तेरी मिट्टी लिरिक्स हिंदी मे
तलवारों पर सवार दिए
अंगारों में जिस्म जलाया है
तब जाकर कहीं हमने
सर पर यह केसरी रंग सजाया है!
ए मेरी जमी अफसोस नहीं
जो तेरे लिए सौ दर्द सहे
महफूज रहे तेरी आन सदा
चाहे जां मेरी ये रहे ना रहे
ए मेरी जमी महबूब मेरी
मेरी नस नस में तेरा इश्क बहे
फीका न पडे कभी रंग तेरा
जिस्मों से निकल के खून कहे
तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरजू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरी खेतों में लहरावां
इतनी सी है दिल की आरजू
सरसों से भरे खलिहान मेरे
जहां झूम के भांगड़ा पा न सका
आबाद रहे वह गांव मेरा
जहां लौट के वापस जाना सका
हो वतना वे, हो वतना वे
तेरा मेरा प्यार निराला था
कुर्बान हुआ तेरी अस्मत पर
मैं कितना नसीब वाला था
तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरजू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरी खेतों में लहरावां
इतनी सी है दिल की आरजू
ओ हीर मेरी, तू हसती रहे
तेरी आंख घड़ी भर नम ना हो
मैं मरता था जिस मुखड़े पर
कभी उसका उजाला कम ना हो
ओ माई मेरी क्या फिकर तुझे
क्यों आंख से दरिया बहता है
तू कहती थी तेरा चांद हूं मैं
और चांद हमेशा रहता है
तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरजू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरी खेतों में लहरावां
इतनी सी है दिल की आरजू