद्धि हो. समिति के प्रमुख एजेंडे में कई मांगें शामिल हैं:
- सरकार सैफी समाज के सदस्यों, जो अपने पारंपरिक व्यवसाय (लकड़ी और लोहे के काम) में शामिल हैं, के लिए फ्लैट दर पर बिजली प्रदान करेगी, जिससे कि वो अपने नए छोटे उद्योगों को स्थापित कर सकें.
- बढ़ई के अपने पारंपरिक व्यवसाय में शामिल सैफी समुदाय के सदस्यों को 2 फीट तक आरा मशीन के लिए लाइसेंस मुक्त किया जाए और वन विभाग द्वारा लकड़ी की नीलामी के दौरान सैफी समाज के सदस्यों को प्राथमिकता दी जाए.
- विभिन्न सरकारी विभागों में सैफी समाज के सदस्यों को लकड़ी और लोहे से संबंधित अनुबंध कार्य के लिए प्राथमिकता दी जाए.
- सैफी समाज के सदस्यों को नए लघु उद्योगों की स्थापना के लिए 25 लाख तक का ऋण दिया जाएगा और यह अगले 10 वर्षों के लिए किसी भी कर से मुक्त हो.
- सैफी समाज के सदस्यों को विभिन्न सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों जैसे आईटीआई, पॉलिटेक्निक, आदि में प्रवेश में प्राथमिकता दी जाए.
- सैफी समाज के सदस्य जो 10 वीं पास कर चुके हैं, उन्हें 6 महीने के लिए कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा और इसे आईटीआई के समकक्ष माना जाए.
- हथियारों की मरम्मत के लाइसेंस के लिए सैफी समाज के सदस्यों को प्राथमिकता दी जाए.
- सैफी समुदाय को ओबीसी के तहत उनकी आबादी, सामाजिक और आर्थिक स्थिति के अनुसार अलग से आरक्षण दिया जाए.
- बढ़ई और लौहार के पारंपरिक व्यवसाय में शामिल सैफीसमाज के सदस्यों को 250 वर्ग मीटर की भूमि नए लघु उद्योग की स्थापना के लिए आवंटित की जाए.
- बढ़ई और लौहार के पारंपरिक व्यवसाय में शामिल सैफी समाज के सदस्यों सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अलग नीति बनाई जाए.