आयुष्मान भारत बीमा योजना

आयुष्मान भारत बीमा योजना



देश के करोड़ों लोगों को फ्री में इलाज कराने के लिए सरकार नेआयुष्मान भारत योजना 2018 शुरू की है। यह एक Universal Health Insurance Scheme है।  इस लेख में हम इसी बीमा योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। इसमें हम जानेंगे कि आयुष्मान भारत योजना 2018 है क्या? इससे किन लोगों को फायदा मिलेगा? कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी। तो आइए जानते हैं इस योजना के नियम, फायदे अन्य विवरण।

कहां बनेंगे गोल्डन कार्ड

गोल्डन कार्ड दो जगहों पर बनेंगे। अस्पताल में और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर। सीएससी गांवों में आसानी से मिल जाते है। सीएससी के सीईओ डी.सी. त्यागी ने मनी भास्कर को बताया कि कॉमन सर्विस सेंटर पर गोल्डन कार्ड  बनाने की तैयारी पूरी हो गई है गांव से अस्पताल जाने में 50-100 रुपये खर्च हो जाएंगे। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana) के अधीन हजारीबाग जिला अस्पताल में देश का पहला गोल्डन कार्ड बना। रेणु देवी नाम की महिला के नाम पहला गोल्डन कार्ड बनाया गया।

आयुष्मान भारत योजना 2018 क्या है ?

आयुष्मान भारत योजनाभारत सरकार केस्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालयकी ओर से शुरू की गई स्वास्थ्य बीमा योजना (Health Insurance Scheme) है। 1 फरवरी 2018 को केंद्र सरकार का बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने इस कार्यक्रम के बारे में बताया

इस योजना में देश के 10.74 करोड़ परिवारों को अस्पताल में इलाज कराने का खर्च नहीं देना होगा। ये परिवार पांच लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त में करा सकेंगे। हर परिवार में औसतन 5 सदस्यों के हिसाब सेइस योजना से देश के 50 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हो सकेंगे।

आयुष्मान भारत योजना 2018 कोआयुष्मान भारत बीमा योजना (Ayushman Bharat Insurance Scheme)” याआयुष्मान भारत स्कीम (Ayushman Bharat Scheme)” के नाम से भी जाना जाता है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा दवारा शुरू की गई ऐसी ही स्वास्थ्य योजनाओबामाकेयर (Obamacare)” की तर्ज पर मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी येाजना कोमोदीकेयर (Modicare)” भी कहा जाता है।


आयुष्मान भारत योजना से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रम

  • 21 मार्च 2018 को केंद्र सरकार की कैबिनेट ने आयुष्मान भारत योजना को मंजूरी दे दी।
  • 27 मार्च 2018 को योजना के Chief Executive Officer (CEO) के रूप में इंदु भूषण की नियुक्ति की गई।.
  • 14 अप्रैल 2018 को डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ के बीजापुर में प्रथम Health and Wellness Centre का उद्घाटन करते हुए इस योजना के प्रथम चरण की लांचिंग की।
  • 15 अगस्त को प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम को शुरू करने की घोषणा की

आयुष्मान भारत योजना की विशेषताएं

आयुष्मान भारत योजना को Healthy, Capable and Content New India के उद्देश्य के साथ शुरू किया गया है। इस लक्ष्य को पाने की दिशा में सरकार ने एक साथ दो मोर्चों पर काम शुरू किया है

  1. देश भर में 1.5 लाख health and wellness Centres स्थापित किए जाएंगे
    देश की हर बड़ी पंचायत में स्थित हेल्थ सेंटर और प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स कोहेल्थ एंड वेलनेस सेंटरके रूप में विकसित किया जाएगा। जिससे कि पूरे देश में व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इन केंद्रों में आयुर्वेदिक, यूनानी, सिद्ध और योग पद्धति से भी इलाज की व्यवस्था होगी।
  • देश के 10.74 करोड़ सुविधाहीन परिवारों के लिए National health protection Scheme शुरू की जाएगी
    ताकि, लोगों को गंभीर बीमारियों या स्वास्थ्य संबंधी समस्या का निशुल्क इलाज हो सके। इस योजना में पहले से मौजूद बीमारियां भी कवर होंगी।

अब हम इस योजना की मुख्य विशेषताओं पर विस्तार से जानेंगे।

 

50 करोड़ से ज्यादा लोग होंगे लाभान्वित

  • आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना ( Ayushman Bharat National Health Protection Mission (ABNHPM) का लाभ देश के 11.74 करोड परिवारों को देने का लक्ष्य रखा गया है। हर परिवार में 5 सदस्यों का औसत माना जाए तो देश की 50 करोड़ से ज्यादा की आबादी इसके दायरे में आती है।
  • इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के सुविधाहीन परिवारों (deprived rural families) और शहरी क्षेत्रों के भी कुछ तय पेशों में लगे परिवार (Identified occupational category of urban workers’ families) शामिल किए जाएंगे।
  • दोनों ही श्रेणियों में लाभार्थी परिवारों को तय करने के लिए नवीनतम सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (Socio-Economic Caste Census (SECC)) के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा।
  • SECC data के बाद हुए बदलावों को ध्यान में रखते हुए ऐसे सुविधाहीन या छोटे पेशों में लगे परिवारों को शामिल करने (inclusion) या बाहर करने (exclusion) के विकल्प रखे जाएंगे।
  • देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (States/UTs) के सभी जिलों में में रहने वाले लोग इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। धीरे-धीरे इसे सभी वर्गों तक पहुंचाने की कोशिश होगी।

