सैफी संघर्ष समिति की स्थापना का मुख्य उद्देश्य सैफी समाज की बेहतरी के लिए काम करना था. सैफी पारंपरिक रूप से लकड़ी (बढ़ई) और लोहे (लौहार) के काम से जुड़ा समुदाय है. आज के दौर में सैफी समाज अलग अलग व्यवसायों से जुड़ा है जिसमे मुख्य रूप से स्पेयर पार्ट्स निर्माण, विभिन्न प्रकार के फर्नीचर निर्माण, फेब्रिकेशन निर्माण, आरा मशीन, खराद मशीन आदि है.
मोटे तौर पर आज सैफी समाज एक सुई से लेकर हवाई जहाज तक के निर्माण में भागीदारी रखता है.
सैफी समाज उत्तर प्रदेश की आबादी का लगभग 5% हिस्सा साझा करते हैं, फिर भी समुदाय मुख्य धारा से काफी पीछे है, खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग. सैफी संघर्ष समिति देश और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के निवास करने वाले सैफी समाज के लोगो को जागरूक करने के लिए एक छोटा सा कदम है ताकि समुदाय के लोगो की शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक स्तिथि बेहतर हो सके. हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप टीम का हिस्सा बनें और इस मिशन को पूरा करने में हमारी मदद करें.