भारत में महिला स्वास्थ्य जागरूकता -डॉ अमित जैन


आज के इस दौर में जब भारत विश्व में बुलंदियों को छु रहा है , वह पर इन उचाई को चुने में हम महिला वर्ग का योगदान लगभग भूल ही जाते है , जबकि कोई भी समाज बिना नारी के कुछ भी तरक्की नहीं कर सकता है / मेरी ये साईट उसी भारतीय महिला की स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ाने के लिए बने गई है , आप के सहयोग , सुझावों , और मार्ग दर्शन की अभिलाषा के साथ मैं आज इस का श्री गणेश करता हू , मेरी कोशिश रहेगी की मै स्त्रियों के स्वास्थ्य से सम्भंधित सभी पक्षों के बारे में आप को सही जानकारी सरल रूप में परस्तुत करू


किशोर अवस्था -

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (वर्लड हेल्थ आरगेनाइजेशन) किशोरावस्था, को मनुष्य की आयु (10 से 19 वर्ष) औऱ उसके जीवन काल के आधार पर व्याख्या करता है, जिसमें मनुष्य के शरीर में कुछ विशेष प्रकार के परिवर्तन होते हैं।

योवन अवस्था -

10 से 16 वर्ष के बीच यौवनावस्था की शुरुआत होती है, इस अवस्था में लड़कियां धीरे-धीरे बचपना से वयस्कता की ओर बढ़ती हैं। इस दौरान शरीर में कई परिवर्तन होते हैं। इनमें शारीरिक संरचना में बदलाव, स्वाभाव में परिवर्तन और जीवनशैली में बदलाव शामिल है।