Project Definition


VHA-MISSION
 (VILLAGE HEALTH AND AWARENESS MISSION)
               ग्राम स्वास्थ और जागरूकता मिशन  


                         प्रदीप कुमार विश्वकर्मा     
                VHA-MISSION FOUNDER
                     हमारा मिशन स्वस्थ भारत

            Address - Kevtabir (Aktiyarpur)

                          Post - Mahamalpur 231,501 
                          Dist.- mirzapur
                          U.P. INDIA



The Purpose (Mission)

  • इस मिशन का उद्देश्य सभी ग्रामीणों को स्वास्थ के प्रति जागरूप कराना है !
  • शारीरिक स्वास्थ और सामाजिक स्वास्थ के प्रति भारत के ग्रामीण लोगो को  जागरूप कराकर भारत को स्वस्थ भारत और स्वच्छ भारत बनाना है I
  • हमे आज रोगों से बचाव के लिए विशेष प्रचार प्रसार की जरूरत है. जिससे हमारे देश की आम जनता जागरूक  होकर स्वयं  अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे.I
  • VHA-मिशन का उद्देश्य -स्वस्थ और स्वच्छ भारत :-हमारे देश  में बहुत बड़ी संख्या में लोग कुपोषण के शिकार है. जो कि  चिन्ता का कारण है. राष्ट्रीय  परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार तीन वर्ष की अवस्था वाले 3. 88 प्रतिशत बच्चों का विकास अपनी उम्र के हिसाब से नही हो पाता और 46 प्रतिशत बच्चे अपनी अवस्था की तुलना में कम वजन के होते है. जबकि 79. 2 प्रतिशत बच्चे एनीमिया से पीड़ित है. गर्भवती महिलाओं में एनीमिया 50 से 58 प्रतिशत देखने को मिलता है. इतिहास गवाह है की हर युग में संक्रामक रोगों ने मानव समाज पर बार बार कहर ढाया है. कभी कभी तो पूरे गाँव के गाँव और बस्तियां संक्रामक रोगों की चपेट में आकर उजड़ गयी हैं. कुछ नयी बीमारियों ने सर उठा  लिया है. जिनका कारगर इलाज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिनमे बर्ड फ्लू,एड्स,स्वाइन फ्लू जैसे अनेक संक्रामक रोग शामिल है. जिसके लिए सभी देशों को अपनी जनता को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है.
    =>अतः संक्रामक रोग मानव सभ्यता के लिए हमेशा चुनौती बने हैं. अत: इन्हीं रोगों से बचने के लिए VHA-मिशन भारत के ग्राम वासीओ जागरूक कर रहा है.
    => हमारे देश में डॉक्टरों की संख्या सन्तोष जनक नही है 1000 मरीज पर एक डॉक्टर भी नही है. जैसा की हम सब ये जानते है की किसी भी देश में उस देश के नागरिको के स्वास्थ्य की पूरी की पूरी जिम्मेदारी उस देश के डॉक्टरों पर होती है.
    हमारे देश में तो डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है. ये डॉक्टर ही है जो लम्बे समय से अपनी सेवाएं सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में दे रहे है परन्तु कुछ समय से ये देखा जा रहा है की डॉक्टर और मरीजों के रिश्ते में काफ़ी खटास आ रही है. जिसका मुख्य कारण लोगो का स्वात के प्रति जागरूक न होना तथा डॉक्टरों की कमी तथा औषधियों के रजिस्टेंश है. इसकी वजह से छोटे से छोटे ऑपरेशन के बाद भी मरीज़ में  सेप्टिसीमिया (ब्लड इन्फेक्शन) हो जाता है. जिस के कारण मरीज़ की मृत्यु हो जाती है. कभी कभी तो ये भी देखा गया है की मरीजों को अस्पताल में देरी से भर्ती कराया जाता है जिसकी वजह से मरीज़ की हालत गम्भीर हो जाती है और उनकी मृत्यु हो जाती है तब मरीज़ के परिजन इसका सारा दोष डॉक्टर पर मढ़ देते है. कई बार तो वे डॉक्टरों के साथ हाथा पाई करने से नही चूकते है. ऐसे समय पर मरीज का इलाज डॉक्टर कैसे करेंगे जब वे ही डर के माहौल में रहेंगे. हमें हमेसा अपने स्वाथ के प्रति जागरुक रहना चाहिए तथा शरीर अस्वथ होने पर डाक्टर के अनुसार ही कम करना चाहिए.I


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