अजनबी बनकर ही सही, लोग मतलब निकाल ही लेते हैं,
साथ रहने का वादा करते हैं, फिर रास्ते बदल ही लेते हैं।
बातें मीठी होती हैं जब तक जरूरत होती है,
काम निकलते ही चेहरे पर अजनबी सी सूरत होती है।
चाहे जितना निभा लो, लोग अपनी औकात दिखा ही देते हैं,
दिल के करीब आकर भी दिल दुखा ही देते हैं।
दिल के रिश्ते भी अब सौदों में बदल गए हैं,
दोस्ती भी आजकल सिर्फ मतलब की रह गई है।
एहसान जितना भी कर लो, लोग हिसाब जोड़ते ही रहेंगे,
जरूरत खत्म होते ही, अपने भी पराये हो जाएंगे।
फासले बना लेते हैं लोग, जब कोई और फायदेमंद मिल जाता है,
अपनी ही परछाई तक से वो रिश्ता तोड़ जाता है।
गुरूर और मतलब ने हर रिश्ते को जंजीर बना दिया है,
चाहत भी अब सौदों की तहरीर बना दिया है।
हर कोई अपने स्वार्थ के लिए ही करीब आता है,
मतलब पूरा होते ही दूरियों का बहाना बनाता है।
इंतज़ार मत करो कि कोई एहसान मानेगा,
यहाँ हर कोई अपने लिए जीता है, फिर रिश्ता क्यूँ निभाएगा?
जिसका साथ दिया उसी ने हाथ छोड़ दिया,
अपने ही अपनों को खुदगर्ज़ी से तोड़ दिया।
मतलब के रिश्तों की दुनिया में, सच्चाई ढूंढने की भूल मत करना।
यहाँ हर कोई चेहरे बदलता है, दिल से नहीं, सिर्फ जुबां से कसम खाना।
जिसे अपना समझा था, वही आज पराया निकला,
वक्त ने बता दिया, कौन सच्चा था और कौन दिखावा निकला।
मतलब निकलते ही लोग हमें भूल जाते हैं,
जब जरूरत हो, तभी अपने पास बुलाते हैं।
किसी की मदद करने से पहले सोचना जरूर,
आज की दुनिया में एहसान भूलना बहुत आम है हुज़ूर।
रिश्तों की इस दुनिया में अब भरोसा बाकी नहीं,
हर इंसान सिर्फ अपने स्वार्थ में झांके, कोई किसी का सच्चा साथी नहीं।
वो अपने नहीं होते, जो तुम्हारे चेहरे पर हंसी चाहते हैं,
असल में तो वही अपने हैं, जो तुम्हारे दुख में साथ निभाते हैं।
मतलब के लिए लोग दोस्ती करते हैं,
फायदा पूरा होते ही नजरें फेरते हैं।
रिश्ते अब दिल से नहीं, मतलब से निभाए जाते हैं,
जो किसी के अपने थे, आज वही गैर नजर आते हैं।
जो दर्द दिया करते थे, आज वही दर्द से बचने लगे हैं,
कभी जो साथ निभाने वाले थे, आज दूर चलने लगे हैं।
तूफानों में साथ देने वाले ही सच्चे होते हैं,
वरना जो मतलब के रिश्ते हैं, वो तो पल में खोते हैं।
अपनों की भीड़ में अकेला महसूस किया,
जब मतलब खत्म हुआ, हर किसी ने किनारा किया।
दौलत की चमक ने रिश्तों को अंधा बना दिया,
आज खून के रिश्ते भी पैसा देखकर झुक जाते हैं।
भरोसा किया था हमने अपने अपनों पर,
पर उन्होंने ही तोड़ा, मतलब के सपनों पर।
कभी किसी पर बेइंतहा भरोसा मत करना,
वक्त आने पर लोग आईना दिखा देते हैं।
वक्त बदलते ही लोगों के चेहरे बदल जाते हैं,
कभी अपने कहने वाले भी गैर बन जाते हैं।
सच्चे रिश्ते आजकल सिर्फ कहानियों में होते हैं,
हकीकत की दुनिया में सिर्फ मतलब के मोती होते हैं।
रिश्तों की दुनिया में अब कोई ईमानदार नहीं,
