BSE Sensex 586 अंक गिरकर 80,599.91 पर बंद हुआ (-0.72%), जबकि NSE Nifty 50 भी 203 अंक की गिरावट के साथ 24,565.35 (-0.82%) पर समाप्त हुआ। व्यापक बाजार में और भी अधिक दबाव देखा गया, जहां BSE Midcap 1.33% और BSE Smallcap 1.59% तक गिरे।
सबसे अधिक नुकसान IT सेक्टर में देखा गया, जो 1.85% तक गिरा। फार्मा सेक्टर भी 3.33% की गिरावट के साथ सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टरों में शामिल रहा। हालांकि, FMCG सेक्टर ने बाजार के विपरीत ट्रेंड दिखाते हुए 0.69% की बढ़त दर्ज की, जो Emami और Hindustan Unilever के मजबूत प्रदर्शन से संचालित हुई।
शीर्ष हारने वालों में PNB Housing (-17.75%), IIFL Finance (-10.98%), GSK Pharma (-8.31%), Graphite India (-7.98%), और HEG (-7.22%) शामिल थे। दूसरी ओर, शीर्ष गेनर्स में Suzlon Energy (7.07%), Netweb Technologies (5.30%), Radico Khaitan (5.14%), GE T&D India (5.00%), और Indegene (4.98%) शामिल थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 7 अगस्त 2025 से प्रभावी होने वाले भारतीय निर्यात पर 25% टैरिफ की घोषणा ने बाजार की भावना को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। यह निर्णय लगभग 70 देशों को प्रभावित करता है और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की अनिश्चितता को बढ़ाता है।
टैरिफ के संभावित प्रभाव:
निर्यात उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव
रुपए पर दबाव (वर्तमान में 87.44 प्रति डॉलर)
GDP वृद्धि पर मामूली प्रभाव (Goldman Sachs का अनुमान 30 bps का नुकसान)
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार बिकवाली जारी रखी है, जो पिछले 9 ट्रेडिंग दिनों में कुल 27,000 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं। केवल गुरुवार को ही FII ने 5,588 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।
FII Selling Pressure in Indian Markets showing daily and cumulative outflows
FII बिकवाली के मुख्य कारण:
उच्च वैल्यूएशन: Nifty50 24.1x PE पर ट्रेड कर रहा है बनाम 10-साल का औसत 21.9x
मजबूत डॉलर: US Fed दर 5.5% (2007 के बाद सबसे अधिक)
चीन में रिकवरी: चीन की Q1 2025 GDP 5.3% YoY वृद्धि
घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने आंशिक रूप से इस बिकवाली को संतुलित किया, 6,373 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी के साथ।
Q1 FY26 के परिणाम मिश्रित रहे हैं:
बेहतर प्रदर्शन:
TCS: 12,819 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (5.98% YoY वृद्धि)
Hindustan Unilever: मजबूत FMCG प्रदर्शन
Maruti Suzuki: अनुमान से बेहतर परिणाम
कमजोर प्रदर्शन:
Sun Pharma: Q1 लाभ में 20% YoY गिरावट
Adani Power: Cons PAT में 15% YoY गिरावट
Swiggy: हानि बढ़कर 1,197 करोड़ रुपये
भारतीय रुपया दबाव में है और वर्तमान में 87.44 प्रति डॉलर पर ट्रेड कर रहा है (+0.18% दैनिक परिवर्तन)। यह मुख्यतः मजबूत डॉलर इंडेक्स और FII बहिर्वाह के कारण है।
कमोडिटी की स्थिति:
कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता, जो भारत के लिए सकारात्मक है क्योंकि 85% आयात पर निर्भर है
कृषि कमोडिटीज में मिश्रित ट्रेंड
सकारात्मक खबर यह है कि SIP (Systematic Investment Plan) के प्रवाह में रिकॉर्ड ऊंचाई देखी गई है। जून 2025 में SIP प्रवाह 27,269 करोड़ रुपये के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया। यह दिखाता है कि खुदरा निवेशकों का विश्वास बना हुआ है और वे दीर्घकालिक निवेश के लिए प्रतिबद्ध हैं।
आज कई IPO सूचीबद्ध हुए:
Shanti Gold International: 2% प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ
Patel Chem Specialities: 5% नुकसान के साथ लिस्ट हुआ
Sellowrap Industries: 5% गेन के साथ लिस्ट हुआ
भारत की खुदरा मुद्रास्फीति जून 2025 में घटकर 2.1% हो गई, जो 6 साल के निम्नतम स्तर पर है। यह RBI के 4% ±2% के लक्ष्य के भीतर है और आगे दर कटौती की संभावना को बढ़ाता है।
RBI और S&P दोनों ने FY26 के लिए 6.5% GDP वृद्धि का अनुमान लगाया है। यह सामान्य मानसून, कम कच्चे तेल की कीमतों और मौद्रिक नीति में शिथिलता के आधार पर है।
निकट अवधि के जोखिम:
अमेरिकी टैरिफ की अनिश्चितता
FII बहिर्वाह जारी रहना
वैश्विक व्यापार तनाव
सकारात्मक कारक:
मजबूत घरेलू मांग
नियंत्रित मुद्रास्फीति
मजबूत SIP प्रवाह
RBI की समायोजित मौद्रिक नीति
मुख्य बाजार पर दबाव
अमेरिकी President Donald Trump ने भारत से आने वाले सामान पर 25% tariff लगाने की घोषणा की है, जो 7 अगस्त से प्रभावी होगा। यह tariff India के $25 billion के exports को प्रभावित कर सकता है। भारत को कोई product-level exemptions नहीं मिले हैं, जो इसे अन्य देशों की तुलना में सबसे सख्त treatment बनाता है।
सेक्टोरल प्रभाव
Textiles और Auto components: सबसे ज्यादा प्रभावित sectors
Pharmaceutical: US market में भारतीय generics पर नकारात्मक प्रभाव
Oil refiners: Russian oil खरीदने की वजह से अतिरिक्त penalty का डर
BSE Sensex: 80,599.91 (-585.67 अंक, -0.72%)
NSE Nifty 50: 24,565.35 (-203.00 अंक, -0.82%)
यह लगातार पांचवें सप्ताह की गिरावट है, जो दो साल में सबसे लंबी losing streak है।
FII ने गुरुवार को ₹5,588 करोड़ के shares बेचे। पिछले 9 sessions में FII ने कुल ₹27,000 करोड़ से अधिक की selling की है। इसके मुख्य कारण:
Dollar Index की मजबूती: 100 के स्तर के पास पहुंचना
US-India trade deal में देरी
Index futures में record short positions: FII का short ratio 90% तक पहुंच गया
Sun Pharma: सबसे बड़ा loser, 4.5% की गिरावट
Nifty Pharma Index: 3.3% की गिरावट
यह गिरावट Trump द्वारा 17 बड़ी pharma companies को भेजे गए letters के कारण है, जिसमें US में drug prices कम करने की मांग की गई है।
Net Profit: ₹5,244 करोड़ (3% YoY growth)
Revenue: ₹23,129 करोड़ (20% YoY growth)
FMCG business: Strong performance देखी गई
Share Price: ₹416.50 पर 1.14% की बढ़त के साथ बंद
Net Profit: ₹3,305 करोड़ (15.5% YoY decline)
Revenue: ₹14,109 करोड़ (5.7% decline)
Early monsoon के कारण power demand में कमी का प्रभाव
Subscription: 41 गुना oversubscribed
Price Band: ₹760-800
Listing Date: 6 अगस्त 2025
Subscription: 69.14 गुना oversubscribed
Price Band: ₹140-150
Grey Market Premium: 26.7%
Top Losers:
Pharma: -3.3% (Sun Pharma, Cipla, Dr Reddy's सबसे ज्यादा प्रभावित)
IT: -1.85% (tariff concerns के कारण)
Metals: -1.94%
Top Gainers:
FMCG: +0.43% (defensive play के रूप में)
Consumer goods stocks: ITC, HUL, Trent में बढ़त
Asian Markets: लगातार छठे session में गिरावट, जो 2025 की सबसे लंबी losing streak है
US Markets: Dow Jones में 4 consecutive days की गिरावट
Dollar Index: 2.5% की weekly gain के साथ 100 के ऊपर
Technical Analysis: Nifty का support level 24,400-24,450 के आसपास है। अगर यह level टूटता है तो 200-day EMA (24,180) तक गिरावट संभव है।
RBI Policy Meeting: 4-6 अगस्त को scheduled है, जहां rate cut की उम्मीदें हैं।
Dividend Announcements: इस सप्ताह 92 companies ने dividend announce किया है, जिसमें Eicher Motors (₹7,000), Maruti Suzuki (₹2,700) शामिल है
उतार-चढ़ाव भरा सत्र: सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने आज सुबह सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में संभावित बदलाव और विदेशी निवेशकों की निकासी की चिंताओं के चलते दोपहर तक यह लाभ कम हो गया।
बंद भाव (अनुमानित): दिन के अंत में, निफ्टी 50 मामूली बढ़त या गिरावट के साथ बंद हो सकता है, जबकि सेंसेक्स में भी इसी तरह का रुझान दिख सकता है। सेक्टर-वार प्रदर्शन में काफी भिन्नता देखी गई।
आज कई बड़ी कंपनियों ने अपने अप्रैल-जून 2025 तिमाही के नतीजे घोषित किए, जिनका उनके शेयरों और संबंधित सेक्टरों पर सीधा असर पड़ा:
Maruti Suzuki: ऑटो दिग्गज मारुति सुजुकी ने Q1 FY26 में ₹3,712 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.7% अधिक है। कंपनी का राजस्व 8% बढ़ा, जो मजबूत बिक्री मात्रा को दर्शाता है। यह खबर ऑटो सेक्टर के लिए सकारात्मक है।
Adani Enterprises: अडानी एंटरप्राइजेज का Q1 प्रॉफिट 45% घटकर ₹3,450 करोड़ रहा, जबकि राजस्व में 14% की कमी आई। यह कंपनी के लिए एक चुनौतीपूर्ण तिमाही को दर्शाता है और अडानी समूह के शेयरों पर दबाव डाल सकता है।
Vedanta: वेदांता का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ Q1 में 11.7% गिरकर ₹3,185 करोड़ रहा। धातु और खनन क्षेत्र में धीमी वैश्विक मांग का असर कंपनी के प्रदर्शन पर दिखा।
Sun Pharma: सन फार्मा का Q1 शुद्ध लाभ 20% घटा, जो अनुमानों से कम था। हालांकि, कंपनी का राजस्व 9% बढ़ा, जो बिक्री वृद्धि को दर्शाता है, लेकिन उच्च लागत ने लाभ को प्रभावित किया।
Tata Steel: टाटा स्टील ने Q1 में ₹2,078 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 116% की प्रभावशाली वृद्धि है। लागत नियंत्रण और बेहतर मार्जिन ने इस वृद्धि में योगदान दिया।
Mahindra & Mahindra (M&M): M&M ने Q1 FY26 में ₹4,083 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ घोषित किया, जो सालाना आधार पर 24% अधिक है। ऑटोमोबाइल और कृषि उपकरण दोनों सेगमेंट में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला।
Hindustan Unilever (HUL): FMCG दिग्गज HUL का स्टैंडअलोन PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) Q1 में सालाना आधार पर 8% बढ़कर ₹2,732 करोड़ हो गया। राजस्व में 4% की वृद्धि देखी गई, जो शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में मांग में सुधार का संकेत है।
InterGlobe Aviation (IndiGo): इंडिगो का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ Q1 में सालाना आधार पर 20% गिरकर ₹2,176 करोड़ रहा। उच्च परिचालन लागत और प्रतिस्पर्धी माहौल ने लाभप्रदता को प्रभावित किया।
Larsen & Toubro (L&T): कल (30 जुलाई) जारी L&T के Q1 परिणामों से पता चला कि कंपनी का शुद्ध लाभ 29.8% बढ़ा, जिसका मुख्य कारण मजबूत अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर ग्रोथ थी। आज भी यह स्टॉक फोकस में रहा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को सहारा दिया।
अमेरिका-भारत व्यापार तनाव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 20-25% तक नए टैरिफ लगाने की संभावनाओं की खबरों ने बाजार में चिंता पैदा की है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों पर असर पड़ने की आशंका है।
रुपये में गिरावट: भारतीय रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 52 पैसे कमजोर होकर 87.43 पर बंद हुआ, जो मुख्य रूप से व्यापार समझौते पर अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के कारण हुआ। रुपये की कमजोरी आयात महंगा कर सकती है और मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं बढ़ा सकती है।
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs): FIIs ने बुधवार को भारतीय इक्विटी बाजार से ₹850 करोड़ के शेयर बेचे, जो लगातार बिकवाली का संकेत है और बाजार पर दबाव बना रहा।
घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs): इसके विपरीत, DIIs ने ₹1,829 करोड़ के शेयर खरीदे, जो FIIs की निकासी के प्रभाव को कम करने में सहायक रहा। DIIs की यह खरीदारी घरेलू निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है।
RBI की मौद्रिक नीति बैठक: निवेशकों की नजर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आगामी मौद्रिक नीति बैठक पर होगी, जहाँ ब्याज दरों पर निर्णय लिया जा सकता है, जो बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगा।
वैश्विक संकेत: वैश्विक बाजारों, विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और चीन की आर्थिक वृद्धि से संबंधित खबरों का भी भारतीय बाजार पर असर पड़ेगा।
आज, 30 जुलाई 2025 को भारतीय शेयर बाजार का हाल:
बाजार में उतार-चढ़ाव: भारतीय शेयर बाजार आज मिश्रित रुझान दिखा रहा है। सुबह के शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स दोनों में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया।
प्रमुख सूचकांक:
Nifty 50: वर्तमान में 24,821.10 के आसपास कारोबार कर रहा है, जिसमें मामूली गिरावट या बढ़त दिख रही है।
BSE Sensex: वर्तमान में 81,337.95 के आसपास कारोबार कर रहा है, इसमें भी मामूली बदलाव देखा जा रहा है।
आज के मुख्य इवेंट और ट्रिगर:
कंपनियों के तिमाही नतीजे: कई कंपनियों के Q1 (अप्रैल-जून) के नतीजे आज जारी होने वाले हैं, जिनमें PGCIL, Tata Power, Hyundai Motor और BASF शामिल हैं। इन नतीजों का शेयरों पर असर देखने को मिलेगा।
वैश्विक बाजार का प्रभाव: एशियाई और यूरोपीय बाजारों से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं, जिसका भारतीय बाजार पर भी असर पड़ रहा है।
अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता: अमेरिका-भारत के बीच चल रही व्यापार वार्ताएं अभी भी अनिश्चितता का एक कारण बनी हुई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 1 अगस्त की टैरिफ डेडलाइन से पहले किसी समझौते की उम्मीद कम है, जिससे बाजार में सतर्कता बनी हुई है।
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs): पिछले कुछ दिनों से FIIs भारतीय इक्विटी बाजार से बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।
आज के प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन (सुबह के रुझान के अनुसार):
तेजी वाले शेयर (Gainers): कुछ शेयरों में आज अच्छी बढ़त देखी गई है, जैसे JSW Steel (BPSL मामले की सुनवाई के कारण), L&T (Q1 नतीजों के बाद) और Sun Pharmaceutical Industries.
