राजकीय बालिका इण्टर कालेज
कादीपुर, सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश
कादीपुर, सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश
सन् 1970 में शिक्षा के पुनीत कार्य हेतु कादीपुर तहसील में तहसील की एकमात्र राजकीय कन्या विद्यालय की स्थापना हुई। नवोदित पीढ़ी को सुयोग्य शिक्षा तथा शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देना हमारी शुरू से ही प्राथमिकता रही है। सुशिक्षा एवं सद्संस्कारों के केन्द्र के रूप में समाज में प्रतिष्ठा एवं लोकप्रियता हमारे विद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि है। हमारा लक्ष्य है कि ऐसी युवा पीढ़ी का निर्माण हो जो शारीरिक,मानसिक,बौद्धिक दृष्टि से पूर्ण विकसित हो तथा जो जीवन की वर्तमान परिस्थितियों का सामना सफलतापूर्वक कर सके।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कादीपुर, छात्राओं के चतुर्मुखी विकास के लिए विभिन्न आयामो का समय-समय पर आयोजन करता है।
व्यक्ति को जीवन में अनेक प्रकार की चुनौतियो का सामना करना पड़ता है, ये चुनौतियां हमारे लिए एक प्रकार का उपहार लेकर आती है। जीवन कि इन चुनौतियों को साहस के साथ स्वीकारने एवं उसकी बाधाओं को पार करने पर हमें सफलता रूपी उपहार मिलता है किन्तु इसके विपरीत हताशा / निराशा के कारण चुनौतियों का सामना करने से पीछे हट जाने से असफलता के कारण जीवन अंधकारमय लगने लगता है।
किसी कार्य को करने के लिए जितना अधिक संघर्ष करना पड़ता है परिणाम की सफलता उतनी ही शानदार होती है। चुनौतियां जलते हुए अंगारा जैसी होती है। सोना शुद्ध करने के लिए जिस प्रकार उसको अग्नि में तपाया जाता है एवं जिस प्रकार तपने के बाद शुद्ध सोने की प्राप्ति होती है ठीक उसी प्रकार कठिनाइयों से तपा हुआ व्यक्ति सफलता के बाद पूर्ण व्यक्तित्व का आयाम लेकर समाज को सुन्दर दिशा देता है।
कार्य कि सफलता में दो मुख्य निर्धारक है - (1) अवसर कि परख , (2) उपुक्त समय पर निर्णय लेना । प्रायः लोग सही अवसर पर कार्य नहीं करते हैं। अतः सफलता हाथ नहीं आती है। निर्णय कि क्षमता समय के साथ होने से सदैव सफलता कदम चूमती है। इसके अतिरिक्त दूरदर्शिता एवं ततउत्पन्न मति भी सफलता के लिए उत्प्रेरक का कार्य करती है।
आवश्यक एवं अनिवार्य रूप से स्मरणीय रहे कि सदैव प्रत्येक कार्य की सफलता भी अनर्थकारी सिद्ध हो सकती है। प्रत्येक कार्य कि सफलता मनुष्य को अहंकारी एवं कुपतिगामी होने के लिए प्रेरित करती है। अतः यदा-कदा इंसान असफलता के मोड़ पर पहुंचता है तो ऐसे समय में व्यक्ति आध्यात्मिक एवं ईश्वर की सत्ता का बोध करता है जिसके द्वार सृजन हेतु खुलते हैं।
उपर्युत्त तथ्यों के आलोक में प्रधानाचार्य एवं शिक्षकगण के निर्देशन में, विद्यालय के सुरम्य वातावरण में, छात्राओं के चुतर्दिक विकास द्वारा हमारा विद्यालय देश के नवनिर्माण में अग्रणी भूमिका का निर्वहन करेगा। विद्यालय परिवार को शुभ सन्देश एवं विद्यार्थियों की सवर्णिम भविष्य कि कामनाओं सहित।