हर कोई अपना फायदा देखकर ही वफादार है।
बचपन की दोस्ती अच्छी थी, क्योंकि उसमें कोई स्वार्थ न था,
अब हर रिश्ते में एक नया हिसाब किताब रखा जाता है।
जो कभी तुम्हें अपना कहता था,
आज वो तुम्हें पहचानने से भी डरता है।
कभी हमने सोचा था कि रिश्ते दिल से निभाए जाते हैं,
पर अब महसूस हुआ, कि हर रिश्ता मतलब से बनाए जाते हैं।
जिनके लिए दिन-रात मेहनत की,
आज उन्हीं को हमारा वक्त भारी लगता है।
कभी किसी के लिए खुद को मत बदलना,
जो तुम्हें सच्चा मानेगा, वो तुम्हें वैसे ही अपनाएगा।
जो लोग दर्द देकर मुस्कुराते हैं,
उनकी असलियत वक्त आने पर सामने आती है।
तुम्हारी सादगी से लोग जलने लगेंगे,
जब उनका मतलब खत्म होगा, तो नजरें फेर लेंगे।
हर मुस्कुराता चेहरा सच्चा नहीं होता,
हर साथ देने वाला हमेशा अपना नहीं होता।
मतलब खत्म होते ही रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं,
जो कभी दिल के करीब थे, वो अनजान बन जाते हैं।
दुनिया दिखावे की हो गई है,
रिश्ते अब सिर्फ स्टेटस तक सीमित हो गए हैं।
दिल से निभाओ तो लोग तुम्हें हल्के में लेते हैं,
मतलब से निभाओ तो तुम्हें समझदार कहते हैं।
रिश्ते निभाने के लिए भावनाएं जरूरी होती हैं,
पर अब हर रिश्ता जरूरत के हिसाब से चलता है।
दौलत के तराजू में आजकल रिश्ते तौले जाते हैं,
दिल से निभाने वाले अक्सर ठगे जाते हैं।
किसी की मदद करके उसे एहसान मत जताओ,
क्योंकि आज की दुनिया में लोग एहसान भूल जाते हैं।
जो तुम्हारे दर्द को समझे बिना जज करे,
वो तुम्हारा सच्चा नहीं हो सकता।
जो लोग सिर्फ जरूरत में याद करें,
वो कभी अपने हो ही नहीं सकते।
हर रिश्ता अब एक सौदा बन चुका है,
जहां प्यार कम और जरूरत ज्यादा है।
किसी का साथ देना अब खतरे से खाली नहीं,
क्योंकि लोग फायदा उठाकर निकल जाते हैं।
दोस्ती भी अब जरूरत के हिसाब से होती है,
जब तक मतलब है, तब तक मोहब्बत होती है।
जो मतलब के बिना पास आता है,
वही असली अपना कहलाता है।
हर मुस्कुराता इंसान सच्चा नहीं होता,
हर रिश्ता वफादार नहीं होता।
वक्त बदलते ही लोग भी बदल जाते हैं,
जो कल तक अपने थे, आज पराये हो जाते हैं।
मजबूरी में इंसान हर दर्द सह लेता है,
पर मतलब के रिश्तों को कभी माफ नहीं करता।
जो आज तुम्हारे साथ हैं,
जरूरी नहीं कि वो कल भी तुम्हारे रहेंगे।
मतलब के रिश्ते अब खुलेआम होते हैं,
जहां प्यार कम और धोखे ज्यादा होते हैं।
जो दिल से साथ देते हैं, वो कम होते हैं,
बाकी सब जरूरत के हिसाब से पास आते हैं।
हर रिश्ता अब सोशल मीडिया तक सिमट गया है,
हकीकत में निभाने वाले बहुत कम रह गए हैं।
दोस्ती का नाम अब सिर्फ दिखावा रह गया है,
वफादारी तो किताबों में दबा रह गया है।
जो लोग तुम्हें जरूरत पर याद करते हैं,
वो तुम्हारे कभी अपने नहीं हो सकते।
हर कोई अपने फायदे के लिए रिश्ता जोड़ता है,
फायदा खत्म होते ही नाता तोड़ता है।
जो तुम्हारे दुख में साथ न दे,
