Book Description: -प्रीति की कलम से एक भावनात्मक और संवेदनशील काव्य-संग्रह है, जिसमें लेखिका प्रीति चौकसे ने अपने हृदय की अनुभूतियों, जीवन अनुभवों, और विचारों को कविताओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया है। यह संग्रह नारी जीवन, सामाजिक विडंबनाओं, रिश्तों की गहराई, आत्म-स्वीकृति, और ईश्वर भक्ति जैसे विविध विषयों को छूता है। लेखिका की शैली सहज, सरल और दिल से जुड़ी हुई है, जिससे हर पाठक स्वयं को जोड़ पाता है। पुस्तक की कविताएं न केवल भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं, बल्कि सोचने पर भी मजबूर करती हैं। हर कविता एक कहानी है- कभी अधूरी बातों की, कभी मौन की अभिव्यक्ति की, तो कभी प्रेम और दर्द की। यह संग्रह उन सभी के लिए है जो शब्दों में आत्मा की आवाज़ सुनना चाहते हैं। प्रीति की कलम से एक आत्मीय यात्रा है, जो दिल को छू जाती है और सोच को झकझोरती है।
Publishing House:- Poetic Essence Publications / KavyaSar Prakashan
Community in Collaboration :- Pious Poetry Artist Community
Book Available on :- Poetic Essence Publications Website
E Book Available on - Pious Poetry Artists's Community Webiste
Manuscript Editor & Cover Designer - Vipin V. Kamble
ISBN Number 10 :- 8198872191
ISBN Number 13 :- 978-8198872197
प्रीति हैनाम, प्रेम की मूरि, हर मन मेंबसाए मीठी सूरि इनका नाम श्रीमिी प्रीति अशोक चौकसेहै। इन्ोोंनेसत्र 2005 मेंतनजी महातिद्यालय सेअर्थशास्त्र सेमास्टर तिग्री प्राप्त की है । ििथमान मेंयेएक तनजी तिद्यालय मेंतशतिका के रूप में कायथरि है। प्रीति जी एक धातमथक प्रिृति की व्यक्ति हैउनका भगिान मेंपूर्थतिश्वास हैयेअपना आराध्य तशि जी एिों राधे कृ ष्णा को मानिी है , इन्ेंरचनात्मक कायथकरना अच्छा लगिा है,येखाना बनानेका भी शौक रखिी हैयेएक हँसमुख तकस्म की स्त्री है। प्रीति जी को हमेशा सेपढ़नेऔर तलखनेका शौक र्ा , िेपतत्रका , कतििाएों ,कहानी पढ़नेमेंरुतच रखिी है। प्रीति जी अपनेरोजमराथकी तजोंदगी सेअलग करनेकी सोच रखिी है उन्ेंऐसा महसूस हुआ तक िेलेखन िेत्र मेंरुतच रखिी है तजसमेंिेअपनी अनोखी पहचान बना सकिी हैइसतलए उन्ोोंने इस िेत्र को चुना । येिेत्र उनके तलए नया हैलेतकन उन्ें उनकी अच्छी दोस्त अतदति शमाथजो उनकी छोटी बहन जैसी है उनका भरपूर सहयोग और मागथदशथन प्राप्त हुआ। प्रीति जी को उनके सभी अपनोोंएिों पररिार का अत्यातधक सहयोग तमला तजस िजह सेिह येबुक की रचना कर सकी ।