आदरणीय धर्म प्रेमी स्नेहीजन
II सादर जय जिनेन्द्र II
धर्म प्राण नगरी भींडर के मंगलकारी देवाधिदेव 1008 श्री आदिनाथ भगवान एवं ध्यान डूंगरी वाले बड़े बाबा की अनुपम कृपा, परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर 108 श्री विध्यासागर जी महा मुनिराज के दिव्य आशीर्वाद, परम पूज्य आचार्य 108 श्री समय सागर जी महाराज के मंगल आशीष एवं विध्या सिन्धु के अनमोल रतन परम पूज्य मुनि श्रेष्ठ, जिन धर्म प्रभावक, जैन धर्म – दर्शन – साहित्य संस्कृति सरंक्षक, गुणायतन प्रणेता, भावना योग प्रवर्तक, शंका समाधानकर्ता, सहजता की प्रतिमूर्ति पूज्य मुनिश्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज की पावन प्रेरणा से अतिशय क्षेत्र ध्यान डूंगरी भींडर में 29 जिनालयों के निर्माण की महती योजना आकर ले रही है जिसमे ध्यान डूंगरी वाले बड़े बाबा आदिनाथ भगवान के जिनालय का जीर्णोद्वार (68 फिट उतुंग शिखर युक्त), शांतिनाथ व पार्श्वनाथ भगवान के विशाल जिनालय (66 फिट उतुंग शिखर युक्त) एवं त्रिकाल चौबीसी जिनालय (33 फिट भव्य शिखर युक्त) साथ ही भरत स्वामी एवं बाहुबली स्वामी जिनालय पूर्णतया श्वेत पाषाण में आकार लेने की ओर अग्रसर है। यह सब जिनालय लगभग 4 लाख क्यूबिक फिट की ठोस पत्थर की नीव सरंचना पर निर्माणाधीन है। इसके साथ ही मुक्ताकाशी समवशरण एवं मानस्तंभ निर्माण भी होना है।
वस्तुतः हम सभी बड़े बडभागी है की यह परम पुनीत कार्य हमारी अपनी धर्म रक्षित मेवाड़ की पावन धरा पर हो रहा है I श्वेत पाषाण में निर्मित 29 जिनालयों का संकुल अपने आप में अनूठा एवं मेवाड़ धरा का प्रथम होगा ।
इन पुन्य संचयी जिनालय निर्माण में आप अपनी चंचला लक्ष्मी का सदूपयोग कर पुण्यार्जन करें I हम सकल नरसिंहपुरा दिगंबर जैन समाज भींडर एवं मंदिर निर्माण कमेटी अतिशय क्षेत्र ध्यान डूंगरी, भींडर आपके सहयोग और सहभागिता द्वारा संचित पुण्य की बारम्बार अनुमोदना करते हुवे आपके परम आभारी रहेंगे।