वो तुम्हारा सच्चा साथी नहीं हो सकता।
किसी पर हद से ज्यादा भरोसा मत करना,
क्योंकि लोग भरोसा तोड़ने में माहिर होते हैं।
आजकल रिश्ते दिल से नहीं, बल्कि दिमाग से निभाए जाते हैं,
जहां प्यार कम और स्वार्थ ज्यादा होता है।
आज के दौर में रिश्ते जरूरत से शुरू होते हैं,
और मतलब खत्म होते ही खत्म हो जाते हैं।
जो लोग आज तुम्हारी कद्र नहीं कर रहे,
कल जब जरूरत होगी, तो सबसे पहले तुम्हें ही ढूंढेंगे।
दुनिया अब एहसानों को नहीं पहचानती,
यहाँ लोग सिर्फ अपना फायदा देखते हैं।
अगर तुम किसी की मदद करोगे,
तो लोग उसे तुम्हारी मजबूरी समझ लेंगे।
जिसे हमने हर खुशी दी,
आज वही हमें ग़ैर समझता है।
रिश्तों की कद्र अब सिर्फ जरूरत तक होती है,
जब जरूरत खत्म होती है, तो लोग दूर हो जाते हैं।
कभी किसी के लिए अपनी खुशियों का बलिदान मत दो,
क्योंकि दुनिया सिर्फ अपना ही फायदा देखती है।
जो लोग सच्चे होते हैं,
उन्हें दुनिया सबसे ज्यादा ठगती है।
हर चेहरे के पीछे एक नया चेहरा छिपा होता है,
कौन कब बदल जाए, ये कोई नहीं जानता।
जो दिल से तुम्हारा था, वही आज गैर बन गया,
मतलब की दुनिया में हर रिश्ता बिखर गया।
जो कभी अपने थे, आज अजनबी बन गए,
वक्त के साथ रिश्तों के मायने भी बदल गए।
मतलब के रिश्ते इंसान को कमजोर बना देते हैं,
जो कल तक अपना था, वो आज गैर बना देते हैं।
सच्चाई की दुनिया में अब झूठ ज्यादा बिकता है,
दिल की जगह अब दौलत पर रिश्ता टिकता है।
हर कोई अपने मतलब से तुम्हारे करीब आता है,
काम निकलते ही नजरें फेर लेता है।
स्वार्थी लोग मतलबी रिश्ते शायरी
जो तुम्हारे साथ हैं, जरूरी नहीं कि हमेशा रहेंगे,
आज दोस्त हैं, तो कल पहचानने से भी इंकार कर देंगे।
रिश्तों में अब भरोसा नहीं, सिर्फ जरूरत बाकी है,
जो सच्चे थे, वो अब दुनिया के छल में खो चुके हैं।
लोग तुम्हें तब तक याद करेंगे, जब तक उन्हें तुम्हारी जरूरत है,
मतलब खत्म होते ही नाम तक भूल जाएंगे।
हर कोई अपने फायदे के लिए रिश्ते निभा रहा है,
प्यार, दोस्ती, हर एहसास अब मतलब का मोहताज हो गया है।
दिल से निभाने वाले हमेशा ठगे जाते हैं,
और मतलब के रिश्ते ही सबसे ज्यादा टिकते हैं।
जो तुम्हारे दर्द को नहीं समझता,
वो कभी तुम्हारा सच्चा साथी नहीं हो सकता।
लोग तुम्हें अपनाने का सिर्फ दिखावा करते हैं,
असल में तो हर कोई मतलब निकालने के लिए पास आता है।
दौलत के बिना रिश्तों की अहमियत नहीं होती,
आजकल सच्चाई भी पैसों के तराजू में तौली जाती है।
जो तुम्हारी सादगी से जलते हैं,
वही लोग तुम्हारे मतलब खत्म होते ही तुमसे दूर चले जाते हैं।
हर रिश्ता अब एक सौदा बन चुका है,
जहां प्यार कम और स्वार्थ ज्यादा है।
जो तुम्हें सिर्फ जरूरत पर याद करते हैं,
वो तुम्हारे अपने नहीं हो सकते।
रिश्तों की दुनिया में अब भावनाएं नहीं,
सिर्फ लेन-देन बचा है।
जो इंसान दिल से प्यार करता है,
वो दुनिया की नजर में सबसे ज्यादा बेवकूफ होता है।
