संपादक मंडल

‘वीणा’ में अब तक चौदह संपादकों ने संपादन कार्य किया है। इनका विवरण इस प्रकार है-

१ पं. अंबिकाप्रसाद त्रिपाठी - अक्टूबर १९२७ से जुलाई १९२९ तक

२ पं. कालिकाप्रसाद दीक्षित ‘कुसुमाकर‘ - अगस्त १९२९ से जून १९४३ तक

३ पं. कमलाशंकर मिश्र - जुलाई १९४३ से अक्टूबर १९४४ तक

नवम्बर १९४७ से जून १९६८ तक

४ डाॅ. शांतिप्रिय द्विवेदी - नवम्बर १९४४ से फरवरी १९४६ तक

५ श्री प्रयागनारायण संगम - मार्च १९४६ से जून १९४६ तक

६ सौ. चंद्रारानी सिंह - जुलाई १९४६ से अप्रैल १९४७ तक

७ रायबहादुर डाॅ. सुदर्शन हरिराम पंडित - मई १९४७ से अक्टूबर १९४७ तक

८ डाॅ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ - जुलाई १९६८ से जनवरी १९६९ तक

९ डाॅ. नेमीचन्द जैन - फरवरी १९६९ से नवम्बर १९७० तक

१० श्री मोहनलाल उपाध्याय ‘निर्मोही‘ - दिसम्बर १९७० से जनवरी १९७२ तक

११ डाॅ. श्‍यामसुंदर व्यास - फरवरी १९७२ से जून २००७ तक

१२ डाॅ. राजेन्द्र मिश्र - जुलाई २००७ से अगस्त २००९ तक

१३ डाॅ. विनायक पाण्डेय - सितम्बर २००९ से अक्टूबर २०१६ तक

१४ श्री राकेश शर्मा - नवम्बर २०१६ से निरंतर

‘वीणा’ के वर्तमान सम्पादक श्री राकेश शर्मा हैं। उत्तर प्रदेश के जिला इटावा (अब औरैय्या) के ग्राम न्यामतपुर में जन्मे श्री शर्मा की शिक्षा-दीक्षा उत्तर प्रदेश में ही हुई। कुछ वर्ष आप बिड़ला हायर सेकेण्डरी स्कूल पिलानी, राजस्थान में वरिष्ठ हिन्दी अध्यापक और वार्डन रहे। सन् 1990 से श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय, भारत सरकार में सहायक निदेशक राजभाषा के पद पर काम कर रहे हैं तथा भाषा और साहित्य की सेवा करने के लिए ‘वीणा’ का सम्पादन भी कर रहे हैं। श्री शर्मा की अब तक 11 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और ‘वीणा’ नए एवं आधुनिक सन्दर्भ में नवीनीकृत रूप में पाठकों को उपलब्ध करवा रहे हैं।

प्रो. सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी (पदेन संपादक)

राकेश शर्मा संपादक

हरेराम वाजपेयी (प्रबंध संपादक)