काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के आदर्शों से प्रेरित होकर उनके द्वारा स्थापित हिंदी प्रकाशन समिति ने विज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने और छात्रों, विद्वानों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, पत्रकारों आदि की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से हिंदी में त्रैमासिक पत्रिका अचिंत्य का प्रकाशन शुरू किया। इस पत्रिका में आधारभूत विज्ञान, अनुप्रयुक्त विज्ञान और प्रौद्योगिकी से संबंधित लेख प्रकाशित किए जाते हैं। इसका मुख्य लक्ष्य हिंदी माध्यम में अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए विज्ञान विषयों से संबंधित नवीनतम, उपयोगी और मूल पाठ्य सामग्री के साथ-साथ पूरक साहित्य को सरल, आकर्षक और लोकप्रिय बनाना है।
अचिंत्य एक विविधतापूर्ण पत्रिका है, जिसमें वैज्ञानिक लेख, शोध-पत्र, तकनीकी निबंध, विज्ञान से प्रेरित कविताएँ, कहानियाँ, व्यंग्यचित्र, वैज्ञानिक जानकारी और विज्ञान-संबंधी समाचार शामिल किए जाते हैं। यह पत्रिका न केवल ज्ञानवर्धन करती है, बल्कि विज्ञान को रोचक और सुलभ बनाकर पाठकों में जिज्ञासा भी जगाती है।
अचिंत्य (आगामी अंक)