गोविंद शर्मा 1972 से बाल साहित्य, व्यंग्य एवं लघुकथा लेखन तीनों विधाओं में सक्रिय है। अबतक इनकी 55 पुस्तकें प्रकाशित है, जिनमें सर्वाधिक बाल साहित्य की है। तीन व्यंग्य संग्रह 1. कुछ नहीं बदला 2. जहाज के पंछी 3. झूठ बराबर तप नहीं प्रकाशित है, इसमें एक एकांकी संग्रह 'नया बलि दिवस' है, जिसमें 10 एकांकी है। पांच लघुकथा संग्रह 1. रामदीन का चिराग 2. एक वह कोना 3. खेल नंबरों का 4. खाली चम्मच 5. ठूंठ प्रकाशित हो चुके हैं। दो जीवनियां प्रकाशित है 1. स्वामी केषवानंद 2. खूबराम सत्यनारायण सर्राफ। कुछ पुस्तकों का हिंदी से अन्य भाषाओं में भी अनुवाद हो चुका है।
राजस्थान के ही नहीं सम्पूर्ण भारत में ख्याति प्राप्त साहित्यकार श्री गोविन्द शर्मा राजस्थान के ऐसे एकलौते बाल साहित्यकार है जिनको बाल कथा संग्रह काचू की टोपी को 2019 में केंद्रीय साहित्य अकादमी ने बाल साहित्य का पुरस्कार प्रदान किया है, बाल कहानियों के सिद्धहस्त लेखक श्री गोविंद शर्मा निरंतर बाल साहित्य रच रहे हैं। प्रकाशन विभाग, भारत सरकार के प्रतिष्ठित पुरस्कार 'भारतेंदु पुरस्कार' से 1999 में, उसके अगले वर्ष राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर से शंभू दयाल सक्सेना बाल साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं उड़ीसा आदि प्रदेशों की कई प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत / सम्मानित किया गया।