गिरावट वाले शेयर (Losers): कुछ शेयरों में गिरावट भी देखी गई है, जैसे Tata Motors (अधिग्रहण अपडेट के कारण) और Monarch Surveyors (कमजोर शुरुआत)।
प्रमुख आईपीओ समाचार:
NSDL IPO: NSDL का IPO आज भी खुला है और इसे पहले दिन आंशिक सदस्यता मिली है।
Indiqube Spaces: Indiqube Spaces की बाजार में कमजोर लिस्टिंग हुई है।
Sri Lotus Developers IPO: इस IPO को भी पहले दिन कम सब्सक्रिप्शन मिला है।
मुख्य बातें:
रिकवरी और बाजार की स्थिति: 29 जुलाई, 2025 को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीन दिनों की गिरावट को खत्म करते हुए मजबूत वापसी की। BSE सेंसेक्स 446.93 अंक (0.55%) बढ़कर 81,337.95 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 140.20 अंक (0.57%) की बढ़त के साथ 24,821.10 पर पहुंच गया। यह उछाल मुख्य रूप से लार्ज-कैप शेयरों में खरीदारी और कुछ सकारात्मक वैश्विक संकेतों के कारण देखा गया।
प्रमुख चालक: Reliance Industries और HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों ने बाजार को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
क्षेत्रीय प्रदर्शन: मेटल, फार्मा, रियल्टी, ऑयल एंड गैस, और हेल्थकेयर जैसे लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। हालांकि, IT, फाइनेंशियल और FMCG सेक्टरों में कुछ कमजोर तिमाही नतीजों के कारण थोड़ी सुस्ती देखी गई।
निवेशक भावना और आगामी घटनाएँ: अमेरिकी-भारत व्यापार वार्ताओं को लेकर अनिश्चितताओं के बावजूद घरेलू बाजार में मजबूती देखी गई। निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसलों और 1 अगस्त की पारस्परिक टैरिफ की समय सीमा जैसे प्रमुख वैश्विक घटनाओं पर बनी हुई हैं।
बाजार की चौड़ाई: बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही, जिसमें BSE पर कारोबार किए गए 4,154 शेयरों में से 2,492 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 1,501 में गिरावट आई। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी क्रमशः 0.81% और 1.03% की बढ़ोतरी हुई।
प्रमुख लाभ कमाने वाले (Top Gainers - NSE):
Jio Financial Services: +4.77%
Reliance Industries: +2.09%
Asian Paints: +1.97%
Larsen & Toubro: +1.92%
Eicher Motors: +1.74%
Bosch Ltd: +6.27%
Varun Beverages: +5.58%
Torrent Pharmaceuticals: +4.31%
Adani Power: +3.73%
Lodha: +3.72%
प्रमुख नुकसान उठाने वाले (Top Losers - NSE):
SBI Life: -0.93%
Axis Bank: -0.8%
Tata Consultancy Services (TCS): -0.72%
HDFC Life: -0.62%
ITC: -0.41%
Dabur India Ltd: -0.67%
Shree Cement: -0.60%
Cholamandalam Investment: -0.38%
Canara Bank: -0.28%
Godrej Consumer Products: -0.16%
अन्य महत्वपूर्ण खबरें:
FIIs की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को ₹6,082.47 करोड़ की इक्विटी बेची थी, जिसका असर बाजार पर दिखा।
तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.63% बढ़कर $70.48 प्रति बैरल पर पहुंच गया।
वैश्विक बाजार: एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और शंघाई का SSE कंपोजिट सकारात्मक रहे। यूरोपीय बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखा गया।
बाजार में गिरावट और प्रमुख कारण:
भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से गिरावट देखने को मिल रही है। शुक्रवार (25 जुलाई) को सेंसेक्स 700 अंक से अधिक लुढ़ककर 81,463.09 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 225.10 अंक टूटकर 24,837 पर पहुंच गया। निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए।
इस गिरावट के कुछ मुख्य कारण ये रहे:
ब्रिटेन के साथ FTA का असर नहीं: भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होने के बावजूद, बाजार में उम्मीद के उलट गिरावट आई। निवेशकों को लगा था कि यह डील बाजार के लिए सकारात्मक होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अमेरिका के साथ व्यापार गतिरोध: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर चल रही बातचीत में गतिरोध बना हुआ है। 1 अगस्त की डेडलाइन से पहले कृषि और डेयरी शुल्कों पर सहमति नहीं बन पाई है, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल है।
FIIs की लगातार बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय शेयर बेच रहे हैं। पिछले कुछ सत्रों में उन्होंने 11,572 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना है।
IT शेयरों में गिरावट: इंफोसिस और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जैसी IT कंपनियों के तिमाही नतीजों ने उम्मीदें पूरी नहीं कीं, जिससे IT शेयरों में खासी गिरावट आई।
वित्तीय क्षेत्र पर दबाव: बजाज फाइनेंस जैसी बड़ी वित्तीय कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद, एसेट क्वालिटी (asset quality) को लेकर नई चिंताओं ने निवेशकों को डरा दिया, खासकर MSME सेगमेंट में।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन:
बजाज फाइनेंस के शेयर में बड़ी गिरावट (लगभग 4.73%) देखने को मिली।
टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, विप्रो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोल इंडिया और जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज जैसे शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
कुछ शेयरों जैसे भारती एयरटेल और सन फार्मा में थोड़ी बढ़त देखी गई, लेकिन बाजार का कुल रुझान नकारात्मक रहा।
सप्ताह का समापन: पिछले सप्ताह भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती तेजी के बाद सप्ताह के अंत में मुनाफावसूली के कारण बाजार में गिरावट आई।
वैश्विक संकेत: अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में मिश्रित प्रदर्शन और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अनिश्चितता ने भारतीय बाजार के सेंटिमेंट को प्रभावित किया।
बैंकिंग और वित्तीय सेवाएँ (Banking & Financial Services)
प्रमुख बैंकों के नतीजे: पिछले सप्ताह ICICI बैंक और HDFC बैंक जैसे बड़े निजी बैंकों के Q1 के नतीजे घोषित हुए। ICICI बैंक ने मजबूत लाभ वृद्धि दर्ज की, जबकि HDFC बैंक के कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ में मामूली गिरावट देखी गई। इन नतीजों ने शुरुआत में बैंकिंग शेयरों को सहारा दिया।
FII/DII गतिविधि: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली जारी रही, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी करके बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।
ऑटोमोबाइल (Automobiles)
उतार-चढ़ाव: ऑटो सेक्टर में मिश्रित रुझान देखा गया। कुछ कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि कुछ में गिरावट दर्ज हुई। टाटा मोटर्स जैसे शेयरों में कुछ पॉजिटिव मूवमेंट्स देखे गए।
उपभोक्ता मांग: आने वाले समय में त्योहारी सीजन को देखते हुए उपभोक्ता मांग में सुधार की उम्मीदें बनी हुई हैं, जिसका असर ऑटो सेक्टर पर पड़ सकता है।
IT सेक्टर (Information Technology)
मुनाफावसूली: IT शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव देखा गया, खासकर तिमाही नतीजों के बाद। इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज हुई।
वैश्विक मंदी की चिंताएं: वैश्विक स्तर पर संभावित आर्थिक मंदी की चिंताओं के कारण IT सेक्टर पर कुछ दबाव बना हुआ है।
पावर और ऊर्जा (Power & Energy)
मिश्रित प्रदर्शन: पावर सेक्टर के शेयरों में भी मिश्रित रुझान देखा गया। कुछ स्टॉक्स में तेजी रही, जबकि रिलायंस पावर जैसे शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
तेल की कीमतें: वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे तेल और गैस सेक्टर प्रभावित हो रहा है।
एफएमसीजी (FMCG)
दबाव: एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में गिरावट देखी गई, जिसमें हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईटीसी जैसे प्रमुख स्टॉक्स शामिल थे। बढ़ती महंगाई और ग्रामीण मांग पर दबाव इसका कारण हो सकता है।
रियल्टी (Realty)
गिरावट: रियल्टी सेक्टर के शेयरों में भी गिरावट दर्ज हुई।
धातु और खनन (Metal & Mining)
मिश्रित रुझान: खनन शेयरों में मिश्रित प्रदर्शन रहा, कुछ कंपनियों ने बढ़त दर्ज की जबकि कुछ में गिरावट आई। वैश्विक कमोडिटी कीमतों से यह सेक्टर प्रभावित होता है।
भारत-ब्रिटेन FTA: भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच एक महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौता (FTA) हुआ है, जिससे ब्रिटिश व्हिस्की, कारों और विभिन्न वस्तुओं पर शुल्क कम होंगे। इसका व्यापारिक संबंधों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
कॉर्पोरेट नतीजे: कई कंपनियों के तिमाही नतीजे आ रहे हैं, जो बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। निवेशकों की नजर खासकर बड़ी कंपनियों के नतीजों पर बनी हुई है।
FIIs और DIIs का रुझान: FIIs की लगातार बिकवाली और DIIs की खरीदारी से बाजार में संस्थागत गतिविधियों का संतुलन बना हुआ है।
बैंकिंग सेक्टर में इस हफ्ते मिला-जुला रुख देखने को मिला।
NSDL IPO की धूम: नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आने वाले IPO की ख़बरें सुर्खियों में हैं। इसका प्राइस बैंड ₹760 से ₹800 प्रति शेयर तय किया गया है और यह 30 जुलाई को खुलेगा। इस IPO से मौजूदा शेयरधारकों जैसे SBI और IDBI बैंक को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है, जिससे इन बैंकों के शेयरों पर सबकी नज़र है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक: शुक्रवार को लगभग सभी बैंकिंग शेयरों में गिरावट देखी गई। पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यूनियन बैंक, और बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में 1.3% से लेकर 6% तक की गिरावट दर्ज की गई।
होम लोन: सरकार द्वारा होम लोन पर ब्याज सब्सिडी देने की योजना की ख़बरें भी चर्चा में हैं, जिसका असर भविष्य में हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों पर दिख सकता है।
आईटी सेक्टर में फिलहाल दबाव का माहौल है।
IT शेयरों में गिरावट: शुक्रवार को निफ्टी आईटी इंडेक्स में गिरावट देखी गई। Coforge और Persistent Systems जैसे शेयरों में 7% से 9% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। Infosys, HCL Tech, और Tech Mahindra के शेयर भी 1% से 3% नीचे बंद हुए।
डिविडेंड की घोषणा: गिरावट के बावजूद, कुछ आईटी कंपनियों ने अपने निवेशकों के लिए डिविडेंड की घोषणा की है, जिससे निवेशकों की कुछ दिलचस्पी बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि आईटी शेयरों में लंबी अवधि के लिए निवेश के अवसर बन सकते हैं।
ऑटो सेक्टर में नई गाड़ियों के लॉन्च और बिक्री के आंकड़ों को लेकर हलचल बनी हुई है।
टेस्ला की भारत में दस्तक: टेस्ला (Tesla) ने अपनी पहली कार के लिए पूरे भारत में बुकिंग शुरू कर दी है, जिससे ऑटो उद्योग में उत्साह का माहौल है।
नए लॉन्च: देश की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक MPV की बुकिंग शुरू हो गई है। साथ ही, टाटा मोटर्स (Tata Motors) की Harrier EV के नए फीचर्स भी चर्चा में हैं।
