बात हमारी होती तो मान जाते हम,
लेकिन बात इस बार दिल की थी।
बेशक तेरे जानें का मलाल था हमें,
लेकिन बात दिल की थी लगी हमें।
तेरे सजने से कभी खतरा था हमें,
लेकिन बात दिल की थी लगी हमें।
तेरे हंसने से डरते थे कभी हम,
लेकिन अब बात दिल की थी लगी हमें।
तेरी आंखों से हम भी डरते थे कभी,
लेकिन बात अब दिल को लगी थी।
मेरे हसने से कभी डर लगता था तुम्हें,
लेकिन बात दिल की थी लगी हमें
मेरी आदत थी तुझसे लड़ने की,
लेकिन बात दिल की थी लगी हमें।
अब तेरे ना होने से दर नहीं लगता,
लेकिन बात दिल की थी लगी हमें।
अपने शाए से मै अब नहीं डरता,
लेकिन बात दिल की थी लगी हमें।
तू सलामत रहे दुआ है मेरी,
लेकिन याद रखना बात दिल की थी लगी हमें।
ना चाहा था तुझसे दूर जाऊंगा, लेकिन ना जाने क्यों शर्मिंदा हूं,
आज तेरी गुस्ताखियों को देखकर खुद से शर्मिंदा हूं।
तुझपर तो खुद से ज्यादा भरोसा था, लेकिन आज ना जाने क्यों शर्मिंदा हूं,
आज तेरी गुस्ताखियों को देखकर खुद से शर्मिंदा हूं।
बेशक तेरे लम्हें रहे होंगे हजारों मगर, लेकिन ना जाने मै क्यों शर्मिंदा हूं,
आज तेरी गुस्ताखियों को देखकर खुद से शर्मिंदा हूं।
बेशक तूने सच बोला था, लेकिन ना जाने क्यू शर्मिंदा हूं,
आज तेरी गुस्ताखियों को देखकर खुद से शर्मिंदा हूं।
तेरी तस्वीर में देखा है तेरा चमकता चेहरा, लेकिन शर्मिंदा हूं,
आज तेरी गुस्ताखियों को देखकर खुद से शर्मिंदा हूं।
बेशक मेरा कुछ ना गया अभी तक, लेकिन शर्मिंदा हूं,
आज तेरी गुस्ताखियों को देखकर खुद से शर्मिंदा हूं।
सोचता हूं जब ये सब कुछ हुए कैसे, बार बार शर्मिंदा हूं,
आज तेरी गुस्ताखियों को देखकर खुद से शर्मिंदा हूं।
हो सके तो रुखसत कर मुझे खुद से, क्यूंकि आज में
आज तेरी गुस्ताखियों को देखकर खुद से शर्मिंदा हूं।
जब नींद नहीं आती।
तब अम्मी की लोरी याद आती हैं।।
वो सिर खुजलाना याद आता है।
वो रोते को आपका मानना याद आता है।
वो बचपन के कंचे याद आते है।
वो बचपन की कुटाई याद आती है।।
वो चूलेह की रोटी याद आती है।
वो आपका पिलाया दूध याद आता है।
संग गुजरा हर वो लम्हा याद आता है।
वो नानी-नाना की याद आती है।
उड़ता सा एक परिंदा था, अब गिर चुका हूं,
आधा रह गया हूं और आधा मर चुका हूं।
पेड़ का एक हरा पत्ता था, पतझड़ में मुरझा चुका हूं,
आधा रह गया हूं और आधा मर चुका हूं।
समुद्र का एक किनारा था अब बह चुका हूं,
आधा रह गया हूं और आधा मर चुका हूं।
बाग का एक माली था कतरा के चल पड़ा हूं,
आधा रह गया हूं और आधा मर चुका हूं।
जिंदगी का एक हिस्सा अब खो चुका हूं,
आधा रह गया हूं और आधा मर चुका हूं।
To be continue...