मंत्र
देवी कामाख्या, देवी सती का ही रूप है | पौराणिक कथा के अनुसार जब देवी सती ने आत्मदाह कर लिया था तब भगवान शिव क्रोधित होकर उनका शव हाथ में लिए सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में विचरण करने लगे | अब भगवान विष्णु अपने चक्र के द्वारा देवी सती के शव को खंडित कर देते है | उनके शव के टुकड़े जहाँ-जहाँ पृथ्वी पर गिरते है वे सभी स्थान देवी सती के सिद्ध पीठ कहलाये | देवी सती के शव के कुल 51 टुकड़े इस पृथ्वी पर गिरे ये सभी माँ के 51 सिद्ध पीठ कहलाये | देवी सती का योनी भाग जिस स्थान पर गिरा वह स्थान कामाख्या देवी सिद्ध पीठ के नाम से विख्यात हुआ | देवी कामाख्या सिद्ध पीठ स्वयं में एक चमत्कारी स्थान है जहाँ दूर-दूर से साधक अपनी तंत्र साधनों में सिद्ध प्राप्त करने आते रहते है |
माँ कामाख्या देवी मंत्र : –
1. माँ कामाख्या देवी बीज मंत्र –
” क्लीं क्लीं कामाख्या क्लीं क्लीं नमः “
2. माँ कामाख्या तांत्रिक मंत्र/: –
|| त्रीं त्रीं त्रीं हूँ हूँ स्त्रीं स्त्रीं कामाख्ये प्रसीद स्त्रीं स्त्रीं हूँ हूँ त्रीं त्रीं त्रीं स्वाहा ||
3. माँ कामाख्या देवी प्रणाम मंत्र –
कामाख्ये कामसम्पन्ने कामेश्वरि हरप्रिये ।
कामनां देहि मे नित्यं कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥
माँ कामाख्या देवी की पूजा आराधना शुरू करने से पूर्व इस मंत्र द्वारा उनका स्मरण करना चाहिए उन्हें प्रणाम करना चाहिए |
4. माँ कामाख्या वशीकरण मंत्र –
|| ॐ नमो कामाक्षी देवी आमुकी में वंशं कुरु कुरु स्वः ||
5. माँ कामाख्या देवी सिन्दूर प्रयोग का मंत्र : –
कामाख्याये वरदे देवी नीलपर्वतावासिनी |
त्व देवी जगत माता योनिमुद्रे नमोस्तुते ||