Regd. No. DRA/CEA/PVT/1804/JUN/2024
Regd By. Health Deptt. Uttarakhand Govt.
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In association with Indian Public Health Welfare Foundation & Ozone Protection N.G.O.
(NGOS DEDICATED FOR SOCIAL CAUSES)
Regd. Office : Sewla Kala Chowk, G.M.S Road Dehradun Uttarakhand
Helpline No. : 9557172169
Contact for all kind of Vaccination
Hepatitis-B, Typhoid, Cervical Cancer, Tetanus Toxoid (T.T), Covid-19
टीकाकरण से लाभ
1. संक्रमण से बचाव : टीकाकरण से हमारे शरीर को संक्रमण से बचाया जाता है। यह हमें विभिन्न खतरनाक रोगों जैसे पोलियो, हैपेटाइटिस, टीबी, मस्तिष्क ज्वर, डिफ्थीरिया, से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है।
2. समुदाय की सुरक्षा : टीकाकरण से समुदाय की सुरक्षा होती है क्योंकि यह रोगों के प्रसार को रोकता है और रोगी व्यक्ति से अन्य लोगों को संक्रमित होने से बचाता है।
3. स्वास्थ्य सुधार : टीकाकरण से हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे रोगों के होने की संभावना कम होती है और हम स्वस्थ रहते हैं।
4. जीवन बचाव : टीकाकरण द्वारा रोगों से बचाव के लिए यह महत्वपूर्ण रोल निभाता है जिससे कई लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।
5. अर्थनीति में योगदान : टीकाकरण से रोगों की रोकथाम में सकारात्मक प्रभाव से अर्थनीति में योगदान होता है। रोगों से बचने से लोग अधिक काम करते हैं और देश की उत्थानशीलता में सहायक बनते हैं।
6. समय और धन की बचत : टीकाकरण से आपको रोगों के इलाज के लिए समय और पैसे की बचत होती है, क्योंकि इससे रोगों के बढ़ने की संभावना कम होती है।
हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B) के बारे में जानकारी
हेपेटाइटिस बी एक वायरल बीमारी है जो बी सी वायरस (Hepatitis B Virus - HBV) के कारण होती है। यह वायरस रक्त और दूसरे शरीरिक तरलों के माध्यम से फैलता है और मुख्य रूप से लिवर को प्रभावित करता है। हेपेटाइटिस बी बीमारी के लिए वैक्सीन भी उपलब्ध है जो इस वायरस के संक्रमण से बचने में मदद करती है।
लक्षण: बुखार और शरीर में दर्द। ●खांसी और ठंडी लगना। ●पेट में दर्द और उलटियाँ। ●खाना खाने में कठिनाई और भूख का न लगना। ●पीली आंखें और गहरा पीला मूत्र रंग। ●पेट और बढ़ा हुआ या सूजा हुआ लिवर।
कारण: हेपेटाइटिस बी वायरस (HBV) संक्रमण वायरस संबंधी शरीरिक तरलों, जैसे रक्त, सेमेन, वगाइनल तरल, और अन्य शरीरिक तरलों के माध्यम से फैलता है। यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में आने वाले नाकियों, कटावों, चिकित्सा उपचार जैसे तरलों के संपर्क के माध्यम से भी फैलता है।
उपचार: हेपेटाइटिस बी के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा सलाह लेना महत्वपूर्ण है। उपचार के लिए विशेषज्ञ द्वारा नुस्खे दिए जा सकते हैं, जिनमें दवाओं का उपयोग, राहत देने वाले उपाय और आवश्यक स्वस्थ आहार के सुझाव शामिल हो सकते हैं। गंभीर मामलों में, डॉक्टर अन्टीवायरल दवाएं भी लिख सकते हैं।
हेपेटाइटिस बी से बचाव: वैक्सीनेशन करवाएं। यह विशेष रूप से वहां जाने से पहले जरूरी है जहां ●हेपेटाइटिस बी संक्रमण का खतरा अधिक हो। ●बेजान वस्त्रों, चुंबकियों और सर्जिकल उपकरणों के संबंध में सख्त स्वच्छता का ध्यान रखें। ●सुरक्षित सेक्स प्रथाएँ अपनाएं और नियमित रूप से विभाजन का पालन करें। ●एक संक्रमित व्यक्ति के साथ साझा बर्तन, टूथब्रश, रज़ाई आदि का इस्तेमाल न करें।