बिक्री के आंकड़े: हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) की स्प्लेंडर (Splendor) एक बार फिर बिक्री में सबसे आगे रही है।
एफएमसीजी सेक्टर से सकारात्मक खबरें आ रही हैं।
LT Foods के शानदार नतीजे: एलटी फूड्स (LT Foods) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में 20% की बढ़ोतरी हुई है।
ग्रामीण बाज़ार में ग्रोथ: रिपोर्टों के अनुसार, एफएमसीजी कंपनियों को ग्रामीण बाज़ारों से अच्छी ग्रोथ मिल रही है, जो इस सेक्टर के लिए एक अच्छा संकेत है।
फार्मा सेक्टर में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है।
चुनिंदा शेयरों में तेज़ी: निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स में टोरेंट फार्मा (Torrent Pharma) और जाइडस लाइफसाइंसेज (Zydus Life) जैसे शेयर टॉप गेनर्स में शामिल रहे।
Piramal Pharma में दबाव: वहीं, पिरामल फार्मा (Piramal Pharma) के शेयर में बिकवाली का दबाव देखा गया और यह लगभग 0.57% नीचे बंद हुआ।
ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखी गई।
अडानी और रिलायंस के शेयर गिरे: रिलायंस पावर (Reliance Power) और रिलायंस इंफ्रा (Reliance Infra) के शेयरों में 5% का लोअर सर्किट लगा। वहीं, अडानी ग्रीन (Adani Green) और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस (Adani Energy Solutions) के शेयर भी 3% से 4% तक टूटे।
अन्य ऊर्जा शेयर: NTPC, टाटा पावर (Tata Power), और JSW एनर्जी जैसे बड़े शेयरों में भी 1.3% से 2.7% तक की गिरावट दर्ज की गई।
मेटल शेयरों पर बिकवाली का भारी दबाव रहा।
भारी गिरावट: शुक्रवार के कारोबारी सत्र में मेटल इंडेक्स बुरी तरह लुढ़का। वेदांता (Vedanta) और टाटा स्टील (Tata Steel) जैसे दिग्गज शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। विश्लेषकों ने पिछले दिनों नेशनल एल्युमीनियम (National Aluminium) और हिंडाल्को (Hindalco) जैसे शेयरों में खरीदारी की सलाह दी थी, लेकिन मौजूदा रुझान बिकवाली का है।
आज भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। Sensex और Nifty दोनों ही लाल निशान पर बंद हुए, जिससे निवेशकों की संपत्ति में ₹4.75 लाख करोड़ की कमी आई। यह इस हफ्ते की पांचवीं लगातार गिरावट है।
मुख्य सूचकांकों का प्रदर्शन:
BSE Sensex: 721.08 अंक (0.88%) गिरकर 81,463.09 पर बंद हुआ।
NSE Nifty 50: 225.10 अंक (0.90%) गिरकर 24,837.00 पर बंद हुआ।
Nifty MidCap Index: 1.61% नीचे बंद हुआ।
Nifty SmallCap Index: 2.1% नीचे बंद हुआ।
गिरवाट के प्रमुख कारण:
वित्तीय शेयरों में भारी बिकवाली:
Bajaj Finance और Bajaj Finserv में बड़ी गिरावट देखने को मिली (क्रमशः 4.73% और 4.5% तक)। Bajaj Finance के Q1 नतीजों के बाद एसेट क्वालिटी पर चिंताएं बढ़ीं, जिससे उनका सकल NPA बढ़कर 1.03% हो गया।
Axis Bank, HDFC Bank, और Kotak Bank भी 1% तक गिरे।
पूरा वित्तीय सेवा क्षेत्र 0.91% नीचे रहा।
विदेशी फंडों की लगातार बिकवाली (FII Outflows): विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को भी ₹2,133.69 करोड़ की इक्विटी बेची। यह लगातार FII बिकवाली बाजार पर दबाव डाल रही है।
अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर अनिश्चितता: अमेरिका के साथ संभावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे बाजार की धारणा कमजोर हुई है।
कमजोर वैश्विक संकेत: एशियाई और यूरोपीय बाजारों में भी गिरावट देखी गई, जिसका असर भारतीय बाजारों पर पड़ा।
Q1 नतीजों का मिलाजुला असर: कंपनियों के तिमाही नतीजों (Q1 FY26) का मिलाजुला प्रभाव देखने को मिल रहा है। कुछ कंपनियों के अच्छे नतीजे भी बाजार को सहारा नहीं दे पाए।
सेक्टोरल प्रदर्शन:
सभी सेक्टर्स में बिकवाली देखी गई, सिवाय Nifty Pharma के जो 0.54% ऊपर बंद हुआ।
सबसे ज्यादा गिरावट Nifty Metal (1.64%), Nifty IT (1.42%), Nifty Auto (1.27%), Nifty PSU Bank (1.70%) और Nifty Oil & Gas (1.96%) में देखी गई।
आज के टॉप गेनर और लूजर (Sensex और Nifty से):
टॉप गेनर: Sun Pharma, Bharti Airtel (Sensex से); Cipla, SBI Life, Apollo Hospitals, Dr Reddy's, Sun Pharma, HDFC Life, UltraTech Cement (Nifty से)।
टॉप लूजर: Bajaj Finance, Power Grid, Tech Mahindra, Infosys, Bajaj Finserv, Trent (Sensex से); Bajaj Finance, Shriram Finance, IndusInd Bank, Bajaj Auto, Tech Mahindra, Power Grid (Nifty से)।
आगे क्या? (तकनीकी दृष्टिकोण):
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि Nifty 24,900 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर से नीचे आ गया है और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (50EMA) से भी नीचे बंद हुआ है, जो मौजूदा रुझान के कमजोर होने का संकेत देता है। अगर Nifty अगले एक-दो सत्रों में 24,900 से ऊपर वापस नहीं आता है, तो एक गहरा सुधार संभव है। तात्कालिक समर्थन 24,700 पर और उसके बाद 24,500 पर है। ऊपर की ओर, 25,000 पर प्रतिरोध है।
बाजार की चाल: आज भारतीय शेयर बाजार नकारात्मक रुख के साथ खुले हैं।
Nifty 50: लगभग 50 अंक नीचे 25169.3 पर कारोबार कर रहा है।
BSE Sensex: लगभग 215 अंक नीचे 82510.8 पर कारोबार कर रहा है।
सेक्टोरियल प्रदर्शन:
फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में तेजी देखने को मिल रही है।
आईटी, मेटल, ऑयल & गैस, रियलिटी, बैंक और टेलीकम्युनिकेशन जैसे सेक्टरों में गिरावट देखी जा रही है।
कुछ खास शेयरों पर नज़र:
Eternal Ltd, Dr. Reddy's Laboratories, Tata Motors, Tata Consumer Products और Jio Financial Services जैसे शेयरों में बढ़त है।
Trent Ltd, Shriram Finance, Hero MotoCorp, Tech Mahindra और Bajaj Finance जैसे शेयरों में गिरावट है।
कॉर्पोरेट नतीजे: आज Nestle, ACC, Canara Bank, UTI जैसी कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं, जिन पर बाजार की नज़र रहेगी।
अंतर्राष्ट्रीय संकेत:
हाल ही में अमेरिका और जापान के बीच हुए व्यापार समझौते के बाद एशियाई बाजारों में सकारात्मकता देखी गई थी, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है।
FII और DII गतिविधि:
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजारों से इक्विटी निकाल रहे हैं।
घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) लगातार खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिल रहा है।
ध्यान रखने योग्य बातें:
यह बाजार की मौजूदा स्थिति है, और बाजार पल-पल बदलता रहता है। अपनी वेबसाइट पर अपडेट करते समय, लेटेस्ट डेटा ज़रूर चेक करें।
निवेश संबंधी सलाह देने से बचें, क्योंकि यह केवल समाचार है।
आज (23 जुलाई 2025) के लिए शेयर बाजार के मुख्य बिंदु:
बाजार का रुख (कल के बंद के आधार पर):
BSE Sensex: कल (22 जुलाई) को 82186.81 पर बंद हुआ, 13.53 अंक या 0.02% की मामूली गिरावट के साथ।
NSE Nifty 50: कल (22 जुलाई) को 25060.9 पर बंद हुआ, 29.8 अंक या 0.12% की गिरावट के साथ।
खुला बाजार (आज सुबह): आज सुबह Sensex 150 से अधिक अंकों की तेजी और Nifty 25,100 के ऊपर खुला।
प्रमुख कंपनियां और उनके प्रदर्शन (कल के आधार पर):
बढ़त वाले शेयर (Gainers): कल Eternal, HDFC Life Insurance Company, Titan Company, Hindalco Industries, Bharat Electronics, Maruti Suzuki India, Hindustan Unilever, Coal India, ONGC और ICICI Bank निफ्टी में टॉप गेनर रहे।
गिरावट वाले शेयर (Losers): कल Shriram Finance, Eicher Motors, Adani Ports & Special Economic Zone, Tata Motors, Jio Financial Services, IndusInd Bank, Bajaj Auto, Dr. Reddy's Laboratories, Hero MotoCorp और Adani Enterprises निफ्टी में टॉप लूजर रहे।
क्षेत्रीय प्रदर्शन (कल के आधार पर): माइनिंग शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि बैंक, ऑटो एंसिलरीज और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में गिरावट रही।
विदेशी और घरेलू निवेश (FII/DII):
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कल (सोमवार, 21 जुलाई) को ₹1,681 करोड़ के शेयर बेचे।
घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने कल (सोमवार, 21 जुलाई) को ₹3,578 करोड़ के शेयर खरीदे। यह प्रवृत्ति इस महीने लगातार बनी हुई है, जहां DIIs की खरीदारी FIIs की बिकवाली को संतुलित कर रही है।
प्रमुख घटनाएँ और कारक:
आय रिपोर्ट (Earnings Reports): बाजार कंपनियों की तिमाही आय रिपोर्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहा है। हाल ही में ICICI Bank और HDFC Bank के अच्छे नतीजों से बाजार को समर्थन मिला था, जबकि Axis Bank के कमजोर नतीजों ने बैंकिंग शेयरों पर दबाव डाला।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता (India-US Trade Deal): आगामी हफ्तों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर चल रही बातचीत पर बाजार की नजर बनी हुई है। टैरिफ (tariff) संबंधी चिंताएं बाजार में अनिश्चितता पैदा कर रही हैं।
वैश्विक बाजार (Global Markets): एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख है, जबकि अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है, जो वैश्विक मांग में कमी की चिंता को दर्शाती है।
मैक्रोइकोनॉमिक आउटलुक: भारत का मैक्रोइकोनॉमिक आउटलुक मजबूत बना हुआ है, जिसमें कम महंगाई, कम ब्याज दरें, अच्छे मानसून और तेल की कम कीमतें बाजार को सहारा दे रही हैं।
बाजार की शुरुआत सकारात्मक: आज भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स, निफ्टी50 और बीएसई सेंसेक्स हरे निशान में खुले। निफ्टी50 25,100 से ऊपर और बीएसई सेंसेक्स 150 अंक से अधिक ऊपर था।
मौजूदा स्थिति: सुबह 9:26 बजे, निफ्टी50 25,123.10 पर कारोबार कर रहा था, जो 32 अंक या 0.13% ऊपर था। बीएसई सेंसेक्स 82,352.59 पर कारोबार कर रहा था, जो 152 अंक या 0.19% ऊपर था।
Q1 नतीजों का असर: कल, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एटरनल के अच्छे Q1 नतीजों पर बाजार की सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई थी, जिससे बाजार में मजबूती आई।
संस्थानिक निवेशकों की गतिविधि: घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) इस महीने 15 में से 14 ट्रेडिंग दिनों में खरीदार रहे हैं, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) 15 में से 10 ट्रेडिंग दिनों में विक्रेता रहे हैं। DIIs की खरीददारी से FIIs की बिकवाली का असर कम हुआ है।
आगे की दिशा: बाजार का ध्यान आगामी हफ्तों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताओं पर रहेगा। उम्मीद है कि 1 अगस्त से पहले कोई समझौता हो सकता है। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि तिमाही नतीजों और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं में प्रगति पर ध्यान केंद्रित रहने के साथ बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
वैश्विक संकेत: सोमवार को S&P 500 और Nasdaq ने नए रिकॉर्ड उच्च स्तर बनाए, जिससे बाजार को मनोवैज्ञानिक समर्थन मिल रहा है। हालांकि, मंगलवार को तेल की कीमतें कम हुई हैं, जो ईंधन की मांग में कमी की चिंताओं को दर्शाती हैं।
कुछ प्रमुख स्टॉक्स पर नजर:
Eternal के शेयरों में Q1 नतीजों के बाद उछाल देखा गया है।
