प्रश्न पत्र-17
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प्रश्न पत्र- 17 के उत्तर
1 - प्रवचन किसे कहते हैं❓
👉🏻 प्रकृष्ट वचनों को प्रवचन कहते हैं ,अर्थात् तीर्थंकर अरिहन्त की वाणी को प्रवचन कहते हैं ।।
2 - जैन विज्ञान के अनुसार स्कन्ध किसे कहते हैं ❓
👉🏻 जैन विज्ञान के अनुसार अनेक परमाणुओं के पिण्ड को स्कन्ध कहते हैं ।।
3 - लोकाकाश और अलोकाकाश किसे कहते हैं ❓
👉🏻 जीव,पुद्गल, धर्म ,अधर्म और काल ये पाँच द्रव्य जहाँ पाये जाएं उतना आकाश लोकाकाश है । व इसके आगे जितना आकाश है वह अलोकाकाश कहलाता है ।।
4 - अरिहन्त प्रवचन से हमें किन- किन चीजों का ज्ञान होता है❓
👉🏻 छह द्रव्य, सात तत्त्वों ,नव पदार्थों , पंचास्तिकाय एवं लोक-अलोक आदि का ज्ञान हमें प्रवचनों के माध्यम से होता है ।।
प्रश्न पत्र-18
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प्रश्न पत्र- 18 के उत्तर
1 - धर्म और अधर्म द्रव्य कितने होते हैं और यह लोकाकाश में किस प्रकार विद्यमान हैं ❓
👉🏻 धर्म और अधर्म द्रव्य एक अखण्ड द्रव्य है और यह पूरे लोकाकाश में तिल में तेल की की तरह फैले हैं ।
2 - जीव द्रव्य और जीव तत्त्व में क्या अंतर है ❓
👉🏻 जब उत्पाद,व्यय,ध्रौव्य रुप जीव का कथन किया जाता है तो वह जीव द्रव्य कहलाता है । जब जीव में आस्रव,बन्ध, निर्जरा,मोक्ष को समझाया जाता है तो वह जीव तत्त्व कहलाता है ।
3 - हेय , उपादेय, ज्ञेय , ध्येय और विधेय किसे कहते हैं ❓
👉🏻 जो छोड़ने योग्य हो उसे हेय कहते हैं ।
ग्रहण करने योग्य को उपादेय कहते हैं।
जो जानने योग्य हो उसे ज्ञेय कहते हैं।
ध्यान करने योग्य को ध्येय और करने योग्य को विधेय कहते हैं ।।
4 - सात तत्त्वों में कौन से तत्त्व हेय कौन से उपादेय आदि हैं ❓
👉🏻 जीव तत्त्व - उपादेय
अजीव तत्त्व में कर्म - हेय,
नोकर्म - ज्ञेय
आस्रव और बंध तत्त्व - हेय
संवर, निर्जरा तत्त्व - विधेय
मोक्ष तत्त्व - ध्येय
🤔कया प्रवचन भी अनादि और सादि होते हैं ???...... आइए जानते है, गुरुदेव के प्रवचन के माध्यम से 👇🏻
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इस वीडियो को 16:30 से 33:00 मिनट तक देखना है👇🏻
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लिखित प्रवचन की लिंक(लिखित प्रवचन पढ़ना अनिवार्य है)
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प्रश्न पत्र-19
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प्रश्न पत्र 19 के उत्तर
1 - सादि-अनादि की अपेक्षा से प्रवचन कब सादि और कब अनादि होते हैं ❓
👉🏻 जब प्रवचन किसी व्यक्ति विशेष की अपेक्षा से देखेंगे तो सादि है , और परम्परा की अपेक्षा से देखेंगे तो अनादि है।।
2 - मिथ्यादृष्टि या अभव्य जीव कौन से करण परिणाम को प्राप्त कर लेते हैं ❓
👉🏻 अधःकरण और अपूर्वकरण के परिणाम मिथ्यादृष्टि या अभव्य जीव भी प्राप्त कर लेते हैं ।
3 - मिथ्यात्व आदि का क्षय करने के लिए कौन से करण परिणाम आवश्यक हैं ❓
👉🏻 मिथ्यात्व आदि का क्षय करने के लिए अनिवृत्ति करण परिणाम आवश्यक है ।
4 - "हम नए हैं या पुराने हैं " यह किस प्रकार सिद्ध किया जायेगा ❓
👉🏻 इस पर्याय की अपेक्षा हम नए हैं सादि हैं और द्रव्य की अपेक्षा अनादिपन है अर्थात् आत्मा की अपेक्षा पुराने हैं ,अनादि से हैं ।।
प्रश्न पत्र-20
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प्रश्न पत्र 20 के उत्तर
1 - केवली समुद्घात के कितने और कौन-कौन से भेद हैं ❓
👉🏻 केवली समुद्घात के चार भेद हैं--- दण्ड , कपाट , प्रतर और लोकपूरण ।
2 - करण परिणाम कितने प्रकार के हैं, नाम बताएं ❓
👉🏻 तीन प्रकार के--- अधःप्रवृत्तकरण , अपूर्वकरण और अनिवृत्तिकरण ।
3 - अपने आत्म कल्याण का सरल उपाय गुरुदेव ने क्या बताया है ❓
👉🏻 "केवली भगवान द्वारा कहे हुए धर्म की शरण मे जाना" यह आत्म कल्याण का बहुत सरल उपाय है ।
4 - हम ना भी पढ़े , फिर भी जैन धर्म की परंपरा किस प्रकार बढ़ा सकते हैं ❓
👉🏻 हम अपने या पराये किसी भी पुत्र , पुत्री को जैन धर्म के संस्कार देकर,जैन दर्शन पढ़ाने का महाउपकार करने का संकल्प करें तो इससे जैनधर्म की परम्परा आगे बढ़ती जाएगी ।
