Ankit's Mutual Fund Portfolio is Now Live 🚀
🕒Last Updated : 03 December 2025 | 11:25 PM (IST)
लेखक: Ankit Khare
दोस्तों, नियमित निवेश के शुरुआती वर्षों में लग सकता है कि portfolio बस हमारी जमा रकम से बढ़ रहा है। यह अनुभव समझने योग्य है। लेकिन कितने लोग बीच में छोड़ देते हैं, इसका सत्यापित dataset दिए बिना “90% निवेशक” कहना ठीक नहीं है। सातवें साल अचानक wealth खुलने का भी कोई निश्चित नियम नहीं।
हर महीने के अंत में ₹10,000, स्थिर 1% monthly return और कोई निकासी मानें। यह 12% nominal annual rate वाला mathematical model है; 12% effective annual नहीं। Tax, fees और inflation इसमें नहीं हैं।
3 साल: योगदान ₹3.60 लाख; corpus लगभग ₹4.31 लाख।
5 साल: योगदान ₹6 लाख; corpus लगभग ₹8.17 लाख।
7 साल: योगदान ₹8.40 लाख; corpus लगभग ₹13.07 लाख।
10 साल: योगदान ₹12 लाख; corpus लगभग ₹23 लाख।
15 साल: योगदान ₹18 लाख; corpus लगभग ₹49.96 लाख।
सूत्र: Corpus = ₹10,000 × ((1.01)^n − 1) ÷ 0.01; n किस्तों की संख्या है। सात साल पर लगभग ₹4.67 लाख investment growth है। इसलिए “पहले सात साल = ₹12 लाख” इस मॉडल का सही सार नहीं है।
Corpus बड़ा होने पर किसी समान positive percentage return की रुपये में रकम बड़ी हो सकती है। फिर भी वह return हर साल मिलेगा, यह तय नहीं। Market गिर सकता है; contribution, अवधि और asset allocation अलग होने पर growth का रास्ता भी बदलता है। Salary से comparison करने के लिए वास्तविक income चाहिए, केवल SIP की राशि पर्याप्त नहीं।
सिर्फ हालिया कमजोर return देखकर योजना बदलने से पहले goal और fund की suitability जाँचें।
Emergency जरूरत, आय में बदलाव, fund mandate या risk में बदलाव हो तो समीक्षा करें।
निकट आते goal के पैसे के लिए liquidity और कम जोखिम की जरूरत अलग हो सकती है।
Return कम मिले तो contribution, अवधि या लक्ष्य कैसे बदलेंगे, यह सोचें।
AMFI की SIP जानकारी नियमित निवेश का तरीका समझाती है; वह सात साल बाद निश्चित wealth का नियम नहीं देती।
सीख: शुरुआत के धीमे वर्षों को समझें और अपनी क्षमता के अनुसार योजना बनाएँ। “Miracle” की तारीख का इंतजार करने के बजाय मान्यताओं और जोखिम की समीक्षा करें। SIP और लंबी अवधि, दोनों लाभ की guarantee नहीं हैं।