Reliance Industries के शेयरों में गिरावट देखी गई है, भले ही उन्होंने सबसे ज्यादा तिमाही लाभ दर्ज किया है।
ICICI Bank और HDFC Bank ने अपने Q1 नतीजों के बाद अच्छी बढ़त दर्ज की है।
आज Paytm, Colgate, IRFC, United Breweries के Q1 नतीजे आने वाले हैं।
आप अपनी वेबसाइट पर ये खबरें निम्न प्रकार से जोड़ सकते हैं:
मुख्य शीर्षक: "शेयर बाजार लाइव: सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती तेजी, व्यापार वार्ताओं पर नजर"
संक्षिप्त सारांश: आज भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की है, निफ्टी और सेंसेक्स दोनों हरे निशान में खुले। Q1 नतीजों और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर निवेशकों का ध्यान है।
विस्तृत खबर: उपरोक्त जानकारी को बुलेट पॉइंट्स या छोटे पैराग्राफ में विस्तार से लिखें।
प्रमुख स्टॉक्स: कुछ प्रमुख बढ़ने और गिरने वाले शेयरों का उल्लेख करें।
मुख्य बातें:
वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट रहने की उम्मीद है।
GIFT निफ्टी लगभग 20-25 अंक ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो एक स्थिर ओपनिंग की ओर इशारा करता है।
पिछले हफ्ते के अंत में अमेरिकी बाजारों में हुई हल्की मुनाफावसूली का असर आज दिख सकता है।
आज सप्ताह का पहला कारोबारी दिन होने के कारण निवेशक सतर्कता बरत सकते हैं।
बाजार का सेंटिमेंट (Market Sentiment)
आज सुबह एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान का निक्केई और कोरिया का कोस्पी मामूली बढ़त के साथ खुले हैं, जबकि हांगकांग के बाजारों में हल्की गिरावट है। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार (Dow Jones, Nasdaq) लगभग सपाट बंद हुए थे। इन्हीं वैश्विक संकेतों के आधार पर भारतीय बाजार की शुरुआत शांत रह सकती है।
पिछले सत्र का हाल (शुक्रवार, 18 जुलाई, 2025)
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन, शुक्रवार को बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था।
BSE Sensex: 150 अंकों की गिरावट के साथ 78,550 पर बंद हुआ।
NSE Nifty 50: 45 अंकों की गिरावट के साथ 23,850 के स्तर पर बंद हुआ।
शुक्रवार को बैंकिंग शेयरों में खरीदारी रही, लेकिन आईटी और एफएमसीजी शेयरों में बिकवाली के दबाव के कारण बाजार लाल निशान में बंद हुआ।
आज इन स्टॉक्स पर रहेगी नज़र (Stocks in Focus Today)
Reliance Industries: कंपनी की आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) की तारीखों और नए निवेश से जुड़ी खबरों के कारण यह स्टॉक फोकस में रहेगा।
HDFC Bank / ICICI Bank: पिछले हफ्ते जारी हुए मजबूत नतीजों के बाद आज इन बैंकिंग स्टॉक्स में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है।
Tata Steel / JSW Steel: चीन से आने वाले औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों का असर आज मेटल स्टॉक्स पर दिख सकता है।
Zomato / Paytm: ब्लॉक डील या किसी बड़ी ब्रोकरेज रिपोर्ट के आने की उम्मीद में ये न्यू-एज स्टॉक्स आज हलचल में रह सकते हैं।
बाजार के लिए अन्य महत्वपूर्ण संकेत (Key Triggers)
FII/DII गतिविधि: शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹850 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,250 करोड़ की खरीदारी की थी।
कच्चा तेल (Crude Oil): ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $82 प्रति बैरल के आसपास स्थिर बनी हुई हैं, जो बाजार के लिए एक राहत की बात है।
डॉलर के मुकाबले रुपया: भारतीय रुपया आज 83.50 के आसपास खुल सकता है।
सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन: भारतीय शेयर मार्केट शुक्रवार, 18 जुलाई 2025 को निचले स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स 502 अंक गिरकर 81,758 पर और निफ्टी 143 अंक गिरकर 24,968 पर बंद हुआ। यह लगातार तीसरा सप्ताह है जब मार्केट में गिरावट देखी गई। वित्तीय शेयरों में भारी बिकवाली और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर चिंताओं के कारण आईटी शेयरों में गिरावट प्रमुख कारण रही।
मार्केट सेंटीमेंट: हाल की अस्थिरता के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं। 17 जुलाई 2025 को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹3,408.38 करोड़ की शेयर बिक्री की, जिससे मार्केट पर दबाव बढ़ा। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) खरीदारी में सक्रिय रहे, जिससे कुछ समर्थन मिला।
टॉप गेनर्स: टाटा स्टील (+1.62%), टाटा मोटर्स (+0.41%), और भारत पेट्रोलियम कॉर्प (+4.54%) जैसे शेयरों ने व्यापक मार्केट गिरावट के बावजूद मजबूती दिखाई।
टॉप लूजर्स: ICICI बैंक (-0.42%), HDFC बैंक (-0.48%), और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (-0.35%) बैंकिंग सेक्टर में कमजोरी के प्रमुख उदाहरण रहे।
सेक्टर प्रदर्शन: आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली देखी गई, जबकि ऊर्जा और धातु क्षेत्रों में मिला-जुला प्रदर्शन रहा।
FII और DII गतिविधि: FIIs ने अपनी बिकवाली जारी रखी, जबकि DII की खरीदारी ने मार्केट को स्थिरता प्रदान की। विश्लेषकों का मानना है कि FII लॉन्ग-शॉर्ट अनुपात अनुकूल होने के कारण निफ्टी में गिरावट सीमित रहेगी।
बाजार अवलोकन: भारतीय शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव देखा गया। बीएसई सेंसेक्स 0.61% की गिरावट के साथ 81,758 अंकों पर बंद हुआ। निफ्टी 50 0.51% नीचे 25,149.95 अंकों पर रहा। अमेरिकी टैरिफ की चिंताओं और विदेशी फंडों की बिकवाली के कारण बाजार सतर्क रहा। स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि आईटी और बैंकिंग क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव रहा।
मुख्य खबरें:
विप्रो: मजबूत Q1 FY26 परिणामों, बेहतर राजस्व मार्गदर्शन और बड़े सौदों के कारण शेयर 2.56% बढ़कर NSE पर ₹266.90 पर बंद हुए।
आईसीआईसीआई बैंक: Q1 में 15.5% लाभ वृद्धि के साथ ₹18,155 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया, जो मजबूत कोर लेंडिंग आय से समर्थित था। शेयर 0.42% गिरकर ₹1,419.05 पर बंद हुआ।
एक्सिस बैंक: Q1 परिणामों से पहले मार्जिन संकुचन की चिंताओं के कारण शेयर 5.24% गिरकर ₹1,099.10 पर रहा।
रिलायंस रिटेल: कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बाजार में स्थिति मजबूत करने के लिए केल्विनेटर का अधिग्रहण किया, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा।
न्यूजेन सॉफ्टवेयर: Q1 में ₹49.72 करोड़ का मामूली लाभ वृद्धि होने के बावजूद शेयर 6.20% गिरकर ₹962.85 पर बंद हुआ।
बीईएमएल: रक्षा मंत्रालय से बुलडोजर आपूर्ति के लिए ₹185.65 करोड़ का ऑर्डर मिलने के बाद भी शेयर 3.2% गिरकर ₹4,401 पर बंद हुआ।
बाजार रुझान: एफएमसीजी और मेटल क्षेत्रों ने कुछ सहारा दिया, जबकि आईटी और बैंकिंग शेयरों ने सूचकांकों को नीचे खींचा। स्मॉलकैप और मिडकैप सूचकांकों ने लचीलापन दिखाया।
आईपीओ: इंडीक्यूब का आईपीओ 23 जुलाई को ₹225–237 की प्राइस बैंड के साथ खुलेगा, जिसका लक्ष्य विस्तार और कर्ज चुकाने के लिए ₹700 करोड़ जुटाना है।
वैश्विक संदर्भ: वॉल स्ट्रीट का S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा, लेकिन अमेरिकी टैरिफ और मिश्रित वैश्विक संकेतों ने भारतीय बाजार को दबाव में रखा।
18 July 2025, Shukrawar ko Bhartiya share market ek volatile session ke baad kaafi neeche band hua. S&P BSE Sensex 501.51 points (0.61%) girkar 81,757.73 par band hua, jabki NSE Nifty50 143.05 points (0.57%) ki giravat ke sath 24,968.40 par settle hua. Is giravat ke pichhe banking stocks mein bechni, foreign fund outflows, aur global uncertainties jaise US Federal Reserve ki policy aur badhte crude oil prices ka asar raha. Nifty Private Bank index sabse bada laggard raha, jo 1.46% neeche raha. Axis Bank, RBL Bank, aur Kotak Bank jaise stocks mein 1.5% se zyada ki giravat dekhi gayi.business-standard.com
Broader market mein bhi kamzori dikhi, jahan Nifty Midcap 100 index 0.7% aur Nifty Smallcap 100 index 0.82% neeche raha. Sectoral front par, Banking, Financial Services, Consumer Durables, Energy, Auto, FMCG, Realty, Oil & Gas, aur Pharma sectors red zone mein band hue.business-standard.com
Corporate Earnings:
Wipro: Wipro ke shares NSE par 2.53% badhkar ₹267.20 par pahunche, kyunki company ne Q1FY26 ke liye better revenue guidance aur strong deal bookings ka announcement kiya.thehindubusinessline.com
Axis Bank: Bank ne Q1 mein 4% ghatkar ₹5,806 crore ka net profit report kiya, jo market expectations se neeche raha, jisse iska stock 5.27% girkar ₹1,098.70 par aaya.indiainfoline.comnseindia.com
Tata Communications: Company ne Q1FY26 mein 42.9% ki giravat ke sath ₹190 crore ka net profit report kiya, lekin revenue 6.6% badhkar ₹5,690 crore raha, jo digital aur data services ke growth se support hua.indiainfoline.com
Indian Hotels Company: Company ne Q1 mein 19.5% badhotri ke sath ₹296 crore ka net profit aur 31.7% revenue growth ke sath ₹2,041 crore report kiya.indiainfoline.com
Market Movers:
Top Gainers: Gujarat Mineral Development Corporation (GMDC) ke shares 11% chadhkar ₹421.65 par pahunche, jo 52-week high ke kareeb tha. Yeh badhotri heavy trading volumes ke sath aayi.business-standard.com
Top Losers: Clean Science & Technology ke shares 8.7% girkar ₹1,320.15 par aaye, kyunki Q1 results aur stake sale plans ne sentiment ko prabhavit kiya.moneycontrol.com
Heritage Foods: Stock 7% badhkar ₹489 par trade kiya, kyunki company ne pehli baar ₹1,100 crore ke revenue ko paar kiya, haalanki net profit 31% ghatkar ₹40.50 crore raha.thehindubusinessline.com
Other Key Updates:
Mutual Fund Industry: DSP Mutual Fund ne Endurance SIF launch kiya, jo experienced investors ke liye ek new investment platform hai. The Wealth Company Asset Management Holdings Private Limited ne SEBI se final approval hasil kiya aur ₹74.41 trillion ke mutual fund industry mein entry ki.thehindubusinessline.com
IPO News: Savy Infra and Logistics ne NSE Emerge platform par ₹70 crore ke IPO ki taiyari ki hai, jo EPC aur logistics sectors mein growth ke liye hai.thehindubusinessline.com
Reliance Retail: Reliance Retail Ventures ne Kelvinator brand ka acquisition kiya, jisse consumer durables market mein iski position mazboot hogi.thehindubusinessline.com
Foreign Institutional Investors (FIIs) ne 18 July ko ₹374 crore ke shares net buy kiye, jabki Domestic Institutional Investors (DIIs) ne ₹2,103 crore ke shares net kharide. Lekin global cues, jaise US-India trade talks aur US Fed ki interest rate policy par uncertainty, ne market sentiment ko cautious rakha. Analysts ka kehna hai ki Nifty 50 ke liye 25,000 ka level immediate support hai, aur agar yeh sustain hota hai, toh recovery 25,600–25,800 tak ho sakti hai. Banking aur financial stocks par focus rahega, kyunki Q3FY26 mein earnings recovery ki ummeed hai, jo deposit costs mein kami aur asset quality mein sudhar se support hoga
