(7)शीर्षक: प्यार होते होते हो गया PYAAR HOTE HOTE HO GAYA (PHHHG)
चंद दिनों की दुनिया थी, खुशियों क्या अंबार था !कभी झगड़ा कभी प्यार मोहब्बत, एक दूजे का इंतज़ार था !हर जीत में हर हार में, चाहत का इज़हार था !कायनात बदलने का वादा था, सपनो का संसार था !!1!!
चाँद सितारें भी कहते थे, काश ! मेरा दिन ऐसा होता !तुम बन जाते मेरा अपना, या मैं तेरा हो जाता ! साथ में जब तुम नहीं होते, पास मेरा कुछ भी नहीं होता !व्यतीत सफर का सिर्फ, सुकून भरा यादें होता !!2!!
दिल की अनकही बातें, जब नैनों से दर्शाती है !मन चंचल हो जाता है, संगम को जब बुलाती है !मनो किस्मत कहती है, जाने क्या रिश्ता है तुमसे ? !अनजाना आभास नहीं है ! पूर्व जन्म का नाता है तुमसे !!3!!
इजहार नहीं किया प्यार का, अब भी नहीं करना है !मिल रहा है संकेत वर्षो से, बाहों में सिमटकर रहना है !प्यार भरी कलाकृतियाँ, मुझको जो दिखलाती है !मनमोहक करवाती मन को, पूछने पर इठलातीं है !!4!!
देखकर होंठों पर लाल लिपस्टिक, दिल मेरा खो जाता है !दिन को चैन नहीं आता है, रात का नींद उड़ जाता है !आकांक्षा है बिखरने की, तेरे इश्क के आगोश में !अंततः आलिंगन कर डाला, मोहब्बत के मदहोश में !!5!!
पता ही नहीं चला, कैसे ये प्यार हो गया ?पूछा जब प्यार से, बोली होते होते हो गया !शरारतों का शुमार ने सम्मोहित कर दिया !छुपाना चाहा, तो हसमुँख चहरे ने बयां कर दिया !!6!!
जुबां नहीं है अश्को का, तरानो से समझाती है !ख़ामोशियों के खयालात को, जल्दी समझ जाती है !फूल खिलाती है जीवन में, हॅसी लाती है मन में !आँखे बंद करके, हाथों में हाथ थामकर, प्यार दिखाती है तन में !!7!!
दर्द मुझे तब होता है, जब तुम साथ नहीं होती !दिल भी बेजुबां लगता है, जब तेरी एहसास नहीं होती !इश्क के अरमानो ने, न जाने कितने सपने सजा डाले !तेरी एक एक तस्बीर को देखकर कई तस्बीर बना डालें !!8!!
तुम मेरी चाहत बनो, मैं तेरी ज़रूरत बनु !तुम मेरी आदत बनो, मैं तेरा इबादत बनु !तुम मेरी आवाज़ बनो, मैं तेरा अल्फ़ाज़ बनु !तुम मेरी अहसास बनो, मैं तेरा हमराज़ बनु !!9!!
बन जाओ अब मेरी मोहब्बत, मुझे प्यार करने दो !ले लो अपनी बाहों में, मुझे इज़हार करने दो !किस्मत का चाभी बनकर, मेरे जीवन में रंग भरो!बनकर तुम लहराती गंगा, मेरे उमंगों का तरंग रहो !!10!!
बीत गए कितने सावन, कोई नहीं बन पाया अपना !पल भर में पूरा किया, तुमने प्यार का ये सपना !चाहे कितनी बाधा आये, वफा से इसे निभाएंगे !जीवन के हर मोड़ पर, वो सुरम्य पल याद आएंगे !!11!!
जीवन के विविध रंगों से, भरी है तुमने मेरी जिंदगी !करना तुमने प्यार सिखाया, भुलाकर अपनी शर्मिंदगी !बदल डाला जीने का जरिया, दिलबर से कर दिल्लगी !तू ही प्यार है, तू ही ईश्वर, तू ही है मेरी बंदगी !!12!!
तुम्हीं चाँद हो, तुम्हीं चाँदनी, तुम्हीं जीवन का दर्पण हो !तुम्हीं गुमान हो, तुम्हीं हो धकड़न, तुम्हीं वांछा का तर्पण हो !तुम्हीं जहन हो, तुम्हीं खुशी हो, तुम्हीं मेरा समर्पण हो !तुम्हीं रूह हो, तुम्हीं सॉस हो, तुम्हीं मेरा कर्मार्पण हो !!13!!
