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HINDI CLUB
                  

ज़मीं से आसमाँ तक बोलती है।
जहाँ देखेहाँ तक बोलती है।
हवाएँ भी वहाँ जाती नहीं हैं,
मेरी हिन्दी, वहाँ तक बोलती है।

-इकराम राजस्थानी