कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है।
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है ।।
मैं तुझसे दूर कैसा हूँ, तूम मुझसे दूर कैसे हो ।
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है।।
मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है।
कभी कबीरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है ।।
यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं।
जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है ।।
समंदर पीर के अन्दर है, लेकिन रो नहीं सकता ।
यह आँसू प्यार का मोती है, इसको खो नही सकता ।
मेरी चाहत को तू अपना बना लेना, मगर सुन ले।
जो मेरा हो नही पाया, वो तेरा हो नही सकता ।।
भ्रमर कोई कुमुदुनी पर मचल बैठा तो हंगामा ।
हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा ।।
अभी तक डूब कर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का।
मैं किस्से को हकीक़त में बदल बैठा तो हंगामा ।।
हम नहीं बदले...
बदलने को तो इन आँखों के मंजर कम नहीं बदले,
तुम्हारी आशाओं के मौसम, हमारे गम नहीं बदले ।
तुम अगले जन्म में हमसे मिलोगे, तब तो मानोगे,
जमाने और सदी की इस बदल में हम नहीं बदले ।।
कभी मैं कह नहीं पाया...
बहुत बिखरा बहुत टूटा, थपेड़े सह नहीं पाया ।
हवाओं के इशारों पर, मगर मैं बह नहीं पाया ।।
अधूरा अनसुना ही रह गया, यूँ प्यार का यह किस्सा ।
कभी तुम सुन नहीं पाये, कभी मैं कह नहीं पाया ।।
किनारा कर लिया मैंने...
जो मैं या तुम समझ लें वो इशारा कर लिया मैंने,
भरोसा बस तुम्हारा था तुम्हारा कर लिया मैंने ।
लहर है, हौसला है, रब है, हिम्मत है, दुआएं है,
किनारा करने वालों से किनारा कर लिया मैंने ।।
मैं अपना काम करता हूँ...
मैं अपने गीत-गजलों से उसे पैगाम करता हूँ,
उसी की दी हुई दौलत उसी के नाम करता हूँ ।
हवा का काम है चलना, दीये का काम है जलना,
वो अपना काम करते है, मैं अपना काम करता हूँ ।।
मुझसे लोग अक्सर रूठ जाते है...
मैं जब भी तेज चलता हूँ नजारे छूट जाते है,
कोई जब रूप घड़ता हूँ तो सांचे टूट जाते है ।
मैं रोता हूँ तो आकर लोग कंधा थप-थपाते है,
मैं हंसता हूँ तो मुझसे लोग अक्सर रूठ जाते है।।
दिल की बात तु कहना ना भूले से...
वो जिसका तीर चुपके से जिगर के पार होता है,
वो कोई गैर नहीं अपनी ही रिश्तेदार होता है ।
किसी से अपने दिल की बात तु कहना ना भूले से,
यहाँ खत भी जरा सी देर में अखबार होता है ।।
खाली हाथ जाना है...
नजर में शोखियाँ लब पर मुहब्बत का तराना है,
मेरी उम्मीद की जद में, अभी सारा जमाना है ।
कई जीते है दिल के देश, पर मालूम है मुझको,
सिकंदर हूँ मुझे एक रोज खाली हाथ जाना है ।।
हमारी रो के गुजरी है...
किसी के दिल की मायूसी जहाँ से हो के गुजरी है,
हमारी सारी चालाकी वहीं पर खो के गुजरी है ।
तुम्हारी और मेरी रात में बस फर्क इतना ही है,
तुम्हारी सो के गुजरी है, हमारी रो के गुजरी है ।।
हम तुम मिले ही नहीं...
कि जख्म इतने मिल फिर सिले ही नहीं,
दीप ऐसे बुझे फिर जले ही नहीं ।
व्यर्थ किस्मत पर रोने से क्या फायदा,
सोच लेना की हम तुम मिले ही नहीं ।।
दरिया पार क्या करना...
पनाहों में जो आया हो, उस पर वार क्या करना,
जो दिल हारा हुआ हो, उस पर अधिकार क्या करना,
मोहब्बत का मजा तो डूबने की कशमकश में है,
जो हो मालूम गहराई, तो दरिया पार क्या करना ।।
कोई मंजिल नहीं जँचती...
कोई मंजिल नहीं जँचती... सफर अच्छा नहीं लगता,
अगर घर लौट भी आऊँ, तो घर अच्छा नहीं लगता ।
करूं कुछ भी मैं अब दुनिया को सब अच्छा ही लगता है,
मुझे कुछ भी तुम्हारे बिन मगर अच्छा नहीं लगता ।।
मुलाकातों में बातें अधूरी छूट जाती है...
जवानी में कई गजलें अधूरी छूट जाती है,
कई ख्वाहिश तो दिल ही दिल में छूट जाती है ।
जुदाई में तो में उससे मुकम्मल बात करता हूँ,
मुलाकातों में सब बातें अधूरी छूट जाती है ।।
सब अपने दिल के राजा है...
सब अपने दिल के राजा है, सबकी अपनी रानी है,
भले प्रकाशित हो ना हो पर सबकी कोई कहानी है ।
बहुत सरल है पता लगाना किसने कितना दर्द सहा,
जिसकी जितनी आँख हँसे है उतनी पीर पुरानी है...
अगले पल का भरोसा नहीं...
वक्त के क्रूर छल का भरोसा नहीं,
आज जी लो कि कल का भरोसा नहीं ।
दे रहे है वो अगले जनम की खबर,
जिनको अगले ही पल का भरोसा नहीं ।।
मुझे मालूम है मुझी से प्यार करता है...
मैं उसका हूँ वो इस एहसास से इनकार करता है,
भरी महफिल में भी रूसवा मुझे हर बार करता है ।
यकीन है सारी दुनिया को खफा है मुझसे वो लेकिन !
मुझे मालूम है फिर भी मुझी से प्यार करता है ।