DTU in the Media
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अभिव्यक्ति सभागार का उद्घाटन
आज़ादी के 75वें अमतृ महोत्सव के उपलक्ष्य में ‘दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय’ एवं हिंदी अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में एक हिंदी काव्य संध्या स्त्री स्वातंत्र्य स्वर (काव्य पाठ) का आयोजन विश्वविद्यालय के ‘’अभिव्यक्ति सभागार’’ में हुआ ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री दिल्ली सरकार श्री मनीष सिसोदिया जी ने अभिव्यक्ति सभागार का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए और उसे आगे बढ़ाने के लिए नए-नए कार्यक्रमों को लागू कर रही है। इसी के अंतर्गत दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय की स्थापना की सरकार द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि यह सरकार के प्रयासों का ही फल है कि हमारे बच्चे आज देश-विदेश के विभिन्न अग्रणी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर रहे हैं। दिल्ली सरकार देशभक्त नागरिक बनाने के लिए देशभक्ति पाठ्यक्रम लाई है इसके साथ-साथ इंट्रप्रनरशिप पाठ्यक्रम एवं हैप्पीनेस पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान कर रही है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ‘दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय’ के कुलपति प्रोफेसर धनंजय जोशी जी ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य समाज में शिक्षा के स्तर को सुधारने के साथ-साथ समाज में जागरूकता लाना है। इस सन्दर्भ में विश्वविद्यालय ने छोटे-छोटे कई लक्ष्यों एवं कार्य योजनाओं की प्राप्ति पर कार्य करना प्रारंभ कर दिया है, जिनका सुखद परिणाम आपके सामने सम्यक संवाद के रूप में प्रस्तुत है।
विश्वविद्यालय का प्रयास है कि हम समाज के हर वर्ग को जोड़ें खास तौर पर हमारे परिसर के निकट बसी हुई एक स्लम बस्ती (जेजे क्लस्टर) जहाँ पर कई बहुमुखी प्रतिभाएं हैं जिन्हें हम इस विश्वविद्यालय के माध्यम से विकसित करना चाहते हैं। हमारा प्रयास है कि बुक फेयर, बुक बैंक से लेकर करियर फेट तक शीघ्र आयोजित किए जाएं । विश्वविद्यालय नवंबर माह में इन बालकों के लिए एक उत्सव मेला आयोजित करने पर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय की इस पहल में हमें समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों का सहयोग मिल रहा है जिनमें शिक्षक, साहित्यकार, कवि, गैर सरकारी संस्थान, वरिष्ठ नागरिक, प्रोफेसर व दिल्ली सरकार के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक जो अपनी स्वेच्छा से हम से जुड़े हैं।
इस अवसर पर बोलते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री रजनीश सिंह ने विश्वविद्यालय द्वारा आगामी वर्षों में शुरू किए जाने वाले विभिन्न पाठ्यक्रमों के माध्यम से दिल्ली के शिक्षकों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विश्व स्तरीय शिक्षा के साथ-साथ नई शिक्षा नीति के सभी प्रावधानों को अपनाते हुए अपने पाठ्यक्रम तैयार कर रहा हैं।
इस कार्यक्रम में देश की सुप्रसिद्ध कवयित्रियों जिसमे अनामिका, सविता सिंह, वाज़दा खान, रजनी अनुरागी, ज्योति चावला, ज्योत्स्ना कलकल तथा दामिनी यादव ने काव्य पाठ के माध्यम से सभी को प्रभावित किया।
इस अवसर पर हिंदी अकादमी के सचिव श्री जीत राम भट्ट जी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
योग दिवस 21-June-2022: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आठवें संस्करण का आयोजन दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय के प्रांगण में किया गया, जिसमें विशेष अतिथि के रूप में माननीय प्रोफेसर बी.एन. मिश्रा जी संस्थापक कुलपति नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (NSIT) द्वारका ने उपस्थित हो कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई और डॉ.सुनील कुमारजी सहायक प्राध्यापक (लखनऊ विश्वविद्यालय) ने योग के आध्यात्मिक और शारीरिक योग के मध्य विभेद स्थापित किया।
इस अवसर पर दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर धनंजय जोशी जी ने अपने वक्तव्य में योग के महत्व पर अपने विचार रखे और बताया कि आज के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में विद्यार्थी सोशल मीडिया की चपेट में है, उनका मानना है कि आज की पीढ़ी को यदि सशक्त बनाना है तो योग ही एकमात्र विकल्प है।
दिल्ली के माननीय पूर्व उपराज्यपाल और दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलाधिपति श्री अनिल बैजल जी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें उन्होंने दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय के लक्ष्य प्राप्ति हेतु अपने अनुभवों व सुझावों से हमारा मार्गदर्शन किया जिसके लिए मै उनका आभारी रहूँगा।
NCERT के निदेशक और NCTE के अध्यक्ष प्रोफेसर दिनेश प्रसाद सकलानी जी के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया गया और नवगठित दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के उत्थान के लिए उनके द्वारा दिए गए रचनात्मक सुझाव सराहनीय है
माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना बहुमूल्य समय दिया और कुलपति जी (दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय) के साथ दिल्ली सरकार द्वारा नव स्थापित दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय के दृष्टिकोण, इसकी अनूठी प्रकृति और विशिष्ठ प्रतिमान के पीछे तर्क के साथ-साथ हमारे आने वाले नए कार्यक्रमों पर चर्चा की।
हमने शिक्षक शिक्षण के उत्थान के लिए विचारों का आदान-प्रदान किया तथा विशेष रूप से शिक्षक शिक्षण की गुणवत्ता को मुख्य तत्व के रूप में और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर जोर दिया
इस अवसर पर, कुलपति जी ने अपनी काव्य अभिव्यक्ति 'अनुभूति की स्वर' के साथ-साथ हाल ही में प्रकाशित अनुभवजन्य शिक्षा: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की एक प्रति भेंट की।
दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय के प्रबंधन बोर्ड की पहली बैठक का आयोजन किया गया। इस प्रबंधन बोर्ड के द्वारा बैठक में सात नए पाठ्यक्रम शुरू करने के संबंध में कुछ बड़े निर्णय लिए गए, जो शिक्षा के क्षेत्र में यक़ीनन उल्लेखनीय परिणाम साबित होंगे
मंडलीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट (DIET ) केशव पुरम नई दिल्ली द्वारा आयोजित वार्षिक दिवस समारोह में कुलपति जी (दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय) ने अपने विचारों को साझा किया
इस आयोजन में दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय के कुलपति जी ने कहा कि “शिक्षक की गरिमा पुनः स्थापित करनी होगी “
अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि नवोदित शिक्षकों को अध्यापन व्यवसाय में पेशे के रूप में नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा के रूप में शामिल होने पर गर्व महसूस करना चाहिए और कहा कि दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय इस क्षेत्र में ठोस कदम उठा रहा है।
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री के साथ सभी विश्वविद्यालयो के कुलपतियों की बैठक हुई जिसमे अभिनव अनुसंधान परियोजनाओं और पहलों के बारे में चर्चा की गई। इस बैठक में माननीय उप मुख्यमंत्री जी में कहा कि विश्वविद्यालयों को मजबूत करने की जरूरत है और परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में हमें भूमिका निभानी चाहिए।