ज्योतिष सच या झूट? हमने 10 साल के प्रतिबद्ध शोध के माध्यम से इस प्रश्न का उत्तर निकाला। वैदिक ज्योतिष का अनुभवजन्य परीक्षण (Empirical testing ) पहली बार पैमाने पर हजारों (हाँ, आपने सही सुना, सचमे हजारों) पत्रिकाओंका का विश्लेषण और कंप्यूटर programs का उपयोग करके किया गया। और यह संशोधन शोधकर्ताओं की एक टीम द्वारा किया गया जो Ph.D. in Science / Statistics, ज्योतिष में व्यापक अनुभव और कंप्यूटर तकनीकों में उत्कृष्ट है।
आपको बता दें, यह विषय जटिल है और इसलिए इस प्रश्न का उत्तर कुछ चंद वाक्योमे में नहीं दिया जा सकता है। यदि आप वास्तव में उत्तर जानना चाहते हैं, तो आपको पढ़ने में थोड़ा विश्लेषणात्मक होना होगा। यदि आप विश्लेषक होके कुछ मिनटों के लिए ये उत्तर पढ़ते है, तो आपको इस मिलियन-डॉलर प्रश्न का बहुत स्पष्ट उत्तर मिल जाएगा - ज्योतिष हाँ या नहीं?
मैं अपने प्रयोग और परिणाम के बारेमे आपको बहुतही संक्षिप्त में बताता हूं;
हमने बिल्कुल विपरीत (exactly opposite ) समूहों के कुण्डलियोंकी की तुलना करके वैदिक ज्योतिष का परीक्षण किया - तलाकशुदा लोगों के 350 पत्रिका बनाम 350 पत्रिका उन लोगोंकी जिनका वैवाहिक जीवन सामान्य और दीर्घ रह चूका हो. हमने 22 सबसे बुनियादी (most fundamental ) सिद्धांतों की जाँच की (जैसे की (a) अगर कोई ग्रह नीच हो और उसका शनि/मंगल के साथ कुयोग हो तो उस ग्रह के कारक परिणाम नष्ट हो जाते है (b) क्रूर नक्षत्र में ग्रह हानिकारक प्रभाव देता है (c) स्थान में शनि/मंगल का होना, उस स्थान के कारक भाव को नष्ट कर देता है और ऐसे कुल मिलाके 22 मुलभुत तत्व ). इसके सिवाय ज्योतिष के सैकड़ों नियम, लग्न (Ascendant ) की विशेषताएं, विभिन्न 136 ज्योतिषीय मानदंड, ग्रहों / स्थानोंकी की नकारात्मकता, सकारात्मकता आदि ...सबकी हमने तुलना की.
हमारे परीक्षण का निष्कर्ष था - वैदिक ज्योतिष के सिद्धांत न तो व्यक्तिगत रूप से सिद्ध होते है और न ही संयोजन में (in combination ) और वैदिक ज्योतिष में कोई वैधता (Validity ) नहीं है। आप कह सकते हैं कि केवल एक प्रयोग 1000 साल की विरासत को कैसे खारिज कर सकता है, जो सही भी है। इसलिए हमने अनेक अन्य समूहों के साथ हजारो कुण्डलिया लेकर ऐसे कई प्रयोग किए जैसे कि Never married Versus दीर्घ वैवाहिक जीवन, मानसिक रूप से विकलांग बनाम बुद्धिमान, cancer Versus Never Cancer, Celebrities Versus Ordinary people और इसी तरह और कितने सारे । परिणाम समान थे - न तो वो मूल तत्व, न ज्योतिषविद्या - empirically कुछ भी सिद्ध नहीं हो रहा है । क्या आप अंदाजा लगा सकते है की यहाँ क्या हो रहा है? ज्योतिष का दावा है कि हमारे कुंडली में अद्वितीय (unique ) ऐसे ज्योतिषीय योग होते है जो हमारे गुण, जीवन के प्रभाव, घटनाओं को दर्शाते है, लेकिन अनुभवजन्य रूप से जब हम सैकड़ों और हजारों में जन्म कुण्डलियोंको देखते हैं, तो कुछ भी अलग नहीं होता है। मूल रूप से, हमारे कुंडली में 'अद्वितीय योग' वगैरह ऐसी कोई चीज नहीं है।
साथ ही, ये मत भूलिए, की ये वही सिद्धांत (fundamental principles) हैं जिनका उपयोग ज्योतिषी अपने दैनिक व्यवहार में करते हैं, जब आप उनके पास जाते हैं। इन्ही invalid तत्वोंका इस्तेमाल करके आपका marriage, career, business बताया जाता है. अब यह आपकी मर्जी है कि आप अपने निर्णयों के लिए ज्योतिष का उपयोग करना चाहते हैं या एक स्वतंत्र जीवन जीना चाहते हैं। हमारे research papers को पढ़ने के लिए www.astrologyYesOrNo.com पर जाएं, या उस website के हिंदी version को देखिये. आपको संक्षिप्त में पढ़ना है तो आप वहाँ विवाह, तलाक और कुंडली मिलन - एक संशोधन' ये ब्लॉग पढ़ें। शुभकामनाएं!
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