हर परिवार को मिलेगा 5 लाख सालाना बीमा

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाके तहत आने वाले हर परिवार को 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा (health insurance) कराया जाएगा। इस बीमा कवर से आप छोटे और बड़े सभी तरह के अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे।

  • परिवार चाहे जितना बड़ा हो, उसके हर सदस्य कोराष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाके तहत लाभ मिलेगा। महिला-पुरुष, बच्चे-बूढे सब इस योजना के लाभार्थी हो सकते है। उम्र की भी कोई सीमा नहीं है।
  • अस्पताल में भर्ती होने के पहले के स्वास्थ्य संबंधी खर्चे (pre hospitalisation expenses) और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद के खर्चे (post-hospitalisation expenses) भी इसमें शामिल होंगे।
  • पॉलिसी लेने के पहले दिन से ही ये सारी सुविधाएं मिलने लगेंगी। अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में आने जाने का भत्ता (निर्धारित दर पर परिवहन भत्ता-transport allowance) भी दिया जाएगा।

कैशलेस के साथ पोर्टेबल भी होगा इलाज

इस योजना के तहत आप देश के किसी भी हिस्से में इलाज करा सकेंगे।

  • सारा इलाज सिर्फ Cashless होगा, बल्कि Paper Less भी होगा। ताकि अस्पताल निर्धारित दरों से अधिक वसूल सकें।
  • बीमा योजना के माध्यम से मिलने वाली Health Services पूरे देश में portable भी होगी, यानी कि किसी भी एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में इलाज को ट्रांसफर कराया जा सकता है।

सरकारी के साथ निजी अस्पताल भी पैनल में होंगे
Government And Private Hospital in Panel

  • राज्यों में स्थित सभी सरकारी अस्पताल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा के पैनल में शामिल माने जाएंगे (Should be deemed empanelled)
  • कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के भी सभी अस्पताल, इस योजना के पैनल में शामिल माने जाएंगे— (बिस्तरों की उपलब्धता के आधार पर) based on the bed occupancy ratio parameter
  • प्राइवेट अस्पतालों को कुछ निर्धारित मानकों (defined criteria) को पूरा करने पर इस योजना के पैनल में शामिल किया जाएगा। पैनलाइजेशन की प्रकिया भी आॅनलाइन ही होगी।

आयुष्मान भारत योजना: रजिस्ट्रेशन आवेदन प्रक्रिया

सुविधाहीनों को तय करने का आधार होगा SECC सर्वेक्षण

आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा योजना गरीब तबके के लिए है। गरीबों और वंचित लोगों की पहचान के लिए  सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना (secc 2011) को मानक बनाया गया है।

नीचे दी गई शर्तों में से कोई एक भी शर्त पूरी करने पर आप इस योजना में शामिल होंगे।

  • ऐसा परिवार जो कच्ची दीवार वाले एक कमरे वाले कच्चे मकान या छप्पर में रह रहा हो।
    ऐसे परिवार, जिनमें 16 से 59 वर्ष की उम्र तक का कोई वयस्क सदस्य हो।
  • ऐसे परिवार, जिसकी जिम्मेदारी कोई महिला संभाल रही हो और उसके परिवार में कोई 16 से 59 वर्ष तक का पुरुष सदस्य हो।
  • शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति, जिसके परिवार में कोई भी शारीरिक रूप से सक्षम व्यक्ति हो
  • एससी एसटी परिवार और भूमिहीन परिवार ,जिनकी आजीविका का मुख्य स्रोत मानवीय श्रम हो।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले निम्नलिखित प्रकार के परिवार, भी automatically इस योजना में शामिल होंगे।
  • बेघर व्यक्ति |
  • निराश्रित व्यक्ति |
  • भिक्षा मांगकर आजीविका चलाने वाला |
  • साफ सफाई करने वाले परिवार |
  • आदिम जनजातीय परिवार |
  • बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए व्यक्ति

नगरीय इलाकों में 11 श्रेणियों के परिवारों को भी इस योजना में अपने आप शामिल माना जाएगा।

चाहे आप मुंबई में रहते हों या दिल्ली में। या फिर आप बेंगलरू, नोएडा, लखनऊ, पटना  में या अहमदाबाद में रहते हों। आप को आयुष्मान भारत योजना का फायदा मिलेगा। सरकार ने शहरों में रहने वाले गरीब लोगों को इस योजना में शामिल किया है।