17 जुलाई 2025 को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार में मामूली तेजी देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी ने सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन वैश्विक व्यापार तनाव और अमेरिकी टैरिफ की चिंताओं के कारण निवेशक सतर्क रहे। कल के बंद के मुकाबले सेंसेक्स 82,634.48 से थोड़ा ऊपर खुला, जबकि निफ्टी 25,212.05 के स्तर से मामूली बढ़त के साथ शुरू हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी हल्की हलचल देखी गई।
बाजार की चाल: बाजार में आज मिश्रित रुझान की उम्मीद है। अमेरिका और भारत के बीच संभावित व्यापार समझौते पर डोनाल्ड ट्रम्प की टिप्पणी ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। भारतीय रुपये में स्थिरता बनी हुई है, जो 85.95 के आसपास कारोबार कर रहा है।
स्टॉक में खबरें:
टेक महिंद्रा, एसबीआई, और ल्यूपिन: ये शेयर आज फोकस में रहेंगे। टेक महिंद्रा और ल्यूपिन जैसे शेयरों में Q1 परिणामों के बाद गतिविधि की उम्मीद है।
एक्सिस बैंक और महिंद्रा लॉजिस्टिक्स: इन शेयरों पर भी बाजार की नजर है, क्योंकि इनके कारोबारी अपडेट्स से बाजार में हलचल हो सकती है।
सेक्टर फोकस: आईटी, ऑटो, और फार्मा सेक्टर पर निवेशकों की नजर रहेगी। दोपहिया वाहन उद्योग में FY26 में 7% वृद्धि की उम्मीद है, जो मारुति और महिंद्रा जैसे ऑटो शेयरों के लिए सकारात्मक हो सकता है।
आईपीओ अपडेट: मोनिका अल्कोबेव का एसएमई आईपीओ आज भी निवेशकों का ध्यान खींच रहा है, जो कल पूरी तरह सब्सक्राइब हो चुका था।
निफ्टी और बैंक निफ्टी: विशेषज्ञों का सुझाव है कि निफ्टी में 25,300 का स्तर महत्वपूर्ण है। अगर यह टूटता है, तो और तेजी देखी जा सकती है। बैंक निफ्टी में स्थिरता बनी हुई है।
ध्यान रखें: वैश्विक संकेतों और Q1 परिणामों पर नजर रखें। मिड और स्मॉलकैप शेयरों में चयनात्मक निवेश की सलाह दी जा रही है।
16 जुलाई 2025 को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ बंद हुए, हालांकि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की अनिश्चितता और पहली तिमाही की कमाई के कारण निवेशक सतर्क रहे। सेंसेक्स 64 अंक बढ़कर 83,506 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.06% की बढ़त के साथ 25,212 पर रहा। व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 स्थिर रहे, मिड-कैप में 0.1% और स्मॉल-कैप में 0.17% की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार का मूड: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ घोषणाओं के कारण वैश्विक व्यापार चिंताओं ने बाजार को प्रभावित किया। भारतीय रुपये में कमजोरी आई और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 85.97 पर रहा।
निफ्टी बैंक इंडेक्स: यह इंडेक्स पिछले बंद 57,007 की तुलना में 57,111 पर थोड़ा ऊपर खुला, जो बैंकिंग शेयरों में स्थिरता दर्शाता है।
आईपीओ गतिविधि: मोनिका अल्कोबेव का एसएमई आईपीओ 16 जुलाई को खुला और कुछ ही घंटों में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया, जिससे निवेशकों की मजबूत रुचि दिखी।
स्टॉक मूवमेंट:
ऑनवर्ड टेक्नोलॉजीज: पहली तिमाही में 12.73 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो साल-दर-साल 80% अधिक है। एनएसई पर शेयर 2.24% बढ़कर 370 रुपये पर पहुंचा।
इंडियन होटल्स कंपनी: एनएसई पर शेयर 1.06% बढ़कर 751.90 रुपये पर बंद हुआ।
सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन: भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की, सेंसेक्स में 71 अंकों की बढ़त और निफ्टी 25,100 के ऊपर कारोबार कर रहा है। हालांकि, आईटी, फार्मा और मेटल सेक्टर में कुछ बिकवाली का दबाव देखा गया, जबकि मिडकैप और रियल्टी स्टॉक्स में खरीदारी हुई।
मुद्रास्फीति का प्रभाव: जून में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति 2.1% तक कम हो गई, जो छह साल का निचला स्तर है, जिसने बाजार की धारणा को मजबूती दी है। अनुकूल मौसम की स्थिति से खाद्य कीमतों पर नियंत्रण रहने की उम्मीद है, जो बाजार की स्थिरता में मदद कर सकता है।
एचसीएल टेक: सकारात्मक बाजार खुलने के बावजूद शेयरों में 2% की गिरावट, जो आईटी सेक्टर की चुनौतियों को दर्शाता है।
अन्य प्रमुख स्टॉक्स: टाटा टेक, रालिस इंडिया, पावर मेच प्रोजेक्ट्स, रेलटेल, सन फार्मा, दीपक फर्टिलाइजर्स और ओबेरॉय रियल्टी आज कंपनी-विशिष्ट घटनाक्रमों और बाजार रुझानों के कारण चर्चा में हैं।
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और टेक महिंद्रा: इन स्टॉक्स ने निफ्टी को लगातार चौथे सत्र में गिरावट में योगदान दिया, जो बड़े आईटी स्टॉक्स पर चुनिंदा दबाव को दर्शाता है।
व्यापक बाजार ने मिडकैप और रियल्टी सेक्टर में मजबूती दिखाई, हालांकि 14 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती नुकसान से उबर गए।
निवेशकों को वैश्विक संकेतों पर नजर रखनी चाहिए, जिसमें नाटो के सैन्य समर्थन की घोषणाएँ और अमेरिकी आर्थिक संकेतक शामिल हैं, जो बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।
ध्यान देने योग्य स्टॉक्स: एचसीएल टेक, टाटा टेक, रालिस इंडिया, पावर मेच प्रोजेक्ट्स, रेलटेल, सन फार्मा, दीपक फर्टिलाइजर्स और ओबेरॉय रियल्टी में संभावित अवसरों पर ध्यान दें।
ट्रेड सेटअप: 15 जुलाई के लिए विस्तृत ट्रेड सेटअप के अनुसार वैश्विक और भारतीय बाजार संकेतों पर अपडेट रहें।
भारतीय शेयर बाजार के आज सतर्क शुरुआत की उम्मीद है, क्योंकि GIFT Nifty में गिरावट का संकेत दिख रहा है। शुक्रवार, 11 जुलाई 2025 को सेंसेक्स और निफ्टी 50 में गिरावट आई, जिसका कारण आईटी और ऑटो स्टॉक्स में कमजोरी, Q1 आय के निराशाजनक परिणाम और अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव रहे। निफ्टी 50 महत्वपूर्ण समर्थन स्तर 25,250 से नीचे बंद हुआ, जो कमजोर बाजार भावना को दर्शाता है। निवेशक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते और Q1FY26 आय पर नजर रखे हुए हैं।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS): आज यह स्टॉक एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेगा, साथ ही Q1 के कमजोर परिणामों के कारण आईटी स्टॉक्स पर दबाव है।
HCLTech: Q1 परिणाम और जून CPI डेटा महत्वपूर्ण ट्रिगर होंगे।
एंथम बायोसाइंसेज IPO: आज खुल रहा है, जो ₹1,016 करोड़ जुटाएगा, जिसमें शेयर की कीमत ₹540-₹570 और मार्केट कैप ₹31,800 करोड़ है।
डिविडेंड स्टॉक्स: भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक, और डाबर इंडिया इस सप्ताह (14-18 जुलाई) एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे।
डी-मार्ट: ब्रोकरेज ने रेटिंग और टारगेट में कटौती की है, जिसका असर इसके शेयर मूल्य पर पड़ सकता है।
पावर स्टॉक्स: सुमीत बगड़िया ने ₹100 से कम के स्टॉक्स में जयप्रकाश पावर वेंचर्स, NHPC, और रिलायंस पावर की सिफारिश की है। धर्मेश शाह ने पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) को ₹478 के टारगेट और ₹388 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदने की सलाह दी है।
वैश्विक संकेत: मिश्रित एशियाई बाजार और अमेरिका के टैरिफ (कनाडाई सामानों पर 1 अगस्त से 35% शुल्क) चिंता का कारण हैं।
आय सीजन: Q1FY26 की आय, विशेष रूप से आईटी और बैंकिंग सेक्टर, बाजार की दिशा तय करेगी।
व्यापार समझौता: निवेशक अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की प्रगति पर नजर रखे हुए हैं, जिसमें टैरिफ 1 अगस्त तक निलंबित हैं।
VIP इंडस्ट्रीज, अक्जो नोबेल इंडिया, ग्लेनमार्क फार्मा, टॉरेंट फार्मा: कॉरपोरेट घोषणाओं के कारण ध्यान में।
तमिलनाडु टेलीकम्युनिकेशंस: 11 जुलाई को 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹26.11 पर पहुंचा।
13 जुलाई को बाजार बंद: 13 जुलाई 2025 रविवार होने के कारण भारतीय शेयर बाजार (BSE और NSE) बंद रहे। कोई ट्रेडिंग गतिविधि नहीं हुई, लेकिन निवेशक पिछले सप्ताह की गतिविधियों और वैश्विक संकेतों के आधार पर अगले कारोबारी दिन (14 जुलाई) की तैयारी कर रहे थे।
12 जुलाई का सारांश: पिछले कारोबारी दिन (11 जुलाई 2025) को सेंसेक्स 690 अंक (0.83%) गिरकर 82,500.47 पर और निफ्टी 205 अंक (0.81%) गिरकर 25,149.85 पर बंद हुआ। वैश्विक व्यापार युद्ध की चिंताओं और Q1 परिणामों के कमज़ोर शुरूआत ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
TCS की आय निराशाजनक: TCS के शेयर 10 जुलाई को Q1 परिणामों के बाजार अपेक्षाओं को पूरा न करने के कारण 3.5% गिरे, जिसने IT सेक्टर को नीचे खींचा।
FPI बिकवाली: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने जुलाई में 555 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिसने तीन महीने के निवेश प्रवाह को उलट दिया। 2025 में कुल FPI बिकवाली 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची। उच्च मूल्यांकन और सस्ते वैश्विक बाजारों ने इस प्रवृत्ति को बढ़ाया।
IPO और कॉर्पोरेट गतिविधियां:
ग्लेन इंडस्ट्रीज IPO: IPO आवंटन निवेशकों के लिए चर्चा का केंद्र रहा।
इनॉक्स क्लीन एनर्जी: 6,000 करोड़ रुपये के IPO के लिए DRHP दाखिल किया।
रेलिगेयर एंटरप्राइजेज: 1,500 करोड़ रुपये की फंडरेजिंग को मंजूरी दी, जिसमें बर्मन परिवार 750 करोड़ रुपये का योगदान देगा।
BEML: 21 जुलाई को स्टॉक स्प्लिट पर चर्चा के लिए बोर्ड मीटिंग निर्धारित।
स्मॉल कैप रैली: 11 जुलाई तक पांच कारोबारी सत्रों में, जबकि सेंसेक्स में ~1.12% की गिरावट आई, कुछ स्मॉल-कैप शेयरों ने लगातार पांच दिन की बढ़त दर्ज की, जैसे:
एकमे सोलर (+18%)
क्रिस्ना डायग्नोस्टिक्स (+15%)
सिरका पेंट्स (+12%)
JTL इंडस्ट्रीज (+11%)
ग्लोबल हेल्थ (+10%)
अमेरिकी टैरिफ चिंताएं: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 11 जुलाई को कनाडा के लिए 35% टैरिफ की घोषणा और यूरोपीय संघ व मैक्सिको पर 30% टैरिफ की धमकी ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया। डाउ जोन्स 44,371.51, नैस्डैक 20,585.53, और S&P 500 6,259.75 पर गिरावट के साथ बंद हुए।
बिटकॉइन में उछाल: बिटकॉइन 118,000 डॉलर से ऊपर पहुंचा, जो तीन महीनों में 39% की वृद्धि दर्शाता है।
एशियाई बाजार: निक्केई 225 (39,569.68) और FTSE 100 (8,941.12) में गिरावट, जबकि हैंग सेंग (24,139.57) में बढ़त देखी गई।
निफ्टी का तकनीकी विश्लेषण: निफ्टी ने 20-DEMA को तोड़ा, जो मंदी का संकेत देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी 25,000 से नीचे जा सकता है, जिसमें समर्थन स्तर 24,150–24,200 पर हैं। प्रतिरोध 25,550 के पास है।
अस्थिरता और FII आउटफ्लो: बढ़ती अस्थिरता और FII बिकवाली बाजार की धारणा पर दबाव डाल रही है। निवेशक Q1 FY26 परिणामों और ममता मशीनरी, यूनिमेच एयरोस्पेस जैसे IPO पर नजर रखेंगे।
क्षेत्रीय फोकस: रियल्टी और मेटल्स में लचीलापन दिख सकता है, जबकि IT और PSU बैंक दबाव में रह सकते हैं।
