VVI Subjective Questions
Very Very Important Questions & Answers | Class 10th | Bihar Board
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उत्तर- सत्ता में साझेदारी का अर्थ होता है— सरकारी क्रियाकलापों में जनता की भागीदारी तथा सरकार के निर्णयों तथा नीति-निर्माण में भाग लेना। सत्ता में जनता की साझेदारी के कारण लोकतंत्र को जनता का शासन कहा जाता है। इस प्रक्रिया में जनता सरकार के कार्यों में प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेती है।
उत्तर- लोकतंत्र में सत्ता की साझेदारी को लोकतंत्र का मुख्य आधार माना जाता है। जब जनता को राज्य के काम-काज में भागीदारी होती है, तो जनता राज्य के मामले में अधिक रुचि लेती है। इससे राजनीतिक सत्ता को जनसमर्थन और उनका सहयोग भी प्राप्त होता है। सत्ता की साझेदारी के कारण क्रांति और विरोध के जगह लोगों का सहयोग और विश्वास बढ़ता है तथा राष्ट्र को एकजुटता प्राप्त होती है।
उत्तर- बिहार की राजनीति में परिवारवाद और जातिवाद एक स्थापित तथ्य बन गया है। परिवारवाद और जातिवाद की भावना का इस्तेमाल करके राजनीतिक सत्ता को प्राप्त करते है या प्राप्त करने की कोशिश करते है। यहाँ जाति के आधार पर चुनाव में प्रत्याशी भी चुने जाते है। इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल के गठन में भी जाति का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है। इसप्रकार हम कह सकते है कि बिहार की राजनीति में परिवारवाद और जातिवाद लोकतंत्र को प्रभावित करता है।
उत्तर- जातिवाद के कुप्रभाव निम्नलिखित है—
समाज में रूढ़िवाद और सामाजिक कुरीतियों का विकास
जातिवाद के कारण लोगों के बीच असमानता और फूट की भावना उत्पन्न होना
लोगों के व्यक्तित्व का स्वतंत्र रूप से विकास ना हो पाना
जातिवाद के कारण राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में रुकावट आना
उत्तर- समाज में स्त्रियों के दयनीय स्थिति के निम्नलिखित कारण है—
पुरुषों की तुलना में स्त्रियों में शिक्षा का अभाव
स्त्रियों के बीच पर्दा प्रथा कायम होना
बाल-विवाह तथा दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों का होना
उत्तर- आज भी भारत में बेटियों को बेटे से निम्न समझा जाता है। यहाँ बेटी का जन्म शोक का विषय बना हुआ है। अतः आधुनिक उपकरणों की सहायता से गर्भ में ही शिशु (भ्रूण) के लिंग की जानकारी प्राप्त हो जाती है। पुत्री के जन्म की संभवना के कारण गर्भ में ही उसकी हत्या कर दी जाती है। अतः गर्भ में ही शिशु की हत्या को भ्रूण हत्या कहते है।
इसे रोकने के लिए कानून बन चुके है लेकिन इसमें पूरी तरह से सफलता नहीं मिली है।
उत्तर-
लैंगिक असमानता:- लिंग के आधार पर पुरुषों और स्त्रियों में भेद-भाव करना, स्त्रियों को पुरुषों की तुलना में कम तथा हीन समझने की भावना को लैंगिक असमानता कहते है।
बँधुआ मजदूर:- जो व्यक्ति अपने ऋण को चुकाने के बदले अपने ऋणदाता के लिए श्रम करते है, वैसे मजदूरों को बँधुआ मजदूर कहते है।
उत्तर- प्रत्येक समाज में विभिन्न जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र के लोग निवास करते है। देश में यह विविधता अच्छी होती है लेकिन यह राष्ट्र के लिए घातक भी होती है। जब लोग जाति, धर्म, क्षेत्र इत्यादि के नाम पर जब वें लड़ते है, तो सामाजिक विभाजन के खतरे बढ़ जाते है। अतः सामाजिक विभेद को मिटाकर ही सामाजिक विभाजन को रोका जा सकता है।
उत्तर- राष्ट्र की प्रगति में महिलाओं का मत्वपूर्ण योगदान है। आधुनिक युग में महिलाएँ हर क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। वकील, वैज्ञानिक, शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर, प्रबंधक, कंप्युटर इत्यादि हर क्षेत्र में महिलाएँ इन पदों पर अपना योगदान दे रही है। राजनीति में भी महिलाएँ अपना महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण पदों पर पहुँच चुकी है। आज की महिलाएँ पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। अतः राष्ट्रीय प्रगति में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
उत्तर- लोकतंत्र जनता का, जनता के द्वारा तथा जनता के लिए शासन है क्योंकि लोकतंत्र में जनता ही सारी शक्तियों का स्रोत होता है। लोकतंत्र में सारी शक्ति जनता में निहित होती है, क्योंकि जनता अपनी इच्छा के अनुसार सरकार के प्रतिनिधियों को चुनती है और जनता के अनुरूप कार्य नहीं होने पर उनको पुनः हटा भी सकती है। अतः लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है।