आज दिनांक 17/05/2026 को करिए मां विंध्यवासिनी के आरती के दिव्य दर्शन !
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माँ विंध्यवासिनी देवी हिंदू धर्म की एक अत्यंत पूजनीय शक्ति हैं, जिन्हें देवी दुर्गा का स्वरूप माना जाता है। इनका प्रसिद्ध मंदिर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के विंध्याचल धाम में स्थित है, जो भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है।
मान्यता है कि माँ विंध्यवासिनी भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं और अपने भक्तों की सभी बाधाओं को दूर करती हैं। “विंध्यवासिनी” नाम का अर्थ है — विंध्य पर्वत पर निवास करने वाली देवी।
माँ विंध्यवासिनी का मंदिर शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र है। यह स्थान “त्रिकोण परिक्रमा” के लिए भी प्रसिद्ध है, जिसमें तीन प्रमुख देवी स्थल शामिल हैं:
माँ विंध्यवासिनी मंदिर
अष्टभुजा देवी मंदिर
कालीखोह मंदिर
नवरात्रि के समय यहाँ लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और पूरे क्षेत्र में भक्ति का अद्भुत माहौल होता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, तब वसुदेव जी ने उन्हें कंस से बचाने के लिए गोकुल पहुँचा दिया और बदले में योगमाया को कंस के पास छोड़ दिया। जब कंस ने उस कन्या को मारने का प्रयास किया, तो वह देवी आकाश में प्रकट होकर बोलीं कि “तुम्हारा वध करने वाला जन्म ले चुका है।”
इसके बाद वही योगमाया देवी विंध्याचल पर्वत पर आकर विराजमान हुईं और माँ विंध्यवासिनी के रूप में पूजी जाने लगीं।
माँ विंध्यवासिनी को “मनोकामना पूर्ण करने वाली देवी” माना जाता है
यह स्थान भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है
नवरात्रि में यहाँ विशेष पूजा और भव्य आयोजन होते हैं
भक्त दूर-दूर से यहाँ दर्शन करने आते हैं
माँ विंध्यवासिनी का धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और शक्ति का प्रतीक है। यहाँ आने वाला हर भक्त माँ की
कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करता है।
“जय माँ विंध्यवासिनी 🙏 — आपकी हर मनोकामना पूर्ण हो”