टाइफाइड (Typhoid) के बारे में जानकारी
टाइफाइड एक खतरनाक बैक्टीरियल संक्रामक बीमारी है जो साधारण रूप से संक्रमित खाद्य और पानी के सेवन के कारण होती है। यह बीमारी विशेष रूप से गर्मी के मौसम में पाई जाती है। टाइफाइड एक प्रकार का पेटीदार संक्रमण है जो साधारण लू बार्बी (Salmonella Typhi) बैक्टीरिया के कारण होता है।
लक्षण : बुखार और ठंडी लगना] ● भूख न लगना और वजन कम होना ● पेट में दर्द और बेहोशी की स्थिति ● मुंह का सूखना और जीभ पर चकत्ते आना ●पानी के लिए इच्छा न होना ● बदहजमी और पेट की खराबी।
कारण : टाइफाइड का कारण साधारण रूप से खाद्य और पानी से संक्रमण होना है, जो संक्रमित व्यक्ति द्वारा छोड़े गए फेकल मैटर के माध्यम से फैलता है। अधिकतर देशों में, गंदा पानी पीने और स्वच्छता की कमी के कारण टाइफाइड होता है।
उपचार : टाइफाइड के उपचार के लिए डॉक्टर द्वारा नुस्खे दिए जा सकते हैं, जैसे कि खाने का सावधानीपूर्वक ध्यान रखना और बहुत सारा पानी पीना। अगर स्थिति गंभीर हो, तो डॉक्टर अन्टीबायोटिक्स के उपयोग की सलाह देते हैं।
टाइफाइड से बचाव : स्वच्छता का ध्यान रखें और स्वच्छ पानी का सेवन करें।
हाथ साबुन से धोना और खाने के पहले और बाद में हाथ धोना बिल्कुल अनिवार्य है।
स्वच्छ और सेहतमंद खाद्य पदार्थ खाने का प्रयास करें।खाने से पहले फल और सब्जियों को अच्छी तरह से धोकर खाएं।
टाइफाइड वैक्सीन का उपयोग करें।
सर्विकल कैंसर (Cervical Cancer) के बारे में जानकारी
सर्विकल कैंसर एक प्रकार का कैंसर है जो महिलाओं के गर्भाशय के मुख (सर्विक्स) में विकसित होता है। यह कैंसर धीरे-धीरे विकसित होता है और शुरुआती चरण में लक्षण दिखाई नहीं देते हैं।
कारण : सर्विकल कैंसर का प्रमुख कारण है ह्यूमन पैपिल्लोमा वायरस (HPV) का संक्रमण। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में यह वायरस संक्रमित शरीर से संपर्क के जरिए फैलता है। सिगरेट पीने, तंबाकू खाने, बढ़ी उम्र में प्रेगनेंसी, इम्यूनिटी की कमी आदि सर्विकल कैंसर के विकास के लिए रिस्क फैक्टर हो सकते हैं।
लक्षण : सर्विकल कैंसर के शुरुआती चरण में लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। लेकिन धीरे-धीरे ये लक्षण दिखने लगते हैं ●पेशाब और मल में रक्त आना। ●पेट के निचले भाग में दर्द और भारीपन का अनुभव। ●सम्भोग के समय दर्द। ●खूनी प्रदर्शन। ●वजन में कमी और थकान।
परीक्षण और निदान : सर्विकल कैंसर के निदान के लिए पैप स्मीयर टेस्ट (Pap Smear Test) या बियाप्सी किया जाता है। ये टेस्ट सर्विक्स से सैंपल लेते हैं और कैंसर के कोशिकाओं की जांच करते हैं।
उपचार : सर्विकल कैंसर के उपचार के लिए सर्जरी, केमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इन उपचारों का उद्देश्य कैंसर को रोकना और इसे नष्ट करना होता है।
सर्विकल कैंसर से बचाव : ●नियमित रूप से पैप स्मीयर टेस्ट करवाना। ●स्वस्थ खानपान अपनाना और तंबाकू और शराब का सेवन कम करना। ●स्वस्थ सेक्स जीवन जीना और सुरक्षित सेक्स प्रथाओं का पालन करना। ●HPV वैक्सीन लगवाना।
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Anganwadi Center Banjarawala 2 Health Awareness Programme About Cervical Cancer
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