जिन्हें हमने अपने दिल से अपनाया,
वो हमें अपने मतलब तक ही समझ पाए।
हर हंसी के पीछे कोई न कोई स्वार्थ छिपा होता है,
आजकल सच्चाई सिर्फ कहानियों में मिलती है।
जो आज तुम्हारे साथ हैं, जरूरी नहीं कि वो कल भी होंगे,
रिश्ते अब सिर्फ समय के हिसाब से निभाए जाते हैं।
मतलब के बिना कोई रिश्ता नहीं टिकता,
जब फायदा खत्म, तो रिश्ता भी खत्म।
जो तुमसे दिल से जुड़ा है, वही सच्चा है,
बाकी तो समय के साथ बदल जाते हैं।
कभी किसी पर जरूरत से ज्यादा भरोसा मत करो,
क्योंकि दुनिया धोखे देने में माहिर है।
जो इंसान दिल से अच्छा होता है,
उसके साथ दुनिया सबसे ज्यादा छल करती है।
कभी किसी के लिए खुद को मत बदलो,
क्योंकि जो सच्चा होगा, वो तुम्हें वैसे ही अपनाएगा।
जो लोग सिर्फ तुम्हारे अच्छे दिनों में साथ देते हैं,
वो सच्चे नहीं होते।
हर कोई अपनी जरूरत के लिए पास आता है,
जब जरूरत खत्म होती है, तो लोग दूर चले जाते हैं।
जो इंसान सबसे ज्यादा सच्चा होता है,
वही सबसे ज्यादा ठगा जाता है।
हर रिश्ता अब एक सौदा बन चुका है,
जहां प्यार कम और स्वार्थ ज्यादा है।
जो तुम्हें सिर्फ जरूरत में याद करें,
वो तुम्हारे कभी अपने नहीं हो सकते।
सच्चे लोग हमेशा अकेले रह जाते हैं,
क्योंकि दुनिया मतलब पर चलती है।
दौलत के बिना आजकल कोई रिश्ता नहीं निभता,
जो सच्चे हैं, उन्हें कोई पूछता नहीं।
हर कोई सिर्फ अपने फायदे के लिए पास आता है,
जब फायदा खत्म होता है, तो रिश्ता भी खत्म हो जाता है।
सच्चे इंसान को दुनिया हमेशा बेवकूफ समझती है,
क्योंकि वह बिना मतलब के प्यार करता है।
रिश्ते अब दिल से नहीं, बल्कि दिमाग से निभाए जाते हैं,
जहां प्यार कम और स्वार्थ ज्यादा होता है।
जो तुम्हें वक्त पर याद ना करे,
वो कभी तुम्हारा सच्चा दोस्त नहीं हो सकता।
हर कोई अपनी जरूरतों के हिसाब से पास आता है,
जब जरूरत खत्म होती है, तो लोग दूर चले जाते हैं।
जो लोग तुम्हें सिर्फ जरूरत के वक्त याद करते हैं,
वो तुम्हारे अपने कभी नहीं हो सकते।
सच्चे रिश्ते आजकल सिर्फ कहानियों में मिलते हैं,
हकीकत में हर कोई अपने फायदे के लिए पास आता है।
जो लोग सच्चे होते हैं, उन्हें दुनिया सबसे ज्यादा ठगती है,
क्योंकि दुनिया मतलब की भाषा समझती है।
जिन्हें हमने अपनी दुनिया समझा,
आज वही हमें गैर समझते हैं।
हर कोई यहां अपने मतलब से करीब आता है,
फायदा खत्म होते ही नजरें फेर लेता है।
अब किसी पर भरोसा करने का मन नहीं करता,
क्योंकि हर कोई मतलब के लिए साथ निभाता है।
जो लोग सच्चाई से रिश्ता निभाते हैं,
उन्हें दुनिया सबसे ज्यादा तड़पाती है।
वक्त के साथ लोगों की सोच बदल जाती है,
आज जो अपने हैं, कल गैर बन जाते हैं।
मतलब के इस दौर में सच्चाई बेकार है,
दौलत हो तो ही रिश्तों में बहार है।
जो तुम्हारे बिना एक पल भी नहीं रह सकते थे,
आज उन्हीं के पास तुम्हारे लिए वक्त नहीं है।