तुम्हीं मन हो, तुम्हीं उम्मीद, तुम्हीं हो संसार मेरा ।तुम्हीं शक्ति हो, तुम्हीं श्रद्धा, तुम्हीं हो एतबार मेरा ।मन की मर्जी तुम ही हो, तुमसे ही है मेरा जीवन !दिल की गहराई से, करता हूं मैं तुझे समर्पण !!14!!
दीवानो सा फिरता रहा, सुन लो तुम्हे सुनाता हूँ !तथ्य सही है, ईमान सही है, कर लो विश्वास दिलाता हूँ !करता हूँ शुक्रिया सत्य का, जिसने हसरत को पूर्ण किया !बेशक कुछ समय लगाया, संगम को परिपूर्ण किया !15!!
दूर रहूं या पास रहूं, अहसास दिलो में तेरा है !सिलसिला रूठने मानाने का, छाँव भरा सबेरा है !मोहब्बत की ज्योति से, विश्वास नया जगा देंगे !प्यार की खुशबु, वफ़ा की रश्मि से आँगन महका देंगे !!16!!
कैसे रहू तुम्हारे बिन, रूह मुझे रुलाती है !आज जाओ ना जान मेरी, याद तुम्हारी सताती है !धोखाधड़ी की इस दुनियाँ में, कोई नहीं है तुझ सा अपना !तुम ही तो सबकुछ हो मेरा, जीवन हो जीवन का सपना !!17!!
छूना चाहता हूँ आसमाँ को, तेरा संग नहीं मिलता !अकेलेपन के इस पल में, कोई उमंग नहीं मिलता !वीरान पड़ी इस दुनिया में, तुझ सा न कोई साथी है !नहीं रह सकता तेरे बगैर, बेकरारी बढ़ती जाती है !!18!!
दो मन का है ये मिलन, एक दूजे के सपनो से प्यार !जीवन के अब हर तूफ़ान से, लड़ने को है हम तैयार !मेरे वन के उपवन में, तेरी ही महक होगी !जुदाई हो या तन्हाई, दिल में तेरी हसरत होगी !!19!!
नहीं है कोई गिला शिकवा, ना डर है ज़माने का !जूनून बस इतना है, प्यार को यादगार बनाने का !चंद दिनों की वही चाँदनी, जीवन में खुशिया बिखरेगी !हसीन पल की कलाकृतियाँ, मोहब्बत का मतलब समझेगी !!20!!
मुस्कुरा देता हूँ गुस्से में भी, नाम जब तेरा आता है !बहुत दर्द होता है दिल को, जब और तुम्हें कोई भाता है !लाचारी बस छोड़ा होगा, बाते मुझसे न करना !सदियों से समझता आया, तेरे दिल का हर कामना !!21!!
तक़दीर में है तेरी मोहब्बत, तुझको ही मैं चाहूँगा !पाने को तेरा एक दीदार, मैं रब से लड़ जाऊँगा !सुनकर तेरी मीठी आवाज़, गम को भूल जाता हूँ !अमृत बूँद समझकर इसे, रूह का खुराक बनाता हूँ !!22!!
रखकर सर तुम्हारे बक्ष पर, स्नेह मैं जो पता हूँ !सौपकर सम्पूर्ण तुम्हे अपना मैं, दो रूह को एक बनाता हूँ !नहीं लूँगा कोई फैसला, जिसमे तुम शामिल न होगी !एक जन्म की बात नहीं, सात जन्मों में भी साथ होगी !!23!!
आजीवन यादों में सोकर नहीं रहना है !सांसो की सरहदों तक अब संग संग चलना है !अतीत की चाँदनी से पुनःप्रदीप जलाएँगे !मिलेंगे फिर से हमदोनों, प्यार का घर बसाएंगे !!24!!
प्रेम विरह, पुनर्मिलन का किस्सा, दुनिया में अव्वल होगा !दर्द, प्यार का गहरा रिश्ता, स्वच्छ और निर्मल होगा !सूरज चाँद सितारें सारे, अविरल साक्ष्य बनेगें !इस संजीवनी शक्ति का, अनंत इतिहास बनेगें !!25!!
END OF POEM PYAAR HOTE HOTE HO GAYA
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