The word 'Megh' is our identity

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यह सवाल कई रूप बदल कर मेघ जाति के सामने आता रहा है. अभी हाल ही में एक से अधिक एसएमएस संदेश आए कि आगामी जनगणना में सभी मेघ अपने आपको कबीरपंथीआर्य आदि न लिखवा कर मेघ लिखवाएँ. इसी बात को लेकर काफी चर्चा हुई.

ग़रीब जातियों में यह समस्या आती है कि वे स्वयं को विस्तृत समाज से जोड़ने के लिए ऐसे धार्मिकसामाजिक या राजनीतिक समूहों के साथ जुड़ना चाहते हैं जहाँ उन्हें पहचान मिल सके. हमारा विभिन्न धर्मोंपंथों और राजनीतिक दलों में बँटा होना इस बात को दिखाता है कि हम अपनी पहचान खोज रहे हैं. यह समस्या केवल मेघों की नहीं बल्कि सभी ग़रीब मानव समूहों की है.  इनके सदस्य लाभ के लिए अपने जातिगत नाम और धर्म बदल कर अन्य समूहों में समा जाते हैं. यह बात मान लेनी चाहिए कि मेघों का इतिहास उपलब्ध नहीं है. कभी रहा होगा परंतु उसे या तो नष्ट कर दिया गया है या भ्रष्ट कर दिया गया है. पुरानी कथाओं से हम कुछ काम चला सकते हैं परंतु उन पर भरोसा नहीं कर सकते.

अपने जड़-मूल के संबंध में हम इतना ही विश्वास से कह सकते हैं कि हम मेघ हैं और दूसरे यह कि हम मेघ ऋषि की संतान हैं. इससे अधिक आप जानना चाहते हैं तो इतिहास कोई मदद नहीं करता. ऐसी हालत में अपने वर्तमान पर ध्यान दे कर उसे सुधारना बेहतर है. इतिहास अपने आप बन जाएगा. हम आर्य समाजी बने यह बहुत पुरानी बात नहीं है. शुद्धिकरण जैसी की प्रक्रिया से गुज़र कर हम हिंदू कहलाए. सनातनी भी बने. बाबा चरण सिंह जी के समय राधास्वामी मत में गए. वहाँ बाबा जी की उदारवादी विचारधारा को ब्यास नदी में डुबोने वाले बहुत लोग थे. मेघों और अन्य ग़रीब जातियों को निराशा हाथ लगी. हम कबीरपंथ में भी अपनी पहचान बनाते हैं. ज़रूरतन हम ऐसे धर्मगुरुडेरेसमूह आदि के साथ जुड़ जाना चाहते हैं जो हमें समतावादी समाज का सपना दिखाता हो.

क्या हमारी वास्तविक पहचान उस चीज़ में नहीं है जो हम परमेश्वर से अपने लिए माँगते हैंराजनीतिक रूप से हम पहले काँग्रेसी कहलाए. फिर बीजेपी में स्वयं को ढूँढा. अब बीएसपी में भी हम अपना चेहरा ढूँढ रहे हैं. हम बँट गए. हमारी प्रार्थनाएँ बंट गईं. जो चीज़ अभी तक नहीं बँटी है वह यही है कि हम मेघ हैं और मेघ ऋषि की संतान हैं. यदि हम मेघ के रूप में अपनी पहचान को मज़बूत करते हैं तो हमारी एकता को दिशा मिलती है. सामूहिक प्रयासों को शक्ति मिलती है. संभव है कि इस वर्ष हो रही जनगणना में जातियों के आधार पर भी गिनती की जाए. इससे मेघों की सही संख्या और उनके वोटों की सही संख्या का पता लग सकेगा. जानकारी बताती है कि भारत में मेघ जाति के लोग कश्मीर से कर्नाटका और महाराष्ट्र से पूर्वोत्तर तक बिखरे हुए हैं. बिहार और ओड़िशा में भी वे बसे हैं. हिमाचलपंजाबउत्तर प्रदेशहरियाणामध्यप्रदेशछत्तीसगढ़ में भी उनकी उपस्थिति है. लगभग 28 लाख की संख्या आँकी गई है. जोशुआ प्रोजेक्ट की रिपोर्ट यही दर्शाती है हालाँकि यह बहुत पुरानी है. इससे मेघों की सही संख्या का पता नहीं चलता जो वास्तव में बहुत अधिक है.