हर कोई तुम्हारे दर्द को समझने का नाटक करता है,
लेकिन असल में सिर्फ अपना फायदा देखता है।
मतलब के रिश्तों में सच्ची भावनाओं की कोई कीमत नहीं,
आजकल दिल से ज्यादा दिमाग चलाने वाले जीतते हैं।
जो इंसान दिल से अच्छा होता है,
वही सबसे ज्यादा तकलीफ सहता है।
दुनिया अब एहसानों की कद्र नहीं करती,
यहां लोग सिर्फ अपना फायदा देखते हैं।
जो तुमसे सच्चा प्यार करता था,
आज वही तुम्हें पहचानने से इनकार कर रहा है।
रिश्ते अब दिल से नहीं, मतलब से निभाए जाते हैं,
जहां फायदा नहीं, वहां कोई साथ नहीं देता।
हर कोई तुम्हें तब तक अपनाएगा, जब तक तुम उनके काम आओगे,
फायदा खत्म होते ही वो तुम्हें भूल जाएंगे।
जो लोग तुम्हें हमेशा याद करने का दावा करते हैं,
वही जरूरत खत्म होते ही सबसे पहले दूर चले जाते हैं।
सच्चे रिश्ते अब सिर्फ कहानियों में मिलते हैं,
असल जिंदगी में हर कोई स्वार्थ से भरा हुआ है।
जो कल तक तुम्हारी फिक्र करते थे,
आज उन्हीं को तुम्हारी जरूरत नहीं रही।
मतलब की दुनिया में सच्चाई की कोई कीमत नहीं,
जो झूठे हैं, वो ही सबसे ज्यादा पूजे जाते हैं।
हर कोई बस अपना फायदा देखता है,
आज के जमाने में सच्चाई से ज्यादा धोखा बिकता है।
कभी किसी से जरूरत से ज्यादा उम्मीद मत रखना,
क्योंकि लोग अपने फायदे के हिसाब से बदल जाते हैं।
जो लोग तुम्हारी मदद की कसमें खाते थे,
आज वही तुम्हें अकेला छोड़ चुके हैं।
जो तुम्हारे साथ दिल से रहता है,
वही तुम्हारा सच्चा साथी है, बाकी सब मतलब के रिश्ते हैं।
दुनिया अब सच्चे लोगों को ठगना सीख चुकी है,
इसलिए आजकल बेईमानी ज्यादा चलती है।
हर रिश्ता अब स्वार्थ पर टिका हुआ है,
जहां फायदा है, वहां दोस्ती भी है।
जो तुम्हारी सच्चाई को समझे बिना तुम्हें छोड़ दे,
समझ लो वो तुम्हारे साथ कभी सच्चा नहीं था।
आज के दौर में सच्चे लोगों की कोई कदर नहीं,
जो झूठ बोलता है, वही सबसे आगे निकलता है।
हर कोई तुम्हें तब तक प्यार करेगा,
जब तक तुम उनकी उम्मीदों पर खरे उतरते हो।
मतलब के इस दौर में सच्चे रिश्ते ढूंढना मुश्किल हो गया है,
हर कोई सिर्फ अपना फायदा देखता है।
जो लोग तुम्हें अपनी दुनिया बताते थे,
आज वही तुम्हें पहचानने से भी इंकार कर देते हैं।
रिश्तों की दुनिया अब व्यापार बन चुकी है,
जहां प्यार कम और सौदे ज्यादा होते हैं।
जो आज तुम्हारी कद्र नहीं कर रहे,
कल जब जरूरत होगी, तब तुम्हें ही ढूंढेंगे।
कभी किसी से अपनी उम्मीद मत जोड़ो,
क्योंकि जब लोग बदलते हैं, तो वो उम्मीदें भी तोड़ देते हैं।
जो लोग तुम्हारे दर्द पर हंसते थे,
वो ही तुम्हें दर्द देने वाले होते हैं।
हर कोई अपने मतलब से तुम्हारे करीब आता है,
फायदा खत्म होते ही दूर चला जाता है।
आजकल लोग सिर्फ अपना फायदा देखते हैं,
इंसानियत अब बस किताबों में रह गई है।
Matlabi rishte dhoka shayari
जो तुम्हारे साथ सच्चे हैं, वही तुम्हारे अपनों में से हैं,
बाकी सब जरूरत के साथी हैं।
