प्रवासी जगत

प्रवासी जगत के साहित्य, साहित्यकार एवं संस्कृति पर केंद्रित पत्रिका

पंजीयन (आरएनआई) संख्या - UPHIN/2017/74660 आइएसएसएन - 2581-6985

प्रवासी जगत का नया अंक

पत्रिका के बारे में

प्रवासी जगत पत्रिका हिंदी के प्रवासी साहित्य, साहित्यकारों एवं संस्कृति पर केंद्रित है। इसका प्रकाशन संस्थान मुख्यालय के अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग द्वारा त्रैमासिक रूप में किया जाता है। अब तक इस पत्रिका के 10 अंक प्रकाशित हो चुके हैं।

प्रवासी जगत पत्रिका विदेशों में हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रचार-प्रसार की दृष्टि से अपना महत्व सिद्ध कर रही है। देश-विदेश के हिंदी साहित्यकारों और हिंदी-प्रेमी पाठकों का सद्भाव इसके साथ जुड़ा है।

यह पत्रिका यूजीसी-केअर सूची में सम्मिलित है।

अद्यतन प्रकाशित अंक

Pravasi Jagan Khand-3 Ank-1 PDF.pdf

अंक 7

खंड-3 अंक-1, अक्टूबर-दिसंबर, 2019
Pravasi Jagat Khand 3 Ank 2.pdf

अंक 8

खंड-3 अंक-2, जनवरी-मार्च, 2020
Pravasi Jagat Khand 3 Ank 3.pdf

अंक 9

खंड-3 अंक-3, अप्रैल-जून 2020