13 जुलाई की रणनीति: रविवार को बाजार बंद होने के कारण, निवेशकों को 14 जुलाई के लिए तैयार रहना चाहिए। प्रमुख Q1 परिणामों (जैसे सागर सीमेंट्स, 21 जुलाई) और IPO लिस्टिंग पर नजर रखें।
ध्यान देने योग्य स्टॉक्स: एयरटेल, अशोक लीलैंड, TCS, परसिस्टेंट सिस्टम्स, कमिंस इंडिया, और IDBI बैंक इस सप्ताह ex-date पर कारोबार करेंगे।
वैश्विक संकेत: अमेरिकी टैरिफ नीतियों और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर स्पष्टता की प्रतीक्षा करें, जो बाजार की दिशा निर्धारित कर सकती है।
हेडलाइन: "13 जुलाई 2025: बाजार बंद, निवेशक Q1 परिणामों और वैश्विक टैरिफ पर नजर"
मुख्य बिंदु:
11 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1% की गिरावट।
TCS की कमजोर आय ने IT सेक्टर को प्रभावित किया; स्मॉल-कैप शेयरों में रैली।
आगामी IPO और Q1 परिणामों पर ध्यान दें।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट: 12 जुलाई 2025 को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 82,500.47 पर और निफ्टी 25,149.85 पर बंद हुआ, दोनों में वैश्विक बाजार संकेतों और मुनाफा वसूली के कारण मंदी का रुख रहा। अमेरिकी टैरिफ नीतियों को लेकर अनिश्चितता के बीच निवेशक सतर्क रहे।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) की बिकवाली: जुलाई में FPI ने भारतीय इक्विटी से 555 करोड़ रुपये निकाले, जिसने तीन महीने की निवेश प्रवाह को उलट दिया। उच्च मूल्यांकन और सस्ते बाजारों में आकर्षक अवसर इसका कारण रहे। 2025 में कुल FPI बिकवाली 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
ध्यान देने योग्य स्टॉक्स: ग्लेनमार्क फार्मा, आनंद राठी वेल्थ, टाटा एल्क्सी, आरपीपी इन्फ्रा, अपोलो टायर्स, ड्रीमफोल्क्स सर्विसेज, हुंडई इंडिया और डेटामैटिक्स ग्लोबल सर्विसेज जैसी कंपनियां अपनी बाजार गतिविधियों के लिए चर्चा में रहीं। आनंद राठी वेल्थ के शेयर Q1 में 28% मुनाफा वृद्धि की रिपोर्ट के बाद 5% उछले।
IPO और कॉर्पोरेट गतिविधियां:
ग्लेन इंडस्ट्रीज IPO आवंटन निवेशकों के लिए प्रमुख फोकस रहा।
रेलिगेयर एंटरप्राइजेज ने 1,500 करोड़ रुपये की फंडरेजिंग को मंजूरी दी, जिसमें बर्मन परिवार 750 करोड़ रुपये का योगदान देगा।
BEML ने स्टॉक स्प्लिट पर चर्चा के लिए 21 जुलाई को बोर्ड मीटिंग निर्धारित की।
इनॉक्स क्लीन एनर्जी ने 6,000 करोड़ रुपये के IPO के लिए DRHP दाखिल किया।
अमेरिकी बाजार: डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 44,371.51, नैस्डैक 20,585.53 और S&P 500 6,259.75 पर बंद हुआ, सभी में गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रपति ट्रम्प के नए टैरिफ खतरे, जिसमें यूरोपीय संघ और मैक्सिको पर 30% टैरिफ शामिल है, ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
बिटकॉइन में उछाल: बिटकॉइन ने 118,000 डॉलर से ऊपर नया उच्च स्तर बनाया, जो तीन महीनों में 39% की वृद्धि को दर्शाता है, जो मजबूत निवेशक रुचि से प्रेरित है।
अन्य वैश्विक सूचकांक: निक्केई 225 (जापान) 39,569.68 पर, FTSE 100 (यूके) 8,941.12 पर (गिरावट), जबकि हैंग सेंग (हांगकांग) 24,139.57 पर बढ़ा।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने होम लोन बाजार में हिस्सेदारी 43% तक बढ़ाई, जो निजी उधारदाताओं को पीछे छोड़ रही है, यह उधार परिदृश्य में बदलाव को दर्शाता है।
स्मॉल कैप मूवर्स:
एवरप्ले (LON: EVPL): शेयर 13.7% बढ़कर 356.5p पर पहुंचे, जो एक आशावादी ट्रेडिंग स्टेटमेंट और हैमरवॉच फ्रैंचाइज़ी के अधिग्रहण के बाद हुआ।
80 माइल (AIM: 80M): हाइड्रोजन वैली में 49% हिस्सेदारी 80,000 पाउंड में बढ़ाने और बायोफ्यूल आपूर्ति सौदे के समर्थन में शेयर 12.5% बढ़कर 0.27p पर पहुंचे।
शीयरवाटर ग्रुप (LON: SWG): जून 2025 तक 15 महीनों के लिए प्री-टैक्स मुनाफा अनुमान 400,000 पाउंड से बढ़ाकर 600,000 पाउंड किया गया।
TCS निराश करता है: TCS के शेयर Q1 आय के बाजार अपेक्षाओं को पूरा न करने के बाद 3.5% गिरे, जिसने अन्य IT स्टॉक्स को भी नीचे खींचा।
निफ्टी में मंदी का रुख: विश्लेषकों ने नोट किया कि निफ्टी ने अपने 20-DEMA को तोड़ा, जो मंदी के रुझान को दर्शाता है, जिसमें अगले सप्ताह 25,000 से नीचे जाने की संभावना है। समर्थन स्तर 25,250 और 25,100 पर हैं।
वैश्विक चिंताएं: अमेरिकी टैरिफ और कमजोर वैश्विक बाजार रुझानों ने सतर्क धारणा में योगदान दिया। भारतीय बाजार ने 2025 की पहली छमाही में MSCI EM इंडेक्स की तुलना में कम प्रदर्शन किया।
आगामी Q1 FY26 परिणाम और IPO लिस्टिंग, जैसे ममता मशीनरी और यूनिमेच एयरोस्पेस, पर नजर रखें।
वैश्विक व्यापार विकास, विशेष रूप से अमेरिकी टैरिफ नीतियों पर अपडेट रहें, जो बाजार में अस्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।
रियल्टी और मेटल्स जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दें, जिन्होंने लचीलापन दिखाया, जबकि IT और PSU बैंकों पर दबाव रहा।
TCS Q1 नतीजे: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने 1.3% राजस्व वृद्धि के साथ ₹63,437 करोड़ की आय दर्ज की, जो ब्लूमबर्ग के अनुमान ₹64,636 करोड़ से कम है। TCS ने ₹11 प्रति शेयर अंतरिम लाभांश घोषित किया, जो 4 अगस्त 2025 को देय होगा।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के कनाडा पर 35% और रूसी तेल पर प्रस्तावित 500% टैरिफ की घोषणाओं से बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
बाजार का मूड: इंडिया VIX, जो अस्थिरता को मापता है, 2.24% गिरकर 11.67 पर आ गया, जो निवेशकों के डर में कमी दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी कमजोर रह सकता है, समर्थन स्तर 25,250-25,300 और प्रतिरोध 25,500 पर है।
विशेषज्ञ सिफारिशें:
सैगिलिटी इंडिया: ₹44 पर खरीदें, लक्ष्य ₹48, स्टॉप लॉस ₹42 (वैशाली पारेख, प्रभुदास लीलाधर)।
धानी सर्विसेज: ₹68 पर खरीदें, लक्ष्य ₹70.80-₹73.30, स्टॉप लॉस ₹66.30।
रतनइंडिया एंटरप्राइजेज: ₹66 पर खरीदें, लक्ष्य ₹72, स्टॉप लॉस ₹63।
JSW एनर्जी और UTI AMC: वैशाली पारेख ने इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए सुझाए।
अन्य ध्यान देने योग्य शेयर: TCS, HUL, टाटा एल्क्सी, IREDA, ग्लेनमार्क फार्मा, और आनंद राठी वेल्थ, क्योंकि इनके तिमाही नतीजे और कॉर्पोरेट अपडेट आए हैं।
LIC: सरकार की ऑफर फॉर सेल (OFS) रिटेल निवेशकों के लिए आज खुल रही है, जिससे 1% हिस्सेदारी बिक्री से ₹6,000 करोड़ जुटाए जा सकते हैं।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र: Q1 नतीजों के लिए 15 जुलाई को बोर्ड मीटिंग।
आईटी सेक्टर: TCS के नतीजों से पहले आईटी शेयरों में कमजोरी रही, निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.8% गिरा।
रियल एस्टेट और जल प्रबंधन: ट्रेड ब्रेन्स पोर्टल ने इन सेक्टर्स में शेयरों की सिफारिश की।
बैंकिंग: बैंक निफ्टी 157 अंक गिरकर 56,956 पर बंद हुआ, समर्थन स्तर 56,886 पर।
किरलोस्कर इलेक्ट्रिक: आनंद बी हुन्नुर को 12 जुलाई 2025 से तीन साल के लिए प्रबंध निदेशक के रूप में पुनर्नियुक्त किया।
एमफैसिस: अपनी अमेरिकी सहायक कंपनी के माध्यम से Aokah, Inc. में 26% हिस्सेदारी खरीदी।
रेलिगेयर एंटरप्राइजेज: आज प्राथमिक आवंटन के जरिए फंड जुटाने पर विचार करेगा।
वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख है। S&P 500 और नैस्डैक रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं, लेकिन ट्रम्प की टैरिफ धमकियों से सतर्कता बनी हुई है। रुपये में स्थिरता बाजार के मूड को प्रभावित कर रही है।
अस्वीकरण: उपरोक्त सिफारिशें बाजार विशेषज्ञों की हैं और इस वेबसाइट द्वारा समर्थित नहीं हैं। निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 9 जुलाई 2025 को मामूली गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 176.43 अंक (0.21%) नीचे 83,536.08 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 46.40 अंक (0.18%) की गिरावट के साथ 25,476.10 पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत बंद और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ की धमकी जैसे कारकों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया।
10 जुलाई 2025 को बाजार की चाल वैश्विक संकेतों, घरेलू आर्थिक आंकड़ों, और निवेशकों के सेंटीमेंट पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, विशेष रूप से अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते की चर्चा और तेल उत्पादन में ओपेक के फैसले जैसे वैश्विक कारकों के कारण। निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि के लिए मजबूत स्टॉक्स पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।
टॉप गेनर्स: कुछ स्टॉक्स जैसे स्विगी (Swiggy) ने हाल ही में अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर से 28% की रिकवरी दिखाई है, जो Q1 आय की प्रत्याशा में निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
टॉप लूजर्स: हिंदुस्तान कॉपर और वेदांता जैसे स्टॉक्स में 4% तक की गिरावट देखी गई, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कॉपर आयात पर 50% टैरिफ की घोषणा की।
KPI ग्रीन एनर्जी: कंपनी को SPV अप्रूवल मिला है, जिससे इसके शेयरों में तेजी की संभावना है।
सिनर्जी ग्रीन इंडस्ट्रीज: अदानी समूह से ऑर्डर मिलने के बाद इस स्टॉक पर निवेशकों की नजर है।
BEL (भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड): नौसेना के साथ NMDA प्रोजेक्ट के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के बाद यह स्टॉक चर्चा में है।
डॉ. रेड्डीज़: इस स्टॉक में हाल ही में ट्रेडिंग गतिविधि में वृद्धि देखी गई है।
विशेषज्ञों ने 2025 के लिए कुछ स्टॉक्स की सिफारिश की है, जो 10-20% रिटर्न दे सकते हैं:
HDFC AMC
निप्पॉन लाइफइन स्टॉक्स को मजबूत फंडामेंटल्स और बाजार की स्थिरता के आधार पर चुना गया है।
रियल्टी निवेश: Q2 2025 में संस्थागत रियल्टी निवेश में 42% की सालाना गिरावट देखी गई, लेकिन तिमाही आधार पर इसमें दोगुनी वृद्धि हुई।
गोल्ड ETF निवेश: विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में गोल्ड ETF में पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक निवेश देखा गया।
आयकर रिटर्न: वेतनभोगी करदाताओं को 2025-26 के लिए ITR दाखिल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है ताकि सामान्य गलतियों से बचा जा सके।
बाजार की शुरुआत:
गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स 2.50 अंक नीचे 25,513.50 पर कारोबार कर रहे हैं, जो 9 जुलाई 2025 को दालाल स्ट्रीट के लिए सुस्त शुरुआत का संकेत देता है।
वैश्विक संकेतों में कमजोरी और अमेरिका के टैरिफ खतरे के कारण सेंसेक्स और निफ्टी के नकारात्मक शुरुआत की संभावना है।
भारत बंद का प्रभाव:
10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा सरकारी नीतियों के विरोध में बुलाए गए भारत बंद के बावजूद, एनएसई और बीएसई सहित भारतीय शेयर बाजार आज सामान्य रूप से काम करेंगे। ट्रेडिंग समय सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक रहेगा।