सरकारी प्रयासों और बदलती सामाजिक सोच के कारण अब जातिगत पूर्वाग्रह ढीले पड़े हैं. ऐसे में किसी प्रकार के दुराग्रह से बचना होगा. परंतु जिस प्रकार अन्य जातियों ने अपनी पहचान बनाई है उस रास्ते को अपनाने में भलाई है. अपनी जनशक्ति को जानेअपने समूह के प्रति आशावान रहेंसार्वजनिक मंचों से अपनी एकता का डंका बजाएँपढ़ें-पढ़ाएँबिरादरी का विश्वसनीय साहित्य और आंकड़ा कोष (data base) तैयार करेंव्यापारी समूह अपना परस्पर-सहायता कोष तैयार करेधार्मिक और सामाजिक दिखावे के कामों पर ख़र्च न करके सामाजिक सुरक्षा और सहायता के नए तौर-तरीकों पर ख़र्च करें. मेघ जाति की आंतरिक समस्याओँ के निदान के लिए एनजीओ बनाएँ. एक-दूसरे का बहिष्कार करने की प्रवृत्ति को दूर करके भाईचारे को बढ़ावा दें. इससे मेघ महिलाओं के भी कष्ट दूर होंगे.

सक्रियगतिशील और परिणाम उन्मुख नेतृत्व की कमी है. उसके लिए सभी मिल कर मालिक से प्रार्थना करें. हम सच्चे मेघ हैं. मेघ बन कर रहें.

अपनी और संपूर्ण जाति की निरंतर संपन्नता के लिए प्रार्थना करें.


The word 'Megh' is our identity

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This question appears to many as the nation's changing cloud. More recently, more than one SMS message arrives in the upcoming census Kabirpanthy myself all the cloudAryan, etc. do not Alikha Alikhacँ cloud. Was much discussion about this matter.

This problem occurs in poor nations that they themselves like to add detailed society religioussocial or political groups to connect with where they could get recognition. Our different religionssects and political parties to be divided on this point shows that we are searching for their identity. Mehoan not the only problem is all the poor human groups.   their member benefits by changing their caste names and religion are contained in other groups. It must assume that Mehoan history is not available. Never have been, but it has either been destroyed or has been corrupted. Old stories we can run some work but can not trust them.

Its root - the original on we can only say with confidence that we and other cloud that we are children of cloud sage. If you want to know more history does not help. In such a situation by focusing on your present is better to correct it. History itself will become. We made ​​municipal Aryan is not very old. Purification by going through the process like we Kaahlahc Hindu. Snatnee also scored. Baba Charan Singh Ji went to do Radhaaswami time. There Baba Ji's liberal ideology, the very people were Adubone Beas River. Mehoan and other poor nations'm disappointed. We make your identity in Kabirpanth. We Zruarton religionGurutentsetc. with the group to join to show that we dream of egalitarian society.

What is our true identity in the thing that we ask God to have hispolitically Kaahlahc we first Kaँgresi. Then found themselves in BJP. BSP now, we're looking for your face. We were diverted. Our prayers were divided. He divided the thing yet is that we are children of cloud and cloud sage. If we strengthen our identity as a cloud when get our unity and direction. Collective efforts to get power. Is possible that this year's census count is based on the species. The exact number of Mehoan them will reveal the exact number of votes. Information indicates that cloud caste people in India from Kashmir to Karnataka and Maharashtra are scattered from the northeast. In Bihar and Orissa they are settled. Himachal PradeshPunjabUttar PradeshHaryanaMadhya PradeshChhattisgarh, as their presence. The number is estimated around 28 million. Joshua Project report indicates that although it is very old. The Mehoan not know the exact number that is actually much more.

Due to government initiatives and changing social thinking racial bias now lying loose. That will avoid any kind of perversity. But the way other nations have made ​​its mark in the way adoption is good. To its manpowertheir group to be optimisticpublic forums danka its unity PlayRead - Pedhacँfraternity and reliable literature data corpus ( Data Base ) to prepareyour dealer group mutual aid fund should preparereligious and social appearances by not spending on social protection and assistance work as the new - ways to spend. Cloud race for the diagnosis of internal Ssmsyaoँ create NGOs. A - another trend to boycott by removing Promote Brotherhood. The cloud will remove women also suffer.

Activedynamic and results-oriented leadership is lacking. Pray for him to get all of the owner. We are true cloud. Continue to be cloud.

And continued prosperity of our entire nation to pray.

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