भरणी श्राद्ध 2025 में 11 सितंबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। पितृपक्ष के दौरान आने वाला भरणी नक्षत्र का दिन शास्त्रों में अत्यंत पुण्यदायक और महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि इस दिन यमराज स्वयं पितरों तक तर्पण और श्राद्ध का फल पहुंचाते हैं तथा पितृगण अपने वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। खासकर उन पूर्वजों के लिए, जिनकी असमय मृत्यु हुई हो या जिनका विधिपूर्वक श्राद्ध न हुआ हो, उनके लिए भरणी श्राद्ध अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन श्रद्धा और विधिपूर्वक श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान जैसे कर्म करने से पितृदोष शांत होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। शास्त्रों में इस दिन को विशेष महत्व इसलिए भी दिया गया है क्योंकि यह आत्माओं की मुक्ति और परिवार की उन्नति से जुड़ा होता है। यदि आप ऑनलाइन पूजा या तर्पण करवाना चाहते हैं, तो Vedaangam से जुड़ सकते हैं।