जैसे कि मनरेगा कामगार (MGNREGA Workers), निर्माण मजदूर (Construction Workers), खान मजदूर (Mine Workers), लाइसेंसी रेलवे कुली (Licensed Railway Porters), रेहड़ी दुकानदार (Street Vendors), बीडी मजदूर (Beedi Workers), रिक्शा चालक (Rickshaw Pullers), कचरा बीनने वाले (Rag Pickers), आॅटो-टैक्सी ड्राइवर (Auto/ Taxi drivers) वगैरह।

लागत नियंत्रण के लिए पैकेज रेट सिस्टम

इलाज पर अस्पताल मनमाने तरीके से वसूली कर सकें, और लागत नियंत्रण (Cost Control) रखा जा सके इसके लिए इलाज संबंधी Package Rate तय किए गए हैं। ये पैकेज रेट सरकार पहले ही तय कर देती है।

  • आयुष्मान भारत योजना के रेट में इलाज संबंधी सभी तरह के (दवाई, जांच, ट्रांसपोर्ट, इलाज पूर्व, इलाज पश्चात के खर्चे) खर्चे शामिल होंगे। हालांकि राज्य सरकारों को इन पैकेज रेट में, एक तय सीमा के अंदर बदलाव करने की भी सहूलियत होगी।

निगरानी के लिए भी होगा सशक्त सिस्टम
 

  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि योजना का फायदा लाभार्थियों (intended beneficiaries) तक पहुंच सके, और उसकी पर्याप्त निगरानी हो सके, एक कॉम्प्रिहेंसिव मीडिया आउटरीच स्ट्रेटजी विकसित की जाएगी।
  • इसमें प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया, पारंपरिक मीडिया, Information, Education and Communication (IEC) materials के साथ-साथ आउटडोर एक्टिविटीज वगैरह को भी शामिल किया जाएगा।

 

योजना पर अमल कैसे होगा?
 

योजना के क्रियान्वयन का जिम्मा राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी Ayushman Bharat National Health Protection Mission Agency (AB-NHPMA) को दिया गया है।

  • राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों (States/ UTs) को भी अपने यहां इस योजना को संचालित करने के लिए State Health Agency (SHA) बनाने को कहा गया है। हालांकि वे अपनी सुविधानुसार पहले से मौजूद Trust/ Society/ गैर लाभकारी संस्था/ State Nodal Agency (SNA) को भी यह काम सौंप सकते हैं। या फिर कोई नई संस्था (entity) या एजेंसी भी गठित कर सकते हैं।
  • राज्य या केंद्र शासित प्रदेश चाहें तो इस योजना के क्रियान्वय  implement का जिम्मा, किसी insurance company को सौंप दें, या फिर निर्धारित Trust/ Society को ही संचालन का जिम्मा दे दें।
  • योजना के तहत होने वाले कुल खर्च का 60 फीसदी केंद्र सरकार वहन करेगी और 40 फीसदी राज्य सरकारें वहन करेंगी। शुरुआती दो साल में 10,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
  • योजना चलाने के लिए सरकार आयुष्मान मित्र की नियुक्त कर रही है। ये लोग अस्पतालों में बैठेंगे और लाभार्थियों की मदद करेंगे। इससे अस्पताल का काम भी आसान हो जाएगा।

आयुष्मान भारत योजना की पृष्ठभूमि
 

2008 में भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labour and Employment)  ने कैशलेस बीमा योजना शुरू की थी। इस योजना में हर परिवार (5 सदस्यों वाले) को 30 हजार रुपए सालाना बीमा का लाभ मिलना था। गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवार और असंगठित क्षेत्र (unorganised workers) के 11 अन्य तय कैटेगरियों में आने वाले परिवार इस योजना का लाभ ले सकते थे।

1 अप्रैल 2015 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (RSBY) को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) को ट्रांसफर कर दिया गया। ताकि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।

1 फरवरी 2018 को केंद्र सरकार के बजट 2018-19 में आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहतराष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (National Health Protection Scheme-NHPS) की घोषणा की गई। जिसमें पहले से चल रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (Rashtriya Swasthya Bima Yojna-RSBY) और वरिष्ठ ना गरिक स्वास्थ्य बीमा योजना (Senior Citizen Health Insurance scheme-SCHIS) को भी मिला दिया गया।


आयुष्मान भारत योजना के अलावा सरकार ने वर्ष 2018 के बजट में लोगों के लिए कई अन्य लाभकारी योजनाओं की घोषणा की है। इनमें प्रधानमंत्री वय वंदना योजनाकी अवधि निवेश विस्तार किया गया है। बुजुर्गों के इलाज में खर्च पर टैक्स छूट की सीमा भी बढाई गई हैं, जिन्हें आप हमारे लेख बजट 2018 में टैक्स छूट संबंधी प्रमुख बातें में देख सकते हैं। और हां, इलाज में खर्च संबंधी सामान्य टैक्स छूटों को जानने के लिए Section 80D: मेडिकल इंश्योरेंस से टैक्स बचत  पढ़ना भी मत भूलिएगा।

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