जो इंसान दिल से सच्चा होता है,
दुनिया उसे सबसे ज्यादा सताती है।
दौलत के बिना आजकल रिश्तों की कोई कीमत नहीं,
यहां प्यार भी पैसों से तौला जाता है।
जो लोग आज तुम्हें भूल चुके हैं,
कल जब जरूरत होगी, तब सबसे पहले तुम्हें याद करेंगे।
सच्चे रिश्ते अब सिर्फ कहानियों में मिलते हैं,
असल जिंदगी में हर कोई स्वार्थी बन चुका है।
जो लोग तुम्हें दिल से अपनाते हैं,
वो ही तुम्हारे सच्चे अपने होते हैं।
हर कोई सिर्फ अपने फायदे के लिए पास आता है,
जब फायदा खत्म होता है, तो रिश्ता भी खत्म हो जाता है।
जो लोग तुम्हें आज नजरअंदाज कर रहे हैं,
कल वही तुम्हें पाने के लिए तरसेंगे।
हर कोई अपने फायदे के लिए रिश्ते निभा रहा है,
जहां जरूरत खत्म, वहां रिश्ता भी खत्म।
सच्चाई की दुनिया में अब झूठ ज्यादा बिकता है,
दिल की जगह अब दौलत पर रिश्ता टिकता है।
जो इंसान सबसे ज्यादा सच्चा होता है,
वही सबसे ज्यादा ठगा जाता है।
कभी किसी के लिए खुद को मत बदलो,
क्योंकि जो सच्चा होगा, वो तुम्हें वैसे ही अपनाएगा।
जो तुम्हें वक्त पर याद ना करे,
वो कभी तुम्हारा सच्चा दोस्त नहीं हो सकता।
जो लोग तुम्हें सिर्फ जरूरत के वक्त याद करते हैं,
वो तुम्हारे अपने कभी नहीं हो सकते।
सच्चे लोग हमेशा अकेले रह जाते हैं,
क्योंकि दुनिया मतलब पर चलती है।
आजकल लोग तभी तक तुम्हारे साथ होते हैं,
जब तक उन्हें तुमसे कोई उम्मीद होती है।
रिश्तों की कीमत अब दिल से नहीं,
बल्कि हालात से तय होती है।
जो लोग आज तुम्हारी कद्र नहीं कर रहे,
कल वही तुम्हारे लिए तरसेंगे।
मतलब निकल जाने के बाद,
रिश्ते बोझ लगने लगते हैं।
जो लोग आज तुम्हें धोखा दे रहे हैं,
कल खुद किसी के धोखे का शिकार बनेंगे।
हर कोई तुम्हें अपनी जरूरत के हिसाब से अपनाएगा,
फायदा खत्म होते ही पहचानना भी छोड़ देगा।
दुनिया में सच्चे लोगों की कोई कीमत नहीं,
यहां सिर्फ चालाकी ही काम आती है।
जिससे जितनी ज्यादा उम्मीद रखोगे,
वही सबसे बड़ा धोखा देगा।
आजकल प्यार भी एक सौदा बन गया है,
जहां दिल नहीं, बल्कि शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं।
जो लोग कल तक तुम्हारी कसम खाते थे,
आज वही तुम्हें भूल चुके हैं।
मतलब के इस दौर में,
सच्चाई की कोई जगह नहीं बची।
जो लोग हमेशा तुम्हारे साथ रहने का वादा करते हैं,
सबसे पहले वही दूर चले जाते हैं।
हर रिश्ता अब हिसाब से चलता है,
जहां फायदा नहीं, वहां अपनापन भी नहीं।
आजकल हर कोई बस अपना मतलब देखता है,
इंसानियत कहीं खो गई है।
स्वार्थी लोग मतलबी रिश्ते शायरी
सच्चे लोग हमेशा ठगे जाते हैं,
क्योंकि वे चालाकी नहीं, सच्चाई से जीते हैं।
जो इंसान तुम्हारे साथ बुरे वक्त में खड़ा होता है,
वही असली अपना होता है।
रिश्तों की अहमियत अब सिर्फ जरूरत तक सीमित रह गई है,
वक्त बदलते ही लोग बदल जाते हैं।
जो लोग आज तुम्हें नजरअंदाज कर रहे हैं,
कल वही तुम्हें सबसे ज्यादा याद करेंगे।
