कर्मचारी संघों और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के लागू होने की सबसे संभावित तारीख निम्नलिखित है:
1 जनवरी 2026
पिछला ट्रेंड: 6वां और 7वां वेतन आयोग भी आमतौर पर 1 जनवरी से लागू हुआ था।
सिफारिश की समय-सीमा: आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने में लगभग 18 से 24 महीने लग सकते हैं, जिसके कारण जनवरी 2026 की तारीख सबसे प्रबल मानी जा रही है।
वेतन आयोग की रिपोर्ट आने और सरकार द्वारा इसे लागू करने के बीच कई चरणों में समय लगता है:
रिपोर्ट सौंपना: आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपता है।
कैबिनेट अनुमोदन: रिपोर्ट पर सरकार की कैबिनेट कमेटी विचार करती है और अंतिम मुहर लगाती है।
राजपत्र अधिसूचना (Gazette Notification): आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही 8th Pay Commission लागू माना जाएगा।
8वें वेतन आयोग से वेतन वृद्धि के साथ-साथ कर्मचारियों को मंहगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और यात्रा भत्ता (TA) जैसे भत्तों में भी बड़ी वृद्धि की उम्मीद है।
DA का बेस: DA की गणना उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर होती है। 8वें CPC की घोषणा के समय DA शून्य हो जाएगा और फिर से बढ़ना शुरू होगा।
पॉइंट ऑफ़ मर्जर: 8वें CPC की सिफारिशों में, 7वें CPC के तहत अर्जित 100% DA को मूल वेतन (Basic Pay) में विलय (Merger) किया जा सकता है।
7वें वेतन आयोग के तहत HRA की दरें शहरों की श्रेणी के आधार पर (X, Y, Z) 27%, 18%, और 9% हैं।
8वें वेतन आयोग में निम्नलिखित वृद्धि अपेक्षित है:
शहर की श्रेणी
7th CPC HRA दर 8th CPC अनुमानित दर
X (महानगर) 27% 30%
Y (बड़े शहर) 18% 20%
Z (अन्य शहर) 9% 10%
7वें CPC की तरह, 8वें CPC में भी TA की दरों को Pay Level के अनुसार दो श्रेणियों में रखा जाएगा: उच्च दर और सामान्य दर। दरों में कम से कम 20% से 25% तक की वृद्धि अपेक्षित है।
अस्वीकरण: 8वें वेतन आयोग की लागू होने की तारीख और भत्तों (HRA, DA) में वृद्धि के आँकड़े केवल अनुमानित (Expected) हैं, जो पिछले वेतन आयोगों के रुझानों और कर्मचारी संघों की मांगों पर आधारित हैं। आधिकारिक और अंतिम घोषणा भारत सरकार द्वारा राजपत्र अधिसूचना जारी करने के बाद ही की जाएगी।