Shri Ram Janki Mandir
Sneh Vihar, Bhondsi
11 जनवरी, शनिवार से 12 जनवरी, रविवार तक मंदिर समिति द्वारा हिंदू कैलेंडर के अनुसार द्वादशी-त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष को पहली वर्षगांठ मनाई जाएगी।
Sneh Vihar, Bhondsi
स्नेह विहार, भोंडसी में स्थित श्री राम जानकी मंदिर का निर्माण 22 जनवरी 2024, पौस माह के द्वादशी तिथि को स्नेह विहार के निवासियों द्वारा किया गया। इस मंदिर का उद्देश्य सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ लोगों के बीच एकता और सामूहिकता की भावना को बढ़ावा देना है।
यह मंदिर उसी दिन स्थापित किया गया जिस दिन अयोध्या में भव्य राम मंदिर की नींव रखी गई थी। स्नेह विहार के निवासियों द्वारा इस मंदिर का रखरखाव किया जाता है, जिससे उनके बीच टीमवर्क और एकजुटता की भावना और भी प्रबल होती है।
श्री राम जानकी मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और संस्कृति के संरक्षण का प्रतीक भी है।
त्यौहार और उत्सव
सोमवार, 22 January 2024
प्राण प्रतिष्ठा का अर्थ है किसी मूर्ति या यंत्र में विधिवत रूप से भगवान की उपस्थिति स्थापित करना। यह एक धार्मिक अनुष्ठान है जो हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य उद्देश्य मूर्ति को केवल एक पत्थर या धातु की आकृति से जीवंत दिव्यता का प्रतीक बनाना है, जिसमें भगवान के प्राण (ऊर्जा) को प्रतिष्ठित किया जाता है। इस प्रक्रिया में मंत्रोच्चार, हवन, पूजा और विशेष अनुष्ठानों का आयोजन होता है। प्राण प्रतिष्ठा मुख्यतः मंदिरों में नए देवता की मूर्ति की स्थापना के समय, यंत्रों की स्थापना के दौरान, या घरों में नई मूर्तियों के लिए की जाती है।
मंगलवार, 29 अक्टूबर, 2024 से शुक्रवार , 8 नवंबर, 2024
मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों और दीयों से सजाया गया। भक्तों ने मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। बच्चों और बड़ों ने मिलकर पटाखे जलाए और मिठाइयों का आनंद लिया।
छठ पूजा के दौरान मंदिर प्रांगण में व्रतियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई। संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य के लिए सूर्यदेव की प्रतिमा के सामने जल चढ़ाया गया। छठी मैया की आराधना के साथ ठेकुआ और अन्य प्रसाद वितरित किए गए। यह आयोजन भक्तों को सामूहिक भक्ति और परंपराओं से जोड़ने का एक सुंदर उदाहरण बना।
बुधवार, 28 अगस्त
कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। दिनभर भजन कीर्तन और पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ, लेकिन रात्रि को भगवान श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव विशेष रूप से उल्लासपूर्ण रहा।
इस अवसर पर कॉलोनी के बच्चों ने "मटकी फोड़" प्रतियोगिता में भाग लिया, जो सभी के लिए मनोरंजन और उत्साह का कारण बना। मंदिर परिसर में हर ओर खुशियाँ और उल्लास का माहौल था, और श्रद्धालुओं ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म की जयकारों से वातावरण को गूंजायमान कर दिया।
यह आयोजन न केवल बच्चों के लिए बल्कि सभी भक्तों के लिए एक यादगार अनुभव रहा।