श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर का इतिहास श्रद्धा, विश्वास एवं दिव्य अनुभूतियों से जुड़ा हुआ है। यह मंदिर वर्षों से स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज़ से आने वाले भक्तों की आस्था का केंद्र रहा है।मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समय एक अद्भुत एवं अलौकिक घटना घटित हुई, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने स्वयं देखा। मान्यता है कि जब प्राण प्रतिष्ठा के दौरान हनुमान जी की आँखें खोली गईं, तब उनकी आँखों से अश्रुधारा प्रवाहित हुई और उसी क्षण “जय बजरंगबली” की दिव्य गूंज आस-पास के कई गाँवों तक सुनाई दी।कई श्रद्धालुओं ने हनुमान जी की मूर्ति में “राम-राम” अंकित होते हुए भी देखा। यह घटना आज भी भक्तों के हृदय में एक जीवंत चमत्कार के रूप में स्मरणीय है।भक्तों का विश्वास है कि यहाँ सच्चे मन, निष्कपट भाव और श्रद्धा के साथ की गई प्रार्थना अवश्य फलित होती है। यह मंदिर संकट निवारण, मानसिक शांति और आत्मिक बल की अनुभूति के लिए जाना जाता है।