दायित्‍वबोध पुस्तिकाएँ और अन्य महत्वपूर्ण वैचारिक सामग्री
 

उम्‍मीद एक ज़ि‍न्‍दा शब्‍द है

1991 से 2001 तक के दायित्‍वबोध के महत्‍वपूर्ण सम्‍पादकीय लेखों का संकलन

2001 के बाद के दायित्‍वबोध के महत्‍वपूर्ण सम्‍पादकीय लेख

दायित्‍वबोध में प्रकाशित कुछ चुनिन्‍दा महत्‍वपूर्ण लेख 

नक्‍सलबाड़ी और उत्‍तरवर्ती चार दशक

दायित्‍वबोध पुस्तिका श्रृंखला

अनश्‍वर हैं सर्वहारा संघर्षों की अग्निशिखाएं

समाजवाद की समस्‍याण्ऍं, पूँजीवादी पुनर्स्‍थापना और
महान सर्वहारा सांस्‍कृतिक क्रान्ति

क्‍यों माओवाद

भारतीय कृषि में पूंजीवादी विकास

 

आह्वान पुस्तिका श्रृंखला

छात्र-नौजवान नयी शुरुआत कहां से करें

आरक्षण : पक्ष-विपक्ष और तीसरी पक्ष

आतंकवाद के बारे में विभ्रम और यर्थाथ

प्रेम, परम्‍परा और विद्रोह

क्रान्तिकारी छात्र-युवा आन्‍दोलन

 

बिगुल पुस्तिका श्रृंखला

बुझी नहीं है अक्‍टूबर क्रान्ति की मशाल

जंगलनामा : एक राजनीतिक समीक्षा

लाभकारी मूल्‍य, लागत मूल्‍य...एक बहस

संशोधनवाद के बारे में

मज़दूर आन्‍दोलन में नयी शुरुआत के लिए

 

एक नये सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक-सांस्‍कृतिक कार्यभार

1857, आरम्भिक देशभक्ति और प्रगतिशीलता 

भगतसिंह की वैचारिक विरासत और हमारा समय

डब्‍ल्‍यूएसएफ - साम्राज्‍यवाद का नया ट्रोजन हार्स 

  

DAYITVABODH REPRINT SERIES

Immortal are the Flames of Proletarian Struggles

Problems of Socialism, Capitalist Restoration and the Great Proletarian Cultural Revolution

Why Maoism?

 

AHWAN REPRINT SERIES

Where should the Student and Youth Make a New Beginning

Reservation: Support, Opposition and Our Position

OnTerrorism: Illusion and Reality

 

BIGUL REPRINT SERIES

Still Ablaze is the Torch of October Revolution