World Blood Donor Day
(14 June 2025)
(14 June 2025)
ग्वालियर, 14 जून 2025 — माधव प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान सम विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने विश्व रक्तदान दिवस के उपलक्ष्य में ग्वालियर शहर में एक व्यापक और प्रभावशाली जनजागरूकता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें इस मानवीय और जीवनरक्षक कार्य के लिए प्रेरित करना था।
अभियान की शुरुआत "रक्तदान – महादान" थीम के साथ हुई। स्वयंसेवकों की टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार क्षेत्र और पार्कों में जाकर लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने हाथ में पोस्टर, बैनर और स्लोगन लेकर न केवल रक्तदान के महत्त्व को बताया, बल्कि वैज्ञानिक तथ्यों और स्वास्थ्य लाभों की सरल भाषा में जानकारी भी साझा की। स्वयंसेवकों ने बताया कि रक्तदान करने से शरीर में अतिरिक्त आयरन की मात्रा संतुलित होती है, जिससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा घटता है। यह नई लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) के निर्माण को प्रेरित करता है, जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि नियमित रक्तदान करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका भी कम होती है। इस अवसर पर कई नागरिकों ने पहली बार रक्तदान के बारे में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जाना और अपनी भ्रांतियों को दूर किया। स्वयंसेवकों ने यह भी बताया कि एक बार किया गया रक्तदान तीन जरूरतमंद लोगों की जान बचा सकता है। स्वयंसेवकों ने अपने संवादों में यह बात विशेष रूप से कही कि "रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। केवल एक स्वस्थ व्यक्ति ही दूसरे की जान बचा सकता है।" उन्होंने लोगों से अपील की कि हर स्वस्थ व्यक्ति को साल में कम से कम दो बार रक्तदान करना चाहिए। यह न केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी है, बल्कि मानवता की सच्ची सेवा भी है। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी श्री दीप किशोर परसेडिया जी की गरिमामयी उपस्थिति में सभी स्वयंसेवकों और सहभागियों ने रक्तदान करने और इसके लिए जनजागरूकता फैलाने की सामूहिक शपथ ली। श्री परसेडिया ने स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि - "NSS के युवा आज जिस जागरूकता का बीज बो रहे हैं, वही कल समाज में जीवन बचाने वाली प्रेरणा का वटवृक्ष बनेगा।"