वैश्विक और व्यापारिक घटनाक्रम:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत के साथ संभावित व्यापार समझौते का संकेत दिया, लेकिन ब्रिक्स देशों पर टैरिफ की धमकी से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखा गया, जबकि अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स टैरिफ से संबंधित उतार-चढ़ाव से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।
सेक्टर और शेयर फोकस:
निफ्टी और निफ्टी बैंक रणनीति: विशेषज्ञों ने निफ्टी के लिए समर्थन स्तर 25,400 और प्रतिरोध 25,510–25,630 बताया है। निफ्टी बैंक में भी सतर्कता की सलाह दी गई है।
ध्यान देने योग्य शेयर: क्रिजैक, 5पaisa कैपिटल, टाटा मोटर्स, सिनर्जी ग्रीन, पुरावनकारा, इंडिया शेल्टर फाइनेंस, और CAMS आज फोकस में हैं।
कोटक महिंद्रा बैंक और इटर्नल लिमिटेड: निफ्टी की लगातार तीसरी सत्र में बढ़त में इन शेयरों का बड़ा योगदान रहा।
आईपीओ और कॉर्पोरेट अपडेट:
क्रिजैक आईपीओ: ग्रे मार्केट में 13% प्रीमियम पर कारोबार, आज बीएसई और एनएसई पर लिस्टिंग की उम्मीद।
एंथम बायोसाइंसेज: 14 जुलाई को ₹3,395 करोड़ का आईपीओ लॉन्च होगा, जो बाजार का ध्यान आकर्षित कर सकता है।
सेबी ने वीदा क्लिनिकल और राइट वॉटर सहित पांच आईपीओ को मंजूरी दी।
आर्थिक और बाजार दृष्टिकोण:
इंडिया VIX में लगभग 2% की वृद्धि से अल्पकालिक अस्थिरता का संकेत मिलता है, जिससे निवेशक सतर्क हैं।
टीसीएस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे प्रमुख फर्मों के Q1 नतीजे आज से शुरू होने की उम्मीद है, जो बाजार की दिशा तय करेंगे।
भारतीय रुपये में कमजोरी बनी हुई है, जो 85.40 प्रति अमेरिकी डॉलर पर बंद हुआ।
निवेशकों के लिए सलाह:
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि निवेशक लार्ज-कैप शेयरों पर ध्यान दें, क्योंकि मिड और स्मॉल-कैप में अस्थिरता हो सकती है।
इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए अनुशंसित शेयर: एलआईसी, किंगफा साइंस, अक्जो नोबेल इंडिया, टाटा स्टील, एक्साइड इंडस्ट्रीज, और वरुण बेवरेजेस।
मजबूत खरीदारी रुचि वाले शेयर: अलोक इंडस्ट्रीज, लेमन ट्री होटल्स, सोनाटा सॉफ्टवेयर, और शेफलर इंडिया।
अन्य प्रमुख खबरें:
आरवीएनएल को बड़ा रेलवे ऑर्डर मिला, जिससे इसके शेयरों में तेजी की संभावना है।
टाइटन के शेयरों में Q1 में ज्वैलरी ग्रोथ कमजोर रहने से 5% की गिरावट देखी गई।
सेबी के जेन स्ट्रीट क्रैकडाउन से बीएसई, नुवामा, और सीडीएसएल जैसे शेयरों पर दबाव बना हुआ है।
बीएसई सेंसेक्स 270.01 अंक (0.32%) बढ़कर 83,712.51 पर बंद हुआ, जिसमें वित्तीय और आईटी शेयरों की बढ़त ने योगदान दिया।
एनएसई निफ्टी 61.20 अंक (0.24%) चढ़कर 25,522.50 पर बंद हुआ, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की संभावना से सकारात्मक माहौल बना।
निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में क्रमशः 0.17% और 0.29% की गिरावट देखी गई, जो मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में मिश्रित प्रदर्शन दर्शाता है।
भारत बंद का प्रभाव:
10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा सरकारी नीतियों के विरोध में बुलाए गए भारत बंद के बावजूद, एनएसई और बीएसई सहित भारतीय शेयर बाजार 9 जुलाई 2025 को सामान्य रूप से काम करेंगे। ट्रेडिंग समय सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक रहेगा।
अमेरिकी टैरिफ घटनाक्रम:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नए टैरिफ को 1 अगस्त 2025 तक टाल दिया और भारत के साथ संभावित व्यापार समझौते का संकेत दिया, जिससे बाजार का माहौल सकारात्मक रहा।
जापान और दक्षिण कोरिया से आयात पर 25% टैरिफ की घोषणा से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता देखी गई, लेकिन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की आशा ने भारतीय सूचकांकों को समर्थन दिया।
सेक्टर प्रदर्शन:
निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक 1.5% की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि निफ्टी ऑटो सूचकांक 0.33% की गिरावट के साथ सबसे बड़ा नुकसानदायक रहा।
निफ्टी रियल्टी सेक्टर 1.08% बढ़ा, जिसमें ब्रिगेड एंटरप्राइजेज के मजबूत प्रदर्शन ने सकारात्मक निवेशक भावना को दर्शाया।
एफएमसीजी और तेल व गैस क्षेत्र प्रमुख लाभकारी रहे, जबकि आईटी और धातु क्षेत्रों में गिरावट देखी गई।
ध्यान देने योग्य शेयर:
हजूर मल्टी प्रोजेक्ट्स: ₹913 करोड़ के सौर प्रोजेक्ट ऑर्डर की स्पष्टता के बाद 15.40% बढ़कर ₹45.78 पर बंद हुआ, जो 9 जुलाई को नजर रखने योग्य शेयर है।
टाइटन, जम्मू-कश्मीर बैंक, टाटा मोटर्स, एमएंडएम, जेएसडब्ल्यू इंफ्रा: तिमाही नतीजों और प्रमुख खबरों के कारण ध्यान में रहेंगे।
वारी एनर्जीज और एनएचपीसी: क्रमशः 5% और 4% की उछाल के साथ सकारात्मक बाजार भावना में योगदान दिया।
बीएसई, नुवामा, सीडीएसएल: एफएंडओ वॉल्यूम और सेबी के जेन स्ट्रीट ऑर्डर से संबंधित चिंताओं के कारण 7% तक गिरे।
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (+1.90%) और बीपीसीएल (+2.01%): निफ्टी के शीर्ष लाभकारी, जबकि बजाज ऑटो (-3.31%) और विप्रो (-2.27%) शीर्ष नुकसानदायक रहे।
आईपीओ और कॉर्पोरेट खबरें:
वीवर्क इंडिया: ₹4,000 करोड़ जुटाने के लिए आईपीओ लाएगा, जिसमें एम्बेसी बिल्डकॉन एलएलपी और 1 एरियल वे टेनेंट द्वारा 4.37 करोड़ शेयरों की बिक्री की पेशकश शामिल है।
क्रिजैक: ग्रे मार्केट में 13% प्रीमियम के साथ अनलिस्टेड शेयर, बीएसई और एनएसई पर 9 जुलाई 2025 को लिस्टिंग की उम्मीद।
अडानी बिड़ला रियल एस्टेट: ₹2/शेयर का डिविडेंड घोषित, 30 जुलाई 2025 को एजीएम निर्धारित।
टाटा स्टील: Q1 FY26 में भारत में 5.26 मिलियन टन क्रूड स्टील उत्पादन की सूचना दी, डिलीवरी पर रखरखाव का प्रभाव पड़ा।
Stocks in Focus:
IndusInd Bank, Nykaa, Jubilant Food, Dabur, Siemens Energy: These stocks are highlighted for potential market action today, driven by company-specific developments and sector trends. Investors are advised to watch for updates on these counters.
MIC Electronics Ltd.: Despite a 67.69% increase in net sales, the company faced a decline in its evaluation. Investors are awaiting further results from Siemens Energy India, India Power Corporation, and Arihant Capital Markets today.
Market Trends:
Recent market updates indicate a flat trading pattern in early July, with the Sensex and Nifty showing volatility. On July 4, markets ended higher, led by banking stocks, but overall momentum remained subdued due to mixed global cues.
The Indian rupee strengthened slightly to 85.66 against the US dollar on July 2, supported by falling crude oil prices and foreign institutional investments.
Key Corporate Updates:
IndiGo: Appointed Amitabh Kant as a non-executive director on July 3, 2025, pending approvals, boosting its governance profile.
Aegis Logistics: Commissioned a 48,000 MT LPG cryogenic terminal at Pipavav, effective July 3, 2025, enhancing its infrastructure capabilities.
Bajaj Finance: Reported a 25% jump in Q1 Assets Under Management to ₹4.4 lakh crore, adding 4.7 million new customers.
Bank of Baroda: Global business grew 10.7% YoY to ₹27.43 lakh crore as of June 20, 2025.
Investor Advisory:
Markets are expected to react to global cues, including US and Asian market trends, which have shown mixed signals.
Investors should monitor upcoming results and global economic developments, such as trade deal discussions and commodity price movements, for potential impacts.
Global Market Context:
US markets mein mixed trend raha; Dow Jones ne gains dekhe, jabki S&P 500 aur Nasdaq thodi giravat ke saath band hue. Yeh Indian market ke opening sentiment ko affect kar sakta hai.
India-US trade deal ki baatein chal rahi hain, jisme tariffs kam hone ki ummeed hai. Yeh Indian markets ke liye positive trigger ho sakta hai, lekin details ka intezaar hai.
IPO Updates:
Ek mainboard aur paanch SME IPOs is hafte open hone wale hain. Investors grey market premium (GMP), issue price, aur listing schedule pe focus kar rahe hain.
HDB Financial Services ke IPO ki listing ke baad stock performance pe discussions chal rahi hain.
Market Sentiment:
SEBI ke Jane Street ban ke baad retail investors ke liye risk management aur index movement-based trading ke risks pe discussions ho rahi hain.
Experts ka kehna hai ki Indian market mein downside risk limited hai, lekin Q1FY26 results aur global cues (jaise US Federal Reserve rate decisions) market direction decide karenge.
India-US Trade Deal: Yeh ek bada trigger hai jo market sentiment ko boost kar sakta hai, lekin abhi details clear nahi hain. Investors cautious hain kyunki Q1FY26 earnings season shuru hone wala hai.
Sector Focus: IT, defence, aur city gas distribution sectors mein activity dekhi ja rahi hai. Financial stocks (jaise HDFC Bank, ICICI Bank) bhi volatile rahe hain.
Retail Investors ke liye: Experts retail investors ko advise kar rahe hain ki index movement ke bajaye fundamentally strong stocks pe focus karein, kyunki bade investors market ko manipulate kar sakte hain.
Market Performance:
Sensex 193 points (0.23%) upar 83,433 pe band hua, aur Nifty 56 points (0.22%) badhkar 25,461 pe settle hua.
IT stocks aur ICICI Bank ke last-hour recovery ne market ko support diya, lekin broader markets mein mixed trend raha.
Sectoral Highlights:
Capital market stocks (jaise BSE) mein 6% ki giravat dekhi gayi, kyunki SEBI ne Jane Street ke khilaaf stock market manipulation ke allegations ke baad action liya.
City Gas Distribution companies (IGL, MGL) ke shares 3% tak badhe, kyunki PNGRB ne natural gas pipeline tariff reforms ko approve kiya.
Key Stocks in Focus:
HDB Financial Services: Newly listed stock mein 17% ki rally thi do din mein, lekin 5 July ko 2% giravat dekhi gayi. Investors ke liye yeh stock discussion mein raha ki kya yeh portfolio mein add karna chahiye.
Trent Ltd.: Weak Q1 update ke baad stock mein 11% se zyada ki single-day fall dekhi gayi, jo teen mahine mein sabse badi giravat thi.
Defence Stocks: HAL jaise defence companies ke shares 1% se zyada badhe, kyunki Defence Acquisition Council (DAC) ne indigenous acquisition proposals ko approve kiya.
Other News:
SEBI ne US-based hedge fund Jane Street par stock market manipulation ke allegations ke baad India ke securities market se ban kar diya, jo market sentiment par asar daal sakta hai.
India ke foreign exchange reserves $4.8 billion badhkar $702.78 billion tak pahunch gaye, lekin gold reserves mein $1.23 billion ki kami aayi.