मतलब की दुनिया में अब सच्चाई की कोई कद्र नहीं,
जहां फायदा है, वहां सब अपने हैं।
जो लोग तुम्हें दिखावे का प्यार देते हैं,
वो ही सबसे पहले धोखा देंगे।
अब किसी पर भरोसा करने से डर लगता है,
क्योंकि हर कोई अपना स्वार्थ देखता है।
दुनिया का सबसे बड़ा सच यही है,
हर कोई तुम्हें सिर्फ अपने काम के लिए याद करता है।
जो लोग तुम्हें तब तक अपनाते हैं,
जब तक तुम उनके किसी काम के हो।
हर कोई साथ तब तक रहता है,
जब तक उन्हें तुमसे कोई उम्मीद होती है।
आजकल रिश्ते भी व्यापार बन गए हैं,
जहां प्यार कम, सौदे ज्यादा होते हैं।
जो लोग सबसे ज्यादा अपनापन दिखाते हैं,
अक्सर वही सबसे बड़े मतलब के होते हैं।
हर कोई अपने फायदे के हिसाब से रिश्ता निभाता है,
जहां फायदा खत्म, वहां अपनापन भी खत्म।
सच्चे लोग हमेशा अकेले रह जाते हैं,
क्योंकि दुनिया को सिर्फ मतलब से प्यार होता है।
जो तुम्हें दिल से चाहता है,
वो तुम्हें कभी छोड़कर नहीं जाएगा।
जो इंसान सच्चे दिल से रिश्ते निभाता है,
उसे दुनिया सबसे ज्यादा सताती है।
आजकल लोग सिर्फ अपना फायदा देखते हैं,
सच्चे रिश्ते अब कहानियों में ही मिलते हैं।
मतलब की दुनिया में अब भरोसे की कोई कीमत नहीं,
हर कोई अपने स्वार्थ के हिसाब से बदलता है।
जो लोग सबसे ज्यादा प्यार जताते हैं,
अक्सर वही सबसे बड़े स्वार्थी होते हैं।
रिश्ते अब दिल से नहीं,
बल्कि मतलब से निभाए जाते हैं।
हर कोई बस अपने फायदे के लिए पास आता है,
फायदा खत्म होते ही दूर चला जाता है।
जो इंसान सच्चे दिल से रिश्ते निभाता है,
दुनिया उसे सबसे ज्यादा तकलीफ देती है।
आजकल लोग दिल से नहीं, दिमाग से प्यार करते हैं,
जहां फायदा है, वहां अपनापन भी है।
जो लोग तुम्हें जरूरत के वक्त याद करते हैं,
वो तुम्हारे अपने कभी नहीं हो सकते।
हर कोई बस अपना फायदा देखता है,
आज के जमाने में सच्चाई से ज्यादा धोखा बिकता है।
जो लोग सबसे ज्यादा अपनापन दिखाते हैं,
अक्सर वही सबसे बड़े मतलब के होते हैं।
आजकल सच्चाई की कोई कीमत नहीं,
हर कोई बस अपने स्वार्थ के लिए रिश्ते निभा रहा है।
जो तुम्हें सच्चे दिल से अपनाएगा,
वही तुम्हारा असली अपना होगा।
मतलब की दुनिया में अब भरोसे की कोई जगह नहीं,
हर कोई अपने फायदे के हिसाब से बदलता है।
आजकल लोग सिर्फ अपना फायदा देखते हैं,
इंसानियत अब कहीं खो गई है।
जो लोग आज तुम्हें नजरअंदाज कर रहे हैं,
कल वही तुम्हें सबसे ज्यादा याद करेंगे।
हर कोई तुम्हें तब तक प्यार करेगा,
जब तक तुम उनकी उम्मीदों पर खरे उतरते हो।
जो लोग सबसे ज्यादा प्यार जताते हैं,
अक्सर वही सबसे ज्यादा दर्द देते हैं।
रिश्तों की अहमियत अब सिर्फ जरूरत तक सीमित रह गई है,
वक्त बदलते ही लोग बदल जाते हैं।
जो लोग आज तुम्हें भूल चुके हैं,
कल जब जरूरत होगी, तब सबसे पहले तुम्हें याद करेंगे।
सच्चे लोग हमेशा ठगे जाते हैं,
क्योंकि वे चालाकी नहीं, सच्चाई से जीते हैं।