हेलो दोस्तों नमस्कार
मैं डॉ. चंद्रशेखर। इलेक्ट्रोपैथी Physician
दोस्तों आप Skin diseases की किसी भी बीमारी से ग्रसित है और बार-बार इलाज लेने के बावजूद भी ठीक नहीं हो पा रहे हैं। जैसे कि आप जब तक दवा लेते हैं तब तक तो आप है ठीक रहते हैं और जैसे से ही दवा बन्द करते हैं वही बीमारी आप पर फिर हावी हो जाती हैं। इसका मतलब ये है कि आप अपनी बीमारी को दबा रहे हैं ठीक नहीं हो रही है बीमारी। तो दोस्तों अगर आप अपने चर्म रोग कोई सा भी हो उसको हमेशा के लिए ठीक करना चाहते हैं तो आप Electropathy Medicines लीजिए जो कि आज के समय की नवीनतम चिकित्सा पद्धति है ओर सभी बीमारियों को जड़ से ठीक करने में सक्षम हैं।
इलैक्ट्रोहोम्योपैथी तीन शब्दों का समुच्चय है:-
इलैक्ट्रो:- मनुष्य शरीर एवं वनस्पति में भगवान के द्वारा दी हुई दो शक्तियां होती है पहली धनात्मक व दूसरी ऋणात्मक, इन्हे शरीर की इलेक्ट्रिसिटि कहते हैं। ये धनात्मक एवं ऋणात्मक शक्तियां जब शरीर में समान होती है तो वह स्वस्थ अवस्था कहलाती हैं। इन शक्तियों अर्थात इलेक्ट्रिसिटी की शरीर में असमानता रोग कहलाती है।
इलेक्ट्रिसिटी के लिए ही यहां इलैक्ट्रो शब्द लिया गया है न कि करंट के संबंध में।
होमियो:- यह एक लैटिन शब्द है। इसका अर्थ है समानता का अर्थात किसीअसमानता को समानता में बदलना। चूंकि इस चिकित्सा पद्धति में शारीरिक इलैक्ट्रिसिटी की असमानता (रोग) को पौधों की इलैक्ट्रिसिटी से समानता (स्वच्छता में बदला जाता है, इसिलिए यहां होमियो शब्द प्रयोग में लिया गया है।
अतः होमियो शब्द का यहां पर होम्योपैथी चिकित्सा से कोई संबंध नहीं है।
पैथी:- इसका अर्थ है पद्धति या साइंस।
"इलेक्ट्रोपैथी वह वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है जो हमें पेड़ पौधों की इलैक्ट्रिसिटी से मनुष्य शरीर की असमान इलैक्ट्रिसिटी (रोग) को समान (क्योर) करना सिखाती है।"
हर्बल चिकित्सा पद्धतियों में इलेक्ट्रोपैथी एक कारगर एवं सफल उपचार है।
दोस्तों इलेक्ट्रोपैथी या इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति का नाम सुनकर 2 तरह की भ्रांतियां मन में आती है क्या यह कोई इलेक्ट्रोथेरेपी है जिसमें ट्रीटमेंट इलेक्ट्रिक शॉक्स से किया जाता है या कोई ये होम्योपैथी की ब्रांच हैं। ये दोनों ही धारणाएं गलत हैं। ना तो यह कोई करंट थैरेपी है और ना ही होम्योपैथी की ब्रांच हैं। इलेक्ट्रोपैथी आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की अत्यंत असरकारक, नुकसान रहित व शीघ्र गुणकारी, वनस्पतियों एवं वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति हैं। यह पूरी तरह से सुरक्षित है व बिना साइड इफेक्ट की पद्धति हैं। इलेक्ट्रोपैथी की दवाइयां पूरी तरह से प्रकृति की देन हैं। सारी दवाईयां केवल पेड़ पौधों से बनी हैं। अथार्त No Chemical, No Met & No Animal Substance
इलेक्ट्रोपैथी ही क्यों ले :-
जब इतनी सारी चिकित्सा पद्धतियां चल रही है जेसे आयुर्वेद, एलोपैथी, यूनानी, होम्योपैथी इत्यादि तो दोस्तों इसका जवाब यह है कि विज्ञान द्वारा सबसे बाद का किया गया आविष्कार ही सबसे सर्वश्रेष्ठ माना जाता है और इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा विज्ञान की सबसे कम उम्र की पद्धति है। और इसकी खोज में चिकित्सा विज्ञान की इस समय की सभी प्रचलित पद्धतियों के अवगुणों को अथार्त कमियों को दूर करके सुधारा गया है व साथ ही साथ अच्छे गुणों का इलेक्ट्रोपैथी के अन्दर समावेश किया गया है जैसे अगर पुरानी पद्धति में साइड इफेक्ट् का अवगुण है तो इलेक्ट्रोपैथी में नहीं है। और अगर कोई पद्धति किसी बीमारी को जङ से खत्म नहीं कर पाती है तो इलेक्ट्रोपैथी उसी बीमारी को जङ से खत्म कर देगी। दोस्तों इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा विज्ञान मानती है कि बीमारी का कारण Blood & Lymph (रस व रक्त) में Vitiation(imbalance) है। इसी Vitiation को इलेक्ट्रोपैथी मेडिसन दूर करके वापस शरीर को स्वस्थ करती है।