बाजार की शुरुआत:
भारतीय शेयर बाजार (BSE सेंसेक्स और NSE निफ्टी) में आज सपाट से सकारात्मक शुरुआत की उम्मीद है। वैश्विक संकेत मिश्रित हैं, लेकिन भारत-अमेरिका व्यापार सौदे की उम्मीदों और स्थिर वैश्विक बाजारों से समर्थन मिल सकता है।
कल (3 जुलाई) बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया, सेंसेक्स 287.60 अंक गिरकर 83,409.69 और निफ्टी 88.40 अंक गिरकर 25,453.40 पर बंद हुआ।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन:
Tata Steel: मेटल सेक्टर में रुचि के कारण इस शेयर में तेजी की उम्मीद। कल 19 लाख से अधिक शेयरों का कारोबार हुआ।
DMart: Avenue Supermarts (DMart) के शेयरों में कल 4% की गिरावट देखी गई, Q1 अपडेट के बाद ब्रोकरेज ने कमजोर रेटिंग दी।
Nykaa: 6 करोड़ शेयरों की ब्लॉक डील के बाद कल शेयर 4% गिरे। आज भी निवेशक इस पर नजर रखेंगे।
Bharat Electronics: रक्षा क्षेत्र में मजबूती के कारण यह स्टॉक फोकस में है।
सेक्टोरल रुझान:
PSU बैंक, मेटल, और डिफेंस सेक्टर में तेजी की उम्मीद, जबकि FMCG, रियल्टी, और ऑटो सेक्टर में दबाव रह सकता है।
IT और फार्मा सेक्टर में शुरुआती कारोबार में खरीदारी देखी जा सकती है।
अन्य महत्वपूर्ण खबरें:
Elcid Investments: यह शेयर 8 महीने में 60% से अधिक गिरा, निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
Suzlon Energy: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में रुचि के कारण यह शेयर चर्चा में है।
IPO अपडेट: Indogulf Cropsciences के शेयर कल NSE पर सपाट लिस्ट हुए। आज निवेशक नए IPOs पर नजर रखेंगे।
वैश्विक संकेत:
यूरोपीय बाजारों में कल रिन्यूएबल एनर्जी स्टॉक्स में तेजी देखी गई, जो भारतीय रिन्यूएबल सेक्टर को प्रभावित कर सकता है।
अमेरिकी बाजार स्थिर रहे, लेकिन US फेड चेयरमैन पॉवेल के बयानों से जुलाई में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हुई।
सेंसेक्स और निफ्टी: आज सुबह सेंसेक्स 83,500-83,700 और निफ्टी 25,500-25,600 के स्तर के आसपास कारोबार शुरू कर सकता है।
प्रमुख समर्थन और प्रतिरोध:
निफ्टी: समर्थन - 25,000 / 24,750; प्रतिरोध - 25,700 / 26,000।
बैंक निफ्टी: समर्थन - 51,000 / 50,750; प्रतिरोध - 51,450 / 51,700।
FII/DII गतिविधि: FIIs ने कल कैश मार्केट में बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव रहा।
महत्वपूर्ण स्टॉक: Tata Steel, Bharat Electronics, Suzlon Energy खरीदारी के लिए फोकस में; DMart और Nykaa में सतर्कता बरतें।
जोखिम: भारत-अमेरिका व्यापार सौदे पर अनिश्चितता और जून ऑटो बिक्री के कमजोर आंकड़ों से बाजार में अस्थिरता रह सकती है।
बाजार का प्रदर्शन:
भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की थी, सेंसेक्स 400 अंक बढ़कर 83,922.79 पर और निफ्टी 25,550 से ऊपर कारोबार कर रहा था। वैश्विक संकेतों और भारत-अमेरिका व्यापार सौदे की आशावादिता ने बाजार को समर्थन दिया।
हालांकि, कुछ सेक्टर्स जैसे ऑटो, रियल्टी, और मेटल में बिकवाली के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन:
Tata Steel: टाटा स्टील के शेयरों में तेजी देखी गई, जिसमें सुबह 11:02 बजे तक 19,03,386 इक्विटी शेयरों में ट्रेड हुआ। मेटल सेक्टर में रुचि बढ़ने से यह स्टॉक चर्चा में रहा।
DMart: डीमार्ट के शेयर 4% गिरे क्योंकि Q1 बिजनेस अपडेट ने निवेशकों को निराश किया। ब्रोकरेज मैक्वेरी ने इस पर 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखी, टारगेट प्राइस ₹3,000।
Nykaa: नायका के 6 करोड़ शेयरों की ब्लॉक डील हुई, जिसके बाद शेयर 4% गिरे। संभावित विक्रेता के रूप में बंगा परिवार का नाम सामने आया।
Bharat Electronics: रक्षा क्षेत्र में मजबूती के कारण यह शेयर फोकस में रहा। कंपनी ने FY 2024-25 के लिए ₹15 प्रति शेयर का अंतिम लाभांश प्रस्तावित किया।
सेक्टोरल ट्रेंड:
आईटी, फार्मा, और ऑटो सेक्टर में शुरुआती कारोबार में खरीदारी देखी गई, जबकि रियल्टी, FMCG, और मेटल सेक्टर में कमजोरी रही।
PSU बैंकों ने 2.6% की बढ़त दिखाई, जिससे बैंक निफ्टी इंडेक्स को समर्थन मिला।
अन्य महत्वपूर्ण खबरें:
Elcid Investments: यह शेयर 8 महीने में 60% से अधिक गिर गया, जो कभी निवेशकों को करोड़पति बनाने वाला स्टॉक था।
Suzlon Energy: इस शेयर में लगातार रुचि बनी हुई है, और निवेशकों के लिए यह फोकस में रहा।
IPO और मार्केट ट्रेंड: इंडोगल्फ क्रॉपसाइंसेज के शेयर NSE पर IPO मूल्य पर सपाट लिस्ट हुए, विशेषज्ञों ने खरीद, बिक्री, या होल्ड की रणनीति सुझाई।
वैश्विक संकेत:
वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुझान ने भारतीय बाजार को समर्थन दिया, विशेष रूप से अमेरिकी बाजारों में स्थिरता और भारत-अमेरिका व्यापार सौदे की उम्मीदों ने सेंटीमेंट को बढ़ाया।
बाजार की शुरुआत: भारतीय शेयर बाजार में आज सतर्क शुरुआत की उम्मीद है क्योंकि वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा प्रस्तावित 9 जुलाई की टैरिफ समय सीमा के कारण अनिश्चितता बनी हुई है। गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स 32 अंक ऊपर 25,676 पर हैं, जो सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।
वैश्विक संकेत: एशिया-प्रशांत बाजारों में गिरावट देखी गई, खासकर जापान का निक्केई 225 1% नीचे रहा। ट्रम्प की टैरिफ धमकियों और जापान की चावल निर्यात नीतियों की आलोचना के बाद वैश्विक बाजारों में सावधानी बनी हुई है।
महत्वपूर्ण विषय:
टैरिफ का डर: ट्रम्प प्रशासन की टैरिफ नीतियों के कारण निवेशक सतर्क हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिया कि ये नीतियां ब्याज दरों में कटौती को टाल सकती हैं।
आईपीओ और लिस्टिंग: एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज और सम्भव स्टील ट्यूब्स आज मेनबोर्ड पर लिस्ट होने जा रहे हैं, जिसमें एचडीबी फाइनेंशियल के शेयरों में 10% तक की बढ़त की उम्मीद है। इसके अलावा, सुपरटेक ईवी, संटेक इन्फ्रा सॉल्यूशंस और राम टेलीकॉम जैसे एसएमई शेयर भी आज लिस्ट होंगे।
ऑटो सेक्टर: जून 2025 की बिक्री के आंकड़े चर्चा में हैं। मारुति सुजुकी की बिक्री 6% गिरकर 1.68 लाख यूनिट रही, जबकि हीरो मोटोकॉर्प की घरेलू बिक्री 7% बढ़कर 5.25 लाख यूनिट हो गई।
स्टॉक्स में एक्शन:
अनुशंसित स्टॉक्स (आनंद राठी):
ब्लू स्टार: खरीदें (करीब ₹1,680, लक्ष्य ₹1,800, स्टॉप लॉस ₹1,620)। मजबूत वॉल्यूम के साथ रेंज ब्रेकआउट देखा गया।
सीईएससी: 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर ब्रेकआउट, लक्ष्य ₹182।
जके लक्ष्मी सीमेंट: ₹915 पर सपोर्ट, ₹980 पर प्रतिरोध, संभावित लक्ष्य ₹1,050।
ध्यान देने योग्य स्टॉक्स:
ल्यूपिन, सीएलएन एनर्जी, मास्टर ट्रस्ट, एसबीआई कार्ड, पारस डिफेंस, एमओआईएल, एनएमडीसी: कंपनी-विशिष्ट घटनाक्रमों के कारण इन पर नजर रहेगी।
ड्रीमफोल्क्स: 1 जुलाई से एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के कुछ प्रोग्राम बंद होने से शेयर पर असर पड़ सकता है।
एमओआईएल: मैंगनीज अयस्क की कीमतों में 2% की बढ़ोतरी 1 जुलाई से प्रभावी।
कॉर्पोरेट अपडेट्स:
डी.पी. अभूषण: 1 जुलाई को 1.6 लाख इक्विटी शेयर ₹10 प्रत्येक की दर से वारंट धारकों को आवंटित किए।
यूनिफर्स्ट कॉर्पोरेशन: आज 31 मई 2025 को समाप्त तिमाही के लिए आय की घोषणा करेगा, जिसमें प्रति शेयर आय $2.12 होने की उम्मीद है।
अन्य महत्वपूर्ण खबरें:
रेलवे स्टॉक्स: रेल विकास निगम लिमिटेड और जुपिटर वैगन्स जैसे रेलवे समूह की कंपनियों में हाल ही में तेजी देखी गई है।
बजाज हाउसिंग फाइनेंस: शेयरों में तेजी, भाव ₹2.60 के स्तर पर पहुंचा।
कैपेसाइट इन्फ्राप्रोजेक्ट्स: सैफी बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट से ₹621 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला।
Sensex और Nifty में गिरावट
मिडकैप और स्मॉलकैप outperform
वित्त और ऑटो सेक्टर में दबाव
IPO गतिविधि तेज
Stock Picks & Recommendations
विकास संकेत (PMI, GDP data)
स्त्रोत: Livemint और Moneycontrol
प्रमुख सूचकांक Sensex और Nifty ने गिरावट दर्ज की: Sensex लगभग 327–452 पॉइंट्स नीचे, Nifty 25,560 से नीचे घिरी
वित्त और ऑटो शेयरों में बिकवाली, जबकि PSU बैंकों और मिड-स्मॉलकैप ने दबाव को अंकुशित किया
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर लगातार सातवें सत्र तक मजबूती बनाए रहे ।
आने वाले सप्ताह में 7 नए IPO खुलेंगे (Crizac Limited मुख्यबोर्ड में; अन्य SME सेगमेंट) और 19 कंपनियां लिस्टिंग के लिए तैयार हैं
खास जानकारी के अनुसार: Crizac IPO ₹233‑245 की प्राइस बैंड तथा ₹860 करोड़ के क़रीब है; Indogulf Cropsciences का OFS ₹200 करोड़ का था
HDB Financial, Kalpataru समेत छह मेनबोर्ड और 13 SME कंपनियां लिस्टिंग के लिए तैयार
MarketSmith India ने 1 जुलाई, 2025 के लिए कुछ चुनिंदा स्टॉक्स की सिफ़ारिश की हालाँकि आर्टिकल प्रीमियम है और कंपनी-विस्तार नहीं बताया गया, यह बताता है कि ये शॉर्ट–टर्म ट्रेंड पर आधारित हैं ।
Reuters की रिपोर्ट: ब्रोकरों ने कहा है कि जुलाई में Nifty ATH (All-Time High) तक पहुँच सकता है, क्योंकि जून में Nifty में +2.9%, मिडकैप +3.1%, स्मॉलकैप +5.1% रही
घरेलू संस्थागत निवेश, निम्न मुद्रास्फीति, मजबूत GDP और अनुकूल RBI नीति प्रमुख सहायक कारक माने जा रहे हैं
विदेशी निवेशक अभी भी साइडलाइन पर हैं, जबकि घरेलू खुदरा/उच्च निवल संपत्ति वाले निवेशक स्टॉक-विशिष्ट पोज़िशन ले रहे हैं ।
HSBC ने वैश्विक उतार-चढ़ाव के बीच भारत को 'रेफ्यूज' बताया और पांच स्टॉक्स—HDFC Life, Ujjivan SFB, Godrej Consumer, UPL, GAIL India—की सलाह दी
Nomura ने Nifty के लिए अगला लक्ष्य ₹26,140 रखा (₹1,170 बढ़ा), स्टॉक्स चयन 17 प्रमुख घरेलू-फोकस्ड कंपनियों पर आधारित
Marketsmith India के Mayuresh Joshi ने कहा कि RBI की सरप्राइज दर कट और अनुमानित मुद्रास्फीति 3.7% FY26 तक बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं; विशेष रूप से बैंक, NBFC और रियल एस्टेट पर असर रहेगा