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Biography

डा0 अशोक बाजपेयी : जीवन-चरित

 

  1. उत्तर प्रदेश के एक आदर्श ग्राम 'बूढ़ा गांव' के किसान परिवार में सन 1949 में जन्म हुआ।
  2. लखनऊ में विधार्थी जीवन से ही सामाजिक ए वं राजनीतिक सहभागिता का श्रीगणेश हुआ।
  3. लखनऊ विश्वविधालय से बी.एससी., एम.ए.(राजनीति विज्ञान), डी.पी.ए., एम.पी.ए., एल.एल.बी. ए वं पीएच.डी. की उपाधियां प्राप्त कीं।
  4. लखनऊ विश्वविधालय के संस्कृत विभाग में ही धर्मपत्नी डा0 सुधा बाजपेयी भी ए सोसिएट प्रोफेसर के पद पर अध्यापनरत हैं। 
  5. विधार्थी जीवन में जयप्रकाश नारायण के आन्दोलन में सक्रिय सहभागिता की।
  6. आपात काल के विरोध में जेल गए तथा 19 माह जेल में बिताए।
  7. जेल से छुटते ही युवा जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए।
  8. सन 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर प्रथम बार उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रवेश किया।
  9. तत्पश्चात सन 1977 से 2007 की अवधि में अनेक बार उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया।
  10. सक्रिय राजनीति में रहते हुए भी लखनऊ विश्वविधालय से पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की।
  11. लेखन में भी निरन्तर सक्रियता तथा 'पंचायती राज इन इणिडया' पुस्तक भाग-1 ए वं भाग-2 के रूप में प्रकाशित हुर्इ।
  12. उत्तर प्रदेश सरकार में 4 बार कैबिनेट मन्त्री तथा 2 बार राज्य मन्त्री के रूप में उत्कृष्ट कार्य-निष्पादन किया।
  13. उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, खाध एवं रसद, कृषि एवं धर्मार्थ कार्य तथा पर्वतीय विकास आदि मन्त्रालयों का सकुशल कार्य- निर्वहन किया।
  14. राजनीति को सेवा ए वं विकास का माध्यम मानकर राजनीतिक सूझबूझ, प्रशासनिक कुशलता, विकासात्मक चिन्तन ए वं समर्पित जनसेवा का विशिष्ट दृष्टान्त स्थापित किया तथा विकासपुरूष कहलाए।
  15. उत्तर प्रदेश विधानसभा सदस्य के रू प में अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास की गंगा का प्रवाह करते हुए गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछाया तथा बिजली पहुंचायी।
  16. इसके अतिरिक्त, जनता को 2 राजकीय महाविधालयों, 2 राजकीय कन्या इण्टर कालेजों, 1 राजकीय पोलीटेक्नीक, 6 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, स्पोर्ट स्टेडियम, नवोदय विधालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा अनेक कृषि विज्ञान केन्द्रों की सौगात दी।
  17. इतना ही नहीं, किसानों के शुभचिन्तक की भूमिका का सकुशल निर्वहन करते हुए गन्ना किसानों की सुविधा के लिये घाघरा, हरियावां एवं लोनी में 3 चीनी मिलों की स्थापना करवायी।
  18. पक्ष ही नहीं, बलिक विपक्ष में भी अपनी भूमिका का सकुशल निर्वहन किया तथा 2 बार लोक लेखा समिति के अध्यक्ष  के रूप में ऐतिहासिक कार्य-कुशलता का प्रदर्शन किया।
  19. तत्कालीन मुख्यमन्त्री श्री मुलायम सिंह यादव ए वं श्री बनारसी दास के कार्यकाल में अनेक बार उनके प्रतिनिधि के रूप में भारत के राष्ट्रपति ए वं प्रधानमन्त्री की बैठकों ए वं कार्यक्रमों में सकुशल सहभागिता की।
  20. भारत ही नहीं, बलिक विदेशों में भी, यथा - अमेरिका, रूस, बि्रटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, मलेशिया एवं न्यूजीलैण्ड आदि 20 से भी अधिक देशों की सरकारी प्रतिनिधि के रूप में संसदीय एवं प्रशासनिक यात्राओं से बहुमुखी अनुभव अर्जित किया।
  21. भारतीय राजनीति में निरन्तर 40 वर्षों का दीर्घकालीन अनुभव ए वं तदानुसार प्रशसंनीय कार्य-कौशल से सम्पन्न राष्ट्रसेवी जीवन का र्इश्वरीय वरदान, जो अब जनता-जनाद्र्धन की शुभकामनाओं से लखनऊ लोकसभा क्षेत्र के माध्यम से भारतीय संसद की ओर अग्रसर.....................
  22. वर्तमान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में राजनीति के माध्यम से जनसेवा ए वं विकास को संकलिपत तथा आवास सं0 सी-23, बटलर पैलेस कालोनी, लखनऊ में निवास करते हुए लखनऊ लोकसभा क्षेत्र की सेवा में सत्यनिष्ठ भाव से समर्पित.....................
  23. विशेषकर, उत्तर प्रदेश की राजधानी 'लखनऊ' के चहुंमुखी विकास को समर्पित ए वं लखनऊ को भारत का सर्वश्रेष्ठ महानगर बनाने को संकलिपत तथा अपने इस महान लक्ष्य की प्रापित की ओर कदम-दर-कदम आगे बढ़ ते हुए आपके अपने लोकप्रिय राजनेता डा0 अशोक बाजपेयी....................
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