अथार्त हम कह सकते हैं कि एक स्वस्थ शरीर के लिए Blood & Lymph का बेलेंस होना जरूरी है। इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा विज्ञान की सारी ओषधियां 114 वनस्पतियों जो कि Non Poison होते है, Spagyric नामक एक वैज्ञानिक पद्धति द्वारा बनायी जाती है। समस्त प्राणियों में प्रभावित Blood & Lymph को शुद्ध कर सदा के रोग मुक्त करती हैं।
Blood & Lymph क्या है-
Circulatory System जो है Cells के लिए Oxygen and Nutrient का Transportation करता है। Circulatory System Cells के लिए Transportation का काम करता है। Circulatory systemमें दो महत्वपूर्ण Fluid Move करते हैं। Blood & Lymph. ब्लड शरीर कि कोशिका तक O2 व Nutrients पहुंचाता है व अपशिष्ट पदार्थ को बाहर निकालता है। Lymphatic System शरीर के लिए रक्षा प्रणाली के रुप मे काम करता है व ऐसे Organisms को भी Filter करता है जो बीमारी का कारण बनते हैं। अब सवाल यह उठता है कि कि Blood & Lymph का खराब होना क्या होता है शरीर के अन्दर Blood & Lymph दो ऐसे Channel है जो सभी प्रकार के Biomolecules जो कि शरीर कि Biochemical reaction के लिए जरुरी होते हैं उनका Transportation करते हैं। यदि ऐसा नहीं हो पाता है, कम होता है या रूकावट होती है जिनसे Physiological Activity नहीं हो पाती है। इसी को Blood & Lymph में Vitiation कहा जाता है ।
Biomolecules क्या है:-
दोस्तों अपना शरीर विभिन्न प्रकार के तत्वों से बना होता है। हमारे शरीर को सभी प्रकार के केमिकल एलिमेंट्स की एक Specific मात्रा में जरूरत होती है। जिससे कि शरीर की आवश्यक रासायनिक क्रियाएं सुचारु रुप से चल सके ये एलिमेंट कौन-कौन से हैं।
Major Elements - O2, Carbon, H2, N
Minor Elements- Calcium, Phosphorus, Potassium, Sodium, Chloride, Magnesium
Trace Elements- ये बहुत कम मात्रा में होते हैं लेकिन अत्यंत आवश्यक होते हैं। जैसे- Chromium, Cobalt , Copper Manganese, Selenium, Silicone इलेक्ट्रोपैथी कि प्रत्येक दवा पौधों के सक्रिय एंजाइम से प्राप्त होती है।
जब हम दवा लेते हैं तो यह पूरे शरीर को कवर व कंट्रोल करती है, उसके बाद यह दवा Blood & Lymphatic सिस्टम के द्वारा Targeted Cells पर काम करती है । जब दवा बीमार कोशिकाओं तक पहुंच जाती है उसके बाद वो बीमार कोशिकाएं saturate हो जाती है और उसके बाद वो बीमार कोशिकाएं दवा को Absorb करना बंद कर देती है क्योंकि वो अब स्वस्थ हो चुकी है। इस तरह पुरे शरीर के Parts स्वस्थ हो जाते हैं व Health Restore हो जाती है। इसीलिए इसिलिए इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति ने Clinically challenged incurable diseases को भी Successfully Permanent ठीक किया है।
इलेक्ट्रोपैथी के फायदे :-
☆ Pure Herbal Based.
☆Fast Action Medicine.
☆ Non-Alcohol, No Side Effects
☆Give Nutrition to Cells.
☆Supply Nutrition to WBC, RBC Lymph.
☆Curves incurable diseases.
☆No Expiry for Medicines.
☆Taken With Other Systems of Medicine.
☆Having All Emergency Properties.
☆Marked Curative Power.
☆Readily Taken By Infants.
☆No Overdose, Wrongdose, No Reaction.
दोस्तों अगर हम किसी भी बीमारी की History में जाकर देखें तो पता चलता है कि हमारी अधिकतर Chronic Diseases जो है वो हमारे Wrong Treatment का ही परिणाम होती है। अथार्त Acute Diseases का Suppresses होती है। अर्थात जहां अन्य पद्धतियों में लक्षणों को दबाया जाता है वहीं इलेक्ट्रोपैथी में बीमारी के के Root Causes of Diseases का इलाज किया जाता है लक्षणों का नहीं बीमारी का जड़ से इलाज किया जाता है।।