आइये गाथा १०२ के माध्यम से जानते हैं कि --- *भक्ति एक ऐसी चीज है कि अज्ञानी के मन में भी यदि जिनवाणी के प्रति भक्ति आ जाए तो उसका मन एकाग्र हो जाता है......*
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प्रश्न पत्र-21
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प्रश्न पत्र 21 के उत्तर
1 - प्रवचन किसके लिए बहुउपकारी है ❓
👉🏻 प्रवचन श्रमण और श्रावक दोनों के लिए बहुउपकारी है।
2 - विज्ञान का क्या अर्थ है ❓
👉🏻 विज्ञान का अर्थ है विशिष्ट ज्ञान, जिसे भेद विज्ञान कहते हैं।
3 - दुनिया के अनेक धर्मों से यह जिनशासन किस प्रकार विशिष्ट है ❓
👉🏻 क्योंकि इसमें वस्तु के अनेक धर्मो का स्याद्वाद पद्धति से विवेचन किया जाता है ।
4 - श्रावक का प्रथम कर्तव्य क्या है ❓
👉🏻 श्रावक का प्रथम कर्तव्य देवपूजा है ।
आज की कक्षा में समझते हैं कि छह द्रव्यों में से कितने द्रव्य शुद्ध एवं कितने द्रव्य अशुद्ध हैं और राजा वसु किस कारण से नरक गए ❓ आज आपको गाथा 102 के लिखित प्रवचन का शेष भाग पृष्ठ 146 से 153 तक का स्वाध्याय कराया जा रहा है।
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प्रश्न पत्र-22
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प्रश्न पत्र 22 के उत्तर
1 - केवलज्ञान का सही स्वरूप क्या है ❓
👉🏻 भगवान के केवलज्ञान में समस्त द्रव्यों के गुण और पर्याय त्रिकालवर्ती युगपत् स्पष्ट झलकते हैं, केवलज्ञान का यही स्वरूप है।
2 - छह द्रव्य कौन से हैं , इनमें से अशुद्ध द्रव्य कौन से है ❓
👉🏻 जीव, पुद्गल, धर्म, अधर्म , आकाश और काल . यह छह द्रव्य हैं । इनमें से जीव और पुद्गल दो द्रव्य अशुद्ध हैं ।
3 - एकान्ततः शुद्ध द्रव्य कौन से हैं ❓
👉🏻 धर्म, अधर्म , आकाश और काल द्रव्य एकान्ततः शुद्ध द्रव्य हैं ।
4 - उपादान और निमित्त किसे कहते हैं ❓
👉🏻 स्व प्रत्यय अर्थात् अंतरंग कारण .. इसी को उपादान कारण कहते हैं ।
पर प्रत्यय अर्थात् बाह्य कारण इसी को निमित्त कहते हैं।
आइये आज की कक्षा से जानते हैं कि किस प्रकार गुरुदेव को शास्त्रों के प्रति अनुराग उत्पन्न हुआ एवं स्वाध्याय में रुचि बढ़ी......* 📚 आज आपको गाथा 103 के लिखित प्रवचन का स्वाध्याय कराया जा रहा है।
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प्रश्न पत्र-23
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प्रश्न पत्र 23 के उत्तर
1 - परमात्मा के कितने भेद हैं, नाम बताओ ?
उ• - परमात्मा के दो भेद हैं--- अरिहंत परमात्मा और सिद्ध परमात्मा ।
2 - दश धर्मों से सदा प्रेम रखने के कारण किनका नाम धर्मरूचि पड़ा ?
उ• - भरत क्षेत्र में चम्पानगरी के राजा श्वेतवाहन जी का अखण्ड संयम धारण करने पर ।
3 - "सम्यग्ज्ञान" क्या है ?
उ• - जिनवाणी के माध्यम से संसार, शरीर और भोगों के स्वरूप को सही ढंग से समझ लेना ही सम्यग्ज्ञान है ।
4 - अनुबद्ध केवली कौन कहलाते हैं ?*
उ• - जब एक केवली भगवान को मोक्ष हो जाये तो उसी दिन किसी मुनिराज को केवलज्ञान हो जाये , तो वह अनुबद्ध केवली कहलाते हैं ।
मनुष्य जन्म का सार क्या है ⁉️ तो अनुभूति का एक क्षण भी प्राप्त होना मनुष्य जन्म का सार है ।। तो आइये आज की कक्षा से जानते है कि क्या होता है मनुष्य जन्म का सार और अनुभूति कैसे आती है 👇🏻👇🏻
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प्रश्न पत्र-24
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प्रश्न पत्र 24 के उत्तर
1 - भेद विज्ञान फल की अपेक्षा कितने प्रकार का बताया है , नाम सहित बताएं ?
उ• - 3 प्रकार का ---- श्रद्धान , ज्ञान और आचरण ।।
2 - मनुष्य जन्म का सार क्या है ?
उ• - अपनी शुद्ध आत्मा को और अपने राग भाव को पृथक-पृथक लाने में सक्षम होना ही मनुष्य जन्म का सार है ।।
3 - "दृढ़ अभ्यास से ही आत्मा में आत्मा की स्थिरता बनती है" यह पंक्ति किस ग्रन्थ में किसके द्वारा कही गयी हैं ?
उ• - यह पंक्ति समाधितन्त्र ग्रन्थ में आचार्य पूज्यपाद देव द्वारा कही गयी है ।।
4 - जिनेन्द्र भगवान द्वारा कहा हुआ अर्थश्रुत कौन अवधारित करते हैं ?
उ• - गणधर परमेष्ठी